यंत्र मानव
मैं एक यंत्र मानव हूँ। मेरा शरीर हाड-माँस का नहीं, बल्कि लोहा-इस्पात और प्लास्टिक से बना है। मेरे भी टाँग, भुजा और अँगुलियाँ हैं। लेकिन मेरे ये सभी अंग धातुओं से बने हैं। र्जीव होते हुए भी मेरे सब अंग तुम्हारी ही तरह काम करते हैं। मैं चल सकता हूँ, उछल सकता हूँ और कूद भी सकता हूँ। तुम्हारी तरह अपने हाथों से, अँगुलियों से मैं मशीन के पुर्जे फ़िट कर सकता हूँ, बोझा उठा सकता हूँ और न जाने कितने काम कर सकता हूँ।
मेरे शरीर में तारों का जाल बिछा हुआ है और इन तारों में रक्त की जगह विद्युत धारा बहती है। यही विद्युत धारा मुझे काम करने की शक्ति देती है। काम करने के लिए मेरे पास मस्तिष्क है। लेकिन तुम्हारे मस्तिष्क से बिलकुल अलग। मेरा मस्तिष्क कंप्यूटर है। कंप्यूटर के आदेश के अनुसार मैं काम करता हूँ। देखने के लिए मेरे पास आँखे नहीं हैं, बल्कि मेरे शरीर में कैमरे लगे हैं। मेरे शरीर में लगा माईक्रोफोन ही सुनने का काम करता हैं। मेरे शरीर में लगा लाउड़स्पीकर बोलने का काम करता है। छूने का बोध मुझे विशेष प्रकार के स्पर्श संवेद्रियों द्वारा होता है। मैं भूखा प्यासा, बिना कुछ खाये – पिये, सर्दी और गरमी में बिना थके और बिना ऊबे अकेला बीस-पच्चीस मज़दूरों के बराबर काम कर सकता हूँ।
यदि किसी भवन में आग लग जाए तो मैं बिना डरे और घबराए आग बुझाने के लिए उस भवन में प्रवेश कर सकता हूँ। वहाँ फँसे लोगों की जान बचा सकता हूँ। मैं ही मनुष्य के पहले चंद्रमा की सतह पर जाकर वहाँ की मिट्टी खोदकर लाया था। इसी प्रकार मंगल ग्रह की सतह पर जाकर वहाँ की लाल मिट्टी भी लाया था। मैं सिर्फ़ गंध का अनुभव नहीं कर सकता हूँ। मैं तुम्हारा ही खोज हूँ। तुम घर बैठे ही अपने कंप्यूटर द्वारा मुझे काम करने का आदेश दे दो और मैं तुम्हारी गैरहाज़िरी में तुम्हारा सारा काम कर दूँगा।
पाठ का सार
‘यंत्र मानव’ पाठ एक रोबोट का आत्म-परिचय है। यंत्र मानव बताता है कि उसका शरीर लोहा, इस्पात और प्लास्टिक से बना है, जिसमें रक्त की जगह विद्युत धारा बहती है जो उसे शक्ति देती है। उसका मस्तिष्क कंप्यूटर है और उसके आँख, कान, मुँह और स्पर्श की जगह क्रमशः कैमरे, माईक्रोफोन, लाउड़स्पीकर और स्पर्श संवेद्रियाँ लगी हैं।
यंत्र मानव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह भूखा-प्यासा और बिना थके-ऊबे अकेले बीस-पच्चीस मज़दूरों के बराबर काम कर सकता है। वह आग बुझाने और लोगों को बचाने जैसे खतरनाक कार्य भी कर सकता है, और उसने चंद्रमा और मंगल ग्रह से मिट्टी लाने का भी महत्त्वपूर्ण काम किया है।
वह मनुष्य की ही खोज है, जिसे घर बैठे कंप्यूटर के आदेश द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है। वह केवल गंध का अनुभव नहीं कर सकता, परंतु मनुष्य की अनुपस्थिति में भी उसके सारे काम करने में सक्षम है। यह पाठ यंत्र मानव की अद्वितीय क्षमता और आधुनिक जीवन में उसके महत्त्व को दर्शाता है।
शब्दार्थ
यंत्र – मशीन;
प्रवाह – बहाव;
विद्युत – बिजली
संचित – इकट्ठा
तलहटी – समुद्र के नीचे की ज़मीन;
दक्ष- योग्य, कुशल;
भावी – भविष्य आनेवाला समय;
उपज – फसल।
शब्द (Word) | हिंदी अर्थ (Hindi Meaning) | தமிழ் அர்த்தம் (Tamil Meaning) | English Meaning |
यंत्र मानव | मशीन से बना मानव (रोबोट) | இயந்திர மனிதன் | Robot (mechanical human) |
इस्पात | स्टील या मजबूत लोहा | எஃகு | Steel |
पुर्जे | मशीन के भाग | பாகங்கள் | Parts (of machine) |
विद्युत धारा | इलेक्ट्रिक करंट | மின்னோட்டம் | Electric current |
मस्तिष्क | दिमाग | மூளை | Brain |
कैमरे | फोटो खींचने वाले यंत्र | கேமராக்கள் | Cameras |
माईक्रोफोन | ध्वनि ग्रहण करने का यंत्र | மைக்ரோஃபோன் | Microphone |
लाउडस्पीकर | ध्वनि प्रसारित करने का यंत्र | லவுட்ஸ்பீக்கர் | Loudspeaker |
स्पर्श संवेदी | छूने की संवेदना देने वाले सेंसर | தொடு உணர்விகள் | Touch sensors |
घबराए | डर जाए | பயப்படுதல் | Get scared |
गैरहाज़िरी | अनुपस्थिति | இல்லாத நிலை | Absence |
अनुभव | महसूस करना | உணர்வு | Experience or feel |
निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर पूरे वाक्यों में लिखिए।
- यंत्र मानव का शरीर किससे बना है?
उत्तर – यंत्र मानव का शरीर लोहा-इस्पात और प्लास्टिक से बना है।
- यंत्र मानव किसके आदेश पर काम करता है?
उत्तर – यंत्र मानव कंप्यूटर के आदेश पर काम करता है, जो उसके मस्तिष्क का काम करता है।
- यंत्र मानव कहाँ-कहाँ जाकर मिट्टी खोज लाया?
उत्तर – यंत्र मानव पहले चंद्रमा की सतह पर जाकर और मंगल ग्रह की सतह पर जाकर मिट्टी खोज लाया था।
- यंत्र मानव का स्वभाव कैसा है?
उत्तर – यंत्र मानव का स्वभाव ऐसा है कि वह बिना थके, बिना ऊबे, भूखा-प्यासा और बिना डरे-घबराए काम करता है।
- यंत्र मानव के शरीर में काम करने के लिए क्या यंत्र लगा है?
उत्तर – यंत्र मानव के शरीर में काम करने के लिए कंप्यूटर जो मस्तिष्क का काम करता है, कैमरे जो आँख का काम करते हैं, माईक्रोफोन जो सुनने का काम करता है, लाउड़स्पीकर जो बोलने का काम करता है और स्पर्श संवेद्रियाँ जो छूने का काम करती हैं, लगे हैं।
II निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर पाँच वाक्यों में लिखिए।
- यंत्र मानव क्या है? वह क्या-क्या कर सकता है?
उत्तर – यंत्र मानव एक मशीन है जिसका शरीर हाड़-माँस का नहीं, बल्कि लोहा, इस्पात और प्लास्टिक से बना है। वह चल सकता है, उछल सकता है और कूद सकता है। वह अपने हाथों और अँगुलियों से मशीन के पुर्जे फ़िट कर सकता है और बोझा उठा सकता है। वह आग लगने पर बिना डरे भवन में प्रवेश करके लोगों की जान बचा सकता है। इसके अलावा, वह चंद्रमा और मंगल ग्रह पर जाकर मिट्टी भी खोज लाया है।
- यंत्र मानव की विशेषताओं को बताइए?
उत्तर – यंत्र मानव का शरीर धातु और प्लास्टिक से बना है, और उसके तारों में विद्युत धारा बहती है जो उसे शक्ति देती है। उसका मस्तिष्क एक कंप्यूटर है जो उसे काम करने का आदेश देता है। वह भूखा-प्यासा, सर्दी या गरमी में भी बिना थके या ऊबे अकेला बीस-पच्चीस मज़दूरों के बराबर काम कर सकता है। वह आग जैसी खतरनाक जगहों पर भी बिना डरे प्रवेश कर सकता है और बचाव कार्य कर सकता है। वह मनुष्य की खोज है, जिसे घर बैठे कंप्यूटर द्वारा काम करने का आदेश दिया जा सकता है, जिससे वह मनुष्य की गैरहाज़िरी में भी सारा काम कर सकता है।
- यंत्र मानव किससे बना है और उसे शक्ति किस प्रकार मिलती है?
उत्तर – यंत्र मानव का शरीर लोहा, इस्पात और संचालितप्लास्टिक जैसी धातुओं से बना है, जिसमें टाँग, भुजा और अँगुलियाँ भी धातुओं की बनी होती हैं।उसका शरीर एक तारों के जाल से बना होता है, जो बिजली के सर्किट का काम करते हैं।उसे काम करने की शक्ति विद्युत धारा से मिलती है।यह विद्युत धारा उसके शरीर में रक्त की जगह बहती है।यह विद्युत शक्ति ही उसे चलने, काम करने और सोचने (कंप्यूटर द्वारा) के लिए आवश्यक ऊर्जा प्रदान करती है।
III. ‘यंत्र मानव’ पाठ का सारांश लिखिए।
उत्तर – यंत्र मानव (रोबोट) खुद को संचालित करता है कि उसका शरीर लोहा, इस्पात और प्लास्टिक से बना है, लेकिन वह मनुष्य जैसे चलता, कूदता, काम करता है। उसमें विद्युत धारा रक्त की तरह बहती है, कंप्यूटर मस्तिष्क है, कैमरे आँखें, माइक्रोफोन कान और लाउडस्पीकर मुँह। वह बिना थके, भूखे-प्यासे 20-25 मजदूरों जितना काम करता है। आग बुझाने, चंद्रमा-मंगल पर मिट्टी लाने जैसे खतरनाक काम करता है। गंध नहीं सूँघ सकता, लेकिन मनुष्य की खोज है और कंप्यूटर से नियंत्रित होकर अनुपस्थिति में भी सारा काम करता है।
बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर
यंत्र मानव का शरीर किससे बना है?
a) हड्डी-मांस
b) लोहा-इस्पात और प्लास्टिक
c) लकड़ी
d) कागज
उत्तर – b (लोहा-इस्पात और प्लास्टिक से बना है।)
यंत्र मानव में रक्त की जगह क्या बहता है?
a) पानी
b) विद्युत धारा
c) तेल
d) हवा
उत्तर – b (तारों में विद्युत धारा बहती है।)
यंत्र मानव का मस्तिष्क क्या है?
a) हृदय
b) कंप्यूटर
c) लीवर
d) फेफड़े
उत्तर – b (मेरा मस्तिष्क कंप्यूटर है।)
देखने के लिए यंत्र मानव में क्या लगा है?
a) चश्मा
b) कैमरे
c) दूरबीन
d) लेंस
उत्तर – b (शरीर में कैमरे लगे हैं।)
सुनने का काम यंत्र मानव में क्या करता है?
a) लाउडस्पीकर
b) माईक्रोफोन
c) स्पर्श संवेदी
d) कंप्यूटर
उत्तर – b (माईक्रोफोन सुनने का काम करता है।)
बोलने का काम यंत्र मानव में क्या करता है?
a) माईक्रोफोन
b) लाउडस्पीकर
c) कैमरा
d) तार
उत्तर – b (लाउडस्पीकर बोलने का काम करता है।)
यंत्र मानव कितने मजदूरों के बराबर काम कर सकता है?
a) 5-10
b) 20-25
c) 50
d) 100
उत्तर – b (अकेला बीस-पच्चीस मज़दूरों के बराबर।)
आग लगने पर यंत्र मानव क्या कर सकता है?
a) भाग जाता है
b) बिना डरे आग बुझाने प्रवेश करता है
c) सो जाता है
d) रोता है
उत्तर – b (बिना डरे और घबराए आग बुझाने।)
यंत्र मानव ने चंद्रमा की सतह पर क्या किया?
a) झंडा गाड़ा
b) मिट्टी खोदकर लाया
c) पानी ढूंढा
d) घर बनाया
उत्तर – b (चंद्रमा की सतह पर जाकर मिट्टी लाया।)
मंगल ग्रह की मिट्टी का रंग क्या बताया गया है?
a) नीला
b) हरा
c) लाल
d) सफेद
उत्तर – c (लाल मिट्टी भी लाया था।)
यंत्र मानव क्या अनुभव नहीं कर सकता?
a) देखना
b) सुनना
c) गंध
d) छूना
उत्तर – c (मैं सिर्फ़ गंध का अनुभव नहीं कर सकता।)
यंत्र मानव किसकी खोज है?
a) जानवरों की
b) मनुष्य की
c) देवताओं की
d) प्रकृति की
उत्तर – b (मैं तुम्हारा ही खोज हूँ।)
यंत्र मानव को काम का आदेश कैसे दिया जाता है?
a) चिट्ठी से
b) कंप्यूटर द्वारा
c) फोन से
d) आवाज से
उत्तर – b (कंप्यूटर द्वारा मुझे आदेश दे दो।)
यंत्र मानव बिना क्या काम कर सकता है?
a) भूखा-प्यासा, थके-ऊबे
b) सोए
c) रोए
d) खाए
उत्तर – a (बिना कुछ खाये-पिये, बिना थके।)
यंत्र मानव के अंग कैसे काम करते हैं?
a) अलग-अलग
b) तुम्हारी तरह
c) धीरे
d) तेज
उत्तर – b (तुम्हारी ही तरह काम करते हैं।)
यंत्र मानव क्या फिट कर सकता है?
a) कपड़े
b) मशीन के पुर्जे
c) किताबें
d) फूल
उत्तर – b (मशीन के पुर्जे फ़िट कर सकता हूँ।)
यंत्र मानव के शरीर में क्या बिछा है?
a) नसें
b) तारों का जाल
c) रस्सी
d) कपड़ा
उत्तर – b (तारों का जाल बिछा हुआ है।)
छूने का बोध यंत्र मानव को कैसे होता है?
a) आँखों से
b) स्पर्श संवेदियों द्वारा
c) नाक से
d) कान से
उत्तर – b (विशेष प्रकार के स्पर्श संवेद्रियों द्वारा।)
यंत्र मानव किसकी गैरहाजिरी में काम करता है?
a) मशीन की
b) तुम्हारी
c) जानवरों की
d) पेड़ों की
उत्तर – b (तुम्हारी गैरहाज़िरी में।)
यंत्र मानव क्या उठा सकता है?
a) किताब
b) बोझा
c) फूल
d) पानी
उत्तर – b (बोझा उठा सकता हूँ।)
अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
- प्रश्न – “यंत्र मानव” का शरीर किन पदार्थों से बना है?
उत्तर – यंत्र मानव का शरीर हाड-माँस का नहीं, बल्कि लोहा, इस्पात और प्लास्टिक से बना है। - प्रश्न – क्या यंत्र मानव के भी हाथ-पैर और अँगुलियाँ होती हैं?
उत्तर – हाँ, यंत्र मानव के भी टाँग, भुजा और अँगुलियाँ होती हैं, जो धातु से बनी होती हैं। - प्रश्न – यंत्र मानव के शरीर में रक्त की जगह क्या बहता है?
उत्तर – यंत्र मानव के शरीर में रक्त की जगह विद्युत धारा बहती है। - प्रश्न – यंत्र मानव को काम करने की शक्ति कहाँ से मिलती है?
उत्तर – यंत्र मानव को काम करने की शक्ति विद्युत धारा से मिलती है। - प्रश्न – यंत्र मानव का मस्तिष्क किससे बना है?
उत्तर – यंत्र मानव का मस्तिष्क कंप्यूटर से बना है। - प्रश्न – यंत्र मानव को देखने की क्षमता कैसे मिलती है?
उत्तर – यंत्र मानव के शरीर में लगे कैमरे उसे देखने की क्षमता देते हैं। - प्रश्न – यंत्र मानव सुनने का काम कैसे करता है?
उत्तर – यंत्र मानव के शरीर में लगा माइक्रोफोन सुनने का काम करता है। - प्रश्न – यंत्र मानव बोलने का काम किससे करता है?
उत्तर – यंत्र मानव के शरीर में लगा लाउडस्पीकर बोलने का काम करता है। - प्रश्न – यंत्र मानव को छूने का बोध कैसे होता है?
उत्तर – यंत्र मानव को छूने का बोध विशेष प्रकार के स्पर्श-संवेद्रियों द्वारा होता है। - प्रश्न – यंत्र मानव कितने मज़दूरों के बराबर काम कर सकता है?
उत्तर – यंत्र मानव बीस-पच्चीस मज़दूरों के बराबर काम कर सकता है। - प्रश्न – क्या यंत्र मानव को भूख-प्यास लगती है?
उत्तर – नहीं, यंत्र मानव को भूख-प्यास नहीं लगती। - प्रश्न – क्या यंत्र मानव थकता या ऊबता है?
उत्तर – नहीं, यंत्र मानव न तो थकता है और न ही ऊबता है। - प्रश्न – आग लगने पर यंत्र मानव क्या कर सकता है?
उत्तर – आग लगने पर यंत्र मानव बिना डरे भवन में प्रवेश करके आग बुझा सकता है और लोगों की जान बचा सकता है। - प्रश्न – चंद्रमा की सतह पर सबसे पहले कौन गया था?
उत्तर – सबसे पहले यंत्र मानव चंद्रमा की सतह पर गया था। - प्रश्न – यंत्र मानव ने चंद्रमा पर जाकर क्या किया था?
उत्तर – यंत्र मानव ने चंद्रमा की मिट्टी खोदकर पृथ्वी पर लाकर दी थी। - प्रश्न – मंगल ग्रह की लाल मिट्टी कौन लाया था?
उत्तर – मंगल ग्रह की लाल मिट्टी भी यंत्र मानव ही लाया था। - प्रश्न – यंत्र मानव कौन-सी इंद्रिय का अनुभव नहीं कर सकता?
उत्तर – यंत्र मानव गंध (सुगंध या दुर्गंध) का अनुभव नहीं कर सकता। - प्रश्न – यंत्र मानव को किसने बनाया है?
उत्तर – यंत्र मानव को मनुष्य ने अपनी खोज और बुद्धि से बनाया है। - प्रश्न – मनुष्य यंत्र मानव को काम करने का आदेश कैसे देता है?
उत्तर – मनुष्य अपने कंप्यूटर द्वारा यंत्र मानव को काम करने का आदेश देता है। - प्रश्न – “यंत्र मानव” पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर – “यंत्र मानव” पाठ से हमें यह शिक्षा मिलती है कि विज्ञान की प्रगति से मनुष्य ने अद्भुत यंत्र बनाए हैं जो उसके जीवन को सरल बनाते हैं, परंतु वे मानवीय संवेदनाओं से रहित हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
- प्रश्न – यंत्र मानव का शरीर किस प्रकार मनुष्य के शरीर से भिन्न है?
उत्तर – यंत्र मानव का शरीर हाड़-माँस का नहीं, बल्कि लोहा, इस्पात और प्लास्टिक जैसी धातुओं से बना है। इसके अंग जैसे टाँग, भुजा और अँगुलियाँ भी धातुओं से बने हैं, जबकि मनुष्य का शरीर जैविक होता है।
- प्रश्न – यंत्र मानव को काम करने की शक्ति कैसे प्राप्त होती है?
उत्तर – यंत्र मानव के शरीर में तारों का जाल बिछा होता है। इसमें रक्त की जगह विद्युत धारा बहती है। यह विद्युत धारा ही यंत्र मानव को सभी कार्य करने के लिए आवश्यक ऊर्जा और शक्ति प्रदान करती है।
- प्रश्न – यंत्र मानव के मस्तिष्क के रूप में कौन सा यंत्र काम करता है?
उत्तर – यंत्र मानव के पास मनुष्य जैसा जैविक मस्तिष्क नहीं होता। उसका मस्तिष्क एक कंप्यूटर होता है, जिसके आदेशों के अनुसार ही वह सोचता है और अपने सभी कार्य को संचालित करता है।
- प्रश्न – यंत्र मानव के सुनने और बोलने का कार्य कौन से उपकरण करते हैं?
उत्तर – यंत्र मानव के शरीर में लगा माईक्रोफोन ही सुनने का काम करता है। वहीं, उसके शरीर में लगा लाउड़स्पीकर ही बोलने का काम करता है, जिससे वह संदेश या निर्देश संप्रेषित कर पाता है।
- प्रश्न – यंत्र मानव भूखा-प्यासा रहकर क्या काम कर सकता है?
उत्तर – यंत्र मानव को भोजन या पानी की आवश्यकता नहीं होती। वह बिना थके, बिना ऊबे, सर्दी या गरमी में भी अकेला ही बीस-पच्चीस मज़दूरों के बराबर लगातार काम करने में सक्षम होता है।
- प्रश्न – यंत्र मानव में दृष्टि (देखने) और स्पर्श (छूने) का बोध किन उपकरणों द्वारा होता है?
उत्तर – यंत्र मानव के पास आँखें नहीं होतीं, बल्कि उसके शरीर में कैमरे लगे होते हैं जो देखने का काम करते हैं। छूने का बोध उसे विशेष प्रकार की स्पर्श संवेद्रियों (सेंसरों) द्वारा होता है।
- प्रश्न – यंत्र मानव ने अंतरिक्ष संबंधी कौन-कौन से महत्त्वपूर्ण कार्य किए हैं?
उत्तर – यंत्र मानव ने अंतरिक्ष संबंधी महत्त्वपूर्ण कार्य किए हैं। वह मनुष्य से पहले चंद्रमा की सतह पर जाकर वहाँ की मिट्टी खोदकर लाया था। इसी प्रकार, वह मंगल ग्रह की सतह पर जाकर वहाँ की लाल मिट्टी भी लाया था।
- प्रश्न – मनुष्य घर बैठे यंत्र मानव को कैसे नियंत्रित कर सकता है?
उत्तर – मनुष्य अपने कंप्यूटर द्वारा घर बैठे ही यंत्र मानव को काम करने का आदेश दे सकता है। इस प्रकार, मनुष्य की गैरहाज़िरी में भी यंत्र मानव उसके सभी कार्यों को कुशलतापूर्वक पूरा कर सकता है।
- प्रश्न – यंत्र मानव की कार्यक्षमता की तुलना मज़दूरों से क्यों की गई है?
उत्तर – यंत्र मानव की कार्यक्षमता इतनी अधिक है कि वह भूखा-प्यासा और बिना थके लगातार काम कर सकता है। इसी कारण उसकी तुलना बीस-पच्चीस सामान्य मज़दूरों से की गई है, क्योंकि वह अकेले ही इतना उत्पादन कर सकता है।
- प्रश्न – आग लगने पर यंत्र मानव किस प्रकार की भूमिका निभा सकता है?
उत्तर – यदि किसी भवन में आग लग जाए, तो यंत्र मानव बिना डरे और घबराए आग बुझाने के लिए भवन में प्रवेश कर सकता है। वहाँ फँसे हुए लोगों की जान बचाना भी उसके महत्त्वपूर्ण कार्यों में शामिल है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
- प्रश्न – यंत्र मानव के शरीर की आंतरिक संरचना और शक्ति के स्रोत का वर्णन कीजिए।
उत्तर – यंत्र मानव का शरीर लोहा-इस्पात और प्लास्टिक से बना है। इसके अंदर तारों का जटिल जाल बिछा हुआ है। इस जाल में रक्त की जगह विद्युत धारा बहती है, जो उसे शक्ति प्रदान करती है। यह विद्युत शक्ति उसके कंप्यूटर मस्तिष्क को आदेश देने, उसके अंगों को चलाने और उसे बिना थके लगातार काम करने में सक्षम बनाती है।
- प्रश्न – यंत्र मानव अपने ज्ञानेंद्रियों (Sense Organs) का कार्य किस प्रकार करता है?
उत्तर – यंत्र मानव अपनी ज्ञानेंद्रियों का कार्य विशेष उपकरणों द्वारा करता है। कैमरे उसके लिए आँख का कार्य करते हैं, जबकि माईक्रोफोन सुनने का कार्य करता है। बोलने का काम लाउड़स्पीकर करता है, और छूने का बोध विशेष प्रकार की स्पर्श संवेद्रियों द्वारा होता है। हालांकि, वह मनुष्य की तरह गंध का अनुभव नहीं कर सकता।
- प्रश्न – यंत्र मानव उन परिस्थितियों में क्या कर सकता है, जहाँ मनुष्य के लिए काम करना कठिन होता है?
उत्तर – यंत्र मानव उन सभी परिस्थितियों में काम कर सकता है जहाँ मनुष्य के लिए कठिनाई या खतरा होता है। वह सर्दी, गरमी या खतरनाक वातावरण में भी बिना थके काम कर सकता है। विशेष रूप से, वह आग लगे भवन में बिना डरे प्रवेश करके बचाव कार्य और लोगों की जान बचाने का महत्त्वपूर्ण कार्य कर सकता है।
- प्रश्न – यंत्र मानव के अंतरिक्ष अनुसंधान में योगदान का उल्लेख कीजिए।
उत्तर – यंत्र मानव ने अंतरिक्ष अनुसंधान में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। मनुष्य के पहुँचने से पहले ही वह चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक गया और वहाँ की मिट्टी खोदकर लाया था। इसी प्रकार, उसने मंगल ग्रह की सतह पर जाकर वहाँ की लाल मिट्टी भी खोजकर प्राप्त की, जिससे अंतरिक्ष विज्ञान को महत्त्वपूर्ण जानकारी मिली।
- प्रश्न – लेखक के अनुसार, मनुष्य अपनी अनुपस्थिति में भी यंत्र मानव का उपयोग किस प्रकार कर सकता है?
उत्तर – लेखक के अनुसार, यंत्र मानव मनुष्य की ही खोज है। मनुष्य घर बैठे ही अपने कंप्यूटर का उपयोग करके यंत्र मानव को काम करने का आदेश दे सकता है। इस प्रकार, मनुष्य की गैरहाज़िरी में भी, यंत्र मानव कंप्यूटर के निर्देशों के अनुसार उसका सारा कार्य कुशलतापूर्वक पूरा कर सकता है।

