पाठ का सारांश
यह पाठ नरेंद्र कोहली द्वारा लिखित है, जो सड़क सुरक्षा के नियमों और जीवन में अनुशासन के महत्त्व को एक पारिवारिक घटना के माध्यम से समझाता है।
- बच्चों की अधीरता और बड़ों का अनुशासन –
कहानी की शुरुआत लेखक (एक बालक) की बेचैनी से होती है। उसे अपने मित्र प्रियांक के घर जाना है, लेकिन उसके पापा अपने दफ्तर के काम और कागज़ों में व्यस्त हैं। बालक को लगता है कि बड़े लोग अपनी बात मनवाने के लिए बहुत सारे ‘तर्क’ (Logic) देते हैं, जबकि बच्चों के पास केवल ‘हठ’ (Zid) होती है।
- ड्राइविंग और नियमों की अनदेखी –
जब वे गाड़ी से निकलते हैं, तो लेखक का बड़ा भाई शशांक गाड़ी चलाने की ज़िद करता है। गाड़ी चलाते समय शशांक कई गलतियाँ करता है—जैसे सीधे ‘सेकंड गियर’ में गाड़ी उठाना या खाली सड़क देखकर बहुत तेज़ गाड़ी चलाना। वह अपनी ‘छोटी सुविधा’ के लिए नियमों को दरकिनार करना चाहता है।
- पापा की सीख –
पापा शशांक को हर कदम पर टोकते हैं और उसे जीवन का बड़ा मंत्र देते हैं— “अपनी थोड़ी सी सुविधा के लिए गलत काम नहीं करना चाहिए। छोटी सुविधा भविष्य की किसी बड़ी असुविधा की जननी होती है।” वे समझाते हैं कि गाड़ी उतनी ही तेज़ चलानी चाहिए जितनी नियंत्रण में रहे।
- लाल बत्ती और सिपाही का डर –
एक चौराहे पर लाल बत्ती होने के बावजूद शशांक गाड़ी नहीं रोकता क्योंकि वहाँ कोई पुलिस वाला नहीं था। पापा हैंडब्रेक खींचकर गाड़ी रोक देते हैं और उसे समझाते हैं कि हम लाल बत्ती पर पुलिस के लिए नहीं, बल्कि अपने हित और सुरक्षा के लिए रुकते हैं। नियम सभी की सुविधा के लिए बनाए गए हैं।
- परिणाम और अहसास –
आगे जाकर वे देखते हैं कि जो गाड़ी नियम तोड़कर आगे निकली थी, उसे पुलिस ने पकड़ लिया है और उसका चालान कट रहा है। पापा बताते हैं कि आज चालान हुआ है, पर नियम न मानने से बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी। अंत में लेखक और उसका भाई समझ जाते हैं कि बड़ों के तर्कों में उनकी भलाई छिपी होती है और नियम पालन ही असल बुद्धिमानी है।
मुख्य संदेश –
नियमों का पालन – नियम केवल पुलिस के डर से नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए मानने चाहिए।
अनुशासन – क्षणिक सुख या छोटी सुविधा के चक्कर में बड़ी मुसीबत मोल नहीं लेनी चाहिए।
बड़ों का अनुभव – बड़ों की बातों और उनके तर्कों के पीछे गहरा अनुभव और हमारी सुरक्षा की भावना होती है।
कठिन शब्दार्थ
1 टालमटोल – टालने की कोशिश Procrastination / Evasion
2 तर्क – दलील / वजह Logic / Argument
3 हठ – ज़िद Stubbornness
4 शंकाओं – संदेह / शक Doubts
5 उत्साह – जोश Enthusiasm
6 आपत्ति – एतराज Objection
7 झल्लाकर – चिढ़कर Irritatedly
8 खिसियाना – लज्जित होना To feel embarrassed
9 खीझकर – झुंझलाकर Annoyed
10 रोमांच – उत्साह / सनसनी Thrill / Excitement
11 भुनभुनाकर – बुदबुदाना Grumbling
12 सकपकाना – घबरा जाना To be taken aback
13 गंभीर – शांत और भारी Serious / Solemn
14 तत्परता – तेज़ी / मुस्तैदी Promptness / Readiness
15 विवेक – समझदारी Wisdom / Prudence
16 सुविधा – सहूलियत Convenience
17 असुविधा – परेशानी Inconvenience
18 मुसीबत – संकट Trouble / Calamity
19 अनुकूल – पक्ष में Favorable
20 क्षमता – ताकत / सामर्थ्य Capacity / Ability
21 नियंत्रण – काबू Control
22 परिणामत – – फलस्वरुप Consequently
23 चालान – जुर्माना पर्ची Traffic ticket / Citation
24 हित – भला / फायदा Welfare / Benefit
25 अधिकार – हक Right / Authority
26 दुर्घटना – हादसा Accident
27 व्यर्थ – बेकार Useless
28 पालन – अमल करना Compliance / Following
29 अनिवार्य – बहुत ज़रूरी Mandatory
30 सुरक्षा – बचाव Safety / Security
31 गियर – गति बदलने का यंत्र Gear
32 क्लच – यंत्र जोड़ने का भाग Clutch
33 न्यूट्रल – बिना गियर की स्थिति Neutral
34 एक्सिलेटर – गति बढ़ाने वाला Accelerator
35 स्पीडोमीटर – गति मापक यंत्र Speedometer
36 सिग्नल – संकेत Signal
37 ब्रेक – रोकने का यंत्र Brake
38 वाहन – गाड़ी Vehicle
39 ड्राइवर – चालक Driver
40 चौराहा – जहाँ चार राहें मिलें Intersection / Crossroad
41 समाप्त – खत्म Finish
42 स्मरण – याद Remembrance
43 घिरना – चारों ओर से आना Surrounded
44 विश्वास – भरोसा Trust / Faith
45 दाहिना – सीधा हाथ Right (side)
46 विवाद – झगड़ा / बहस Dispute / Conflict
47 मार्ग – रास्ता Path / Route
48 गति – रफ़्तार Speed
49 आनंद – मज़ा Joy / Pleasure
50 अपेक्षा – तुलना में Comparison / Expectation
51 अँधेरा – तिमिर Darkness
52 सुबह – प्रात – Morning
53 इच्छा – चाहत Wish
54 संसार – दुनिया World
55 स्वयं – खुद Self
56 शौक – रुचि Hobby / Fondness
57 भविष्य – आने वाला समय Future
58 जननी – जन्म देने वाली (माँ) Mother / Originator
59 सहमत – राजी होना Agreed
60 स्पष्ट – साफ़ Clear
61 रिक्त – खाली Empty
62 पहचानो – जानना Recognize
63 सफ़ेद – श्वेत White
64 सिपाही – पुलिसवाला Constable
65 दृश्य – नज़ारा Scene
66 अस्पताल – चिकित्सालय Hospital
67 बिल – भुगतान पत्र Bill
68 चुकाना – अदा करना To pay
69 भलाई – कल्याण Welfare
70 छिपी – गुप्त Hidden
71 चारा – उपाय Option / Remedy
72 अधिकार – प्रभुत्व Authority
73 प्रतीक्षा – इंतज़ार Wait
74 हैंडब्रेक – हाथ वाला ब्रेक Handbrake
75 परेशान – व्याकुल Disturbed
76 आज्ञा – आदेश Command
77 अधीर – बेताब Impatient
78 विवश – मजबूर Helpless
79 प्रयत्न – कोशिश Effort
80 नियम – विधान Rule
मौखिक – 1. उच्चारण कीजिए –
समाप्त, तर्क, इच्छाओं, गढ़े, हठ, विश्वास, गड़बड़, उँगली, उत्साह, आपत्ति, एक्सिलेटर, मार्ग, रोमांच, क्षमता, नियंत्रण, परिणामतः, ध्यान, तत्परता, दुर्घटना, व्यर्थ, काफ़ी, मेज़, फाइलों, कागज़ों, ट्रैफिक, फर्स्ट
समाप्त – Sa-maapt
तत्परता – Tat-par-taa
तर्क – Tark
दुर्घटना – Dur-ghat-naa
इच्छाओं – Ich-chha-on
व्यर्थ – Vyarth
विश्वास – Vish-vaas
ट्रैफिक – Traf-fic
क्षमता – Ksham-taa
गड़बड़ – Gad-bad
नियंत्रण – Ni-yan-tran
गड़्ढे – Gad-dhay
एक्सिलेटर – Ek-si-lay-tar
फाइलों – Fi-lon
ट्रैफिक – Traf-fic
फर्स्ट – Farst
काफ़ी – Kaa-fee
मेज़ – Mayz
कागज़ों – Kaa-ga-zon
फाइलों – Fi-lon
हठ – Hath
परिणामतः – Pa-ri-naam-tah
उँगली – Ung-lee
ध्यान – Dhyaan
उत्साह – Ut-saah
मार्ग – Maarg
आपत्ति – Aa-pat-ti
रोमांच – Ro-maanch
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर बताइए-
(क) पापा किस काम में लगे हुए थे?
उत्तर – पापा अपनी मेज़ पर पत्र लिखने, कागज़ों को फ़ाइलों में लगाने और फोन करने जैसे दफ़्तर के कामों में लगे हुए थे।
(ख) गाड़ी कौन से गियर से स्टार्ट होती है?
उत्तर – गाड़ी हमेशा फ़र्स्ट अर्थात पहले गियर से स्टार्ट होती है।
(ग) भैया ने गाड़ी सेकेंड गियर में स्टार्ट क्यों की?
उत्तर – भैया ने गाड़ी सेकेंड गियर में स्टार्ट की क्योंकि फ़र्स्ट गियर फँस रहा था और वे अपनी सुविधा के लिए मेहनत नहीं करना चाहते थे।
(घ) पापा के अनुसार किसे सड़क पर गाड़ी चलाने का अधिकार नहीं है?
उत्तर – पापा के अनुसार जो व्यक्ति सड़क पर चलने के नियमों का पालन नहीं कर सकता, उसे गाड़ी चलाने का कोई अधिकार नहीं है।
(ङ) लाल बत्ती को अनदेखा कर निकलने वाली गाड़ी के साथ क्या हुआ?
उत्तर – लाल बत्ती को अनदेखा कर निकलने वाली गाड़ी को ट्रैफिक पुलिस के इंस्पेक्टर ने पकड़ लिया और उसका चालान काट दिया।
लिखित
- सही उत्तर पर ✓ लगाइए-
(क) भैया के गाड़ी चलाने पर शशांक मना करता है क्योंकि-
(i) वह खुद गाड़ी चलाना चाहता है।
(ii) भैया गाड़ी धीरे चलाते हैं।
(iii) वह भैया से डरता है।
(iv) वह भैया की ड्राइविंग से डरता है। ✓
(ख) गाड़ी चलाने के नियम क्यों बनाए गए हैं?
(i) चालकों के लिए
(ii) तोड़ने के लिए
(iii) चालकों की सुविधा के लिए ✓
(iv) नियम पालन के लिए
(ग) भैया ने दूसरे गियर में गाड़ी उठाई क्योंकि-
(i) यह गति बढ़ाने में सहायक होता है।
(ii) टैक्सी ड्राइवर ने भी उठाई थी।
(iii) गाड़ी को सेकेंड गियर से ही उठाते हैं।
(iv) फ़र्स्ट गियर फँस रहा था। ✓
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
(क) पापा ने ऐसा क्यों कहा कि थोड़ी सुविधा भविष्य की किसी बड़ी असुविधा की जननी होती है?
उत्तर – पापा ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि गलत आदतों या शॉर्टकट से मिली छोटी सुविधा भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना या मुसीबत या असुविधा का कारण बन सकती है।
(ख) शशांक को भैया के गाड़ी चलाने से क्या आपत्ति थी?
उत्तर – शशांक को डर था कि भैया गाड़ी चलाते समय कोई गड़बड़ कर देंगे, जिससे गाड़ी टकरा सकती है और वे घायल हो सकते हैं।
(ग) पापा ने हैंडब्रेक लगाकर गाड़ी कब और क्यों रोकी?
उत्तर – पापा ने वज़ीरपुर डिपो के चौराहे पर हैंडब्रेक लगाकर गाड़ी रोकी क्योंकि ट्रैफिक सिग्नल लाल था और भैया सिपाही न होने के कारण गाड़ी निकालना चाहते थे।
(घ) पूरे सफ़र में पापा ने भैया को कौन-कौन से नियम समझाए?
उत्तर – पापा ने पूरे सफ़र में गियर बदलने का सही तरीका, खाली सड़क पर भी गति नियंत्रण में रखना और ट्रैफिक सिग्नल के नियमों का पालन करने जैसे नियम समझाए।
(ङ) बड़ों के तर्कों का क्या महत्त्व होता है?
उत्तर – बड़ों के तर्कों का बहुत महत्त्व होता है क्योंकि उनमें अनुभव का निचोड़ और हमारी सुरक्षा व भलाई छिपी होती है।
अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
“मैं सोचता हूँ तो समझ नहीं पाता कि बड़ों के पास अपनी इच्छाओं के अनुकूल इतने तर्क कहाँ से आ जाते हैं? या फिर सारे तर्क बड़ों की इच्छाओं के अनुरूप ही गढ़े गए हैं। ऐसा क्यों होता है कि अपनी बात मनवाने के लिए मेरे पास केवल हठ होता है और पापा के पास बहुत-से तर्क।
मैं स्वयं को रोकता रहा पर पापा थे कि देर करते ही जा रहे थे। अंत में मैंने अपने मन की बात उनसे कह दी। उन्होंने मुसकरा कर मुझे देखा, “क्यों नाक में दम कर रखा है? क्या तुम्हें मुझ पर विश्वास नहीं है?
मैं उनसे कैसे कहता कि मुझे उन पर विश्वास नहीं है। अपनी कही हुई बात से शायद ही पापा कभी पीछे हटे हों … पर मेरा मन शंकाओं से घिरता जा रहा था। मैं मन को समझाता जा रहा था कि मुझे पापा की बात पर विश्वास कर लेना चाहिए।
(क) शशांक बड़ों की इच्छाओं के बारे में क्या नहीं समझ पाता?
उत्तर – शशांक यह नहीं समझ पाता कि बड़ों के पास अपनी इच्छाओं के अनुकूल इतने तर्क कहाँ से आ जाते हैं।
(ख) शशांक के पास अपनी बात को मनवाने के लिए क्या होता है?
उत्तर – शशांक के पास अपनी बात को मनवाने के लिए केवल हठ या ज़िद होती है।
(ग) पापा ने मुसकरा कर शशांक से क्या पूछा?
उत्तर – पापा ने पूछा, “क्यों नाक में दम कर रखा है? क्या तुम्हें मुझ पर विश्वास नहीं है?”
(घ) शशांक मन को क्या समझा रहा था?
उत्तर – शशांक मन को समझा रहा था कि उसे पापा की बात पर विश्वास कर लेना चाहिए।
(ङ) ‘नाक में दम करना’ मुहावरे का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर – नाक में दम करना – छोटे भाई ने अपनी शरारतों से घर के सभी सदस्यों की नाक में दम कर रखा है।
जीवन मूल्यपरक प्रश्न
आपने इस कहानी से क्या शिक्षा ग्रहण की?
उत्तर – इस कहानी से हमने यह शिक्षा ग्रहण की कि नियम हमारी सुविधा और सुरक्षा के लिए होते हैं। अनुशासन का पालन करना अनिवार्य है और क्षणिक सुविधा के लिए नियमों को तोड़ना खतरनाक हो सकता है।
भाषा ज्ञान
- सही उत्तर पर ✓ लगाइए-
(क) ‘धूप में बाल सफ़ेद न होना’ मुहावरे का क्या अर्थ है?
(i) धूप में घूमने पर बाल सफ़ेद न होना
(ii) धूप का बालों के लिए अच्छा न होना
(iii) बहुत अनुभव होना ✓
(iv) बिना अनुभव के जीवन बिता देना
(ख) ‘क्षमता’ शब्द का सही वर्ण-विच्छेद क्या होगा?
(i) श् + अ + म् + अ + त् + आ
(ii) ष् + अ + म् + अ + त् + आ
(iii) क् + ष् + अ + म् + अ + त् + आ ✓
(iv) क् + श् + अ + म् + अ + त् + आ
(ग) ‘इच्छा’ शब्द का बहुवचन क्या होगा?
(i) इच्छों
(ii) इच्छायाँ
(iii) इच्छावें
(iv) इच्छाएँ ✓
- निम्नलिखित वाक्यों के काल पहचानकर लिखिए-
(क) बत्ती हरी हो गई। भूतकाल
(ख) सड़क खाली पड़ी है। वर्तमान काल
(ग) चालान न होगा तो अस्पताल का बिल चुकाएगा। भविष्यत् काल
(घ) यहाँ सिपाही नहीं है। वर्तमान काल
(ङ) भैया पूरी तत्परता से गाड़ी चला रहा था। भूतकाल
(च) गाड़ी तुम चलाओगे या मैं? भविष्यत् काल
- निम्नलिखित पंक्तियों में विराम चिह्न लगाइए-
भैया बोले ऊँह आज यहाँ ट्रैफ़िक वाले खड़े थे तो इसका चालान हो गया हर समय थोड़े ऐसा होता है ठीक कहते हो पापा ने कहा
भैया बोले, “ऊँह! आज यहाँ ट्रैफ़िक वाले खड़े थे तो इसका चालान हो गया। हर समय थोड़े ऐसा होता है।” “ठीक कहते हो,” पापा ने कहा।
- रिक्त स्थानों में ‘कि’ अथवा ‘की’ लिखकर वाक्य पूरे कीजिए-
(क) प्रियांक के घर जाने की बारी आएगी तो मुझे समझाने लगेंगे।
(ख) फिर कह देंगे कि अब जाने का समय नहीं रहा।
(ग) ऐसा क्यों होता है कि बात मनवाने के लिए मेरे पास हठ होता है।
(घ) अंत में मैंने अपने मन की बात उनसे कह दी।
(ङ) ट्रैफ़िक सिग्नल की बत्ती लाल थी।
(च) मैं मन को समझा रहा था कि मुझे पापा का विश्वास कर लेना चाहिए।
- निम्नलिखित शब्दों के विलोम रूप लिखिए-
(क) भविष्य x अतीत
(ख) समाप्त x आरंभ
(ग) अँधेरा x उजाला
(घ) रात X दिन
(ङ) सुविधा x असुविधा
(च) अनुकूल x प्रतिकूल
(छ) विश्वास x अविश्वास
(ज) इच्छा X अनिच्छा
- निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्यायवाची छाँटकर लिखिए-
जोश, भरोसा, आपदा, सहूलियत, क्षमता, सामर्थ्य, आसानी, विपदा, हौंसला, यकीन
(क) विश्वास – भरोसा, यकीन
(ख) सुविधा – सहूलियत, आसानी
(ग) उत्साह – जोश, हौंसला
(घ) विपत्ति – आपदा, विपदा
(ङ) योग्यता – क्षमता, सामर्थ्य
रोचक क्रियाकलाप
- ‘मैं बिना हेल्मेट के स्कूटी चला रहा / रही थी और सामने चौराहे पर ट्रैफिक पुलिसवाला खड़ा था।’- इसे आधार बनाकर अनुच्छेद लिखिए।
उत्तर – उस दिन मैं जल्दी में बिना हेल्मेट के स्कूटी लेकर निकल पड़ी। जैसे ही चौराहे पर पहुँची, सामने ट्रैफिक पुलिसवाले को खड़ा देख मेरे हाथ-पाँव फूल गए। पकड़े जाने के डर से अधिक मुझे अपनी गलती का अहसास हुआ। पुलिसवाले ने मुझे रोककर चालान तो काटा ही, साथ ही यह भी समझाया कि हेल्मेट पुलिस से बचने के लिए नहीं, बल्कि मेरी अपनी जान की सुरक्षा के लिए है। उस दिन मैंने जाना कि नियमों का उल्लंघन कर हम अपनी ‘छोटी सुविधा’ के लिए ‘बड़ी असुविधा’ मोल लेते हैं।
- भैया की ओर से पापा को ड्राइविंग के विषय में इतनी अच्छी बातें बताने के लिए धन्यवाद पत्र लिखिए।
उत्तर – दिनांक – 00.00.0000
आदरणीय पिताजी,
सादर प्रणाम!
आज गाड़ी चलाते समय आपने मुझे सड़क सुरक्षा के जो नियम समझाए, उसके लिए मैं आपका हृदय से धन्यवाद करता हूँ। आपकी बातों से मुझे समझ आया कि अनुशासन केवल पुलिस के डर से नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की भलाई के लिए ज़रूरी है। ‘छोटी सुविधा, बड़ी असुविधा की जननी है’—आपका यह मंत्र मैं जीवन भर याद रखूँगा और हमेशा एक ज़िम्मेदार चालक बनने का प्रयास करूँगा।
आपका पुत्र,
शशांक
- पाठ के किसी एक अंश को चुनकर उसका नाटक के रूप में अभिनय कीजिए।
उत्तर – छात्र अपने शिक्षक की सहायता से इसे पूरा करेंगे।
गृहकार्य
पाठ से छाँटकर ‘र’ के विविध रूपों के शब्द लिखिए-
र् + अ (साधारण) – रोहिणी, रात, रुका
रेफ (र् + व्यंजन) – तर्क, मार्ग, व्यर्थ
पदेन (व्यंजन + र) – प्रियांक, ब्रेक, क्लच
पदेन (ट्/ड् + र) – ड्राइवर, डिपो (ड्राइविंग)

