पाठ का सारांश
नीलिमा सिन्हा द्वारा लिखित कहानी ‘बेंजी का बड़ा दिन’ क्रिसमस के त्योहार की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह कहानी एक बालक की ईमानदारी, कठिन परिश्रम और उसकी निस्वार्थ सेवा भावना को दर्शाती है।
- बेंजी की इच्छा और सीमित साधन
बेंजी अपनी छोटी बहनों सैमी और रुथ के लिए क्रिसमस का एक सुंदर पेड़ खरीदना चाहता था। उसने पूरे सप्ताह एक ढाबे पर कड़ी मेहनत करके 28 रुपये जमा किए थे। जब वह मिस्टर अब्राहम की दुकान पर गया, तो उसे पता चला कि उसके पसंद किए गए पेड़ की कीमत 35 रुपये है। 7 रुपये कम होने के कारण दुकानदार ने उसे पेड़ देने से मना कर दिया और बेंजी उदास मन से बाहर आ गया।
- साहस और जान की परवाह न करना
बेंजी दुकान के पास ही एक रेत के टीले पर बैठा अपनी लाचारी पर दुखी हो रहा था। तभी उसने देखा कि दुकान का भारी निऑन साइन बोर्ड गिरने वाला है और मिस्टर अब्राहम ठीक उसके नीचे खड़े हैं। बेंजी ने ‘आओ देखा न ताव’ और फुर्ती से उन्हें धक्का देकर सुरक्षित पीछे धकेल दिया। बोर्ड धड़ाम से गिरकर टूट गया।
- फुर्ती से आग बुझाना
बोर्ड के गिरने से तारों में चिंगारी निकली और पास पड़े गत्ते के डिब्बों में आग लग गई। मिस्टर अब्राहम घबरा गए, लेकिन बेंजी ने तुरंत रेत की बालटियों का उपयोग कर आग को बढ़ने से रोक लिया। उसकी इस चतुराई और बहादुरी की सबने प्रशंसा की।
- उपहार और बड़ा दिल
मिस्टर अब्राहम बेंजी के इस अहसान से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने बेंजी को वही सुंदर पेड़ और सजावट का ढेर सारा सामान उपहार के रूप में दे दिया। उन्होंने बेंजी को अपनी गाड़ी से घर तक भी छुड़वाया। बेंजी बहुत खुश था कि वह अपनी बहनों से किया गया वादा पूरा कर पाया।
- बेंजी की ईमानदारी
घर पहुँचने के बाद, बेंजी ने मिस्टर अब्राहम के लिए एक लिफाफा भेजा। उस लिफाफे में उसके द्वारा कमाए गए 28 रुपये और एक पर्ची थी। उसने लिखा कि वह इन रुपयों को पेड़ की कीमत के रूप में देना चाहता है। यह बेंजी के स्वाभिमानी और ईमानदार चरित्र को दर्शाता है।
कहानी का संदेश
यह कहानी हमें सिखाती है कि नेकी का फल हमेशा मीठा होता है। बेंजी की निस्वार्थ भावना ने न केवल एक व्यक्ति की जान बचाई, बल्कि उसकी ईमानदारी ने उसे वह खुशी दिलाई जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की थी।
कठिन शब्दार्थ
1 – पूर्व संध्या – किसी उत्सव से एक शाम पहले – Eve
2 – लुभाना – आकर्षित करना – To entice / Attract
3 – आकर्षक – सुंदर / मोहक – Attractive
4 – दाम – मूल्य / कीमत – Price / Cost
5 – इशारा – संकेत – Gesture / Signal
6 – मुद्रा – हाव-भाव / स्थिति – Posture / Pose
7 – अहसास – अनुभव / महसूस करना – Realization / Feeling
8 – छिन्न-भिन्न – बिखर जाना – Shattered / Broken
9 – परिश्रम – मेहनत – Hard work / Labor
10 – नुक्कड़ – गली का कोना – Corner
11 – झिझकते – हिचकिचाते हुए – Hesitatingly
12 – महँगाई – मूल्य वृद्धि – Inflation / Dearness
13 – बेरुखी – उदासीनता / रूखापन – Coldness / Indifference
14 – खिन्न – दुखी / उदास – Depressed / Sad
15 – परवाह – चिंता – Care / Concern
16 – छोर – किनारा – Edge / End
17 – इमारत – भवन – Building
18 – वीरानी – सूनापन – Desolation
19 – टीला – रेत का ढेर – Mound / Dune
20 – झल्लाते – चिढ़ते हुए – Irritatedly
21 – संतुष्ट – तृप्त – Satisfied
22 – निऑन साइन – चमकता हुआ बोर्ड – Neon Sign
23 – आव देखा न ताव – बिना सोचे-समझे – Without a second thought
24 – गुत्थम-गुत्था – आपस में उलझना – Scuffle / Tussle
25 – धड़ाम – ज़ोर की आवाज़ – Thud / Loud bang
26 – चिंगारी – आग का कण – Spark
27 – गत्ता – मोटा कागज़ – Cardboard
28 – सहमे – डरे हुए – Terrified / Scared
29 – एकत्रित – जमा होना – Gathered / Collected
30 – क्षणों – पलों – Moments
31 – गड़बड़ी – हलचल / अव्यवस्था – Chaos / Mess
32 – उत्तेजित – जोश में आना – Excited / Agitated
33 – चतुर – होशियार – Clever / Smart
34 – फुर्ती – तेज़ी – Agility / Swiftness
35 – गुणगान – प्रशंसा करना – Praise / Glorification
36 – सुरक्षित – सलामत – Safe / Secure
37 – शर्मिंदा – लज्जित – Embarrassed / Ashamed
38 – अनुमति – आज्ञा – Permission
39 – उपहार स्वरूप – भेंट के रूप में – As a gift
40 – स्वीकार – मंजूर करना – Accept
41 – निशान – चिह्न – Marks
42 – निराश – हताश – Disappointed
43 – गायब – ओझल – Vanished / Disappeared
44 – हृदय – दिल – Heart
45 – सुख की साँस – राहत महसूस करना – Sigh of relief
46 – झिलमिलाता – जगमगाता – Twinkling / Glimmering
47 – पुरज़ा – छोटा कागज़ – Note / Slip of paper
48 – पूर्व – पहले – Before / Previous
49 – सजाया – सुसज्जित – Decorated
50 – सप्ताह – सात दिन का समय – Week
51 – ढाबा – भोजनालय – Roadside eatery
52 – झटका – आघात – Jolt / Shock
53 – वास्तव – सचमुच – Reality / Actually
54 – बिक्री – बेचना – Sale
55 – धक्का – रेला – Push / Shove
56 – भड़क उठी – तेज़ी से फैलना (आग) – Flared up
57 – खतरा – जोखिम – Danger / Risk
58 – टल गया – दूर हो जाना – Averted / Passed
59 – भागदौड़ – आपाधापी – Hustle and bustle
60 – धन्यवाद – आभार – Thank you / Gratitude
61 – शान्त – चुप – Calm / Quiet
62 – घंटे – समय की इकाई – Hours
63 – विश्वास – भरोसा – Faith / Believe
64 – सजावट – साज-सज्जा – Decoration
65 – ड्राइवर – चालक – Driver
66 – लिफ़ाफ़ा – कागज़ की थैली – Envelope
67 – प्रसन्न – खुश – Happy / Glad
68 – सितारा – तारा – Star
69 – कीमत – मूल्य – Price / Value
70 – बधाई – शुभकामना – Congratulations / Greetings
71 – सपना – स्वप्न – Dream
72 – मेहनत – श्रम – Labor / Effort
73 – बड़ा दिन – क्रिसमस – Christmas
74 – गलियाँ – संकरे रास्ते – Lanes
75 – बत्तियाँ – रोशनी – Lights
76 – टिमटिमाना – चमकना – Twinkle
77 – गंजा – जिसके सिर पर बाल न हों – Bald
78 – मुद्रा – भाव – Expression
79 – फर्क – अंतर – Difference
80 – अहंकार – घमंड – Pride / Ego
81 – भीड़ – जनसमूह – Crowd
82 – बचाना – रक्षा करना – Save / Protect
83 – संतुष्ट – राजी – Satisfied
84 – प्रयास – कोशिश – Attempt / Effort
85 – महसूस – अनुभव – Feel / Perceived
आकर्षक, अब्राहम, अट्ठाईस, विश्वास, ढाबे, पच्चीस, महँगाई, पूर्ण, पैंतीस, संतुष्ट, निऑन, गुत्थम-गुत्था,
चिंगारी, एकत्रित, फुर्ती, गुणगान, सुरक्षित, शर्मिंदा, ड्राइवर, उत्साह, पुरज़ा
आकर्षक – आ-कर-षक (Aa-kar-shak)
अब्राहम – अब-रा-हम (Ab-raa-ham)
अट्ठाईस – अट-ठाईस (At-thaayees)
विश्वास – विश-वास (Vish-vaas)
ढाबे – ढा-बे (Dhaa-be)
पच्चीस – पच-चीस (Pach-chees)
महँगाई – महँ-गा-ई (Mahan-gaa-ee)
पूर्ण – पूर-ण (Poor-na)
पैंतीस – पैं-तीस (Pain-tees)
संतुष्ट – सन-तुष-ट (San-tush-ta)
निऑन – नि-ऑन (Ni-on)
गुत्थम-गुत्था – गुत-थम-गुत-था (Gut-tham-gut-tha)
चिंगारी – चिन-गा-री (Chin-gaa-ree)
एकत्रित – ए-क-त-रित (E-ka-tri-ta)
फुर्ती – फुर-ती (Phur-tee)
गुणगान – गुण-गान (Gun-gaan)
सुरक्षित – सु-रक-षित (Su-rak-shit)
शर्मिंदा – शर-मिन-दा (Shar-min-daa)
ड्राइवर – ड-राई-वर (D-raai-var)
उत्साह – उत-साह (Ut-saah)
पुरज़ा – पुर-ज़ा (Pur-zaa)
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर बताइए-
(क) दुकानदार के मुख से पेड़ का दाम सुनकर बेंजी का विश्वास छिन्न-भिन्न क्यों हो गया?
उत्तर: बेंजी ने सोचा था कि पेड़ 25 रुपये का होगा और उसके पास 28 रुपये थे। लेकिन जब दुकानदार ने दाम 35 रुपये बताया, तो उसकी उम्मीदें टूट गईं क्योंकि उसके पास 7 रुपये कम थे।
(ख) पेड़ का दाम बढ़ जाने का मि. अब्राहम ने क्या कारण बताया?
उत्तर: पेड़ का दाम बढ़ जाने का मि. अब्राहम ने यह कारण बताया कि पिछले साल से अब तक ‘महँगाई’ बहुत बढ़ गई है, इसलिए पेड़ का दाम बढ़ गया है।
(ग) बेंजी ने मि. अब्राहम की जान कैसे बचाई?
उत्तर: दुकान का भारी निऑन साइन बोर्ड जैसे ही नीचे सरकने लगा, बेंजी ने बिना देर किए मि. अब्राहम को धक्का देकर पीछे धकेल दिया, जिससे वे बोर्ड के नीचे दबने से बच गए।
(घ) मि. अब्राहम ने पेड़ के साथ ही बेंजी को और क्या दिया?
उत्तर: मि. अब्राहम ने पेड़ के साथ सजावट के सामान का एक डिब्बा उपहार में दिया और उसे घर तक छोड़ने के लिए अपनी गाड़ी भी दी।
लिखित
- सही उत्तर पर ✓ लगाइए-
(क) मि. अब्राहम ने पेड़ का क्या दाम बताया?
(i) पच्चीस रुपये
(ii) पैंतीस रुपये ✓
(iii) अट्ठाईस रुपये
(iv) तीस रुपये
(ख) बेंजी ने मि. अब्राहम को धक्का दिया क्योंकि वह-
(i) उन्हें ज़मीन पर गिराना चाहता था।
(ii) उनसे बदला लेना चाहता था।
(iii) उन्हें सबक सिखाना चाहता था।
(iv) उनकी जान बचाना चाहता था। ✓
(ग) बेंजी ने कहा कि उसकी बहनें खुश होंगी क्योंकि-
(i) उसने मि. अब्राहम की जान बचाई थी। ✓
(ii) वह पेड़ लेकर आया था।
(iii) पेड़ सजाने का सामान भी साथ में था।
(iv) उसने पूरे सप्ताह मेहनत की थी।
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
(क) बड़े दिन की पूर्व संध्या पर बाज़ार कैसे सजे थे?
उत्तर: बाज़ार परियों की नगरी जैसे सजे थे। दुकानों पर रंग-बिरंगी बत्तियाँ तारों की तरह टिमटिमा रही थीं और क्रिसमस का सामान जगमगा रहा था।
(ख) पेड़ न खरीद पाने पर बेंजी क्या सोच रहा था?
उत्तर: पेड़ न खरीद पाने पर बेंजी सोच रहा था कि वह बाकी के 7 रुपये कहाँ से लाएगा और यदि वह पेड़ नहीं ले गया, तो उसकी बहनों सैमी और रुथ के मन पर क्या बीतेगी।
(ग) बेंजी ने आग बुझाने के लिए क्या किया?
उत्तर: बेंजी ने दुकान के पास रखी रेत की बालटी उठाई और फुर्ती से रेत आग पर फेंकनी शुरू कर दी।
(घ) मि. अब्राहम ने जान बच जाने के बाद बेंजी के साथ कैसा व्यवहार किया?
उत्तर: मि. अब्राहम का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। वे बहुत विनम्र हो गए, उन्होंने बेंजी का गुणगान किया, उसे धन्यवाद दिया और उसे पेड़ उपहार स्वरूप भेंट किया।
(ङ) बहनों के सो जाने पर पेड़ को देखकर बेंजी को कैसा लग रहा था?
उत्तर: बहनों के सो जाने पर पेड़ को देखकर बेंजी को बहुत सुखद अहसास हो रहा था। उसे सजावट का सामान और चमकीला सितारा देखकर ऐसा लगा जैसे वे कह रहे हों— ‘मैं यहाँ खुश हूँ’।
अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न
निम्नलिखित पाठांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
बेंजी एक दुकान के बाहर खड़ा होकर एक पेड़ को देखने लगा। उसने सोचा, ‘काश! किसी तरह मुझे यह पेड़ मिल जाए। सैमी और रुथ पेड़ पाकर कितनी खुश होंगी। उसे ध्यान आया उस पेड़ का जो उसने सबसे बड़ी दुकान में देखा था। ‘मुझे वही खरीदना है’ यही सोचकर वह अंदर गया। उसने मालिक से उस पेड़ की ओर इशारा करते हुए दाम पूछा। दुकान के मालिक मोटे और गंजे मि. अब्राहम ने पहले ऊपर से नीचे तक बेंजी को देखा। फिर बेंजी की कमीज़ के दाईं ओर पर बने छेद को एकटक देखने लगा। उस पर पड़ती दुकानदार की नज़र बेंजी से छिपी नहीं रही। उसने अपने दोनों हाथ कुछ इस मुद्रा में उठाए कि दाएँ हाथ के नीचे वह छेद दब गया। ‘वैसे भी,’ उसने सोचा, ‘मेरे पास पूरे अट्ठाईस रुपये हैं। इससे क्या फ़र्क पड़ता है कि मेरी कमीज़ में एक छेद है।”यह पैंतीस रुपये का है। क्या तुम खरीदना चाहते हो?” दुकानदार के मुँह से यह बात सुनकर बेंजी का सारा विश्वास छिन्न-भिन्न हो गया।
(क) दुकान के बाहर खड़े होकर बेंजी क्या सोच रहा था?
उत्तर – वह सोच रहा था कि काश उसे यह पेड़ मिल जाए जिससे उसकी बहनें सैमी और रुथ बहुत खुश होंगी।
(ख) बेंजी ने दुकान के अंदर जाकर क्या किया?
उत्तर – बेंजी ने अंदर जाकर मालिक से पेड़ की ओर इशारा करते हुए उसका दाम पूछा।
(ग) दुकानदार एकटक क्या देखने लगा?
उत्तर – दुकानदार बेंजी की कमीज़ के दाईं ओर बने छेद को एकटक देखने लगा।
(घ) बेंजी ने अपने हाथ ऊपर क्यों उठाए?
उत्तर – बेंजी ने अपने हाथ इस मुद्रा में उठाए ताकि दाएँ हाथ के नीचे उसकी कमीज़ का छेद दब जाए और छिप जाए।
(ङ) क्या सुनकर बेंजी का विश्वास छिन्न-भिन्न हो गया?
उत्तर – पेड़ का दाम ‘पैंतीस रुपये’ सुनकर बेंजी का विश्वास छिन्न-भिन्न हो गया।
जीवन मूल्यपरक प्रश्न
- ‘ड्राइवर के साथ बेंजी ने रुपये भेजे’ इस घटना से क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर – इस घटना से हमें ईमानदारी और स्वाभिमान की शिक्षा मिलती है। बेंजी ने जान बचाई थी, फिर भी वह पेड़ मुफ़्त में नहीं लेना चाहता था। उसने अपनी मेहनत की कमाई भेजकर अपनी नैतिकता का परिचय दिया।
- कैसे कहा जा सकता है कि बेंजी अपनी बहनों से बहुत प्यार करता था?
उत्तर – बेंजी ने अपनी बहनों के लिए पूरे सप्ताह कठिन परिश्रम करके पैसे जुटाए। पेड़ न मिल पाने पर वह खुद से ज़्यादा अपनी बहनों की खुशी के लिए दुखी था। इससे पता चलता है कि वह उनसे बहुत प्यार करता था।
भाषा ज्ञान
- सही उत्तर पर ✓ लगाइए-
(क) दिए गए वर्ण विच्छेद से कौन सा शब्द बनेगा?
अ + ट् + ठ् + आ + ई + स् + अ
(i) अठईस
(ii) अठाइस
(iii) अट्ठाईस ✓
(iv) अट्ठाइस
(ख) किस शब्द में चंद्रबिंदु (ँ) का प्रयोग नहीं किया जाएगा-
(i) बत्तियाँ
(ii) दाएँ
(iii) मुँह
(iv) गँजा ✓
(ग) ‘गुणगान’ शब्द कैसे बना है-
(i) गुणों के लिए गान
(ii) गुणों के कारण गान
(iv) गुणों द्वारा गान
(iii) गुणों का गान ✓
- नीचे दिए गए वाक्यों को भविष्यत् काल में बदलकर लिखिए-
(क) बेंजी पेड़ को देखने लगा।
उत्तर – बेंजी पेड़ को देखेगा।
(ख) महँगाई बढ़ गई है।
उत्तर – महँगाई बढ़ जाएगी।
(ग) उसने बहनों से वायदा किया था।
उत्तर – वह बहनों से वायदा करेगा।
(घ) मि. अब्राहम बेंजी का गुणगान कर रहे थे।
उत्तर – मि. अब्राहम बेंजी का गुणगान करेंगे।
- निम्नलिखित प्रत्ययों से नए शब्द बनाकर लिखिए-
(क) मूल शब्द प्रत्यय
चमक + ईला = चमकीला
ज़हर + ईला = ज़हरीला
शर्म + ईला = शर्मीला
रस + ईला = रसीला
(ख) मूल शब्द
दुकान + दार = दुकानदार
किराया + दार = किरायेदार
मसाला + दार = मसालेदार
कर्ज़ + दार = कर्ज़दार
(ग) मूल शब्द प्रत्यय
सजना + आवट = सजावट
मिलना + आवट = मिलावट
लिखना + आवट = लिखावट
थकना + आवट = थकावट
(घ) मूल शब्द
एकत्र + इत = एकत्रित
सम्मान + इत = सम्मानित
उत्तेजना + इत = उत्तेजित
हर्ष + इत = हर्षित
- निम्नलिखित शब्दों के विलोम रूप लिखिए-
(क) विश्वास x अविश्वास
(ख) स्वीकार x अस्वीकार
(ग) खरीदना x बेचना
(घ) गलत X सही
(ङ) कठोर x कोमल
(च) उदास X प्रसन्न
- निम्नलिखित प्रत्येक शब्द के लिए तीन-तीन पर्यायवाची लिखिए-
(क) ज़मीन – धरती, भूमि, वसुधा।
(ख) पेड़ – वृक्ष, तरु, विटप।
(ग) आग – अग्नि, पावक, अनल।
(घ) घर – निवास, सदन, आवास
(ङ) रात – निशा, रजनी, रात्रि
रोचक क्रियाकलाप
- ‘बेंजी ने दुकान में लगी आग बुझाई’ इस समाचार को दूरदर्शन पर पढ़े जाने के लिए लिखिए।
उत्तर – दूरदर्शन (TV News) के लिए समाचार रिपोर्ट
समाचार वाचक (News Anchor): “नमस्कार, आज की विशेष खबर में हम आपको दिखा रहे हैं बाज़ार में घटी एक बहादुरी की दास्तां। कल बड़े दिन की पूर्व संध्या पर एक बड़ा हादसा होने से टल गया।”
“बाज़ार में स्थित मिस्टर अब्राहम की दुकान का भारी निऑन बोर्ड अचानक गिर गया, जिससे तारों में शॉर्ट सर्किट हुआ और भीषण आग भड़क उठी। लेकिन तभी वहाँ मौजूद एक बहादुर किशोर, बेंजी ने अपनी जान की परवाह न करते हुए न केवल मिस्टर अब्राहम को बोर्ड के नीचे आने से बचाया, बल्कि अपनी सूझबूझ और फुर्ती से रेत डालकर आग पर काबू पा लिया। स्थानीय लोगों और मिस्टर अब्राहम ने इस छोटे से ‘हीरो’ की जमकर प्रशंसा की है। बेंजी की इस दिलेरी ने साबित कर दिया कि साहस उम्र का मोहताज नहीं होता।”
- अपने मित्र को पत्र लिखकर बेंजी के चरित्र के किन्हीं दो गुणों के विषय में लिखिए।
उत्तर – दिनांक: 20 फरवरी, 2026
घर संख्या – W-414
टीसीआई, राउरकेला
ओड़िशा
प्रिय मित्र उमेश,
(सप्रेम नमस्कार!)
आशा है कि तुम कुशल होगे। कल ही मैंने ‘बेंजी का बड़ा दिन’ नामक कहानी पढ़ी, जिसने मुझे बहुत प्रेरित किया। मैं तुम्हें बेंजी के चरित्र के दो ऐसे गुणों के बारे में बताना चाहता हूँ जो मुझे सबसे अच्छे लगे:
साहस और सूझबूझ: बेंजी एक निडर लड़का है। जब मिस्टर अब्राहम पर संकट आया, तो उसने अपनी जान की परवाह किए बिना उन्हें बचाया और तुरंत रेत डालकर आग बुझाई। उसकी फुर्ती और चतुराई वास्तव में सराहनीय है।
ईमानदारी और स्वाभिमान: बेंजी ने मिस्टर अब्राहम की जान बचाई थी, जिसके बदले उसे कीमती उपहार मिले। फिर भी, उसने बिना किसी स्वार्थ के अपने कठिन परिश्रम से कमाए गए 28 रुपये मिस्टर अब्राहम को लिफ़ाफ़े में भेज दिए। यह उसके ऊँचे चरित्र और ईमानदारी को दर्शाता है।
बेंजी का चरित्र हमें सिखाता है कि हमें विपरीत परिस्थितियों में भी अपना स्वाभिमान और साहस नहीं खोना चाहिए।
शेष सब सामान्य है। तुम्हारे पत्र के इंतज़ार में।
तुम्हारा प्रिय मित्र,
अविनाश
गृहकार्य
- निम्नलिखित द्वित्व व्यंजनों से नए शब्द बनाकर लिखिए-
(क) ‘क्क’ नुक्कड़ –चक्का, मक्का
(ख) ‘ल्ल’ चिल्लाया – बिल्ली, दिल्ली।
(ग) ‘च्च’ पच्चीस – बच्चा, कच्चा।
(घ) ‘न्न’ छिन्न-भिन्न अन्न, प्रसन्न।
- नए शब्द बनाइए-
टिमटिम – टिमटिमाना झिलमिल – झिलमिलाना
(क) थर-थर – थरथराना
(ग) भिन्न-भिन्न – भिनभिनाना
(ख) हिन हिन – हिनहिनाना
(घ) खट-खट – खटखटाना।

