पाठ का सारांश
पाठ ‘रसराज’ पंडित जसराज भारतीय शास्त्रीय संगीत के एक प्रकाश स्तंभ के जीवन और उनकी संगीत साधना की गौरवगाथा है। इस पाठ का सारांश निम्नलिखित है:
- परिचय और विरासत:
पंडित जसराज भारतीय शास्त्रीय संगीत के ख्यातिप्राप्त गायक थे, जिनका संबंध मेवाती घराने से था। उनका जन्म 1930 में हिसार (हरियाणा) के एक प्रतिष्ठित संगीतज्ञ परिवार में हुआ था। उनके पिता पंडित मोतीराम जी स्वयं एक विशिष्ट संगीतज्ञ थे। संगीत के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण जैसे सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा गया।
- तबले से गायकी तक का सफर:
बचपन में उन्होंने अपने बड़े भाई पंडित मणिराम जी से तबला वादन सीखा। लेकिन 1945 में एक घटना ने उनका जीवन बदल दिया। लाहौर में एक कार्यक्रम के दौरान महान गायक कुमार गंधर्व ने उन्हें यह कहकर डाँटा कि “तुम केवल मरा हुआ चमड़ा पीटते हो, तुम्हें रागदारी का ज्ञान नहीं।” इस बात ने उनके हृदय को छू लिया और उन्होंने तबला छोड़कर गायकी को अपना लिया।
- संगीत में नवाचार (Innovation):
पंडित जसराज ने संगीत में कई नए प्रयोग किए:
- उन्होंने ‘हवेली संगीत’ पर व्यापक शोध किया।
- उन्होंने ‘जसरंगी’ नामक एक अनोखी जुगलबंदी की रचना की, जिसमें एक महिला और पुरुष कलाकार अलग-अलग रागों को एक साथ गाते हैं।
- श्री वल्लभाचार्य रचित ‘मधुराष्टकम्’ और भगवान शिव के मंत्रों को उन्होंने अपनी जादुई आवाज़ से घर-घर लोकप्रिय बना दिया।
- वैश्विक उपलब्धियाँ:
पंडित जी ने सातों महाद्वीपों में अपनी प्रस्तुति दी। वर्ष 2012 में 82 वर्ष की आयु में अंटार्कटिका पर गायन पेश करने वाले वे पहले भारतीय बने। इससे पहले उन्होंने उत्तरी ध्रुव का भी दौरा किया था।
- जीवन के प्रति दृष्टिकोण और अंतिम समय:
हृदय की शल्य चिकित्सा जो बाईपास सर्जरी के नाम से भी जाना जाता है के बाद उन्होंने अपने अनुभव को सितार के जंग लगे तारों को बदलने जैसा बताया। वे हमेशा सीखने और साधना के प्रति समर्पित रहे। 17 अगस्त 2020 को इस महान संगीतज्ञ ने दुनिया से विदा ली, परंतु उनकी आवाज़ आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित है।
मुख्य संदेश:
संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि ईश्वर से मिलने का मार्ग है।
आलोचना को सकारात्मक रूप में लेकर अपनी कमियों को प्रतिभा में बदला जा सकता है (जैसे उन्होंने तबला छोड़कर गायन सीखा)।
कला की कोई सीमा नहीं होती, यह अंटार्कटिका जैसे दुर्गम स्थानों तक भी पहुँच सकती है।
कठिन शब्दार्थ
1 शास्त्रीय – नियमों पर आधारित Classical
2 ख्यातिप्राप्त – प्रसिद्ध / मशहूर Renowned / Famous
3 घराना – संगीत की परंपरा Musical School / Style
4 अलंकृत – सजाया हुआ / सम्मानित Decorated / Honored
5 संगीतज्ञ – संगीत का जानकार Musician
6 अग्रज – बड़ा भाई Elder brother
7 छत्रछाया – संरक्षण / शरण Patronage / Protection
8 तबलावादन – तबला बजाना Playing Tabla
9 साक्षात्कार – भेंट / इंटरव्यू Interview
10 संगत – साथ देना (वाद्य यंत्र से) Accompaniment
11 रागदारी – रागों का ज्ञान Knowledge of Ragas
12 विशारद – निपुण / विशेषज्ञ Expert / Specialist
13 खयाल शैली – गायन की एक विधा Khayal style
14 विशिष्टता – खासियत Specialty
15 जुगलबंदी – दो कलाकारों का साथ Duet performance
16 सानिध्य – समीपता / साथ Presence / Company
17 हवेली संगीत – मंदिरों में गाया जाने वाला संगीत Haveli Sangeet
18 व्यापक – विस्तृत / बड़े स्तर पर Extensive / Vast
19 अनुसंधान – खोज / शोध Research
20 नवीन – नया New / Modern
21 बंदिश – संगीत की रचना Musical composition
22 प्रस्तुति – प्रदर्शन Presentation / Performance
23 स्तुति – वंदना / प्रार्थना Prayer / Praise
24 प्रवाहित – बहना Flowing
25 श्रद्धा – अटूट विश्वास Faith / Devotion
26 साधना – अभ्यास Dedication / Practice
27 गंभीर – गहरा / सोच-विचार वाला Serious / Grave
28 धन्य – सौभाग्यशाली Blessed
29 योगदान – सहायता / सहयोग Contribution
30 अनूठी – बेमिसाल / अद्भुत Unique
31 पद्मविभूषण – भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान Padma Vibhushan
32 पद्मभूषण – भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान Padma Bhushan
33 पद्मश्री – भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान Padma Shri
34 महामहोपाध्याय – विद्वानों को दी जाने वाली उपाधि A title for great scholars
35 हासिल – प्राप्त करना Achieved
36 उपलब्धि – कामयाबी Achievement
37 महाद्वीप – धरती के बड़े विभाग Continent
38 अंटार्कटिका – दक्षिणी ध्रुव का महाद्वीप Antarctica
39 उत्तरी ध्रुव – पृथ्वी का सबसे उत्तरी बिंदु North Pole
40 अभिनंदन – स्वागत / प्रशंसा Felicitations / Welcome
41 हृदय – दिल Heart
42 शल्य चिकित्सा – ऑपरेशन Surgery
43 बाईपास सर्जरी – हृदय का ऑपरेशन Bypass Surgery
44 निर्मल – साफ़ / स्वच्छ Pure / Clean
45 जंग – लोहे की मैल Rust
46 प्रशंसक – चाहने वाले Admirers / Fans
47 अनुभव – तजुर्बा Experience
48 समारोह – उत्सव Function / Ceremony
49 आयोजित – प्रबंध किया गया Organized
50 परिवर्तित – बदला हुआ Changed
51 सदियों – सौ वर्षों का समय Centuries
52 मनोरंजन – दिल बहलाना Entertainment
53 स्रोत – जरिया Source
54 पीढ़ियों – वंश की कड़ियाँ Generations
55 विशिष्ट – खास Special / Distinct
56 बरस – वर्ष / साल Years
57 संगत – साथ Company
58 डाँटते – फटकारना Scolding
59 चमड़ा – खाल Leather
60 दिग्गज – महान / प्रतिष्ठित Stalwart / Legend
61 शुद्ध – साफ़ / बिना मिलावट Pure
62 स्पष्टता – साफ़ होना Clarity
63 नवीन – नया Novel / New
64 अनूठी – अनोखी Unique
65 दौरा – यात्रा Tour / Visit
66 सितार – एक वाद्य यंत्र Sitar (Instrument)
67 मिट्टी का तेल – केरोसिन Kerosene
68 रुई – कपास Cotton
69 प्रवाहित – बहता हुआ Flowing
70 श्रद्धा – आस्था Faith
71 भक्ति – पूजा / समर्पण Devotion
72 प्रस्तुति – परफॉरमेंस Presentation
73 भजन – भक्ति गीत Hymn / Devotional song
74 अंतिम – आखिरी Last / Final
75 संवेदनाएँ – हमदर्दी Condolences / Sympathies
76 बाँटना – साझा करना To share
77 सदा – हमेशा Always
78 माध्यम – जरिया Medium / Through
79 अनजाना – जिसे न जानते हों Unknown
80 सफ़र – यात्रा Journey
विशेष प्रयोग-
पद्मश्री – भारत सरकार द्वारा किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।
पद्मभूषण – भारत सरकार द्वारा उच्चक्रम की विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।
पद्मविभूषण – भारत सरकार द्वारा असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।
मौखिक – 1. उच्चारण कीजिए –
संगीत, मनोरंजन, संबंध, अलंकृत, संगत, बंदिशों, अनुसंधान, जुगलबंदी, जसरंगी, अंटार्कटिका, गंगा, जंग, पहुँचा, भावनाएँ, साँस, संवेदनाएँ, बाँटना
ख्यातिप्राप्त, शास्त्रीय, पद्मविभूषण, पद्मश्री, विशिष्ट, संगीतज्ञ, महामहोपाध्याय
छत्रछाया, गंधर्व, दिग्गज, वल्लभाचार्य, मधुराष्टकम, महाद्वीपों, पीढ़ियों, डाँटते, चमड़ा, मिट्टी
संगीत – San-geet ‘न’ की हल्की ध्वनि नाक से निकालें।
मनोरंजन – Ma-no-ran-jan ‘Ran’ में ‘n’ की स्पष्ट ध्वनि।
संबंध – Sam-bandh इसे ‘Sambandh’ की तरह बोलें।
अनुसंधान – A-nu-san-dhaan ‘San’ में नासिका स्वर है।
अंटार्कटिका – An-taark-ti-kaa ‘An’ और ‘Taark’ को मिलाकर बोलें।
साँस – Saans ‘आँ’ की ध्वनि पूरी तरह नाक से आएगी।
बाँटना – Baant-naa इसे ‘Baant-naa’ उच्चारित करें।
शास्त्रीय – Shaas-tree-ya
पद्मविभूषण – Pad-ma-vi-bhoo-shan
पद्मश्री – Pad-ma-shree
विशिष्ट – Vi-shish-ta
ख्यातिप्राप्त – Khyaa-ti-praapt
संगीतज्ञ – San-gee-tagya
महामहोपाध्याय – Ma-haa-ma-ho-paadh-yaa-ya
छत्रछाया – Chhat-ra-chhaa-yaa
जुगलबंदी – Ju-gal-ban-dee ‘Ban’ में आधा ‘न’।
जसरंगी – Jas-ran-gee पंडित जी की विशेष शैली।
संवेदनाएँ – Sam-ved-naa-ayn अंत में ‘Yn’ की नासिका ध्वनि।
वल्लभाचार्य – Val-la-bhaa-chaar-ya ‘ल’ पर ज़ोर दें (Double L)।
मधुराष्टकम – Mad-hu-raash-ta-kam ‘ष्ट’ को ‘Shta’ बोलें।
महाद्वीपों – Ma-haa-dwee-pon ‘द्वी’ को ‘Dwee’ उच्चारित करें।
गंधर्व – Gan-dhar-va ‘न’ और ‘व’ से पहले ‘R’ बोलें।
दिग्गज – Dig-gaj ‘ग’ पर ज़ोर दें।
मिट्टी – Mit-tee ‘ट’ पर ज़ोर दें (Double T)।
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर बताइए-
(क) पंडित जसराज के परिवार को किस बात का गौरव प्राप्त है?
उत्तर: पंडित जसराज के परिवार को चार पीढ़ियों तक हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत को एक से बढ़कर एक गायक देने का गौरव प्राप्त है।
(ख) शुद्ध उच्चारण और स्पष्टता पंडित जसराज के गायन की किस विशिष्टता को झलकाती है?
उत्तर: शुद्ध उच्चारण और स्पष्टता पंडित जसराज के मेवाती घराने की ‘खयाल शैली’ की विशिष्टता को झलकाती है।
(ग) ‘मधुराष्टकम्’ के विषय में इस पाठ में क्या बताया गया है?
उत्तर: वल्लभाचार्य जी द्वारा रचित इस कृष्ण स्तुति को पंडित जसराज ने अपना स्वर देकर घर-घर पहुँचा दिया। वे अपने हर कार्यक्रम में इसे अवश्य गाते थे।
(घ) पंडित जसराज के हृदय की शल्य चिकित्सा के समय लोगों को कैसा लगता था?
उत्तर: पंडित जसराज के हृदय की शल्य चिकित्सा के समय लोगों को लगता था कि क्या उनके मधुर स्वरों की गंगा अब इसी प्रकार प्रवाहित होती रहेगी या नहीं अर्थात् लोग उनकी गायकी को लेकर चिंतित थे।
लिखित
- सही उत्तर पर ✓ लगाइए-
(क) महामहोपाध्याय पंडित मणिराम जी कौन थे?
(i) मेवाती घराने के संगीतज्ञ थे।
(ii) पंडित जसराज के पिता थे।
(iii) पंडित जसराज के अग्रज थे। ✓
(iv) भारत सरकार द्वारा सम्मानित किए गए थे।
(ख) पंडित जसराज ने किस विषय पर व्यापक अनुसंधान किया?
(i) नई बंदिशों पर
(ii) मेवाती घराने पर
(iii) खयाल शैली पर
(iv) हवेली संगीत पर ✓
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
(क) किस घटना के बाद पंडित जसराज ने तबलावादन छोड़कर गायकी को अपना लिया?
उत्तर: लाहौर के एक कार्यक्रम में कुमार गंधर्व ने उन्हें डाँटते हुए कहा था, “जसराज तुम मरा हुआ चमड़ा पीटते हो, तुम्हें रागदारी के बारे में कुछ पता नहीं।” इस चोट के बाद उन्होंने गायकी अपना ली।
(ख) पंडित जसराज द्वारा की गई अनोखी जुगलबंदी की क्या विशेषता है?
उत्तर: पंडित जसराज द्वारा की गई अनोखी जुगलबंदी या जसरंगी में एक महिला और एक पुरुष अपने-अपने सुर में अलग-अलग रागों को एक साथ गाते हैं।
(ग) वर्ष 2012 में पंडित जसराज को कौन सी अनूठी उपलब्धि हासिल हुई?
उत्तर: वर्ष 2012 में पंडित जसराज अंटार्कटिका पर प्रस्तुति देने वाले पहले भारतीय बने और इसी के साथ सातों महाद्वीपों में कार्यक्रम पेश करने का गौरव प्राप्त किया।
(घ) हृदय की शल्य चिकित्सा के बाद के अनुभव को पंडित जसराज ने कैसा बताया है?
उत्तर: हृदय की शल्य चिकित्सा के बाद के अनुभव को पंडित जसराज ने इसे ‘सितार के पुराने तारों को बदलने’ या ‘मिट्टी के तेल से सफाई’ जैसा बताया, जिसके बाद सब कुछ निर्मल जल जैसा हो गया।
(ङ) पंडित जसराज ने ‘सुन रहे हो न बाबा सुन रहे हो!’ कब कहा था?
उत्तर: पंडित जसराज ने ‘सुन रहे हो न बाबा सुन रहे हो!’ 14 अप्रैल 2020 को वाराणसी के ‘संकटमोचन संगीत समारोह’ में अपना प्रिय भजन गाते समय उन्होंने भावुक होकर यह कहा था।
जीवन मूल्यपरक प्रश्न
सोचकर लिखिए कि संगीत का हमारे जीवन में क्या स्थान है?
उत्तर: संगीत हमारे जीवन में ईश्वर से मिलने का एक माध्यम और आत्मा की औषधि है। यह मानसिक शांति देता है और एकाग्रता बढ़ाता है।
भाषा ज्ञान
- सही उत्तर पर ✓ लगाइए-
(क) निम्नलिखित वर्णों के संयोग से बना शब्द है-
ग् + अ + न् + ध् + अ + र् + व् + अ
(i) गांधर्व
(ii) गंधरव
(iii) गनधर्व
(iv) गंधर्व ✓
(ख) ‘अगला’ शब्द का विलोम रूप है-
(i) अग्रणी
(ii) पुराना
(iii) पिछला ✓
(iv) अग्रज
- निम्नलिखित संज्ञा शब्दों के साथ उचित विशेषण छाँटकर लिखिए-
व्यापक शुद्ध महत्त्वपूर्ण शास्त्रीय गायन उत्तरी
विशेषण संज्ञा
(क) व्यापक अनुसंधान
(ख) शास्त्रीय कार्यक्रम
(ग) गायन संगीत
(घ) महत्त्वपूर्ण स्रोत
(ङ) शुद्ध उच्चारण
(च) उत्तरी ध्रुव
- निम्नलिखित अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए-
(क) संगीत को जानने वाला – संगीतज्ञ
(ख) भारत में रहने वाला – भारतीय
(ग) शरीर की चीर-फाड़ करके की गई चिकित्सा – शल्य चिकित्सा
(घ) बड़ा भाई – अग्रज
(ङ) गाना गाने वाला – गायक
- निम्नलिखित पुल्लिंग शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए-
(क) घराना — घराने
(ख) साया — साये
(ग) तबला – तबले
(घ) गाना — गाने
- निम्नलिखित स्त्रीलिंग शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए-
(क) महिला – महिलाएँ
(ख) रचना — रचनाएँ
(ग) यात्रा – यात्राएँ
(घ) भावना – भावनाएँ
- निम्नलिखित उपसर्गों से नए शब्द बनाकर लिखिए-
उपसर्ग शब्द नया शब्द
(क) अनु + संधान – अनुसंधान
(ख) अनु + शासन – अनुशासन
(ग) अनु + रूप – अनुरूप
(घ) अनु + करण – अनुकरण
(ङ) सम् + वेदना – संवेदना
(च) सम् + मान – सम्मान
(छ) सम् + शोधन – संशोधन
(ज) सम् + साधन – संसाधन
रोचक क्रियाकलाप –
- अपने संगीत शिक्षक या और कोई जिसे संगीत का ज्ञान है, उसकी सहायता से एक देशभक्ति गीत गाने का अभ्यास कीजिए।
उत्तर – छात्र इसे अपने स्तर पर करें।
- विभिन्न सम्मानों से अलंकृत किए जाते पंडित जसराज के चित्र तथा पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण के विषय में जानकारी एकत्र करके एक पावर पॉइंट प्रेजेटेशन बनाइए।
उत्तर – छात्र इसे अपने स्तर पर करें।
गृहकार्य
- निम्नलिखित शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए-
(क) मिट्टी – मिट्टियाँ
(ख) पीढ़ी – पीढ़ियाँ
(ग) हवेली – हवेलियाँ
(घ) स्तुति – स्तुतियाँ
(ङ) उपलब्धि – उपलब्धियाँ
(च) प्रस्तुति – प्रस्तुतियाँ
- ध्यान देकर लिखिए कि शब्द के अंत में आए ‘इ’ (ि) या ई (ी) के स्थान पर क्या परिवर्तन हो गया है।
जब शब्द के अंत में ‘इ’ या ‘ई’ होता है, तो बहुवचन बनाते समय वह ‘इ’ (छोटी इ) में बदल जाता है और अंत में ‘याँ’ जुड़ जाता है।

