Chandan Ke Ped (Kahani) – Indira Ananthakrishnan, Bhasha Mani, Class VII, The Best Solution

पाठ का सारांश

यह कहानी इंदिरा अनंतकृष्णन द्वारा लिखित एक प्रेरणादायक संस्मरण है, जो एक नेत्रहीन लड़की ‘सुनंदा’ के साहस और सूझबूझ को दर्शाती है।

कहानी का सारांश

  1. भयानक दुर्घटना और अंधकार –

सुनंदा अपने माता-पिता के साथ पूर्वी घाट की पहाड़ियों पर रहती थी। जब वह 13 वर्ष की हुई, तो एक भयानक भूस्खलन (Landslide) हुआ। इस दुर्घटना में उसके माता-पिता और उनकी बकरियाँ खत्म हो गईं। सुनंदा की आँखों में गहरी चोट लगी और उसने अपनी आँखों की रोशनी खो दी। उसका वफादार कुत्ता ‘गूगु’ ही उसके पास बचा था।

  1. नया जीवन और रावगुरु का सहारा –

गाँव के स्कूल के प्रधानाचार्य रावगुरु सुनंदा को अपने घर ले आए। सुनंदा अपनी अँधेरी दुनिया की आदी होने लगी। रावगुरु ने उसे समझाया कि पहाड़ों पर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण ही मिट्टी ढीली हो जाती है और भूस्खलन जैसी घटनाएँ होती हैं। सुनंदा ने महसूस किया कि पेड़ों की कटाई ने ही उसे उसकी माँ से अलग किया है।

  1. इंद्रियों का विकास –

नेत्रहीन होने के बावजूद सुनंदा का आत्मविश्वास लौटा। उसकी सुनने (श्रवण), सूँघने और स्पर्श करने की शक्ति बहुत तेज़ हो गई। वह गूगु के साथ रोज़ पहाड़ियों पर घूमने जाती। गंध और आहट से वह अपने आसपास की चीज़ों को पहचानने लगी।

  1. चंदन की चोरी का पता लगाना –

एक दिन सुनंदा को अपने पसंदीदा स्थान पर चंदन के पेड़ों के कटने की गंध आई। उसने स्पर्श से पाया कि पेड़ों की जगह केवल ठूँठ (Stumps) बचे थे। जब उसने रावगुरु को बताया, तो उन्होंने पुलिस हवलदार मुदालियर से पूछा, जिसने सुनंदा की बात को ‘अफवाह’ कहकर टाल दिया।

  1. साहसी कदम और भंडाफोड़ –

सुनंदा को मुदालियर पर शक हुआ। एक रात वह गूगु के साथ दबे पाँव जंगल पहुँची। वहाँ उसने मशीनों की ‘किर्र-किर्र’ और ट्रकों की आवाज़ सुनी। उसने सुना कि पुलिस हवलदार मुदालियर खुद तस्करों के साथ मिला हुआ है और उनसे 10 प्रतिशत हिस्सा माँग रहा है।

  1. सम्मान और नया भविष्य –

सुनंदा ने अगले दिन रावगुरु को सब बता दिया। मामला पुलिस मुख्यालय पहुँचा और मुदालियर तथा तस्करों को गिरफ़्तार कर लिया गया। सुनंदा के इस वीरोचित कार्य के लिए उसे पुलिस विभाग से इनाम मिला। रावगुरु ने उसे आगे की शिक्षा के लिए राष्ट्रीय अंधविद्यालय (National School for the Blind) में भर्ती कराने का निर्णय लिया ताकि वह अपना जीवन नए सिरे से शुरू कर सके।

मुख्य संदेश –

ढ़ इच्छाशक्ति – शारीरिक अक्षमता (अंधापन) सफलता के मार्ग में बाधा नहीं है।

पर्यावरण संरक्षण – पेड़ों की अवैध कटाई प्रकृति और मनुष्य दोनों के लिए विनाशकारी है।

सतर्कता – एक जागरूक नागरिक बनकर हम अपराधों को रोकने में मदद कर सकते हैं।

कठिन शब्दार्थ

1 भूस्खलन – जमीन का खिसकना Landslide

2 अक्षम – असमर्थ Disabled / Incapable

3 अवैध – गैरकानूनी Illegal

4 तस्करों – चोरी-छिपे माल ले जाने वाले Smugglers

5 वीरोचित – वीरों के समान Heroic

6 ढलान – उतार Slope

7 सीढ़ीनुमा – सीढ़ी के आकार की Terrace (farming)

8 गड़गड़ाहट – भारी आवाज़ Rumbling

9 धमाका – ज़ोर का शब्द Explosion / Blast

10 ग्रास – शिकार / निवाला Victim / Morsel

11 चमत्कारिक – अद्भुत Miraculous

12 अतिक्रमण – सीमा लांघना Encroachment

13 हलचल – कंपन / गतिविधि Movement / Stir

14 चट्टानें – बड़े पत्थर Rocks / Boulders

15 अंधाधुंध – बिना सोचे-समझे Indiscriminate

16 सिसकियों – सुबकने की आवाज़ Sobs

17 देय – शरीर Body

18 भयानक – डरावना Terrible / Dreadful

19 सांत्वना – ढांढस / दिलासा Consolation

20 अनिच्छापूर्वक – बिना इच्छा के Reluctantly

21 आदी – अभ्यस्त Accustomed / Habitual

22 उमड़ती-घुमड़ती – बार-बार आना Swirling / Recurrent

23 आत्मविश्वास – खुद पर भरोसा Self-confidence

24 कुतूहल – जिज्ञासा Curiosity

25 अधीरता – बेचेनी Impatience

26 सतर्क – सावधान Alert / Vigilant

27 प्रतीक्षा – इंतज़ार Waiting

28 आहट – कदमों की आवाज़ Footfall / Sound of footsteps

29 सांत्वना – तसल्ली Comfort / Solace

30 भंडाफोड़ – भेद खोलना Exposure / Reveal

31 ज्योति – रोशनी Eyesight / Light

32 होश – चेतना Consciousness

33 स्पर्श – छूना Touch

34 गंध – महक Smell / Aroma

35 श्रवण शक्ति – सुनने की क्षमता Hearing power

36 एकाग्र – ध्यान मग्न Concentrated / Focused

37 थपथपाती – हाथ से ठोकना Patting

38 पिरोना – धागे में डालना Stringing (beads/flowers)

39 खर्राटे – सोते समय नाक की आवाज़ Snoring

40 दबे पाँव – चुपके से चलना Stealthily / On tiptoe

41 सूचित – जानकारी देना Informed

42 प्रधानाचार्य – स्कूल का मुखिया Principal

43 गैरकानूनी – कानून के विरुद्ध Unlawful

44 चौकी – छोटा पुलिस थाना Police Outpost

45 अफवाहें – झूठी खबरें Rumors

46 नेतृत्व – अगुवाई Leadership

47 गश्त – पहरा देना Patrolling

48 पदाधिकारियों – ऊंचे अधिकारी Officials

49 सींखचों – जेल की सलाखें Iron bars of a prison

50 पुष्टि – प्रमाण देना Confirmation

51 विरुद्ध – खिलाफ Against

52 प्रमाण – सबूत Evidence / Proof

53 गिरफ़्तार – बंदी बनाना Arrested

54 मुख्यालय – मुख्य कार्यालय Headquarters

55 भरती – प्रवेश दिलाना Enrollment / Admission 

56 निकट – पास Near

57 गुज़र – बीतना Pass (time)

58 चमत्कारिक – जादुई Miraculous

59 अनिच्छा – बेमन Unwillingness

60 स्पर्श – छुअन Touch

61 परिचित – जानकार Familiar

62 झुरमुट – पेड़ों का समूह Grove / Cluster

63 सहारा – मदद Support

64 ठूंठ – कटा हुआ पेड़ Stump

65 भीतरी – अंदर का Inner

66 सुगंध – खुशबू Fragrance

67 कल्पना – सोच Imagination

68 घसीटने – खींचना Dragging

69 झपकी – हल्की नींद Nap / Doze

70 अनुमान – अंदाजा Guess / Estimation

71 किर्र-किर्र – रगड़ने की आवाज़ Creaking sound

72 वाहनों – गाड़ियाँ Vehicles

73 यदा-कदा – कभी-कभी Occasionally

74 हृदय – दिल Heart

75 लपकी – तेज़ी से दौड़ना Rushed / Darted

76 भंडाफोड़ – रहस्योद्घाटन Disclosure

77 भोग – प्रसाद Offering

78 निश्चय – पक्का इरादा Determination / Decision

79 आरंभ – शुरुआत Start / Beginning

80 अंधविद्यालय – नेत्रहीनों का स्कूल School for the blind

 

मौखिक – 1. उच्चारण कीजिए –

सीढ़ीनुमा, मदद, ढलान, दुर्घटना, गड़गड़ाहट, पत्थर, लुढ़कते, सिसकियों, प्रधानाचार्य, भूस्खलन, चमत्कारिक, व्यवहार, सांत्वना, अनिच्छापूर्वक, अतिक्रमण, आत्मविश्वास, श्रवण, झुरमुट, ठूंठ, नेतृत्व, क्षेत्र, सतर्क, एकाग्र, मुख्यालय, पुष्टि

गाँव, माँ, कहाँ, आँखें, काँव, बकरियाँ, अंधकार, ढंग, सिसकियाँ, अँधेरी, घंटों, घटनाएँ, नंगा, अंधाधुंध, गंध, पसंद, सूँघा, सुनंदा, कंधे, चंदन, इंतज़ार, पाँव, अँधेरा, शांत, इंजन

सफ़ेद, कमीज़, हाफ़पैंट, रोज़ाना, हफ़्तों, वफ़ादार

 

सीढ़ीनुमा – See-dhee-nu-maa 

अतिक्रमण – A-ti-kra-man

मदद – Ma-dad 

आत्मविश्वास – Aat-ma-vish-vaas

ढलान – Dha-laan 

श्रवण – Shra-van

दुर्घटना – Dur-ghat-naa 

झुरमुट – Jhur-mut

गड़गड़ाहट – Gad-gad-aa-hat 

ठूँठ – Thoonth

पत्थर – Pat-thar 

नेतृत्व – Nay-tri-tva

लुढ़कते – Lu-dhak-tay 

क्षेत्र – Kshay-tra

सिसकियों – Sis-ki-yon 

सतर्क – Sa-tark

प्रधानाचार्य – Pra-dhaa-naa-chaar-ya 

एकाग्र – Ay-kaag-ra

भूस्खलन – Bhoos-kha-lan 

मुख्यालय – Mukh-yaa-lay

चमत्कारिक – Cha-mat-kaa-rik 

पुष्टि – Push-ti

व्यवहार – Vyav-haar 

सांत्वना – Saant-va-naa

अनिच्छापूर्वक – A-nich-chaa-poor-vak    

गाँव – Gaanv 

नंगा – Nan-gaa

माँ – Maan 

अंधाधुंध – An-dhaa-dhundh

कहाँ – Ka-haan 

गंध – Gandh

आँखें – Aan-khayn 

पसंद – Pa-sand

काँव – Kaanv 

सूँघा – Soon-ghaa

बकरियाँ – Bak-ri-yaan 

सुनंदा – Su-nan-daa

अंधकार – An-dh-kaar 

कंधे – Kan-dhay

ढंग – Dhang

चंदन – Chan-dan

सिसकियाँ – Sis-ki-yaan 

इंतज़ार – In-ta-zaar

अँधेरी / अँधेरा – An-dhay-ree / raa 

पाँव – Paanv

घंटों – Ghan-ton 

शांत – Shaant

घटनाएँ – Ghat-naa-ayn 

इंजन – In-jan

सफ़ेद – Sa-fayd 

रोज़ाना – Ro-zaa-naa

कमीज़ – Ka-meez 

हफ़्तों – Haf-ton

हाफ़पैंट – Haaf-paint 

वफ़ादार – Va-faa-daar

 

  1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर बताइए-

(क) सुनंदा अपने साथी के साथ कैसे खेलती थी?

उत्तर – सुनंदा अपने साथी ‘गूगु’ कुत्ते के साथ पहाड़ी की ढलान पर ऊपर-नीचे दौड़ती थी।

(ख) भूस्खलन में सुनंदा के परिवार की क्या हानि हुई?

उत्तर – भूस्खलन में सुनंदा के माता-पिता और उनकी बकरियों की मृत्यु हो गई और सुनंदा ने अपनी आँखों की रोशनी खो दी।

(ग) रावगुरु के घर सुनंदा अपना समय कैसे बिताती थी?

उत्तर – वह देवी-देवताओं के लिए फूलों की माला पिरोती थी, गूगु के साथ समय बिताती थी और शाम को रावगुरु के साथ विभिन्न विषयों पर बातें करती थी।

(घ) घर लौटकर सुनंदा ने रावगुरु को क्या जानकारी दी?

उत्तर – सुनंदा ने जानकारी दी कि किसी ने जंगल में चंदन के पेड़ काट लिए हैं और वहाँ अब केवल ठूँठ बचे हैं।

(ङ) पुलिस विभाग ने सुनंदा को इनाम क्यों दिया?

उत्तर – क्योंकि सुनंदा ने अपनी सूझबूझ और बहादुरी से चंदन की लकड़ी की चोरी करने वाले तस्करों और भ्रष्ट हवलदार मुदालियर का भंडाफोड़ किया था।

 

लिखित

  1. सही उत्तर पर लगाइए-

(क) सुनंदा के सिर में दर्द क्यों हो रहा था?

(i) गड़गड़ाहट को सुनकर

(ii) धमाके की आवाज़ से

(iii) सिर पर पत्थर लगने से

(iv) नीचे गिर जाने के कारण

(ख) जंगल से वापस आकर सुनंदा ने रावगुरु को क्या खबर दी?

(i) आज कोयल नहीं बोल रही थी।

(ii) चंदन के कुछ और पेड़ काटे गए हैं।

(iii) जंगल में बहुत तेज़ हवा चल रही थी।

(iv) जंगल में पेड़ों के हूँठ हैं।

(ग) सुनंदा धक-सी रह गई क्योंकि-

(i) चंदन के बहुत से पेड़ कट गए थे।

(ii) जंगल में किर्र-किर्र की आवाज़ आ रही थी।

(iii) जंगल में वाहनों के चलने की आवाज़ आ रही थी।

(iv) मुदलियार चंदन चुराने वालों की सहायता कर रहा था।

 

  1. निम्नलिखित वाक्यों के सामने घटनाक्रम के अनुसार संख्या लिखिए-

(क) सबसे अधिक भयानक था मेरे चारों ओर का अंधकार।

(ख) मेरे कान एकाग्र होकर सब तरह की आवाज़ों को सुन रहे थे।

(ग) मैंने देवी-देवताओं के लिए फूलों की माला पिरोना सीखा।

(घ) मैंने सुनंदा को अंधविद्यालय में भरती करवाने का निश्चय किया है।

(ङ) पिता पहाड़ी ढलान पर सीढ़ीनुमा ज़मीन पर खेती करते थे।

(च) अब मैं स्पर्श से बहुत कुछ अनुभव कर सकती थी।

(छ) मैंने इधर-उधर चलकर तीन और ठूंठों का पता लगाया।

(ज) जो आवाज़ मैं सुन रही थी वह तो मुदलियार की थी।

  1. (ङ) पिता पहाड़ी ढलान पर सीढ़ीनुमा ज़मीन पर खेती करते थे।
  2. (क) सबसे अधिक भयानक था मेरे चारों ओर का अंधकार।
  3. (ग) मैंने देवी-देवताओं के लिए फूलों की माला पिरोना सीखा।
  4. (च) अब मैं स्पर्श से बहुत कुछ अनुभव कर सकती थी।
  5. (छ) मैंने इधर-उधर चलकर तीन और ठूँठों का पता लगाया।
  6. (ख) मेरे कान एकाग्र होकर सब तरह की आवाज़ों को सुन रहे थे।
  7. (ज) जो आवाज़ मैं सुन रही थी वह तो मुदालियर की थी।
  8. (घ) मैंने सुनंदा को अंधविद्यालय में भरती करवाने का निश्चय किया है।

जीवन मूल्यपरक प्रश्न

सुनंदा पेड़ों की कटाई को क्यों रोकना चाहती थी?

उत्तर – सुनंदा पेड़ों की कटाई इसलिए रोकना चाहती थी क्योंकि उसने पेड़ों की कमी के कारण हुए भूस्खलन में अपने माता-पिता को खो दिया था। वह जानती थी कि पेड़ पहाड़ों को सुरक्षा देते हैं।

भाषा ज्ञान

  1. सही उत्तर पर लगाइए-

(क) ‘चमत्कारिक’ शब्द कैसे बना है?

(i) चमत्कारि + क

(ii) चमत्कार + इक

(iii) चमत्का + रिक

(iv) चमत्कार + क

(ख) अनिच्छापूर्वक शब्द का क्या अर्थ है?

(i) आधी इच्छा के साथ

(ii) इच्छा पूरी करके

(iii) बिना इच्छा के

(iv) इच्छा न करके

(ग) सही वर्तनीवाला शब्द कौन सा है?

(i) सीसकिया

(iii) सिसिकियाँ

(ii) सिसकीयाँ

(iv) सिसकियाँ

 

  1. निम्नलिखित दो-दो वाक्यों को जोड़कर एक वाक्य बनाइए-

(क) पिता पहाड़ी की ढलान पर खेती करते थे और माँ बकरियों की देखभाल करती थी।

(ख) मैं पेड़ के तने का सहारा लेकर बैठ जाती थी और गुगु भी मेरे निकट बैठ जाता था।

(ग) मैंने एक पत्थर उठाया और उसे ठूँठ के भीतरी भाग से रगड़ा।

(घ) मैंने आज गुगु को नेतृत्व सौंप दिया और वह मुझे आगे-आगे घसीटने लगा।

(ङ) मिनटों में एक ज़ोर का धमाका हुआ और मेरे सिर पर एक पत्थर आ लगा।

 

  1. जानें – जो शब्द किसी के पुरुष जाति होने का ज्ञान कराते हैं उन्हें पुल्लिंग कहते हैं; जैसे- लड़का, पिता, आचार्य, बैल आदि।

जो शब्द किसी के स्त्री जाति होने का ज्ञान कराते हैं उन्हें स्त्रीलिंग कहते हैं; जैसे- बालिका, माता, बुढ़िया, बंदरिया आदि।

निम्नलिखित शब्दों के पुल्लिंग रूप लिखिए-

(क) बकरी – बकरा

(ख) लड़की – लड़का

(ग) कुतिया – कुत्ता

(घ) पत्नी – पति

(ङ) देवी – देव

(च) मामी – मामा

(छ) माता – पिता

(ज) औरत – आदमी

 

  1. निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्यायवाची लिखिए-

(क) पहाड़ – पर्वत, गिरि

(ख) फूल – पुष्प, सुमन

(ग) घर – गृह, सदन

(घ) रात – रात्रि, निशा

(ङ) पेड़ – वृक्ष, तरु

(च) धरती – पृथ्वी, भूमि

 

  1. निम्नलिखित अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए-

(क) जो कानून के अनुसार न हो अवैध

(ख) जहाँ अंधों को शिक्षा दी जाती है अंधविद्यालय

(ग) राष्ट्र से संबंधित राष्ट्रीय

(घ) चट्टानों का टूटकर गिरना भूस्खलन

(ङ) सुनने की शक्ति श्रवण शक्ति

(च) अपने ऊपर विश्वास आत्मविश्वास

रोचक क्रियाकलाप

  1. सुनंदा को पुलिस विभाग द्वारा इनाम दिया गया है। उसे बधाई पत्र लिखिए।

उत्तर – प्रिय सुनंदा,

तुम्हारी बहादुरी की खबर सुनकर मन गर्व से भर गया। आँखों की ज्योति न होने के बावजूद तुमने जिस तरह तस्करों को पकड़ाया, वह हम सबके लिए प्रेरणा है। इस पुरस्कार के लिए तुम्हें बहुत-बहुत बधाई!

तुम्हारा मित्र।

 

  1. यदि गुगु बोल सकता तो सुनंदा के इनाम मिलने पर क्या कहता? अपनी कल्पना के आधार पर एक अनुच्छेद लिखिए।

उत्तर – “वाह सुनंदा! आज मेरा सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। जब तुम उस रात डर के मारे काँप रही थीं, तब मैंने तुम्हारा हाथ चाटकर तुम्हें भरोसा दिलाया था कि मैं तुम्हारे साथ हूँ। लोग कहते थे कि तुम देख नहीं सकतीं, लेकिन आज तुमने साबित कर दिया कि असली दृष्टि आँखों में नहीं, मन के साहस में होती है। तुमने जिस तरह मुदालियर की आवाज़ पहचानी और अपनी जान जोखिम में डालकर तस्करों का पीछा किया, वह किसी चमत्कार से कम नहीं था। यह इनाम और सम्मान तुम्हारी इसी निडरता की जीत है। अब तुम अंधविद्यालय जाओगी, तो वहाँ भी अपनी चमक बिखेरना। मैं हमेशा तुम्हारे साये की तरह तुम्हारे साथ रहूँगा और तुम्हारी सुरक्षा करूँगा। शाबाश, मेरी बहादुर दोस्त!”

  1. इस कहानी का जो भाग आपको सबसे अच्छा लगा हो उसे संवाद रूप में लिखकर उसका अभिनय कीजिए

उत्तर – छात्र इसे शिक्षक की सहायता से पूरा करेंगे।

गृहकार्य

जानें- हिंदी भाषा में कुछ शब्द जोड़े के रूप में प्रयोग किए जाते हैं। इन्हें शब्द-युग्म कहते हैं;

जैसे माता-पिता, जल्दी-जल्दी आदि।

इस पाठ में बहुत से शब्द-युग्मों का प्रयोग किया गया है; उनकी सूची बनाइए।

माता-पिता, जल्दी-जल्दी, धीरे-धीरे, ऊपर-नीचे, उमड़ती-घुमड़ती, बिना-सोचे समझे, किर्र-किर्र, धक-धक, नन्हे-नन्हे।

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