Subhadra Kumari Chauhan (Sansmaran) – Mahadevi Varma, Bhasha Mani, Class VII, The Best Solution

पाठ का सारांश

यह संस्मरण प्रसिद्ध लेखिका महादेवी वर्मा द्वारा अपनी मित्र और महान कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की याद में लिखा गया है। इसमें सुभद्रा जी के व्यक्तित्व, सादगी, साहस और उनके साथ बिताए गए मधुर क्षणों का वर्णन है।

  1. प्रथम परिचय और कविता की चोरी –

महादेवी और सुभद्रा जी की मित्रता प्रयाग के ‘क्रास्थवेट गर्ल्स कॉलेज’ में हुई थी। सुभद्रा जी महादेवी से दो कक्षा सीनियर थीं। जब उन्हें पता चला कि महादेवी छिपकर कविताएँ लिखती हैं, तो उन्होंने जबरदस्ती महादेवी की गणित की कॉपी ढूँढ निकाली और पूरे हॉस्टल में उनकी कविता का ढिंढोरा पीट दिया। यहीं से उनकी गहरी और अटूट मित्रता की शुरुआत हुई।

  1. निश्छल और प्रभावशाली व्यक्तित्व –

सुभद्रा जी का व्यक्तित्व एक साधारण भारतीय नारी जैसा था—गोल मुख, चौड़ा माथा और आँखों में भावों की तरलता। उनमें वीरों जैसी उग्रता नहीं, बल्कि बच्चों जैसी मासूम हँसी थी। वे स्वभाव से बहुत धुन की पक्की थीं, जिसका उदाहरण उनके बचपन की ‘कृष्ण को ढूँढने की ज़िद’ से मिलता है, जब वे गोपी बनकर काँटों भरे जंगल में चली गई थीं।

  1. संघर्ष और देशप्रेम –

सुभद्रा जी का विवाह स्वतंत्रता सेनानी लक्ष्मण सिंह के साथ हुआ। उन्होंने अपना गृहस्थ जीवन विलासिता में नहीं, बल्कि जेल और संघर्षों के बीच बिताया। जेल में आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अपनी भूखी बच्ची को अरहर की दाल भूनकर खिलाई, लेकिन सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। वे घर पर गोबर के कंडे भी पाथती थीं और ओजपूर्ण कविताएँ भी लिखती थीं।

  1. क्रांतिकारी विचार –

सुभद्रा जी रूढ़ियों को नहीं मानती थीं। उन्होंने अपनी बेटी के विवाह पर ‘कन्यादान’ करने से इनकार कर दिया। उनका तर्क था कि क्या मनुष्य, मनुष्य को दान करने का अधिकारी है? वे जातिवाद की संकीर्णता से बहुत ऊपर थीं।

  1. महादेवी और सुभद्रा का स्नेह –

सुभद्रा जी महादेवी के लिए छोटी-छोटी चीज़ें—जैसे मिर्च का अचार, बासी पूरी, रंगीन चकला-बेलन और नीली चूड़ियाँ उपहार में लाती थीं। महादेवी को स्टेशन पर चूड़ियाँ पहनाना और छोटी-छोटी बातों पर घंटों हँसना उनकी मित्रता का अहम हिस्सा था। वे अक्सर सभाओं में न हँसने की प्रतिज्ञा करके जाती थीं, लेकिन वहाँ पहुँचते ही सुभद्रा जी की कोई शरारत उन्हें हँसाने पर मजबूर कर देती थी।

  1. अंतिम विदा –

महादेवी बताती हैं कि सुभद्रा जी ने अपनी आर्थिक विवशताओं के कारण कई निमंत्रण स्वीकार किए, लेकिन महादेवी के आत्म-सम्मान और निर्णयों का हमेशा बचाव किया। वसंत पंचमी के दिन प्रकृति की सुंदरता के बीच सुभद्रा जी ने इस दुनिया से विदा ली।

मुख्य संदेश –

यह संस्मरण हमें सिखाता है कि महानता बाहरी चमक-धमक में नहीं, बल्कि सरल स्वभाव, निस्वार्थ प्रेम और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने में है। सुभद्रा जी का जीवन संघर्ष, वात्सल्य और देशभक्ति का एक अद्भुत संगम था।

कठिन शब्दार्थ

1 तरल – पिघला हुआ / बहने वाला Fluid / Liquid

 2 खीझकर – चिढ़कर Irritatedly

 3 अनायास – अचानक / बिना प्रयास के Effortlessly / Suddenly

 4 मझोले – मध्यम (कद) Medium (stature)

 5 कृश – दुबली-पतली Thin / Lean

 6 देहयष्टि – शरीर की बनावट Physique / Body structure

 7 रौद्र – भयानक / क्रोधपूर्ण Fierce / Furious

 8 भृकुटियाँ – भौहें Eyebrows

 9 भावस्नात – भावनाओं से भीगी Bathed in emotions

 10 नासिका – नाक Nose

 11 निश्छल – छल-रहित / पवित्र Guileless / Innocent

 12 कोमल – मुलायम / नाजुक Soft / Tender

 13 उदार – बड़े दिल वाला Generous / Magnanimous

 14 असाधारण – विशेष Extraordinary

 15 तृप्ति – संतोष Satisfaction / Contentment

 16 अस्वीकृति – मना करना Rejection / Denial

 17 संधि – मेल / जोड़ Junction / Union

 18 अपराधिनी – कसूरवार (स्त्री) Culprit / Offender (Female)

 19 अनधिकार – बिना अधिकार के Unauthorized

 20 तुकबंदियाँ – कविता की पंक्तियाँ मिलाना Rhyming

 21 अन्वेषिका – खोज करने वाली Investigator / Searcher

 22 अभियुक्ता – जिस पर आरोप लगा हो Accused (Female)

 23 वीरगीत – वीरता की कविताएँ Heroic songs / Ballads

 24 छंद – काव्य की लय Meter / Verse

 25 प्रतिभा – बुद्धिमानी Talent / Brilliance

 26 अध्ययन – पढ़ाई Study

 27 आवृत्तियाँ – दोहराव Repetitions

 28 अनुपात – हिस्सा / तालमेल Ratio / Proportion

 29 औचित्य – सही होने का कारण Justification / Validity

 30 ब्रह्मसूत्र – कठिन दार्शनिक ग्रंथ Philosophical text

 31 सन्नद्ध – तैयार / लैस Equipped / Prepared

 32 सेनानी – योद्धा Warrior / Soldier

 33 प्राप्य – प्राप्त करने योग्य Attainable / Due

 34 अवकाश – छुट्टी / समय Leisure / Time / Gap

 35 पुष्प-शय्या – फूलों का बिस्तर Bed of flowers

 36 सत्याग्राही – सत्य के लिए आग्रह करने वाला Satyagrahi / Truth-seeker

 37 मिष्ठान – मिठाई Sweets

 38 संयम – नियंत्रण Restraint / Self-control

 39 विस्मय – आश्चर्य Wonder / Amazement

 40 अनुकूल – पक्ष में Favorable

 41 समझौता – मेल-मिलाप (सिद्धांतों से) Compromise

 42 अविचल – जो डगमगाए नहीं Steadfast / Unwavering

 43 लक्ष्य-पथ – मंजिल का रास्ता Path to the goal

 44 कारागार – जेल Prison / Jail

 45 सख्य – मित्रता Friendship

 46 अडिग – स्थिर Firm / Resolute

 47 वचन-भंग – वादा तोड़ना Breach of promise

 48 अहंकार – घमंड Ego / Pride

 49 ग्रंथि – गांठ (मानसिक) Knot / Complex

 50 हीनता – छोटा होने का भाव Inferiority

 51 तन्मयता – मग्न होकर Absorption / Engrossment

 52 संकीर्ण – छोटी (सोच) Narrow / Restricted

 53 तुला – तराजू Scale / Balance

 54 मूक भाव – बिना बोले / चुपचाप Silently

 55 अमिट – जो मिट न सके Indelible

 56 परिधि – घेरा / सीमा Perimeter / Boundary

 57 कौतूहली – जिज्ञासु Curious

 58 आत्मीय – अपनापन भरा Intimate / Dear

 59 निमित्त – के लिए / कारण For the sake of / Purpose

 60 विवशता – मजबूरी Helplessness / Compulsion

 61 संक्रामक – फैलने वाला Infectious / Catching

 62 लकुटी – छोटी लाठी Stick / Staff

 63 गोधूलि बेला – शाम का समय Twilight / Dusk

 64 करीलवन – काँटेदार झाड़ियों का वन Thorny forest

 65 साध – इच्छा / कामना Desire / Wish

 66 प्रस्थान – जाना Departure

 67 सफ़ेद पानी – मांड (चावल का पानी) Starch water

 68 कंडे – गोबर के उपले Cow dung cakes

 69 लीपती – फर्श साफ करना (मिट्टी से) Plastering / Smearing

 70 भानमती का पिटारा – अनोखी वस्तुओं का संग्रह Pandora’s box (of wonders)

 71 अद्भुत – अनोखा Wonderful / Marvelous

 72 बासी – पिछला (भोजन) Stale

 73 चकला-बेलन – रोटी बनाने के उपकरण Rolling board & pin

 74 चुटीली – आकर्षक / तीखी Sharp / Bright

 75 आकर्षित – खिंचा चला आना Attracted

 76 चिकोटी – चुटकी काटना Pinching

 77 सुरम्यता – सुंदरता / सौम्यता Elegance / Beauty

 78 आग्रह – निवेदन / ज़िद Request / Persistence

 79 पुष्पाभरण – फूलों से सजी Adorned with flowers

 80 छवि – सुंदरता / तस्वीर Image / Splendor

 81 नित्य – रोज़ाना Daily

 82 संतुष्ट – खुश Satisfied

 83 पर्याप्त – काफी Enough / Sufficient

 84 उपस्थित – हाजिर Present

 85 विचित्र – अनोखा / अजीब Strange / Peculiar

मौखिक – 1. उच्चारण कीजिए –

अस्वीकृति, स्वीकृति, प्रश्न, कक्षा, उत्तर, प्रतीक्षा, नित्य, अनधिकार, अन्वेषिका, अभियुक्ता, सार्वजनिक कृश देहयष्टि, भृकुटियाँ, भावस्नात, दृढ़ता, ठुड्ढी, लक्ष्य, तृप्ति, महत्त्व, प्रस्तुत, स्वाभाविक, गृहस्थी, शय्या, विस्मय, द्रोणाचार्य, अश्वत्थामा, तन्मयता, विश्वविद्यालय, विरुद्ध, सख्य, ब्रह्मसूत्र, उपेक्षा, अद्भुत, निमित्त, आवृत्तियाँ, सुरम्यता, औचित्य, पुष्पाभरण

पाँचवीं, संधि, संभव, अंक, दंड, संतुष्ट, अँगुलियाँ, आँखें, हँसी, अत्यंत, छंद, संक्रामक, ढूँढ़ने, जंगल, कँटीली, कंठ, आरंभ, अँधेरे, माँगा, अहंकार, ग्रोथ, माँजती, संकीर्ण, डाँटना, संभव, बँगले, चूड़ियाँ

अस्वीकृति – As-vee-kri-ti

तन्मयता – Tan-may-taa

स्वीकृति – Svee-kri-ti

विश्वविद्यालय – Vish-va-vid-yaa-lay

प्रतीक्षा – Pra-teek-shaa

विरुद्ध – Vi-ruddh

अन्वेषिका – An-vay-shi-kaa

सख्य – Sakh-ya

अभियुक्ता – Abhi-yuk-taa

ब्रह्मसूत्र – Brah-ma-soo-tra

कृश देहयष्टि – Krish Day-hash-ti

उपेक्षा – U-payk-shaa

भृकुटियाँ – Bhri-ku-ti-yaan

अद्भुत – Ad-bhut

भावस्नात – Bhaav-snaat

निमित्त – Ni-mit-ta

दृढ़ता – Dridh-taa

आवृत्तियाँ – Aa-vrit-ti-yaan

लक्ष्य – Lak-shya

सुरम्यता – Su-ram-ya-taa

तृप्ति – Trip-ti

औचित्य – Au-chit-ya

विस्मय – Vis-may

पुष्पाभरण – Push-paa-bha-ran

पाँचवीं – Paanch-veen

संक्रामक – San-kraa-mak

संधि – San-dhi

ढूँढ़ने – Dhoon-dh-nay

संभव – Sam-bhav

जंगल – Jan-gal

संतुष्ट – San-tush-t

कँटीली – Kan-tee-lee

अँगुलियाँ – An-gu-li-yaan

आरंभ – Aa-ram-bh

आँखें – Aan-khayn

अँधेरे – An-dhay-ray

हँसी – Han-see

माँगा – Maan-gaa

अत्यंत – At-yant

अहंकार – A-han-kaar

छंद – Chhand

संकीर्ण – San-keern

चूड़ियाँ – Choo-di-yaan

बँगले – Ban-glay

कक्षा – Kak-shaa

महत्त्व – Ma-hat-va

प्रतीक्षा – Pra-teek-shaa

अश्वत्थामा – Ash-vat-thaa-maa

  1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर बताइए-

(क) सुभद्रा जी का विवाह कब हुआ था?

उत्तर – सुभद्रा जी का विवाह तब हुआ था जब वे आठवीं कक्षा की छात्रा थीं।

(ख) सुभद्रा जी के व्यक्तित्व में लेखिका को भारतीय नारी के कौन-कौन से गुण दिखाई दिए?

उत्तर – सुभद्रा जी के व्यक्तित्व में लेखिका महादेवी वर्मा जी को उनके व्यक्तित्व में निश्छलता, कोमलता, उदारता, सादगी और अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ता जैसे गुण दिखाई दिए।

(ग) लेखिका के लिए सुभद्रा जी क्या-क्या चीजें उपहार स्वरूप लेकर जाती थीं?

उत्तर – लेखिका महादेवी वर्मा के लिए सुभद्रा जी पत्थर या शीशे की प्यालियाँ, मिर्च का अचार, बासी पूरी, पेड़े, रंगीन चकला-बेलन और नीली सुनहरी चूड़ियाँ उपहार स्वरूप ले जाती थीं।

(घ) का क्या तर्क दिया?

उत्तर – सुभद्रा जी ने लेखिका के हाथ में चूड़ी पहनाने का यह तर्क दिया कि लेखिका स्वयं पहनने में चूड़ियाँ तोड़ डालती है, इसलिए वे खुद उसे चूड़ियाँ पहना देंगी।

 

लिखित

1. सही उत्तर पर लगाइए

(क) बालिका सुभद्रा ग्वालों के साथ जंगल में क्यों गई?

(i) उसे गोपी बनने का शौक था।

(ii) वह गाय चराने जाना चाहती थी।

(iii) वह जंगल घूमना चाहती थी।

(iv) वह कृष्ण को ढूँढ़ने गई थी।

(ख) भाई लक्ष्मण सिंह जी ने लेखिका से सुभद्रा जी की क्या शिकायत की?

(i) इन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़ दी।

(ii) ये मेरे कारागार जाने से दुखी होती हैं।

(iii) इन्होंने मुझसे कभी कुछ नहीं माँगा।

(iv) ये मेरे साथ कारागार आना चाहती हैं।

(ग) सुभद्रा जी ने किस प्रथा के विरुद्ध घोषणा की?

(i) लड़कियों का कन्यादान करना।

(ii) लड़कियों को लड़कों से कम समझना।

(iii) कारागार जाने को बुराई कहना।

(iv) लड़कियों का कम आयु में विवाह करना।

 

  1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

(क) सातवीं कक्षा की छात्रा पाँचवीं कक्षा की छात्रा की गणित की कॉपी क्यों देखना चाहती थी?

उत्तर – सातवीं कक्षा की छात्रा सुभद्रा जी पाँचवीं कक्षा की छात्रा महादेवी जी की कॉपी इसलिए देखना चाहती थी क्योंकि उसे पता चला था कि महादेवी जी गणित की कॉपी में कविताएँ लिखती हैं।

(ख) लेखिका ने ऐसा क्यों कहा है कि सुभद्रा जी के मानसिक जगत में हीनता की किसी ग्रंथि के लिए अवकाश नहीं था?

उत्तर – लेखिका ने ऐसा कहा है कि सुभद्रा जी के मानसिक जगत में हीनता की किसी ग्रंथि के लिए अवकाश नहीं था क्योंकि सुभद्रा जी एक ओजस्वी कवयित्री और सेनानी थीं। वे घर के कठिन काम जैसे कंडे पाथना, बर्तन माँजना भी उतनी ही तन्मयता से करती थीं जितनी तन्मयता से कविता लिखती थीं। उन्होंने अभावों में भी अपनी गरिमा बनाए रखी।

(ग) कारागार में भूख से रोती बालिका को सुभद्रा जी ने कैसे बहलाया?

उत्तर – कारागार में जब बालिका भूख से रो रही थी, तब सुभद्रा जी ने अन्य कैदी महिलाओं से थोड़ी अरहर की दाल ली और उसे तवे पर भूनकर बालिका को खिलाकर उसका मन बहलाया।

(घ) सुभद्रा जी के सामने कवि सम्मेलनों में भाग लेने की क्या विवशता थी?

उत्तर – सुभद्रा जी की आर्थिक स्थितियाँ उन्हें कवि सम्मेलनों के निमंत्रण स्वीकार करने के लिए विवश कर देती थीं, ताकि वे घर और बच्चों की ज़रूरतों को पूरा कर सकें।

 

  1. आशय स्पष्ट कीजिए-

“घर आने पर भी उनकी दशा द्रोणाचार्य जैसी हो जाती थी, जिन्हें दूध के लिए मचलते बालक अश्वत्थामा को चावल के घोल का सफ़ेद पानी देकर बहलाना पड़ा था।”

उत्तर – इस पंक्ति का आशय यह है कि सुभद्रा जी की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि वे अपने बच्चों को दूध भी उपलब्ध नहीं करा पाती थीं। उनकी तुलना द्रोणाचार्य से की गई है जिन्होंने गरीबी के कारण अपने पुत्र अश्वत्थामा को दूध के स्थान पर चावल के घोल का सफ़ेद पानी पिलाकर बहलाया था।

  1. निम्नलिखित वाक्य यदि उत्तर हैं तो उनके प्रश्न क्या होंगे? प्रश्न बनाइए।

(क) तुम्हारी कक्षा की लड़कियाँ तो कहती हैं कि तुम गणित की कॉपी तक में कविता लिखती हो।

उत्तर – सुभद्रा जी ने महादेवी जी से उनकी कॉपी के बारे में क्या कहा?

(ख) एक दिन बालिका सुभद्रा ने निश्चय किया कि वे गोपी बनकर कृष्ण को ढूँढ़ने जाएँगी।

उत्तर – बालिका सुभद्रा ने एक दिन क्या निश्चय किया?

(ग) अध्ययन का क्रम भंग हो जाने के कारण उन्हें विद्यालय की शिक्षा नहीं मिल सकी।

उत्तर – सुभद्रा जी को विश्वविद्यालय की शिक्षा क्यों नहीं मिल सकी?

(घ) बँगले में आकर मैं देखती कि सुभद्रा जी रसोईघर में या बरामदे में भानमती का पिटारा खोले बैठी हैं।

उत्तर – लेखिका बँगले में आकर क्या देखती थी?

(ङ) बसंत पंचमी को पुष्पाभरण धरती की छवि आँखों में भरकर सुभद्रा ने विदा ली।

उत्तर – सुभद्रा जी ने दुनिया से विदा कब ली?

 

जीवन मूल्यपरक प्रश्न

सुभद्रा जी ने कन्यादान के विरुद्ध घोषणा करने के क्या तर्क दिए?

उत्तर – सुभद्रा जी का तर्क था कि मनुष्य, मनुष्य को दान करने का अधिकारी नहीं है। वे मानती थीं कि विवाह के बाद भी उनकी बेटी उनकी ही रहेगी, इसलिए ‘कन्यादान’ की परंपरा अनुचित है।

 

भाषा ज्ञान

  1. सही उत्तर पर लगाइए-

(क) ‘आवृत्तियाँ’ शब्द का क्या अर्थ है?

(i) आना और जाना

(ii) आवरण डाल देना

(iii) दोहराना

(iv) वृत्तियों का आना

(ख) सही वर्तनीवाला शब्द कौन सा है?

(i) ओचित्य

(ii) औचीत्य

(iii) औचीतिय

(iv) औचित्य

(ग) ‘सर्वजन + इक’ से क्या शब्द बनेगा?

(i) सर्वजनीक

(ii) सर्वजनिक

(iii) सार्वजनिक

(iv) सर्वाजनिक

 

  1. निम्नलिखित वाक्यों में रंगीन पदों के स्थान पर सर्वनाम शब्दों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए- “एक दिन बालिका सुभद्रा ने निश्चय किया कि बालिका सुभद्रा कृष्ण को ढूँढ़ने जाएँगी। दूसरे दिन सुभद्रा जी लकुटी लेकर गायों और ग्वालों के साथ जंगल पहुँच गईं। सुभद्रा जी के पैरों में काँटे चुभ गए पर सुभद्रा जी धुन की पक्की बालिका थीं। रात होते देख घरवालों ने सुभद्रा को खोजना आरंभ किया।”

“एक दिन बालिका सुभद्रा ने निश्चय किया कि वह कृष्ण को ढूँढ़ने जाएगी। दूसरे दिन वे लकुटी लेकर गायों और ग्वालों के साथ जंगल पहुँच गईं। उनके पैरों में काँटे चुभ गए पर वे धुन की पक्की बालिका थीं। रात होते देख घरवालों ने उन्हें खोजना आरंभ किया।”

 

  1. निम्नलिखित वाक्यों में क्रिया रेखांकित कीजिए और उसका काल लिखिए-

(क) एक छात्रा दूसरी छात्रा से प्रश्न करती है।

(क) करती है — वर्तमान काल

(ख) उन्होंने अपने बचपन की घटना सुनाई।

(ख) सुनाई — भूतकाल

(ग) वे अपने पति के विचारों से परिचित थीं।

(ग) थीं — भूतकाल

(घ) लेखिका सुभद्रा जी के स्नेह को सदा याद रखेंगी।

(घ) याद रखेंगी — भविष्यत काल

(ङ) सुभद्रा कुमारी चौहान अपनी कविताओं में अमर हैं।

(ङ) हैं — वर्तमान काल

 

  1. निम्नलिखित शब्दों के पुल्लिंग रूप लिखिए-

(क) अपराधिनी – अपराधी

(ख) अभियुक्ता – अभियुक्त

(ग) अधिकारिणी – अधिकारी

(घ) अन्वेषिका – अन्वेषक

(ङ) कवयित्री – कवि

(च) छात्रा – छात्र

  1. निम्नलिखित शब्दों के विलोम रूप लिखिए-

(क) प्रश्न X उत्तर

(ख) दंड X पुरस्कार/इनाम

(ग) अनुकूल X प्रतिकूल

(घ) कोमल x कठोर

(ङ) संभव x असंभव

(च) सुरक्षित x असुरक्षित

(छ) अँधेरा X उजाला/प्रकाश

(ज) उपस्थित x अनुपस्थित

 

  1. अभी तक पढ़े गए पाठों से ‘र’ के तीनों रूपों के पाँच-पाँच शब्द खोजकर लिखिए-

(क) र – रात, रसोई, रंगीन, रोना, घर।

(ख) रेफ (र्) – अर्थ, धर्म, गर्व, कार्य, वर्षा।

(ग) पदेन (्र) – प्रश्न, प्रस्थान, प्रतिभा, क्रम, तीव्र।

 

रोचक क्रियाकलाप

  1. यदि आप अपने मित्र से मिलने जाएँ तो क्या-क्या उपहार लेकर जाएँगे? एक अनुच्छेद लिखिए।

उत्तर – यदि मैं अपने मित्र से मिलने जाऊँगा, तो मैं ऐसे उपहारों का चयन करूँगा जो हमारे बीच के स्नेह और उसकी रुचियों को दर्शाते हों। सबसे पहले, मैं उसके लिए उसकी पसंदीदा विधा की कोई प्रेरणादायक पुस्तक लेकर जाऊँगा, क्योंकि पुस्तकें ज्ञान का सबसे सुंदर उपहार होती हैं। इसके साथ ही, मैं अपने हाथों से बना एक ‘बधाई पत्र’ (Greeting Card) भी दूँगा, जिसमें हमारी पुरानी यादों और भविष्य के लिए शुभकामनाओं का ज़िक्र होगा। यदि उसे प्रकृति से प्रेम है, तो मैं एक छोटा इनडोर पौधा जैसे मनी प्लांट या एलोवेरा उपहार में देना चाहूँगा, जो हमारे बढ़ते हुए रिश्तों की जीवंतता का प्रतीक बनेगा। इसके अलावा, कुछ मीठा साझा करने के लिए मैं उसके पसंदीदा चॉकलेट या घर के बने पकवान भी साथ रखूँगा। मेरे लिए उपहार की कीमत से अधिक उसका भावनात्मक मूल्य (पूर्ण है, जो मित्र के चेहरे पर एक सच्ची मुस्कान ला सके।

  1. पाठ के पहले अनुच्छेद के आधार पर लेखिका और सुभद्रा जी की बातचीत को संवाद के रूप में लिखिए।

उत्तर – सुभद्रा जी – क्या तुम कविता लिखती हो?

महादेवी – (सिर हिलाकर मना करते हुए) …

सुभद्रा जी – (खीझकर) तुम्हारी कक्षा की लड़कियाँ तो कहती हैं कि तुम गणित की कॉपी में भी कविता लिखती हो! दिखाओ अपनी कॉपी।

महादेवी – (चुपचाप कॉपी छिपाने की कोशिश करती हैं)

सुभद्रा जी – (हाथ पकड़कर खींचते हुए) चलो, अब बहाने नहीं चलेंगे! मैं खुद देखूँगी।

  1. सुभद्रा कुमारी चौहान की प्रसिद्ध कविताएँ – ‘झाँसी की रानी’ और ‘मेरा नया बचपन’ पुस्तकालय या नेट से प्राप्त करके पढ़िए।

उत्तर – छात्र इसे अपने स्तर पर पूरा करें।

गृहकार्य

निम्नलिखित शब्दों में प्रत्यय जोड़कर नए शब्द बनाइए-

(क) सर्वजन + इक = सार्वजनिक

(ख) स्वभाव + इक = स्वाभाविक

(ग) भूगोल + इक = भौगोलिक

(घ) दिन + इक = दैनिक

(ङ) परिचय + इत = परिचित

(च) सम्मान + इत = सम्मानित

(छ) पुष्प + इत = पुष्पित

(ज) अंक + इत = अंकित

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