पाठ का सारांश
नेता जी सुभाष चंद्र बोस के जीवन और उनके महान कार्यों पर आधारित पाठ ‘जिनके नाममात्र से होता है जोश का संचार’ का सारांश नीचे दिया गया है –
- जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि
सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओडिसा के कटक शहर में हुआ था। उनके पिता जानकीनाथ बोस एक प्रसिद्ध वकील थे और माता प्रभावती जी एक कुलीन परिवार से थीं। सुभाष बाबू मेधावी छात्र थे और उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से बी.ए. ऑनर्स की परीक्षा उत्तीर्ण की। देशभक्ति की भावना इतनी प्रबल थी कि उन्होंने अंग्रेजों की प्रतिष्ठित आई.सी.एस. (ICS) की नौकरी का त्याग कर दिया।
- राजनीतिक जीवन और क्रांतिकारी विचार
देशभक्त चितरंजन दास की प्रेरणा से वे राजनीति में आए। वे गांधी जी के असहयोग आंदोलन में शामिल हुए और जेल भी गए। वे केवल राजनीतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि देश का सर्वांगीण विकास चाहते थे। उन्होंने जातिप्रथा का विरोध किया और किसान-मजदूरों को संगठित किया। वे युवाओं को शारीरिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के पक्षधर थे।
- महिला सशक्तिकरण और समाज सुधार
नेता जी का मानना था कि नारी के शिक्षित होने से पूरा समाज शिक्षित होगा। उन्होंने महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए आज़ाद हिंद फ़ौज में ‘रानी झाँसी रेजीमेंट’ बनाई। वे समाज से अंधविश्वासों और कुप्रथाओं को मिटाकर महिलाओं को राष्ट्र निर्माण में बराबरी की भागीदारी देना चाहते थे।
- आज़ाद हिंद फ़ौज और संघर्ष
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने जापान के सहयोग से ‘आज़ाद हिंद फ़ौज’ का गठन किया। उनके प्रसिद्ध नारे –
- ‘जय हिंद’ (भारत का राष्ट्रीय नारा)
- ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा’
- ‘दिल्ली चलो’
उन्होंने सिंगापुर में स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार बनाई और कोहिमा, इंफाल व बर्मा के मोर्चों पर ब्रिटिश सेना से कड़ा मुकाबला किया।
- नेता जी का स्वप्न और शहादत
नेता जी भारत को फिर से ‘विश्व गुरु’ बनाने का स्वप्न देखते थे। वे पूर्ण स्वराज्य के पक्षधर थे। उनकी मृत्यु आज भी एक विवाद का विषय है, लेकिन जापान में 18 अगस्त को उनका शहीद दिवस मनाया जाता है।
- वर्तमान प्रासंगिकता और सम्मान
- भारत सरकार ने उनकी 125वीं जयंती (2021) से प्रतिवर्ष 23 जनवरी को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
- वर्ष 2018 में आज़ाद हिंद फ़ौज के 75 वर्ष पूरे होने पर लाल किले पर तिरंगा फहराकर उन्हें सम्मान दिया गया।
मुख्य संदेश (Moral Value) –
यह पाठ हमें देशप्रेम, आत्म-त्याग, बलिदान और समाज के उत्थान के लिए महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रेरणा देता है। नेता जी का जीवन सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहना चाहिए।
कठिन शब्दार्थ
1 प्रेसिडेंसी – शासन क्षेत्र Presidency
2 प्रसिद्ध – मशहूर Famous / Renowned
3 विधानसभा – व्यवस्थापिका सभा Legislative Assembly
4 खिताब – उपाधि / सम्मान Title / Honor
5 कुलीन – अच्छे खानदान का Noble / Aristocratic
6 उत्तीर्ण – पास होना Passed / Qualified
7 कथनी – जो कहा जाए Speech / What is said
8 करनी – जो किया जाए Deeds / Actions
9 व्यक्तित्व – शख्सियत Personality
10 लुभाता – आकर्षित करना To attract / Fascinate
11 युगपुरुष – महान व्यक्ति Great man of the era
12 निःस्वार्थ – स्वार्थ रहित Selfless
13 त्याग – छोड़ देना Sacrifice / Renunciation
14 प्रेरणा – उत्साह बढ़ाना Inspiration
15 असहयोग – साथ न देना Non-cooperation
16 तत्कालीन – उस समय के Contemporary / Of that time
17 परिस्थितियों – हालात Circumstances / Situations
18 शक्तिशाली – बलवान Powerful / Strong
19 सर्वांगीण – चहुँमुखी / सब तरफ से All-round / Comprehensive
20 विशुद्ध – एकदम शुद्ध Pure / Absolute
21 स्वप्न – सपना Dream
22 संगठित – एक साथ जोड़ना Organized / United
23 स्वयंसेवक – अपनी इच्छा से सेवा करने वाला Volunteer
24 बहिष्कार – त्याग करना / मना करना Boycott / Exclusion
25 सर्वोच्च – सबसे ऊँचा Supreme / Highest
26 प्राथमिकता – पहला स्थान Priority
27 समझौता – मेल-मिलाप Agreement / Treaty
28 संपन्नता – खुशहाली Prosperity
29 प्रबल – बहुत तेज / शक्तिशाली Strong / Intense
30 नेतृत्व – अगुवाई करना Leadership
31 सशक्त – मज़बूत Empowered / Strong
32 दायित्व – ज़िम्मेदारी Responsibility / Obligation
33 बोध – ज्ञान / समझ Awareness / Perception
34 सांस्कृतिक – संस्कृति संबंधी Cultural
35 सजग – सावधान Alert / Vigilant
36 रेजीमेंट – सेना की टुकड़ी Regiment
37 भागीदारी – हिस्सा लेना Participation / Involvement
38 कुप्रथाओं – बुरी रीतियाँ Evil customs / Malpractices
39 अंधविश्वासों – बिना तर्क के विश्वास Superstitions
40 जागरूक – सचेत Aware / Conscious
41 स्वावलंबी – आत्मनिर्भर Self-reliant
42 अग्रणी – सबसे आगे रहने वाला Leading / Pioneer
43 सेनानी – सैनिक / योद्धा Warrior / Soldier
44 गठन – निर्माण Formation / Organization
45 राष्ट्रीय नारा – देश का मुख्य जयघोष National Slogan
46 प्रचलन – रिवाज / चलन Vogue / Common use
47 संबोधित – पुकारना / भाषण देना Addressed
48 मोर्चा – लड़ाई का स्थान Front / Battleground
49 हैसियत – पद / सामर्थ्य Status / Capacity
50 अस्थायी – जो पक्का न हो Temporary / Provisional
51 आक्रमण – हमला Attack / Invasion
52 मुक्त – आजाद Free / Liberated
53 प्रदेशों – राज्यों / इलाकों Provinces / Territories
54 भयंकर – डरावना / खतरनाक Fierce / Terrible
55 प्रेरणास्रोत – उत्साह देने वाला Source of inspiration
56 जोश – उत्साह Zeal / Enthusiasm
57 संचार – फैलाव / बहाव Transmission / Flow
58 निर्विवाद – जिस पर कोई शक न हो Uncontested / Unchallenged
59 स्मरण – याद करना Remembrance / Recall
60 पक्षधर – समर्थन करने वाला Supporter / Proponent
61 विश्व गुरु – दुनिया का शिक्षक World Teacher / Universal Mentor
62 निहित – छिपा हुआ / शामिल Inherent / Contained
63 नींव – आधार Foundation
64 महाशक्ति – बहुत ताकतवर Superpower
65 महानायक – महान नायक Superhero / Great hero
66 पवित्र – साफ / पावन Pure / Sacred
67 विवाद – झगड़ा / बहस Controversy / Dispute
68 शहीद दिवस – बलिदान का दिन Martyr’s Day
69 पराक्रम – वीरता Valor / Bravery
70 निर्णय – फैसला Decision
71 प्रासंगिक – आज के समय में उचित Relevant
72 भागीदारी – साझीदारी Partnership
73 नौजवानों – युवाओं Youth
74 अनुशासन – नियम का पालन Discipline
75 विशुद्ध – साफ़-सुथरा Pure / Unadulterated
76 सर्वोच्च – सर्वोपरि Supreme / Paramount
77 सशक्त – सामर्थ्यवान Powerful / Empowered
78 अग्रणी – नायक Leader / Forerunner
79 प्रचलन – व्यवहार में आना Practice / Prevalent
80 नारा – जयघोष Slogan
विशेष जानकारी
‘रानी झाँसी रेजीमेंट – नेता जी ने महिलाओं की वीरता को सम्मानित करने के लिए आज़ाद हिंद फ़ौज में ‘रानी झाँसी रेजीमेंट’ बनाई थी, जो उस समय दुनिया की पहली महिला युद्ध इकाइयों में से एक थी।
गांधी इरविन समझौता- 5 मार्च 1931 को महात्मा गांधी और लॉर्ड इरविन के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत दांडी मार्च के कैदियों को रिहा किया गया। इस समझौते के बाद ही भारतीयों को फिर से नमक बनाने का हक मिला। शराब और विदेशी कपड़ों की दुकानों के सामने धरना देने की आज़ादी मिली।
राष्ट्रमंडल देश- राष्ट्रमंडल के 56 सदस्य हैं। इनमें सभी लगभग ब्रिटिश राज्य के पूर्व क्षेत्र हैं। सदस्य राष्ट्रों का एक दूसरे के प्रति कोई कानूनी दायित्व नहीं है। लोकतंत्र, मानवाधिकारों और विधि-शासन के उनके घोषित साझा मूल्य है।
मौखिक – 1. उच्चारण कीजिए –
ब्रिटिश, सदस्य, विश्वविद्यालय, ऑनर्स, व्यक्तित्व, निःस्वार्थ, आंदोलन, तत्कालीन, परिस्थितियों, सर्वा स्वप्न, बहिष्कार, सर्वोच्च, नेतृत्व, राष्ट्र, संपन्नता, नेतृत्व, संघर्ष, आर्थिक, दायित्व, सांस्कृतिक महत्त्वपू क्षेत्र, स्वावलंबी, अग्रणी, संग्राम, मोर्चा, आक्रमण, प्रेरणास्रोत, निर्विवाद, स्मरण, स्वराज्य, पक्षधार, पराक्रम
ब्रिटिश – Bri-tish
आर्थिक – Aar-thik
सदस्य – Sa-das-ya
दायित्व – Daa-yit-va
विश्वविद्यालय – Vish-va-vid-yaa-lay
सांस्कृतिक – Saans-kri-tik
ऑनर्स – Au-nars
क्षेत्र – Kshait-ra
व्यक्तित्व – Vyak-ti-tva
स्वावलंबी – Swaa-va-lam-bee
निःस्वार्थ – Nih-swarth
अग्रणी – Ag-ra-nee
आंदोलन – Aan-do-lan
संग्राम – San-graam
तत्कालीन – Tat-kaa-leen
मोर्चा – Mor-chaa
परिस्थितियों – Pa-ris-thi-ti-yon
आक्रमण – Aa-kra-man
सर्वांगीण – Sar-vaan-geen
प्रेरणास्रोत – Pray-ra-naa-srot
स्वप्न – Swap-na
निर्विवाद – Nir-vi-vaad
बहिष्कार – Ba-hish-kaar
स्मरण – Sma-ran
सर्वोच्च – Sar-voch-cha
स्वराज्य – Swa-raaj-ya
नेतृत्व – Nai-trit-va
पक्षधर – Paksh-dhar
राष्ट्र – Raash-tra
पराक्रम – Pa-raa-kram
संपन्नता – Sam-pan-na-taa
संघर्ष – San-gharsh
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर बताइए-
(क) सुभाष चंद्र बोस के माता-पिता के विषय में आप क्या जानते हैं?
उत्तर – सुभाष चंद्र बोस के पिता जानकीनाथ बोस कटक के प्रसिद्ध वकील और बंगाल विधानसभा के सदस्य थे। अंग्रेज़ सरकार ने उन्हें ‘रायबहादुर’ का खिताब दिया था। उनकी माता प्रभावती जी कलकत्ता के कुलीन दत्त परिवार की पुत्री थीं।
(ख) नेता जी के किस कार्य से पता चलता है कि वे महिलाओं की भागीदारी महत्त्वपूर्ण मानते थे?
उत्तर – नेता जी द्वारा आज़ाद हिंद फौज़ में महिलाओं के लिए ‘दि रानी ऑफ़ झाँसी रेजीमेंट’ का गठन करना यह स्पष्ट करता है कि वे देश की स्वतंत्रता में महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य मानते थे।
(ग) सुभाष चंद्र बोस ने देश को कौन-कौन से नारे दिए?
उत्तर – नेता जी ने देश को ‘जय हिंद’, ‘दिल्ली चलो’ और ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा’ जैसे प्रभावशाली नारे दिए।
(घ) नेता जी द्वारा दिए गए नारे ‘जय हिंद’ का क्या अर्थ है?
उत्तर – ‘जय हिंद’ का अर्थ है— ‘हिंदुस्तान की जय हो’ या हर मोर्चे पर भारत की विजय हो। यह नारा आज भारत का राष्ट्रीय नारा बन चुका है।
(ङ) भारत ने पराक्रम दिवस कब और क्यों मनाने का निश्चय किया है?
उत्तर – भारत सरकार ने वर्ष 2021 में नेता जी की 125वीं जयंती के अवसर पर, उनकी अदम्य भावना और राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ सेवा को सम्मानित करने के लिए प्रतिवर्ष 23 जनवरी को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
लिखित
1. सही विकल्प पर ✓ लगाइए–
(क) सुभाष चंद्र बोस का कैसा व्यक्तित्व सभी को लुभाता था?
(i) कुलीन परिवार में जन्म लेने वाला
(ii) कथनी और करनी में भेद न करने वाला ✓
(iii) बी. ए. ऑनर्स की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाला
(iv) अंग्रेज़ों की नौकरी छोड़ देने वाला
(ख) सुभाष चंद्र बोस युवाओं को किस दायित्व का बोध कराना चाहते थे?
(i) सबको साथ लेकर चलने के दायित्व का
(ii) महिलाओं की भागीदारी के दायित्व का
(iii) सामाजिक और आर्थिक दायित्व का ✓
(iv) सजग रहने की भावना के दायित्व का
(ग) संस्कृति और संस्कारों से जुड़ी उनकी सोच में क्या स्वप्न निहित था?
(i) पूर्ण स्वराज्य का
(ii) हर मोर्चे पर विजय का
(iii) भारत को विश्वगुरु बनाने का ✓
(iv) देश के सर्वांगीण विकास का
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
(क) सुभाष चंद्र बोस ने देश के सर्वांगीण विकास के लिए क्या प्रयत्न किए?
उत्तर – नेता जी ने किसान-मज़दूरों को संगठित किया, नौजवानों में कठोर अनुशासन भरा और जातिप्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों के बहिष्कार पर बल दिया।
(ख) महिलाओं के प्रति सुभाष चंद्र बोस के क्या विचार थे?
उत्तर – उनका मानना था कि नारी के शिक्षित होने से परिवार और समाज शिक्षित होगा। वे महिलाओं को स्वावलंबी और मज़बूत बनाकर देश की मुख्यधारा से जोड़ना चाहते थे।
(ग) सन 1943-44 के बीच नेता जी ने देश को स्वतंत्र कराने के क्या-क्या प्रयत्न किए?
उत्तर – उन्होंने सिंगापुर में ‘आज़ाद हिंद फौज़’ का गठन किया, स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार बनाई और बर्मा, इंफाल व कोहिमा के मोर्चों पर ब्रिटिश सेना से भयंकर युद्ध किया।
(घ) नेता जी को निर्विवाद सेनानी के रूप में क्यों स्मरण किया जाता है?
उत्तर – उन्हें निर्विवाद सेनानी इसलिए कहा जाता है क्योंकि उनका पूरा जीवन बिना किसी स्वार्थ के केवल राष्ट्र की ‘पूर्ण स्वतंत्रता’ के प्रति समर्पित था। उनके नेतृत्व पर कभी किसी ने संदेह नहीं किया।
(ङ) सुभाष चंद्र बोस ने भारत को विश्व रूपी भवन की नींव का पत्थर क्यों कहा है?
उत्तर – नेता जी का मानना था कि भारत विश्वरूपी भवन की नींव का पत्थर है, क्योंकि भारतीय संस्कृति और संस्कारों की मज़बूत नींव पर खड़े रहकर ही पूरा विश्व तरक्की कर सकता है।
अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न
निम्नलिखित पंक्तियों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
उन्होंने कहा था- राष्ट्र की एकता और संपन्नता के साथ स्वतंत्रता की प्रबल माँग ज़रूरी है। सबको साथ लेकर चलने और नेतृत्व करने के गुणों के कारण सुभाष चंद्र के नाम के साथ ‘नेता जी’ जोड़ा जाने लगा। वे जो कहते थे, उसे करके ही रहते थे। वे युवाओं को उस संघर्ष के लिए तैयार करना चाहते थे, जो भविष्य में उनके सामने आने वाला है। नेता जी युवाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही उनमें सामाजिक और आर्थिक रूप से दायित्व का बोध भी जगाना चाहते थे। शारीरिक और सांस्कृतिक रूप से सजग रहने की भावना युवाओं में जागे- ऐसा उनका विचार था।
(क) नेता जी ने किस माँग की प्रबल ज़रूरत बताई है?
उत्तर – नेता जी ने राष्ट्र की एकता और संपन्नता के साथ स्वतंत्रता की प्रबल माँग की ज़रूरत बताई है।
(ख) सुभाष चंद्र बोस के नाम के आगे ‘नेता जी’ क्यों जोड़ा जाने लगा?
उत्तर – उनके सबको साथ लेकर चलने और अद्भुत नेतृत्व क्षमता के कारण सुभाष चंद्र बोस के नाम के आगे ‘नेता जी’ जोड़ा जाने लगा।
(ग) नेता जी युवाओं को किस रूप से सशक्त बनाना चाहते थे?
उत्तर – नेता जी युवाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना चाहते थे।
(घ) नेता जी युवाओं में किस भावना को जगाना चाहते थे?
उत्तर – नेता जी युवाओं में शारीरिक और सांस्कृतिक रूप से सजग रहने की भावना को जगाना चाहते थे।
(ङ) निम्नलिखित शब्दों के विलोम रूप लिखिए-
सशक्त X अशक्त
स्वतंत्रता X परतंत्रता
जीवन मूल्यपरक प्रश्न
आज के युवा नेता जी से क्या शिक्षा ले सकते हैं?
उत्तर – आज के युवा नेता जी से निस्वार्थ देशप्रेम, कठोर अनुशासन, कथनी और करनी में समानता तथा विपरीत परिस्थितियों में साहस न खोने की शिक्षा ले सकते हैं।
भाषा ज्ञान
- सही विकल्प पर ✓ लगाइए–
(क) ‘किसान-मज़दूरों’ समास का विग्रह क्या होगा?
(i) किसानों के मज़दूर
(ii) किसानों के लिए मज़दूर
(iii) किसान और मज़दूर ✓
(iv) मज़दूर बने किसान
(ख) ‘अंधविश्वास’ शब्द का क्या अर्थ है?
(i) आधा किया गया विश्वास
(ii) बिना सोचे-समझे किया गया विश्वास ✓
(iii) जिस विश्वास पर ध्यान न दें
(iv) सभी के द्वारा माना गया विश्वास
(ग) ‘निर्विवाद’ शब्द से उपसर्ग और मूल अलग करके लिखिए-
(i) र्नि + विवाद
(iii) निर् + विवाद ✓
(ii) निरवि + वाद
(iv) निरविवा + द
- जानें- वाच्य क्रिया का वह रूप है जिससे पता चलता है कि क्रिया का मुख्य विषय कर्ता है अथवा कर्म। इस आधार पर वाच्य दो प्रकार के होते हैं-
(क) कर्तृवाच्य- जहाँ क्रिया का संबंध वाक्य में कर्ता से होता है और क्रिया का लिंग और वचन भी कर्ता के समान होता है वहाँ कर्तृवाच्य होता है; जैसे-
अध्यापक परीक्षाफल घोषित करते हैं।
कबूतर दाना चुगते हैं।
छात्र चित्र बनाते हैं।
अनुराग पुस्तकें पढ़ता है।
(ख) कर्मवाच्य- जहाँ क्रिया का संबंध वाक्य में आए कर्म से होता है और क्रिया का लिंग तथा वचन कर्म के अनुसार होता है वहाँ कर्म वाच्य होता है; जैसे-
अध्यापक द्वारा परीक्षाफल घोषित किया जाता है।
कबूतरों द्वारा दाना चुगा जाता है।
छात्रों द्वारा चित्र बनाया जाता है।
अनुराग द्वारा पुस्तकें पढ़ी जाती हैं।
दिए गए वाक्यों को उदाहरण के अनुसार बदल कर लिखिए-
सुभाष चंद्र ने बी. ए. ऑनर्स की परीक्षा उत्तीर्ण की।
सुभाष चंद्र द्वारा बी. ए. ऑनर्स की परीक्षा उत्तीर्ण की गई।
(क) गांधी जी के असहयोग आंदोलन में भाग लेकर वे जेल गए।
गांधी जी के असहयोग आंदोलन में भाग लेकर उनके द्वारा जेल जाया गया।
(ख) उन्होंने इरविन – गांधी समझौते का विरोध किया।
उनके द्वारा इरविन-गांधी समझौते का विरोध किया गया।
(ग) वे जो कहते थे उसे करके ही रहते थे।
वे जो कहते थे, उनके द्वारा वह किया ही जाता था।
(घ) इन्होंने आज़ाद हिंद फौज का गठन किया।
उनके द्वारा आज़ाद हिंद फौज़ का गठन किया गया।
(ङ) नेता जी ने स्वतंत्र भारत की अस्थाई सरकार बनाई।
नेता जी द्वारा स्वतंत्र भारत की अस्थाई सरकार बनाई गई।
- निम्नलिखित अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए-
(क) जो सबसे ऊँचा है सर्वोच्च
(ख) देश के प्रति भक्ति रखने वाला देशभक्त
(ग) किसी के पक्ष में होना पक्षधर
(घ) बिना किसी स्वार्थ के निस्वार्थ
(ङ) संस्कृति से संबंधित सांस्कृतिक
- निम्नलिखित शब्दों के विलोम रूप लिखिए-
(क) निःस्वार्थ X स्वार्थी
(ख) महत्त्वपूर्ण X अमहत्त्वपूर्ण / गौण / नगण्य
(ग) असहयोग X सहयोग
(घ) स्वावलंबी X परावलंबी
(ङ) स्वीकार X अस्वीकार
(च) गुण X दोष
- (क) निम्नलिखित प्रत्ययों का प्रयोग करके नए शब्द बनाइए-
प्रथम + इक – प्राथमिक
समाज + इक – सामाजिक
अर्थ + इक – आर्थिक
शरीर + इक – शारीरिक
संस्कृति + इक – सांस्कृतिक
राजनीति + इक – राजनीतिक
(ख) मूल शब्द और प्रत्यय अलग करके लिखिए-
संगठित – संगठन + इत
संबंधित – संबंध + इत
शिक्षित – शिक्षा + इत
सम्मानित – सम्मान + इत
- निम्नलिखित शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए-
(क) पुत्री – पुत्रियाँ
(ख) नौकरी – नौकरियाँ
(ग) जाति – जातियाँ
(घ) परिस्थिति – परिस्थितियाँ
(ङ) शक्ति – शक्तियाँ
(च) सभा – सभाएँ
(छ) माता – माताएँ
(ज) कुप्रथा – कुप्रथाएँ
(झ) सेना – सेनाएँ
(ञ) भावना – भावनाएँ
रोचक क्रियाकलाप
- 1921 में नेता जी की 125वीं जयंती पर 23 जनवरी को ‘पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। इसे समाचार पत्र में समाचार के रूप में छापने के लिए लिखिए।
उत्तर – केंद्र सरकार का बड़ा निर्णय – अब ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाई जाएगी नेताजी की जयंती
नई दिल्ली – भारत सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर एक बड़ा निर्णय लिया है। अब से प्रतिवर्ष 23 जनवरी को देश भर में ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। यह निर्णय नेताजी की अदम्य भावना और राष्ट्र के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा को सम्मान देने के लिए लिया गया है। इस दिवस का उद्देश्य युवाओं को विपरीत परिस्थितियों में धैर्य रखने और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत होने के लिए प्रेरित करना है। केंद्र सरकार के इस कदम का देश भर के स्वतंत्रता सेनानियों और नागरिकों ने स्वागत किया है।
- नेता जी का कौन सा गुण आपको सबसे अच्छा लगा और क्यों अनुच्छेद के रूप में लिखिए।
उत्तर – मुझे नेता जी का ‘कथनी और करनी में समानता’ का गुण सबसे अच्छा लगा। आज के समय में जहाँ लोग कहते कुछ हैं और करते कुछ और हैं, नेता जी ने वह सब कर दिखाया जो उन्होंने युवाओं से वादा किया था। उन्होंने न केवल नारा दिया कि “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा”, बल्कि स्वयं अपना सर्वस्व देश को अर्पण कर दिया।
- नेता जी द्वारा बनाई गई ‘दि रानी ऑफ़ झाँसी रेजीमेंट’ पर सामग्री एकत्र करके एक पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन बनाइए।
उत्तर – छात्र इसे अपने स्तर पर पूरा करें।
- Integrated project – इतिहास के शिक्षक/शिक्षिका से वार्ता करके स्वतंत्रता संग्राम में नेता जी के योगदान पर जानकारी एकत्र करके पावर पॉइंट प्रोग्राम बनाइए।
उत्तर – छात्र इसे अपने शिक्षक की सहायता से पूरा करें।
गृहकार्य
नेता जी को उनके द्वारा देश को स्वतंत्र कराने के लिए किए गए प्रयत्नों के लिए एक धन्यवाद पत्र लिखिए।
दिनांक – 23.01.20XX
घर संख्या W – 414
टीसीआई, राउरकेला
ओड़िशा
आदरणीय नेता जी,
(सादर चरण स्पर्श!)
मैं भारत का एक नागरिक, आपको यह पत्र आपकी अदम्य वीरता और त्याग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए लिख रहा हूँ। आपने जिस समय अंग्रेज़ों की नौकरी ठुकराकर संघर्ष का मार्ग चुना, उसने देश के हज़ारों युवाओं को एक नई दिशा दी। ‘आज़ाद हिंद फौज़’ का गठन कर आपने सिद्ध कर दिया कि भारतीयों के मन में आज़ादी की ज्वाला कितनी तीव्र है।
आपके द्वारा दिए गए ‘जय हिंद’ के नारे ने हमें एकजुट किया। आज हम एक स्वतंत्र देश में जो सांस ले रहे हैं, उसके पीछे आपके जैसे महानायकों का लहू और बलिदान है। भारत सदैव आपका ऋणी रहेगा।
आपका कृतज्ञ,
एक भारतवासी।

