पाठ का सारांश
आर. के. नारायण द्वारा लिखित ‘स्वामी की दादी’ मालगुडी की पृष्ठभूमि पर आधारित एक मर्मस्पर्शी कहानी है, जो एक पोते स्वामीनाथन और उसकी दादी के बीच के सहज प्रेम, नोक-झोंक और पीढ़ीगत अंतराल (Generation Gap) को दर्शाती है।
कहानी का सारांश
- दादी की पुकार और स्वामी की बेरुखी
स्वामीनाथन क्रिकेट का शौकीन बालक है। एक शाम जब वह स्कूल से लौटकर खेलने जाने की जल्दी में था, तो उसकी दादी ने उसे नींबू लाने के लिए बुलाया। दादी ने उसे लालच भी दिया और समय की पाबंदी की शर्त भी रखी, लेकिन खेल के जुनून में स्वामी ने दादी की बात अनसुनी कर दी और उनके पेट दर्द की शिकायत को नज़रअंदाज़ कर खेलने चला गया।
- पश्चाताप की भावना
खेल खत्म होने के बाद जब स्वामी घर लौट रहा था, तो उसकी अंतरात्मा जाग उठी। उसे लगा कि वह एक ‘कृतघ्न’ और ‘पत्थर दिल’ इंसान है जिसने अपनी बीमार दादी की मदद नहीं की। उसे डर लगने लगा कि कहीं उसकी लापरवाही के कारण दादी की तबीयत ज़्यादा न बिगड़ गई हो। वह अपराधी भाव से भरकर दबे पाँव दादी के पास पहुँचा।
- दादी की ममता और स्वामी का उत्साह
दादी को जीवित और शांत पाकर स्वामी की जान में जान आई। जब उसे पता चला कि रसोई में नींबू पहले से ही मौजूद थे और दादी उसे झिड़क नहीं रही हैं, तो उसके मन का बोझ हल्का हो गया। अब वह अपनी दुनिया की बातें दादी से साझा करने लगा। उसने बड़े गर्व से बताया कि उसके दोस्त उसे ‘टेट’ (मशहूर क्रिकेटर Maurice Tate) कहते हैं।
- अज्ञानता और क्रिकेट का पाठ
दादी क्रिकेट के बारे में कुछ नहीं जानती थीं। स्वामी उनकी ‘नासमझी’ पर हक्का-बक्का रह गया। उसने उत्साह में आकर दादी को क्रिकेट, अपनी टीम M.C.C. और अपने अमीर दोस्त राजम के बारे में एक लंबा भाषण पिला दिया। दादी को कुछ समझ नहीं आ रहा था, फिर भी वे अपने पोते के ज्ञान पर हैरान होकर सिर हिलाती रहीं।
- पारिवारिक मिलन
तभी स्वामी के पिता अपने छोटे बच्चे अर्थात् स्वामी के भाई को लेकर वहाँ पहुँचे। उन्होंने स्वामी को दादी को ‘लेक्चर’ देते देख मज़ाक उड़ाया। दादी ने अपने पोते का पक्ष लेते हुए बेटे से कहा कि वे उसे न चिढ़ाएँ। अंत में, पिता अपने छोटे बेटे की चहक और स्वामी के साथ खुशहाल माहौल में रात के खाने के लिए चले गए।
मुख्य बिंदु
पीढ़ीगत अंतर – दादी पुराने समय और धर्म-कर्म की बातों में रमी हैं, जबकि स्वामी आधुनिक खेल (क्रिकेट) का दीवाना है।
निस्वार्थ प्रेम – स्वामी का पहले झिड़कना और बाद में पश्चाताप करना बच्चों के स्वाभाविक व्यवहार को दिखाता है।
संवाद का महत्त्व – दादी कुछ न समझते हुए भी स्वामी की बातें सुनती हैं, क्योंकि उनके लिए जानकारी से ज़्यादा पोते का साथ महत्त्वपूर्ण है।
कठिन शब्दार्थ
1 – अनुशासन – नियम का पालन – Discipline
2 – पसीज गया – दया आना / पिघलना – Melted with pity
3 – चतुराई – होशियारी – Cleverness / Smartness
4 – शर्त – बाजी / वचन – Condition / Bet
5 – पाबंदी – रोक / नियम – Restriction / Strictness
6 – चिढ़ गया – झुंझलाना – Irritated / Annoyed
7 – ख्याल – विचार – Thought / Idea
8 – अंतरात्मा – मन की आवाज़ – Conscience
9 – अपराधी – दोषी – Guilty / Offender
10 – करुण – दयालु / दुख भरा – Piteous / Merciful
11 – कृतघ्न – उपकार न मानने वाला – Ungrateful
12 – पत्थर दिल – कठोर हृदय – Hard-hearted
13 – कोसा – बुरा-भला कहना – Cursed / Reproached
14 – रसोइए – खाना बनाने वाला – Cook / Chef
15 – झिड़क – डाँट – Scolding / Snub
16 – क्षणों – पलों – Moments
17 – बोझ – भार – Burden / Weight
18 – अज्ञानता – जानकारी का अभाव – Ignorance
19 – निराशा – उम्मीद टूटना – Disappointment
20 – पश्चाताप – पछतावा – Remorse / Repentance
21 – आश्चर्य – हैरानी – Surprise / Wonder
22 – मशहूर – प्रसिद्ध – Famous / Renowned
23 – भाषण – व्याख्यान – Speech / Lecture
24 – आश्चर्यचकित – हैरान होना – Amazed / Astonished
25 – राजनीति – राजकाज की विद्या – Politics
26 – दर्शन – जीवन का ज्ञान – Philosophy
27 – दुनिया-जहान – सारा संसार – The whole world
28 – विदाई – अलग होना – Farewell / Parting
29 – घटना – वाकया – Incident / Event
30 – रसोई – किचन – Kitchen
31 – समाप्त – खत्म – Finish / Complete
32 – लालच – लोभ – Greed / Temptation
33 – घूरकर – टकटकी लगाकर देखना – Staring / Glaring
34 – तड़प – छटपटाहट – Agony / Restlessness
35 – स्थित – मौजूद – Situated / Located
36 – चिंतित – परेशान – Worried / Anxious
37 – प्रकट – जाहिर करना – Reveal / Express
38 – घोर – बहुत अधिक – Intense / Extreme
39 – व्यवहार – बर्ताव – Behavior / Conduct
40 – हक्का-बक्का – चकित – Dumbfounded / Stunned
41 – नासमझी – बेवकूफी – Naivety / Silliness
42 – धर्म-कर्म – धार्मिक कार्य – Religious deeds
43 – हवा – वायु – Air / Wind
44 – सैकड़ों – बहुत सारे – Hundreds
45 – महत्त्वपूर्ण – खास – Important / Significant
46 – गले – कंठ – Neck / Throat
47 – चहका – चहचहाना – Chirped / Warbled
48 – कोशिश – प्रयत्न – Effort / Attempt
49 – चिपटा – सटा हुआ – Clung / Stuck
50 – रटना – बार-बार बोलना – Rote / Repeating
51 – अचानक – एकाएक – Suddenly
52 – चौराहा – जहाँ चार राहें मिलें – Crossroads
53 – बस्ता – स्कूल बैग – School bag
54 – चिल्लाकर – ज़ोर से बोलना – Shouting / Yelling
55 – बेचारी – लाचार – Helpless / Poor thing
56 – पाबंदी – समय का पालन – Punctuality
57 – दोस्त – मित्र – Friend
58 – शक्ति – ताकत – Power / Strength
59 – मदद – सहायता – Help / Aid
60 – हॉल – बड़ा कमरा – Hall
61 – बत्ती – रोशनी / लाइट – Light / Lamp
62 – कसम – सौगंध – Oath / Vow
63 – संबंध – रिश्ता – Relation / Connection
64 – दर्जन – बारह का समूह – Dozen
65 – तेज़ – तीव्र – Fast / Quick
66 – बेवकूफ़ – मूर्ख – Fool / Idiot
67 – अचरज – अचंभा – Wonder / Surprise
68 – मद्रास – चेन्नई का पुराना नाम – Madras (Chennai)
69 – कठिन – मुश्किल – Difficult / Hard
70 – गोद – अंक – Lap
71 – छुटकू – छोटा बच्चा – Little one
72 – चहक – खुशी की आवाज़ – Joyful sound
73 – शांत – चुपचाप – Quiet / Peaceful
74 – डरते-डरते – भय के साथ – Fearfully
75 – झिड़कना – डाँटना – To snub / To scold
76 – झुँझलाना – चिढ़ना – To be annoyed
77 – रसोइया – महाराज / कुक – Cook
78 – अँधेरा – तम – Darkness
79 – साफ़ – स्पष्ट – Clear
80 – सवाल – प्रश्न – Question
81 – जवाब – उत्तर – Answer
82 – सच – सत्य – Truth
83 – मीठा – मधुर – Sweet
84 – दुनिया – जग – World
85 – अनुशासन – शिष्टाचार – Discipline
मौखिक – 1. उच्चारण कीजिए –
क्रिकेट, ग्रोव, मित्र, मद्रास, स्ट्रीट, शर्त, दर्द, दर्जन, आश्चर्य, धर्म-कर्म, दर्शन कॉफ़ी, हॉल, बॉल, चिढ़, झिड़क, डरते, चिढ़ाओ, क्षण, भाषण
क्रिकेट – क्रि-केट (Kri-ket)
ग्रोव – ग्रो-व (Grov)
मित्र – मित्-र (Mit-ra)
मद्रास – मद्-रास (Mad-raas)
स्ट्रीट – स्-ट्रीट (S-treet)
शर्त – शर-त (Shart)
दर्द – दर-द (Dard)
दर्जन – दर-जन (Dar-jan)
आश्चर्य – आश-च-र्य (Aash-cha-rya)
धर्म-कर्म – धरम-करम (Dharam-karam)
दर्शन – दर-शन (Dar-shan)
कॉफ़ी – कॉ-फ़ी (Cau-fee)
हॉल – हॉ-ल (Haul)
बॉल – बॉ-ल (Baul)
चिढ़ – चि-ढ़ (Chidh)
झिड़क – झि-ड़क (Zhi-dak)
डरते – डर-ते (Dar-te)
चिढ़ाओ – चि-ढ़ा-ओ (Chi-dhaa-o)
क्षण – क-षण (Kshan)
भाषण – भा-षण (Bhaa-shan)
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर बताइए-
(क) दादी ने नींबू लाने के लिए स्वामी के सामने क्या शर्त रखी?
उत्तर – दादी ने शर्त रखी कि स्वामी को दस तक गिनती खत्म होने से पहले नींबू लेकर वापस आना होगा।
(ख) स्वामी ने दादी को सिक्के लौटाकर क्या कहा?
उत्तर – स्वामी ने दादी को सिक्के लौटाते हुए चिढ़कर कहा— “अगर इतनी जल्दी है तो किसी और से मँगा लो या अपने आप ले आओ।”
(ग) शांत लेटी हुई दादी को देखकर स्वामी ने क्या सोचा?
उत्तर – शांत लेटी हुई दादी को देखकर स्वामी डर गया और उसने सोचा कि कहीं दादी पेट दर्द के मारे मर तो नहीं गई हैं।
(घ) स्वामी अपनी दादी की किस नासमझी पर हक्का-बक्का रह गया?
उत्तर – जब दादी ने पूछा कि “क्रिकेट क्या होता है?”, तो उनकी इस नासमझी पर स्वामी हक्का-बक्का रह गया।
लिखित
- सही उत्तर पर ✓ लगाइए-
(क) दादी ने स्वामी को आवाज़ कब लगाई?
(i) जब वह घर लौट रहा था।
(ii) जब वह क्रिकेट खेलने जाने वाला था। ✓
(iii) जब वह कॉफ़ी पी रहा था।
(iv) जब वह चौराहा पार कर रहा था।
(ख) किस बात से स्वामी के मन का बोझ उतर गया?
(i) दादी के पेट का दर्द ठीक है।
(ii) दादी स्वामी को नहीं झिड़केगी।
(iii) माँ के पास नींबू रखे थे। ✓
(iv) दादी स्वामी को प्यार करेगी।
(ग) दादी नींबू क्यों मँगवाना चाहती थी?
(i) उसे डॉक्टर ने नींबू पानी पीने को कहा था।
(ii) उसे नींबू पानी पीना अच्छा लगता था।
(iii) स्वामी छाँटकर अच्छे नींबू लाकर देता था।
(iv) पेट दर्द को दूर करने के लिए वह नींबू पानी पीना चाहती थी। ✓
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
(क) कॉफी समाप्त करके स्वामी दादी के पास क्यों गया?
उत्तर – स्वामी का दिल पसीज गया था। उसे लगा कि बेचारी दादी एक जगह बैठी आवाज़ देती रहती हैं और कोई उन पर ध्यान नहीं देता, इसलिए कॉफी समाप्त करके वह उनके पास गया।
(ख) दादी ने स्वामी को छह पाई देकर क्या कहा?
उत्तर – दादी ने स्वामी से कहा कि इनमें से तीन पाई तुम्हारे लिए हैं और बाकी तीन से मेरे लिए नींबू ले आना।
(ग) घर लौटते समय स्वामी अपने आपको पत्थर दिल क्यों समझ रहा था?
उत्तर – घर लौटते समय स्वामी अपने आपको पत्थर दिल समझ रहा था क्योंकि वह बीमार दादी को नींबू लाकर दिए बिना खेलने चला गया था। उसे लगा कि उसने अपनी दादी के प्रति कृतघ्नता दिखाई है।
(घ) स्वामी ने दादी को अपनी टीम के बारे में क्या जानकारी दी?
उत्तर – स्वामी ने बताया कि उनकी टीम का नाम M.C.C. है, राजम ने टीम पर बहुत पैसे खर्च किए हैं और सरकार को भी उनकी टीम की जानकारी है।
- कारण लिखिए –
(क) स्वामी ने दादी के पैसे लौटा दिए—
उत्तर – क्योंकि वह समय की पाबंदी की शर्त सुनकर चिढ़ गया था।
(ख) दादी ने पूछा- ”टेट क्या होता है?”—
उत्तर – क्योंकि उन्हें क्रिकेट के खेल और उसके खिलाड़ियों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
(ग) दादी ने स्वामी की ओर प्यार से देखा—
उत्तर – क्योंकि स्वामी उन्हें बड़े उत्साह से अपनी दुनिया की बातें बता रहा था और वह उसे पिता की डाँट से बचाना चाहती थीं।
जीवन मूल्यपरक प्रश्न
कहानी की किस घटना से पता चलता है कि स्वामी अपनी दादी से बहुत प्यार करता था?
उत्तर – जब स्वामी खेल खत्म करके लौटता है और उसे अपनी गलती का एहसास होता है, तो वह खुद को ‘कृतघ्न’ और ‘अपराधी’ मानता है। दादी के कमरे में सन्नाटा देखकर वह उनके स्वास्थ्य के लिए डर जाता है। यह घटना दर्शाती है कि वह अपनी दादी से बहुत प्यार करता था।
भाषा ज्ञान
- सही उत्तर पर ✓ लगाइए-
(क) ‘याद आना’ का विलोम रूप क्या होगा?
(i) सोचना
(ii) भूल जाना ✓
(iii) चिंता करना
(iv) पछताना
(ख) ‘चिल्लाना’ का भूतकाल रूप क्या होगा?
(i) चिल्लाओ
(ii) चिल्लाऊँ
(iii) चिल्लाए
(iv) चिल्लाया ✓
(ग) ‘आवाज’ का पर्यायवाची क्या होगा?
(i) शब्द
(ii) पुकार
(iii) ध्वनि ✓
(iv) कथन
(घ) कौन सा शब्द क्रिया नहीं है?
(i) कहा
(ii) दिया
(iii) सुना
(iv) चिंता ✓
- जानें – किसी शब्द के वर्णों (स्वर और व्यंजन) को अलग करके लिखने को वर्ण विच्छेद कहते हैं।
दिए गए वर्ण-विच्छेद से शब्द बनाकर लिखिए-
(क) ख् + अ + त् + म् + अ = खत्म
(ख) ध् + य् + आ + न् + अ = ध्यान
(ग) म् + अ + श् + अ + ह् + ऊ + र् + अ = मशहूर
(घ) च् + औ + र् + आ + ह् + आ = चौराहा
(ङ) म् + ऐ + द् + आ + न् + अ = मैदान
- सही मुहावरा चुनकर रिक्त स्थान में लिखिए-
(हक्का-बक्का रह जाना, पाठ पढ़ाना, पत्थर दिल होना, मन का बोझ उतर जाना, दिल पसीज जाना)
(क) मुझे तो खुद विराट कोहली ने क्रिकेट का पाठ पढ़ाया है।
(ख) भिखारी को ठंड से काँपता देख सभी का दिल पसीज जाना ।
(ग) अचानक पुलिस को सामने देखकर चोर हक्का-बक्का रह जाना ।
(घ) उस पत्थर दिल इनसान पर किसी के दुख का कोई असर नहीं होता।
(ङ) कर्ज़ उतर जाने के बाद शरद के मन का बोझ उतर गया गया।
- रिक्त स्थानों में ‘कि’ अथवा ‘और’ लिखकर वाक्य पूरे कीजिए-
(क) दादी कुछ कह रही थी और उसकी आवाज़ बाहर सुनाई दे रही थी।
(ख) स्वामी को ध्यान आया कि दादी ने नींबू मँगाए थे।
(ग) दादी मुसकराई और उसने स्वामी को पास बैठा लिया।
(घ) स्वामी ने दादी को क्रिकेट के बारे में बताया और कुछ खिलाड़ियों के चित्र
दिखाए।
(ङ) स्वामी चिंतित था कि दादी को नींबू मिले या नहीं।
- निम्नलिखित द्वित्व व्यंजनों के प्रयोग वाले तीन-तीन शब्द लिखिए-
(क) क्क – सिक्के, पक्का, चक्का
(ख) च्च – बच्चा, कच्चा, सच्चा
(ग) ल्ल – चिल्लाया, बल्ला, गुल्लक
रोचक क्रियाकलाप
- एक अनुच्छेद में लिखिए कि आपको कौन-सा खेल प्रिय है और आप अपनी दादी माँ/नानी माँ को उसके विषय में क्या बताएँगे।
उत्तर – मेरा प्रिय खेल क्रिकेट है। यदि मुझे अपनी दादी माँ या नानी माँ को इसके बारे में बताना हो, तो मैं उन्हें स्वामी की तरह तकनीकी भाषण नहीं दूँगा, बल्कि उनकी भाषा में समझाऊँगा। मैं उन्हें बताऊँगा कि यह खेल केवल हार-जीत का नहीं, बल्कि टीम भावना और अनुशासन का है। मैं उन्हें समझाऊँगा कि जैसे वे घर के सभी सदस्यों को जोड़कर रखती हैं, वैसे ही एक कप्तान अपनी टीम को जोड़ता है। मैं उन्हें यह भी बताऊँगा कि जब पूरा देश एक साथ मिलकर अपनी टीम के लिए प्रार्थना करता है, तो वह दृश्य कितना अद्भुत होता है। अंत में, मैं उनसे कहूँगा कि इस खेल को देखने में जो आनंद आता है, वह वैसा ही है जैसा उनके द्वारा सुनाई गई किसी रोमांचक कहानी को सुनने में आता है।
- आपके और स्वामी के व्यवहार में जो बातें समान हैं उन्हें लिखिए।
उत्तर – स्वामीनाथन और मेरे व्यवहार में निम्नलिखित बातें काफी समान हैं –
खेल के प्रति जुनून – स्वामी की तरह मुझे भी खेल (विशेषकर क्रिकेट) बहुत प्रिय है। अक्सर खेल के चक्कर में मैं भी खाने-पीने और समय का होश खो देता हूँ।
अपराध बोध (Guilt) – जिस तरह स्वामी अपनी दादी को नींबू लाकर न देने पर बाद में पछताता है, वैसे ही यदि मैं कभी अपनी दादी/नानी की बात अनसुनी कर देता हूँ, तो बाद में मुझे भी बहुत बुरा लगता है।
अनुभव साझा करना – स्वामी अपनी दुनिया की छोटी-छोटी बातें (जैसे अपना नया नाम ‘टेट’) अपनी दादी को बड़े उत्साह से बताता है। मैं भी स्कूल में हुई हर छोटी-बड़ी बात अपनी दादी माँ को आकर सुनाता हूँ।
ममता की छाया – स्वामी अपनी दादी के पास सुरक्षित महसूस करता है और अक्सर पिता की डाँट से बचने के लिए उनकी शरण लेता है। मेरे साथ भी ऐसा ही होता है; दादी माँ हमेशा मेरी ‘सुरक्षा ढाल’ बनी रहती हैं।
- अपने खेल अध्यापक की सहायता से क्रिकेट के मैदान का चित्र बनाइए।
उत्तर – छात्र इसे अपने स्तर पर करें।
गृहकार्य
यदि विराट कोहली अथवा ऋषभ पंत से मिलने का अवसर मिले तो आप उनसे क्या प्रश्न पूछेंगे? चार प्रश्न बनाकर लिखिए।
विराट कोहली से प्रश्न –
- मानसिक दृढ़ता (Mental Toughness) – जब आप मैदान पर होते हैं और पूरा स्टेडियम आपकी ओर देख रहा होता है, तब आप अपने दबाव (Pressure) को आत्मविश्वास में कैसे बदलते हैं?
- अनुशासन और फिटनेस – एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के लिए फिटनेस कितनी महत्त्वपूर्ण है और आप अपनी डाइट पर इतना कड़ा नियंत्रण कैसे रख पाते हैं?
- असफलता से सीख – आपके करियर का वह कौन सा कठिन दौर था जिसने आपको एक बेहतर इंसान और खिलाड़ी बनाया?
- युवाओं के लिए संदेश – आज के उन बच्चों के लिए आपकी क्या सलाह है जो आपकी तरह महान क्रिकेटर बनने का सपना देखते हैं?
ऋषभ पंत से प्रश्न –
- वापसी का जज्बा (Comeback) – अपनी गंभीर चोट के बाद आपने जिस तरह से क्रिकेट के मैदान पर वापसी की, उस दौरान आपको सबसे ज्यादा प्रेरणा कहाँ से मिली?
- निडर खेल (Fearless Cricket) – आप कठिन परिस्थितियों में भी इतने निडर होकर बड़े शॉट कैसे खेल लेते हैं? क्या आपको कभी आउट होने का डर नहीं लगता?
- विकेटकीपिंग और एकाग्रता – विकेट के पीछे खड़े रहकर लगातार ध्यान (Focus) बनाए रखने के लिए आप क्या विशेष अभ्यास करते हैं?
- जीवन के प्रति नज़रिया – दुर्घटना के बाद आपके जीवन को देखने के नज़रिए में क्या बदलाव आया है?

