पाठ का सारांश
यह विज्ञान कथा (Science Fiction) “इक्कीसवीं सदी का चोर” भविष्य की तकनीक और उसके दुरुपयोग पर आधारित है। इसका सारांश निम्नलिखित है –
- शरद के घर में रहस्यमयी चोरियाँ
भविष्य की इस दुनिया में सारा काम रोबोट करते हैं। शरद के घर में भी रोबोट ही पहरेदारी और अन्य काम करते थे, फिर भी पिछले कई दिनों से कीमती सामान गायब हो रहा था। शरद को समझ नहीं आ रहा था कि चोरी कौन कर रहा है, क्योंकि कोई नौकर भी नहीं था और रोबोट-नियंत्रक (Robot Controller) भी दिन में ठीक काम कर रहा था।
- रंगे हाथों पकड़ा गया रोबोट
सत्य का पता लगाने के लिए शरद ने एक रात जागकर निगरानी करने का निश्चय किया। रात के एक बजे उसने देखा कि उसका अपना रोबोट चुपचाप कमरे में आया, मेज़ से कीमती ‘टीवी युक्त पेन’ उठाया और बाहर निकल गया। शरद ने उसे रोकने के लिए बटन दबाया, लेकिन रोबोट पर कोई असर नहीं हुआ। उसने देखा कि रोबोट पड़ोस में रहने वाले उमाशंकर के घर में सामान रखकर वापस आ गया।
- उमाशंकर की चालाकी
उमाशंकर रोबोट-नियंत्रक ठीक करने का मिस्त्री था। जब शरद के पिता ने उसकी बात नहीं मानी, तो वह पुलिस इंस्पेक्टर (अपने चाचा) के पास पहुँचा। पुलिस के साथ आने पर पहले तो उमाशंकर के घर में कुछ गड़बड़ नहीं मिली, लेकिन शरद की पैनी नज़र कोने में लगे एक लाल बटन पर पड़ी। बटन दबाते ही शरद का रोबोट कैलकुलेटर लेकर वहाँ हाजिर हो गया।
- विज्ञान का दुरुपयोग और भंडाफोड़
पकड़े जाने पर उमाशंकर ने सच उगल दिया। उसने शरद के रोबोट की आवृत्ति (Frequency) पहचान ली थी और अपने घर में शरद के रिमोट से भी अधिक शक्तिशाली नियंत्रक बना लिया था। वह रात के समय शरद के नियंत्रक की शक्ति कम कर देता और अपने शक्तिशाली रिमोट से रोबोट को चोरी का आदेश देता था। दिन में वह इसे बंद कर देता था ताकि किसी को शक न हो।
- निष्कर्ष
पुलिस ने उमाशंकर को गिरफ्तार कर लिया। शरद यह सोचकर हैरान था कि जहाँ 20वीं सदी में इंसान खुद चोरी करता था, वहीं 21वीं सदी के इंसान ने अपनी बुद्धि का दुरुपयोग कर निर्जीव रोबोट को भी चोर बना दिया।
कठिन शब्दार्थ
1 – आविष्कार – नई खोज – Invention
2 – सुगम – आसान / सरल – Easy / Accessible
3 – दुरुपयोग – गलत इस्तेमाल – Misuse
4 – विज्ञान कथा – विज्ञान पर आधारित कहानी – Science Fiction
5 – सदी – सौ वर्षों का समय – Century
6 – रोबोट – यंत्र-मानव – Robot
7 – नियंत्रण कक्ष – काबू करने का कमरा – Control Room
8 – रोबोट-नियंत्रक – रोबोट को चलाने वाला यंत्र – Robot Controller
9 – निगरानी – देख-रेख – Surveillance / Monitoring
10 – टी. वी. युक्त – जिसमें टीवी लगा हो – Equipped with TV
11 – इलेक्ट्रॉनिक – बिजली से चलने वाला – Electronic
12 – कैल्कुलेटर – गणना करने वाला यंत्र – Calculator
13 – आवृत्ति – बार-बार होने की दर – Frequency
14 – शक्तिशाली – ताकतवर – Powerful
15 – उच्च शक्ति – ज़्यादा ताकत वाला – High Power
16 – गायब – खो जाना – Disappeared / Missing
17 – शक – संदेह – Suspicion / Doubt
18 – सुपुर्द – सौंपना – Entrusted / Handed over
19 – बारीकी – सूक्ष्मता से – Minutely / Closely
20 – जाँच – पड़ताल – Investigation / Check
21 – नतीजा – परिणाम – Result / Outcome
22 – रहस्य – गुप्त बात – Mystery
23 – निश्चय – पक्का इरादा – Determination / Resolve
24 – असर – प्रभाव – Effect / Impact
25 – यकीन – विश्वास – Belief / Trust
26 – विस्तार – पूरी जानकारी के साथ – In Detail
27 – हवलदार – पुलिस का एक पद – Constable
28 – मिस्त्री – मैकेनिक – Mechanic / Technician
29 – आदेश – आज्ञा – Order / Command
30 – सुराग – संकेत – Clue / Hint
31 – व्यवहार – बर्ताव – Behavior
32 – गड़बड़ – दोष या खराबी – Mess / Glitch
33 – हिम्मत – साहस – Courage
34 – दृढ़ – पक्का – Firm / Strong
35 – दबे कदमों – बिना आवाज़ किए चलना – Stealthily / On tiptoes
36 – हैरान – चकित – Surprised / Astonished
37 – कारस्तानी – चालाकी भरा काम – Trickery / Antics
38 – भन्नाने लगा – चक्कर आना (गुस्से या उलझन में) – Feeling dizzy / Reeling
39 – नियत – तय किया हुआ – Fixed / Appointed
40 – चाल – साज़िश – Trick / Plot
41 – इंस्पेक्टर – पुलिस अधिकारी – Inspector
42 – हड़बड़ा उठे – घबरा जाना – Fumbled / Panicked
43 – भंडाफोड़ – पोल खुलना – Exposure / Debunking
44 – चारा – विकल्प – Option / Alternative
45 – भेद – राज़ – Secret
46 – अर्थ का अनर्थ – अच्छी चीज़ का बुरा होना – Turning good into bad
47 – कीमती – बहुमूल्य – Precious / Valuable
48 – उड़न-छू होना – अचानक गायब होना – To disappear suddenly
49 – अजीबोगरीब – बहुत अनोखा – Strange / Bizarre
50 – कनखियों से – तिरछी नज़र से – Out of the corner of eye
51 – हवाइयाँ उड़ना – बहुत डर जाना – To turn pale with fear
52 – घूरते हुए – टकटकी लगाकर देखना – Staring / Glaring
53 – कष्ट – तकलीफ – Trouble / Pain
54 – संबंध – रिश्ता – Connection / Relation
55 – मन ललचा गया – लालच आना – To be tempted
56 – आकर्षक – सुंदर – Attractive
57 – बुद्धिमत्ता – समझदारी – Intelligence / Wisdom
58 – प्रशंसा – तारीफ – Praise
59 – आरोप – दोष – Accusation / Charge
60 – हथकड़ियाँ – बेड़ियाँ – Handcuffs
61 – पहरेदारी – रखवाली – Guarding
62 – स्थित – मौजूद – Situated / Located
63 – तुरंत – फौरन – Immediately
64 – चौकीदारी – सुरक्षा करना – Watchkeeping
65 – अचानक – एकाएक – Suddenly
66 – वापस – फिर से आना – Return
67 – बटन – कुँजी – Button
68 – गली – छोटा रास्ता – Lane / Street
69 – यकीन – भरोसा – Confidence
70 – मिस्त्री – कारीगर – Mechanic
71 – बल्ब – रोशनी का यंत्र – Bulb
72 – सिवाय – के अलावा – Except
73 – इशारे – संकेत – Signs / Gestures
74 – रवाना – प्रस्थान – Departed / Dispatched
75 – बुद्धिमत्ता – चतुराई – Sharpness
मौखिक – 1. उच्चारण कीजिए –
सुपुर्द, नियंत्रण कक्ष, नियंत्रक, ढंग, व्यवहार, रहस्य, निश्चय, गड़बड़, दृढ़, युक्त, स्थान, झाँका, अजीबोगरी कारस्तानी, भन्नाने, बल्कि, विश्वास, स्टेशन, विस्तार, मिस्त्री, कनखियों, इलेक्ट्रॉनिक, कैल्कुलेटर, आकर्षक शक्तिशाली, आवृत्ति, कार्य, आश्चर्य, इक्कीसवीं
सुपुर्द – Su-purd
नियंत्रण कक्ष – Ni-yan-tran Kaksh
नियंत्रक – Ni-yan-trak
ढंग – Dhang
व्यवहार – Vyav-haar
रहस्य – Ra-has-ya
निश्चय – Nish-chay
गड़बड़ – Gad-bad
दृढ़ – Dridh
युक्त – Yukt
स्थान – Sthaan
झाँका – Jhaan-kaa
अजीबोगरीब – A-jee-bo-ga-reeb
कारस्तानी – Kaars-taa-nee
भन्नाने – Bhan-naa-ne
बल्कि – Bal-ki
विश्वास – Vish-waas
स्टेशन – Station
विस्तार – Vis-taar
मिस्त्री – Mis-tree
कनखियों – Kan-khi-yon
इलेक्ट्रॉनिक – Electronic
कैल्कुलेटर – Calculator
आकर्षक – Aa-kar-shak
शक्तिशाली – Shak-ti-shaa-lee
आवृत्ति – Aa-vrit-ti
कार्य – Kaar-ya
आश्चर्य – Aash-char-ya
इक्कीसवीं – Ik-kees-veen
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर बताइए-
(क) शरद किसी पर शक क्यों नहीं कर पा रहा था?
उत्तर – क्योंकि इक्कीसवीं सदी में घर में बीसवीं सदी की तरह कोई नौकर नहीं था। सारा काम रोबोट करते थे और रोबोट पर शक करना उसे कठिन लग रहा था।
(ख) रात के लगभग एक बजे अचानक शरद ने क्या देखा?
उत्तर – शरद ने देखा कि रोबोट अपने स्थान से धीरे-धीरे सरक कर उसके कमरे की ओर बढ़ रहा है और उसने मेज़ से टीवी युक्त कीमती पेन उठा लिया है।
(ग) सुबह होते ही शरद ने क्या किया?
उत्तर – सुबह होते ही शरद पुलिस स्टेशन पहुँचा जहाँ उसके चाचा इंस्पेक्टर थे, और उन्हें पूरी घटना विस्तार से सुनाई।
(घ) क्या देखकर उमाशंकर का मन ललचा गया?
उत्तर – शरद के नियंत्रण कक्ष में रखे एक से बढ़कर एक कीमती और आकर्षक सामान देखकर उमाशंकर का मन ललचा गया।
लिखित
- सही उत्तर पर ✓ लगाइए–
(क) पिछले कई दिनों से शरद के यहाँ क्या हो रहा था?
(i) सारा काम रोबोट कर रहा था
(ii) रहस्य का पता लगाने का
(iii) कीमती चीज़ें गायब हो रही थीं ✓
(iv) रोबोट नियंत्रक में कमी आ गई थी
(ख) शरद ने किस बात का दृढ़ निश्चय किया?
(i) चोर को पकड़ने का
(ii) पहरेदारी रोबोट कर रहा था
(iii) रातभर चौकीदारी करने का ✓
(iv) नींद को भगाने का
(ग) रोबोट की अजीबोगरीब कारस्तानी का शरद पर क्या प्रभाव पड़ा?
(i) वह गली में झाँकने लगा
(ii) वह परेशान हो उठा
(iii) उसे कुछ समझ में नहीं आया
(iv) उसका दिमाग भिन्नाने लगा ✓
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
(क) यदि रोबोट नियंत्रक में कमी आती तो क्या होता?
उत्तर – यदि रोबोट नियंत्रक में कमी आती तो रोबोट के काम करने का ढंग और उसका व्यवहार तुरंत बदल जाता।
(ख) रोबोट के पीछे-पीछे जाकर शरद ने क्या देखा?
उत्तर – शरद ने देखा कि रोबोट उमाशंकर के घर गया, वहाँ मेज़ पर चोरी का पेन रखा और वापस अपने घर आकर अपनी जगह पर खड़ा हो गया।
(ग) उमाशंकर के घर के अंदर झाँकने पर शरद को क्या दिखाई दिया?
उत्तर – शरद ने देखा कि रोबोट उमाशंकर के नियंत्रण कक्ष में गया और शरद का कीमती पेन वहाँ मेज़ पर रख दिया।
(घ) इंस्पेक्टर साहब को अपने घर देखकर उमाशंकर ने क्या किया?
उत्तर – इंस्पेक्टर को देखकर उमाशंकर हड़बड़ा उठे, लेकिन खुद को संभालते हुए उन्होंने मुसकराकर जाँच का कारण पूछा।
(ङ) शरद के लाल बटन को दबाते ही क्या हुआ?
उत्तर – लाल बटन दबाते ही लाल रंग के दो बल्ब जलने-बुझने लगे और थोड़ी ही देर में शरद का रोबोट कैलकुलेटर लेकर वहाँ आ पहुँचा।
अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न
निम्नलिखित पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
उन्होंने सारा भेद खोलना शुरू किया, “कुछ दिन पहले शरद के नियंत्रण-कक्ष में कुछ खराबी आ गई थी। मैं उसे ठीक करने गया तो मैंने वहाँ एक से बढ़कर एक कीमती और आकर्षक सामान देखे। उन्हें देखकर मन ललचा गया। मैं उन्हें पाने का रास्ता खोजने लगा। मैंने चुपचाप शरद के रोबोट-नियंत्रक की शक्ति को के कर दिया। मुझे शरद के रोबोट की आवृत्ति पता थी। अपने घर वापस आकर मैंने शरद के रोबोट-नियंत्रक अधिक शक्तिशाली, परंतु उसी की आवृत्ति का एक और नियंत्रक बनाया। जब मैंने इसे चलाया तो शरद रोबोट मेरे इशारे पर काम करने लगा। फिर मैंने रोज़ रात को अपने उच्च शक्ति के नियंत्रक के द्वारा शरद – रोबोट को आदेश दे-देकर उसका कीमती सामान मँगवाना शुरू कर दिया।
(क) उमाशंकर शरद के नियंत्रण कक्ष में क्यों गए थे?
उत्तर – वे शरद के नियंत्रण कक्ष में आई खराबी को ठीक करने गए थे।
(ख) नियंत्रण कक्ष में उमाशंकर ने क्या देखा?
उत्तर – उमाशंकर ने वहाँ एक से बढ़कर एक कीमती और आकर्षक सामान देखे।
(ग) घर आकर उमाशंकर ने क्या किया?
उत्तर – घर आकर उन्होंने शरद के रोबोट की आवृत्ति (frequency) का एक शक्तिशाली नियंत्रक बनाया।
(घ) उमाशंकर ने शरद के कीमती सामान की चोरी कैसे की?
उत्तर – उन्होंने अपने शक्तिशाली नियंत्रक से शरद के रोबोट को रात में आदेश देकर सामान मँगवाना शुरू किया। (ङ) दिए गए शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए- चुपचाप, शक्तिशाली
चुपचाप – चोर घर में चुपचाप घुस गया।
शक्तिशाली – शेर एक शक्तिशाली जानवर है।
जीवन मूल्यपरक प्रश्न
लालच में आकर चोरी करने का क्या परिणाम होता है?
उत्तर – लालच में आकर चोरी करने का परिणाम हमेशा बुरा होता है। इससे व्यक्ति का सम्मान खत्म हो जाता है, उसे समाज में अपमानित होना पड़ता है और अंततः जेल की सज़ा काटनी पड़ती है।
भाषा ज्ञान
- सही उत्तर पर ✓ लगाइए–
(क) किस शब्द में ‘दारी’ प्रत्यय का प्रयोग नहीं किया जाएगा?
(i) ईमानदारी
(ii) पहरेदारी ✓
(iii) चौकीदारी
(iv) पराएदारी
(ख) ‘नियंत्रण कक्ष’ का विग्रह क्या होगा?
(i) नियंत्रण में कक्ष
(ii) नियंत्रण को कक्ष
(iii) नियंत्रण के लिए कक्ष ✓
(iv) नियंत्रण से कक्ष
(ग) ‘कनखियाँ’ शब्द का क्या अर्थ है?
(i) कान से
(ii) नखों से
(iii) आँख के कोने से ✓
(iv) नाक के कोने से
- रिक्त स्थानों में पाठ के आधार पर विशेषण लिखकर वाक्य पूरे कीजिए-
(क) बीसवीं सदी की तरह घर में कोई नौकर नहीं है।
(ख) शरद के यहाँ से कीमती चीजें गायब हो रही थीं।
(ग) रोबोट नियत स्थान से धीरे-धीरे सरक रहा था।
(घ) उस कक्ष में कीमती और आकर्षक सामान थे।
(ङ) उमाशंकर ने एक उच्च शक्ति का नियंत्रक बनाया।
- निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए-
(क) लगातार चोरियाँ हो रहा था।
लगातार चोरियाँ हो रही थीं।
(ख) शरद रहस्य का पता लगाने का निश्चय की।
शरद ने रहस्य का पता लगाने का निश्चय किया।
(ग) शरद को अब नींद सताने लगा था।
शरद को अब नींद सताने लगी थी।
(घ) वह नींद को भगाने की कोशिश करी।
वह नींद को भगाने की कोशिश करने लगा (या कर रहा था)।
(ङ) सुबह होते ही वह पुलिस स्टेशन जायी।
सुबह होते ही वह पुलिस स्टेशन गया।
- रिक्त स्थानों में कोष्ठक में दिए गए शब्द का विलोम रूप लिखिए-
(क) यह पुस्तक बहुत कीमती है। (सस्ती)
(ख) शरद की सभी ने प्रशंसा की। (निंदा)
(ग) घर के बाहर फूलों की क्यारियाँ हैं। (अंदर)
(घ) लिखित से पहले मौखिक परीक्षा होगी। (बाद में)
(ङ) यह रोबोट बहुत उच्च शक्ति का है। (निम्न)
- निम्नलिखित शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए-
(क) हैरानी – हैरानियाँ
(ख) गली – गलियाँ
(ग) आवृत्ति – आवृत्तियाँ
(घ) आँख – आँखें
(ङ) बात – बातें
(च) रात – रातें
- रिक्त स्थानों में संयुक्त क्रियाएँ लिखकर वाक्य पूरे कीजिए-
(क) शरद मन ही मन सोचने लगा।
(ख) बटन बिलकुल ठीक काम कर रहा था ।
(ग) रोबोट वापस अपने स्थान की ओर चला गया ।
(घ) शरद का दिमाग भन्नाने लगा था ।
(ङ) उमाशंकर का सारा भंडाफोड हो गया ।
रोचक क्रियाकलाप
- उमाशंकर की चोरी का समाचार टी. वी. समाचारों में जिस रूप में सुनाया जाएगा- उसे लिखिए।
उत्तर – “ब्रेकिंग न्यूज़! इक्कीसवीं सदी का अनोखा चोर गिरफ्तार। तकनीक के उस्ताद उमाशंकर ने पड़ोसी के रोबोट को ही बना डाला चोर। रिमोट कंट्रोल के जरिए मँगवाता था कीमती सामान।”
- ‘मैं विज्ञान के आविष्कारों के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकता/सकती।’ इस विषय को आधार बनाकर अनुच्छेद लिखिए।
अनुच्छेद – विज्ञान के आविष्कारों के बिना जीवन की कल्पना
आज की इक्कीसवीं सदी में ‘विज्ञान के आविष्कारों के बिना जीवन की कल्पना करना’ लगभग असंभव सा प्रतीत होता है। सुबह आँख खुलने से लेकर रात को सोने तक, हम पूरी तरह मशीनों और तकनीक पर निर्भर हैं। यदि हमारे जीवन से बिजली, इंटरनेट, स्मार्टफोन और परिवहन के साधन हटा दिए जाएँ, तो आधुनिक सभ्यता ठहर जाएगी। विज्ञान ने न केवल हमारे कार्यों को सुगम बनाया है, बल्कि संचार और चिकित्सा के क्षेत्र में भी क्रांति ला दी है। दूर बैठे परिजनों से वीडियो कॉल पर बात करना हो या गंभीर बीमारियों का रोबोटिक ऑपरेशन, यह सब विज्ञान की ही देन है। यदि ये आविष्कार न होते, तो हम आज भी आदिम युग की तरह अंधेरे और अज्ञानता में जी रहे होते। अतः, विज्ञान हमारे अस्तित्व का अभिन्न अंग बन चुका है और इसके बिना प्रगति की कल्पना करना बेमानी है।
गृहकार्य
‘कि’ अथवा ‘की’ लिखकर वाक्य पूरे कीजिए-
(क) शरद की समझ में नहीं आ रहा था कि कीमती सामान कहाँ चला जाता है।
(ख) बीसवीं सदी की तरह घर में कोई नौकर नही था।
(ग) रोज़ की तरह रोबोट दरवाज़े पर खड़ा था।
(घ) वह वापस शरद के घर की ओर चल पड़ा।
(ङ) क्या आप बताएँगे कि जाँच क्यों की गई है।

