कृत्रिम उपग्रह
मनुष्य की खोज में कृत्रिम उपग्रह एक है। ग्रहों की परिक्रमा करनेवाले आकाशीय पिंडों को उपग्रह कहते हैं। उनमें प्रमुख बृहस्पति, शुक्र, शनि और मंगल आदि हैं। अंतरिक्ष को भेजा गया मानवनिर्मित कृत्रिम उपग्रह क्रमशः रूस का स्पूतनिक- 1, अमेरिका का एक्स्प्लोरर तथा भारत का आर्यभट्ट और भास्कर – 1, रोहिणी, ऐप्पल और भास्कर-2 आदि है।
इसी सिलसिले में भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह प्रणाली के अंतर्गत इन्सेट-ए, इन्सेट-बी आदि उपग्रह अंतरिक्ष में छोड़े गए। उपग्रहों की सहायता से हमारे देश की संचार-व्यवस्था में बहुत लाभ हुआ है। कृत्रिम उपग्रहों को रॉकेटों की सहायता से अंतरिक्ष में भेजा जाता है। उपग्रह से संदेशों को प्राप्त करने के लिए एक रिसीवर होता है। उसकी शक्ति बढ़ाने के लिए एम्प्लिफयर होता है और संदेशों को वापस भेजने के लिए एक ट्रांसमीटर होता है।
संचार उपग्रह द्वारा मुख्य रूप से टेलीफोन, रेडियो और टेलीविजन संदेश धरती के एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजे जाते है। जब हमें कोई टेलीफोन या टेलीविजन संदेश एक देश से दूसरे देश को भेजना होता है तो उस संदेश को उच्च आवृति की सूक्ष्म तरंगों की सहायता से पृथ्वी के किसी निश्चित संचार केंद्र से उपग्रह की ओर भेजते है। ये संदेश उपग्रह में लगे एंटीना द्वारा ग्रहण किये जाते हैं। और रिसीवर को भेज दिए जाते हैं। फिर उपग्रह में लगा ट्रांसमीटर इस संदेशों को पृथ्वी के एक निश्चित भाग की ओर भेजता है। जिन्हें वहाँ पर लगा रिसीवर प्राप्त कर लेता है। इस प्रकार एक देश का टेलीफोन या टेलीविजन – सिग्नल दूसरे देश या दूसरे स्थान पर प्राप्त कर लिया जाता है।
ये कृत्रिम उपग्रह आज के युग में किसी देश की प्रगति के सूचक है। इन उपग्रहों के माध्यम से हम पृथ्वी के बारे में भी अनेक प्रकार की जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। इन उपग्रहों के द्वारा ही हम पृथ्वी पर जल, खनिज पदार्थ मौसम आदि की जानकारी के साथ-साथ दूसरे देशों के रक्षा कार्यों के लिए किए गए प्रयासो का भी पता लगा सकते हैं। इसके अलावा इन उपग्रहों की सहायता से हम घर बैठे-बैठे दुनिया भर के टेलीविजन कार्यक्रम देख सकते हैं। भविष्य में यह भी संभव हो सकता है कि हम अंतरिक्ष में एक मकान बना सके। तब हम भी कभी वहाँ रहकर मजा लेंगे।
कठिन शब्दार्थ
Hindi (हिंदी) | Tamil (தமிழ்) | English |
कृत्रिम (Kritrim) | செயற்கை (Seyarkai) | Artificial, Man-made |
उपग्रह (Upgrah) | செயற்கைக்கோள் (Seyarkkaikol) | Satellite |
परिक्रमा (Parikrama) | சுற்றிவருதல் (Surrivaruthal) | Orbit, Revolution |
आकाशीय पिंड (Aakashiya Pind) | வான்பொருள் (Vanporul) | Celestial Body |
अंतरिक्ष (Antariksh) | விண்வெளி (Vinveli) | Space, Outer Space |
मानवनिर्मित (Manavnirmit) | மனிதனால் உருவாக்கப்பட்ட (Manithanal Uruvakkappatta) | Man-made |
क्रमशः (Kramshah) | முறையே (Muraiyae) | Respectively, In order |
संचार-व्यवस्था (Sanchaar-Vyavastha) | தொடர்பு முறைமை (Thodarpu Murimai) | Communication System |
रॉकेट (Rocket) | ராக்கெட் (Racket) | Rocket |
रिसीवर (Receiver) | பெறுபவர்/பெறும் கருவி (Perupavar/Perum Karuvi) | Receiver |
एम्प्लिफायर (Amplifier) | பெருக்கி (Perukki) | Amplifier |
ट्रांसमीटर (Transmitter) | அனுப்புகருவி (Anuppuk Karuvi) | Transmitter |
आवृत्ति (Aavritti) | அதிர்வெண் (Athirven) | Frequency |
सूक्ष्म तरंगें (Sookshma Tarangen) | நுண்ணலைகள் (Nunnalaigal) | Microwaves |
एंटीना (Antenna) | ஆண்டெனா (Antenna) | Antenna |
ग्रहण करना (Grahan Karna) | பெறுதல் (Peruthal) | To Receive, To Capture |
सूचक (oochak) | காட்டி (Kaatti) | Indicator |
खनिज पदार्थ (Khanij Padarth) | கனிப்பொருட்கள் (Kanipporutkal) | Minerals |
रक्षा कार्य (Raksha Kaary) | பாதுகாப்புப் பணிகள் (Paathukappup Panigal) | Defense Operations |
भविष्य (Bhavishya) | எதிர்காலம் (Edhirkalam) | Future |
I निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर पूरे वाक्यों में लिखिए।
- मनुष्य की आधुनिक खोज क्या है?
उत्तर – मनुष्य की खोज में कृत्रिम उपग्रह एक आधुनिक खोज है।
- किसकी सहायता से कृत्रिम उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजा जाता है?
उत्तर – कृत्रिम उपग्रहों को रॉकेटों की सहायता से अंतरिक्ष में भेजा जाता है।
- किनके माध्यम से धरती के एक स्थान से दूसरे स्थान तक संदेश भेजे जाते हैं?
उत्तर – संचार उपग्रह द्वारा मुख्य रूप से टेलीफोन, रेडियो और टेलीविजन संदेश धरती के एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजे जाते हैं।
- संदेश किसके द्वारा ग्रहण किए जाते हैं?
उत्तर – संदेश उपग्रह में लगे एंटीना द्वारा ग्रहण किए जाते हैं।
II निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दो वाक्यों में लिखिए।
- उपग्रह किसे कहते हैं?
उत्तर – ग्रहों की परिक्रमा करने वाले आकाशीय पिंडों को उपग्रह कहते हैं। इनमें प्रमुख प्राकृतिक उपग्रह बृहस्पति, शुक्र, शनि और मंगल आदि हैं।
- मानव-निर्मित कृत्रिम उपग्रह क्या – क्या है?
उत्तर – अंतरिक्ष को भेजे गए मानव-निर्मित कृत्रिम उपग्रह क्रमशः रूस का स्पूतनिक-1, अमेरिका का एक्स्प्लोरर तथा भारत के आर्यभट्ट, भास्कर-1, रोहिणी, ऐप्पल और भास्कर-2 आदि हैं।
- उपग्रहों से क्या लाभ है?
उत्तर – उपग्रहों की सहायता से हमारे देश की संचार-व्यवस्था में बहुत लाभ हुआ है। इसके अलावा, ये देश की प्रगति के सूचक हैं और इनके माध्यम से पृथ्वी के बारे में कई जानकारियाँ मिलती हैं।
III निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर पाँच वाक्यों में लिखिए।
- टेलिफोन या टेलिविजन सिग्नल किस प्रकार प्राप्त किया गया जाता है?
उत्तर – जब कोई टेलीफोन या टेलीविजन संदेश एक देश से दूसरे देश को भेजना होता है, तो उसे उच्च आवृत्ति की सूक्ष्म तरंगों की सहायता से पृथ्वी के किसी संचार केंद्र से उपग्रह की ओर भेजा जाता है। उपग्रह में लगे एंटीना संदेशों को ग्रहण कर रिसीवर को भेजते हैं। इसके बाद उपग्रह में लगा ट्रांसमीटर इन संदेशों को पृथ्वी के एक निश्चित भाग की ओर भेजता है। वहाँ लगे रिसीवर इन्हें प्राप्त कर लेते हैं, और इस प्रकार सिग्नल दूसरे स्थान पर प्राप्त हो जाता है।
- कृत्रिम उपग्रह किसका सूचक है?
उत्तर – कृत्रिम उपग्रह आज के युग में किसी देश की प्रगति के सूचक हैं। इन उपग्रहों के माध्यम से हम पृथ्वी पर जल, खनिज पदार्थ, मौसम आदि की जानकारी प्राप्त करते हैं। साथ ही, ये दूसरे देशों के रक्षा कार्यों के प्रयासों का भी पता लगाने में सहायक होते हैं। इस प्रकार, ये देश की वैज्ञानिक और रक्षात्मक क्षमता का प्रदर्शन करते हैं।
- उपग्रहों का कार्य संक्षेप में लिखिए।
उत्तर – कृत्रिम उपग्रहों का मुख्य कार्य संचार-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है। ये रॉकेटों की सहायता से अंतरिक्ष में भेजे जाते हैं। इनमें संदेशों को प्राप्त करने के लिए रिसीवर, उसकी शक्ति बढ़ाने के लिए एम्प्लिफायर और संदेशों को वापस भेजने के लिए ट्रांसमीटर लगा होता है। ये टेलीफोन, रेडियो और टेलीविजन संदेशों को पृथ्वी के एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजते हैं, जिससे विश्वव्यापी संचार संभव होता है।
- कृत्रिम उपग्रहों की सहायता से भविष्य की संभावनाएँ क्या हैं?
उत्तर – कृत्रिम उपग्रहों की सहायता से भविष्य में अनेक संभावनाएँ हैं। इनके द्वारा हम घर बैठे-बैठे दुनिया भर के टेलीविजन कार्यक्रम देख सकते हैं। सबसे रोमांचक संभावना यह है कि भविष्य में अंतरिक्ष में एक मकान बनाना संभव हो सकता है। तब मनुष्य भी वहाँ रहकर अंतरिक्ष के जीवन का मजा ले सकेगा, जो अंतरिक्ष पर्यटन की दिशा में एक बड़ी प्रगति होगी।
- ‘कृत्रिम उपग्रह’ पाठ का सारांश लिखिए।
उत्तर – ‘कृत्रिम उपग्रह’ पाठ में मनुष्य की इस आधुनिक खोज और उसके महत्त्व का वर्णन किया गया है। पाठ बताता है कि उपग्रह ग्रहों की परिक्रमा करने वाले आकाशीय पिंड होते हैं, और मानव-निर्मित कृत्रिम उपग्रह (जैसे स्पूतनिक-1, आर्यभट्ट, भास्कर-1) रॉकेटों की सहायता से अंतरिक्ष में भेजे जाते हैं। कृत्रिम उपग्रहों में रिसीवर, एम्प्लिफायर और ट्रांसमीटर लगे होते हैं, जिनकी सहायता से ये टेलीफोन, रेडियो और टेलीविजन संदेशों को उच्च आवृत्ति की सूक्ष्म तरंगों द्वारा पृथ्वी के एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजते हैं, जिससे संचार-व्यवस्था में क्रांति आई है। ये उपग्रह आज किसी भी देश की प्रगति के सूचक हैं, और इनके माध्यम से पृथ्वी के जल, खनिज, मौसम और दूसरे देशों के रक्षा प्रयासों की जानकारी मिलती है। भविष्य में इन उपग्रहों की मदद से अंतरिक्ष में मकान बनाना भी संभव हो सकता है।
बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर
- प्राकृतिक उपग्रह किसे कहते हैं?
(a) मनुष्य द्वारा बनाए गए पिंड
(b) ग्रहों की परिक्रमा करने वाले आकाशीय पिंड
(c) केवल चंद्रमा को
(d) रॉकेटों को - विश्व का पहला कृत्रिम उपग्रह कौन-सा था?
(a) भारत का आर्यभट्ट
(b) अमेरिका का एक्स्प्लोरर
(c) रूस का स्पूतनिक-1
(d) भास्कर-1 - कृत्रिम उपग्रहों को अंतरिक्ष में किसकी सहायता से भेजा जाता है?
(a) हवाई जहाज
(b) रॉकेट
(c) गुब्बारे
(d) उपरोक्त सभी - संदेशों की शक्ति बढ़ाने के लिए उपग्रह में क्या लगा होता है?
(a) रिसीवर
(b) एम्प्लिफायर
(c) ट्रांसमीटर
(d) एंटीना - संचार उपग्रह मुख्य रूप से क्या कार्य करते हैं?
(a) पानी की खोज
(b) टेलीफोन, रेडियो और टेलीविजन संदेश भेजना
(c) अंतरिक्ष में मकान बनाना
(d) ग्रहों की यात्रा करना - पृथ्वी से उपग्रह तक संदेश किस माध्यम से भेजे जाते हैं?
(a) ध्वनि तरंगें
(b) उच्च आवृत्ति की सूक्ष्म तरंगें
(c) प्रकाश तरंगें
(d) रेडियोएक्टिव किरणें - उपग्रह में लगा वह उपकरण जो संदेशों को पृथ्वी पर वापस भेजता है, क्या कहलाता है?
(a) रिसीवर
(b) एंटीना
(c) एम्प्लिफायर
(d) ट्रांसमीटर - इन्सेट श्रृंखला के उपग्रह किस देश से संबंधित हैं?
(a) रूस
(b) अमेरिका
(c) भारत
(d) जापान - उपग्रहों के द्वारा हम किसकी जानकारी प्राप्तनहींकर सकते?
(a) मौसम
(b) खनिज पदार्थ
(c) समुद्र की गहराई
(d) दूसरे देशों की गुप्त बैठकों की आवाज़ - ‘क्रमशः‘ शब्द का सही अंग्रेजी अनुवाद क्या है?
(a) Suddenly
(b) Respectively
(c) Quickly
(d) Slowly - ‘आकाशीय पिंड‘ का तमिल अर्थ क्या है?
(a) நிலப் பொருள் (Nilap Porul)
(b) வான்பொருள்(Vanporul)
(c) நீர்ப் பொருள் (Neerp Porul)
(d) தீப் பொருள் (Theep Porul) - पाठ के अनुसार, भविष्य में क्या संभव हो सकता है?
(a) चंद्रमा पर खेती
(b) अंतरिक्ष में मकान बनाना
(c) सूर्य की यात्रा
(d) नए ग्रहों की खोज - ‘सूचक‘ शब्द का विलोम क्या होगा?
(a) संकेत
(b) छुपाने वाला
(c) दर्शक
(d) आविष्कारक - उपग्रह में लगा एंटीना क्या कार्य करता है?
(a) संदेशों को ग्रहण करता है।
(b) संदेशों की शक्ति बढ़ाता है।
(c) संदेशों को वापस भेजता है।
(d) उपग्रह को ऊर्जा देता है। - भारत के पहले उपग्रह का नाम क्या था?
(a) भास्कर-1
(b) इन्सेट-1A
(c) आर्यभट्ट
(d) रोहिणी - ‘मानवनिर्मित‘ शब्द का सही विग्रह क्या है?
(a) मानव + निर्मित
(b) मानवीय + निर्माण
(c) मानव + निर्माण
(d) मानवता + निर्मित - संचार उपग्रहों के कार्य का सही क्रम क्या है?
(a) प्रसारण -> प्रवर्धन -> अभिग्रहण
(b) अभिग्रहण -> प्रवर्धन -> प्रसारण
(c) प्रवर्धन -> अभिग्रहण -> प्रसारण
(d) प्रसारण -> अभिग्रहण -> प्रवर्धन - ‘खनिज पदार्थ‘ का English में क्या अर्थ है?
(a) Water Resources
(b) Weather Patterns
(c) Minerals
(d) Defense Systems - पाठ के अनुसार, कृत्रिम उपग्रह किसके लिए उपयोगी हैं?
(a) केवल मनोरंजन
(b) केवल संचार
(c) संचार, संसाधन खोज, मौसम और रक्षा
(d) केवल वैज्ञानिक शोध - इस पाठ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(a) कृत्रिम उपग्रहों के बारे में जानकारी देना।
(b) प्राकृतिक उपग्रहों की तुलना करना।
(c) रॉकेट बनाना सिखाना।
(d) भारत की प्रशंसा करना।
Answer Key (उत्तर कुंजी)
- (b) ग्रहों की परिक्रमा करने वाले आकाशीय पिंड
- (c) रूस का स्पूतनिक-1
- (b) रॉकेट
- (b) एम्प्लिफायर
- (b) टेलीफोन, रेडियो और टेलीविजन संदेश भेजना
- (b) उच्च आवृत्ति की सूक्ष्म तरंगें
- (d) ट्रांसमीटर
- (c) भारत
- (d) दूसरे देशों की गुप्त बैठकों की आवाज़
- (b) Respectively
- (b) வான்பொருள் (Vanporul)
- (b) अंतरिक्ष में मकान बनाना
- (b) छुपाने वाला
- (a) संदेशों को ग्रहण करता है।
- (c) आर्यभट्ट
- (a) मानव + निर्मित
- (b) अभिग्रहण -> प्रवर्धन -> प्रसारण
- (c) Minerals
- (c) संचार, संसाधन खोज, मौसम और रक्षा
- (a) कृत्रिम उपग्रहों के बारे में जानकारी देना।
अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
- प्रश्न – कृत्रिम उपग्रह क्या है?
उत्तर – कृत्रिम उपग्रह मनुष्य द्वारा बनाया गया वह यंत्र है जिसे रॉकेट की सहायता से अंतरिक्ष में भेजा जाता है। - प्रश्न – ग्रहों की परिक्रमा करनेवाले आकाशीय पिंडों को क्या कहा जाता है?
उत्तर – ग्रहों की परिक्रमा करनेवाले आकाशीय पिंडों को उपग्रह कहा जाता है। - प्रश्न – प्राकृतिक उपग्रहों के प्रमुख उदाहरण कौन-कौन से हैं?
उत्तर – बृहस्पति, शुक्र, शनि और मंगल जैसे ग्रहों के उपग्रह प्रमुख उदाहरण हैं। - प्रश्न – विश्व का पहला कृत्रिम उपग्रह कौन-सा था और किस देश ने बनाया था?
उत्तर – विश्व का पहला कृत्रिम उपग्रह स्पूतनिक-1 था, जिसे रूस ने बनाया था। - प्रश्न – अमेरिका का पहला कृत्रिम उपग्रह कौन-सा था?
उत्तर – अमेरिका का पहला कृत्रिम उपग्रह एक्स्प्लोरर था। - प्रश्न – भारत का पहला कृत्रिम उपग्रह कौन-सा था?
उत्तर – भारत का पहला कृत्रिम उपग्रह आर्यभट्ट था। - प्रश्न – भारत के अन्य कृत्रिम उपग्रहों के नाम लिखिए।
उत्तर – भारत के अन्य कृत्रिम उपग्रह भास्कर-1, भास्कर-2, रोहिणी और ऐप्पल हैं। - प्रश्न – भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह प्रणाली के अंतर्गत कौन-से उपग्रह छोड़े गए?
उत्तर – भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह प्रणाली के अंतर्गत इन्सेट-ए और इन्सेट-बी उपग्रह छोड़े गए। - प्रश्न – उपग्रहों की सहायता से हमारे देश को क्या लाभ हुआ है?
उत्तर – उपग्रहों की सहायता से हमारे देश की संचार व्यवस्था में बहुत लाभ हुआ है। - प्रश्न – कृत्रिम उपग्रहों को अंतरिक्ष में कैसे भेजा जाता है?
उत्तर – कृत्रिम उपग्रहों को रॉकेटों की सहायता से अंतरिक्ष में भेजा जाता है। - प्रश्न – उपग्रह में संदेश प्राप्त करने के लिए क्या लगा होता है?
उत्तर – उपग्रह में संदेश प्राप्त करने के लिए रिसीवर लगा होता है। - प्रश्न – उपग्रह में संदेशों की शक्ति बढ़ाने का कार्य कौन करता है?
उत्तर – उपग्रह में संदेशों की शक्ति बढ़ाने का कार्य एम्प्लिफ़ायर करता है। - प्रश्न – उपग्रह में संदेशों को वापस भेजने के लिए क्या होता है?
उत्तर – संदेशों को वापस भेजने के लिए उपग्रह में ट्रांसमीटर होता है। - प्रश्न – संचार उपग्रह का क्या मुख्य कार्य है?
उत्तर – संचार उपग्रह का मुख्य कार्य टेलीफोन, रेडियो और टेलीविजन संदेशों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाना है। - प्रश्न – टेलीफोन या टेलीविजन संदेश उपग्रह तक कैसे पहुँचते हैं?
उत्तर – ये संदेश उच्च आवृत्ति की सूक्ष्म तरंगों की सहायता से पृथ्वी के संचार केंद्र से उपग्रह की ओर भेजे जाते हैं। - प्रश्न – उपग्रह में लगे एंटीना का क्या कार्य है?
उत्तर – उपग्रह में लगा एंटीना संदेशों को ग्रहण करने का कार्य करता है। - प्रश्न – उपग्रहों की सहायता से पृथ्वी के बारे में हमें कौन-कौन सी जानकारी मिलती है?
उत्तर – उपग्रहों की सहायता से हमें पृथ्वी पर जल, खनिज पदार्थ, मौसम और अन्य देशों की रक्षा गतिविधियों की जानकारी मिलती है। - प्रश्न – कृत्रिम उपग्रह किसी देश के लिए क्या दर्शाते हैं?
उत्तर – कृत्रिम उपग्रह किसी देश की वैज्ञानिक प्रगति और तकनीकी क्षमता के सूचक होते हैं। - प्रश्न – उपग्रहों की सहायता से हम अपने घरों में क्या देख सकते हैं?
उत्तर – उपग्रहों की सहायता से हम अपने घरों में बैठकर दुनिया भर के टेलीविजन कार्यक्रम देख सकते हैं। - प्रश्न – भविष्य में कृत्रिम उपग्रहों की सहायता से क्या संभव हो सकता है?
उत्तर – भविष्य में कृत्रिम उपग्रहों की सहायता से अंतरिक्ष में मकान बनाना और वहाँ रहना भी संभव हो सकता है।
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
- प्रश्न – ‘उपग्रह’ शब्द की परिभाषा क्या है और प्राकृतिक उपग्रहों के कुछ उदाहरण दीजिए।
उत्तर – ग्रहों की परिक्रमा करने वाले आकाशीय पिंडों को उपग्रह कहते हैं। पाठ में उल्लिखित प्रमुख प्राकृतिक उपग्रहों में बृहस्पति, शुक्र, शनि और मंगल आदि को शामिल किया गया है, हालांकि शुक्र का कोई चंद्रमा नहीं है।
- प्रश्न – कृत्रिम उपग्रहों को अंतरिक्ष में कैसे भेजा जाता है और संदेश प्राप्त करने के लिए क्या आवश्यक है?
उत्तर – कृत्रिम उपग्रहों को रॉकेटों की सहायता से अंतरिक्ष में भेजा जाता है। उपग्रह से संदेशों को प्राप्त करने के लिए एक रिसीवर होता है, जिसकी शक्ति बढ़ाने के लिए एक एम्प्लिफायर आवश्यक होता है।
- प्रश्न – भारत के किन्हीं चार प्रमुख कृत्रिम उपग्रहों के नाम बताइए।
उत्तर – भारत द्वारा अंतरिक्ष में भेजे गए प्रमुख कृत्रिम उपग्रह हैं – आर्यभट्ट, भास्कर-1, रोहिणी, और ऐप्पल। इसके अतिरिक्त, भास्कर-2 और इन्सेट-ए जैसी शृंखलाएँ भी भेजी गई हैं।
- प्रश्न – संचार उपग्रह मुख्य रूप से कौन से संदेश धरती के एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजते हैं?
उत्तर – संचार उपग्रह मुख्य रूप से टेलीफोन, रेडियो और टेलीविजन संदेश धरती के एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजते हैं। यह संचार की प्रक्रिया उपग्रह में लगे एंटीना और ट्रांसमीटर की सहायता से पूरी होती है।
- प्रश्न – उपग्रह में ट्रांसमीटर का क्या कार्य होता है?
उत्तर – उपग्रह में लगा ट्रांसमीटर रिसीवर द्वारा ग्रहण किए गए और एम्प्लिफायर द्वारा शक्ति बढ़ाए गए संदेशों को वापस पृथ्वी के एक निश्चित भाग की ओर भेजने का कार्य करता है, जिससे संदेश गंतव्य तक पहुँचता है।
- प्रश्न – कृत्रिम उपग्रह आज के युग में किसका सूचक माने जाते हैं और क्यों?
उत्तर – कृत्रिम उपग्रह आज के युग में किसी देश की प्रगति के सूचक माने जाते हैं। ये उन्नत तकनीक और वैज्ञानिक क्षमता का प्रमाण देते हैं, जिससे देश की संचार और रक्षा क्षमता में वृद्धि होती है।
- प्रश्न – उपग्रहों के माध्यम से पृथ्वी के बारे में हमें किस तरह की जानकारियाँ मिलती हैं?
उत्तर – इन उपग्रहों के माध्यम से हम पृथ्वी पर जल, खनिज पदार्थ और मौसम संबंधी महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त करते हैं। ये भू-सर्वेक्षण (भूगोल) और पर्यावरण संबंधी अध्ययन में भी सहायक होते हैं।
- प्रश्न – ‘इन्सेट-ए’ और ‘इन्सेट-बी’ का संबंध किस प्रणाली से है?
उत्तर – इन्सेट-ए और इन्सेट-बी भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह प्रणाली (इन्सेट) के अंतर्गत अंतरिक्ष में छोड़े गए उपग्रह हैं। इस प्रणाली ने भारत की संचार-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
- प्रश्न – टेलीफोन/टेलीविजन संदेशों को पृथ्वी से उपग्रह की ओर किस माध्यम से भेजा जाता है?
उत्तर – ये संदेश पृथ्वी के किसी निश्चित संचार केंद्र से उच्च आवृत्ति की सूक्ष्म तरंगों की सहायता से उपग्रह की ओर भेजे जाते हैं। उपग्रह में लगे एंटीना इन तरंगों को ग्रहण करते हैं।
- प्रश्न – भविष्य में कृत्रिम उपग्रहों की सहायता से क्या संभव होने की संभावना है?
उत्तर – भविष्य में कृत्रिम उपग्रहों की सहायता से अंतरिक्ष में एक मकान बनाना संभव हो सकता है। इससे मनुष्य को वहाँ रहने और अंतरिक्ष का मजा लेने का अवसर प्राप्त होगा, जो एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि होगी।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
- प्रश्न – कृत्रिम उपग्रहों में लगे प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और उनके कार्यों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर – कृत्रिम उपग्रहों में तीन मुख्य उपकरण होते हैं – रिसीवर, जो पृथ्वी से भेजे गए संदेशों को ग्रहण करता है; एम्प्लिफायर, जो प्राप्त संदेशों की शक्ति को बढ़ाता है ताकि वे लंबी दूरी तय कर सकें; और ट्रांसमीटर, जो संदेशों को शक्ति बढ़ाकर पृथ्वी के निश्चित भाग की ओर वापस भेजता है। ये मिलकर विश्वव्यापी संचार को संभव बनाते हैं।
- प्रश्न – संचार उपग्रहों द्वारा संदेश एक देश से दूसरे देश तक किस प्रक्रिया से पहुँचते हैं?
उत्तर – संदेश को उच्च आवृत्ति की सूक्ष्म तरंगों से पृथ्वी के केंद्र से उपग्रह की ओर भेजा जाता है। उपग्रह में लगा एंटीना इन्हें ग्रहण कर रिसीवर को भेजता है। इसके बाद ट्रांसमीटर इन संदेशों को पृथ्वी के एक निश्चित भाग की ओर वापस प्रसारित करता है। वहाँ लगे रिसीवर इसे प्राप्त कर लेते हैं, जिससे सिग्नल एक देश से दूसरे देश तक पहुँच जाता है।
- प्रश्न – भारत की संचार-व्यवस्था को कृत्रिम उपग्रहों से किस प्रकार लाभ हुआ है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर – कृत्रिम उपग्रहों, विशेषकर भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह प्रणाली (इन्सेट-ए, इन्सेट-बी), की सहायता से भारत की संचार-व्यवस्था में भारी लाभ हुआ है। ये उपग्रह टेलीफोन, रेडियो और टेलीविजन संदेशों के तीव्र और विश्वसनीय अंतर्राष्ट्रीय एवं अंतरदेशीय प्रसारण को संभव बनाते हैं, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों तक भी संचार की पहुँच सुनिश्चित हुई है।
- प्रश्न – कृत्रिम उपग्रह देश की प्रगति के सूचक क्यों माने जाते हैं?
उत्तर – कृत्रिम उपग्रह किसी देश की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता के परिचायक होते हैं। इनके माध्यम से देश को मौसम की सटीक जानकारी, खनिज पदार्थों की खोज और रक्षा कार्यों के लिए किए गए प्रयासों की निगरानी जैसे महत्त्वपूर्ण लाभ मिलते हैं। ये क्षमताएँ देश के आर्थिक विकास, सुरक्षा और राष्ट्रीय महत्त्व को बढ़ाती हैं, इसीलिए इन्हें प्रगति का सूचक माना जाता है।
- प्रश्न – कृत्रिम उपग्रहों की सहायता से हम पृथ्वी के बारे में किस प्रकार की अतिरिक्त जानकारी प्राप्त करते हैं?
उत्तर – कृत्रिम उपग्रह रिमोट सेंसिंग (सुदूर संवेदन) तकनीक का उपयोग करते हुए पृथ्वी के बारे में व्यापक जानकारी देते हैं। इनमें जल स्रोतों का पता लगाना, खनिज पदार्थों के भंडार की मैपिंग, मौसम का पूर्वानुमान और यहाँ तक कि दूसरे देशों के रक्षा कार्यों के प्रयासों की निगरानी करना शामिल है। ये सूचनाएँ पर्यावरण प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण होती हैं।

