पाठ का सारांश
‘कौन श्रेष्ठ है’ कहानी एक महत्त्वपूर्ण जीवन-दर्शन प्रस्तुत करती है जो हमें व्यावसायिक सफलता और राष्ट्रीय सेवा के बीच के अंतर को समझाती है। यह कहानी हमें सिखाती है कि सुख-सुविधाओं वाला जीवन और सरहदों पर तैनात सैनिक का जीवन दोनों ही चुनौतियों से भरे हैं, लेकिन सैनिक का त्याग और शौर्य सर्वोपरि है।
1. अस्पताल की वह मुलाकात
कहानी की शुरुआत एक अस्पताल के प्रतीक्षालय (Waiting room) से होती है, जहाँ लेखिका कोरोना वैक्सीन लगवाने गई हैं। वहाँ उनके सामने दो युवक बैठे हैं। एक युवक सूट पहने लैपटॉप पर काम कर रहा है और खुद को बहुत ‘विशिष्ट’ व महत्त्वपूर्ण दिखाने की कोशिश कर रहा है (जो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर और प्रोजेक्ट मैनेजर है)। दूसरा युवक बहुत साधारण कपड़ों में हँसमुख और शांत बैठा है।
2. सॉफ्टवेयर इंजीनियर का गर्व
हँसमुख युवक बात शुरू करता है और इंजीनियर के काम की प्रशंसा करता है। इस पर इंजीनियर अपने काम के बोझ, तनाव (Stress), और जिम्मेदारियों का बखान करने लगता है। वह बताता है कि कैसे कोडिंग और टीम को सँभालना कितना कठिन है, उसे दो घंटे ई-मेल न देखने पर ‘भूचाल’ आने जैसा महसूस होता है और उसका वरिष्ठ अधिकारी कभी संतुष्ट नहीं होता। वह यह जताने की कोशिश करता है कि मानसिक श्रम (दिमाग लगाना) शारीरिक श्रम से कहीं अधिक कठिन है।
3. सैनिक का शौर्य और बलिदान
जब इंजीनियर तनाव की बात करता है, तब दूसरा युवक अपना परिचय सूबेदार सुशांत (13 जम्मू और कश्मीर राइफ़ल्स) के रूप में देता है। वह कारगिल युद्ध के दौरान पॉइंट 4875 की चढ़ाई का किस्सा सुनाता है। वह बताता है कि कैसे उनके 30 जवानों के दल में से केवल 4 जीवित बचे थे। वह परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा के बलिदान को याद करता है, जिन्होंने अपने जवानों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए खुद के प्राण न्यौछावर कर दिए थे।
4. श्रेष्ठता का बोध
सैनिक की बात सुनकर इंजीनियर का अहंकार चूर-चूर हो जाता है। उसे समझ आता है कि एसी दफ्तर में बैठकर ई-मेल का तनाव झेलना और सरहद पर दुश्मन की गोलियों के बीच मौत से जूझना—इन दोनों की कोई तुलना नहीं है। जहाँ इंजीनियर का तनाव ‘डेडलाइन’ और ‘क्लाइंट्स’ को लेकर था, वहीं सैनिक का तनाव ‘देश की रक्षा’ और ‘साथी जवानों की जान’ को लेकर था।
- कहानी का निष्कर्ष
अंत में, सॉफ्टवेयर इंजीनियर उस फौजी को सम्मान के साथ ‘सैल्यूट’ करता है और ‘जय हिंद’ कहता है। लेखिका यह संदेश देती हैं कि सैनिक अपनी साँसें दाँव पर लगाकर पूरे देश की साँसें चलाते हैं। यदि कभी जीवन की मुश्किलें बड़ी लगने लगें, तो एक बार सरहद के पहरेदारों के बारे में सोच लेना चाहिए, क्योंकि उन्होंने डर को भी डराया है।
कठिन शब्दार्थ
1 सॉफ्टवेयर – कंप्यूटर प्रोग्राम Software
2 इंजीनियर – अभियंता Engineer
3 विशिष्ट – विशेष/असाधारण Distinguished / Specific
4 गरिमा – गौरव/प्रतिष्ठा Dignity / Grace
5 तरक्की – उन्नति Progress / Advancement
6 योगदान – सहायता/सहयोग Contribution
7 प्रक्रिया – कार्य करने का ढंग Process
8 वेतन – पगार Salary
9 वातानुकूलित – ए.सी. (ठंडा किया हुआ) Air-conditioned
10 आरक्षण – स्थान सुरक्षित करना Reservation
11 डॉटा बेस – आँकड़ों का संग्रह Database
12 डिज़ाइन – रूपरेखा Design
13 कोडिंग – कंप्यूटर प्रोग्रामिंग Coding
14 प्रोजेक्ट मैनेजर – परियोजना प्रबंधक Project Manager
15 गुणवत्ता – खूबी/मानक Quality / Standard
16 ई-मेल – इलेक्ट्रॉनिक पत्र E-mail
17 वरिष्ठ – पद में ऊँचा Senior
18 अधिकारी – अफ़सर Officer
19 संतुष्ट – राजी Satisfied
20 ग्राहक – खरीदार Client / Customer
21 तनाव – मानसिक दबाव Stress / Tension
22 परिणाम – नतीजा Result / Outcome
23 प्रबंधन – व्यवस्था Management
24 विशेषज्ञ – जानकार Expert
25 तकनीकी – तकनीक संबंधी Technical
26 सरहद – सीमा Border / Frontier
27 शौर्य – वीरता Valor / Bravery
28 अभियान – चढ़ाई/मिशन Campaign / Mission
29 अधिकार – कब्ज़ा Possession / Authority
30 तिरंगा – राष्ट्रीय ध्वज Tricolour
31 बंकर – सुरक्षा घेरा Bunker
32 सर्वोपरि – सबसे ऊपर Paramount / Supreme
33 शहीद – वीरगति प्राप्त Martyr
34 सैल्यूट – सलामी Salute
35 पहरेदार – रक्षक Sentinel / Guard
36 बलिदान – त्याग Sacrifice
37 ऋण – कर्ज Debt
38 उऋण – कर्ज मुक्त Free from debt
39 विजय – जीत Victory
40 शत्रु – दुश्मन Enemy
41 राइफ़ल्स – बंदूकें Rifles
42 सूबेदार – सेना का एक पद Subedar (A rank)
43 कर्तव्य – फर्ज Duty / Obligation
44 सुरक्षा – हिफाज़त Security / Protection
45 विजेता – जीतने वाला Victor / Winner
46 शौर्य गाथा – वीरता की कहानी Saga of bravery
47 हथेली पर जान – जान की परवाह न करना Risking one’s life
48 दाँव पर लगाना – जोखिम उठाना To stake / Gamble
49 परमवीर चक्र – सर्वोच्च सैन्य सम्मान Param Vir Chakra
50 वरदी – गणवेश Uniform
51 चोटी – पर्वत शिखर Peak / Summit
52 बहादुरी – वीरता Bravery
53 दल – समूह Group / Squad
54 कप्तान – नायक Captain
55 जय हिंद – भारत की विजय हो Victory to India
56 सुविधाजनक – आरामदायक Convenient
57 साधारण – मामूली Ordinary
58 चेष्टा – कोशिश Attempt / Effort
59 गंभीरता – संजीदगी Seriousness / Gravity
60 हैरान – चकित Stunned / Astonished
61 वास्तव में – हकीकत में In reality / Actually
62 परिश्रम – कड़ी मेहनत Hard work / Labour
63 उदाहरण – मिसाल Example
64 आश्चर्य – अचरज Wonder / Surprise
65 जिम्मेदारियाँ – उत्तरदायित्व Responsibilities
66 भूचाल – तबाही/हड़कंप Turmoil / Earthquake
67 अविश्वसनीय – जिस पर विश्वास न हो Unbelievable
68 अतीत – बीता हुआ समय Past
69 सँभलकर – सावधानी से Carefully
70 शिकायत – गिला/शिकवा Complaint
71 मुश्किल – कठिन Difficulty
72 हँसमुख – खुशमिजाज Cheerful
73 साँसें – प्राणवायु Breaths
74 चुनौती – ललकार Challenge
75 प्रेरणा – उत्साह बढ़ाना Inspiration
76 विस्मय – अचंभा Amazement
77 अहंकार – घमंड Ego / Pride
78 सजग – सावधान Alert / Vigilant
79 अविस्मरणीय – जिसे न भुलाया जा सके Unforgettable
80 विशिष्टता – खासियत Uniqueness
मौखिक – 1. उच्चारण कीजिए –
वैक्सीन, सुविधाजनक, हँसमुख, विशिष्ट, चेष्टा, ओढे, वास्तव, चिढ़, आरक्षण, महत्त्व, गुणवत्ता, संतुष्ट, वरिष्ठ, युद्ध, ज़ख्मी, चिंताएँ, शिकायत, पहरेदारों, अविश्वसनीय
कार्य, प्रदर्शन, महत्त्वपूर्ण, सार्थक, प्रक्रिया, परिश्रम, प्रयोग, आश्चर्य, प्रोजेक्ट, ग्राहकों, वर्ष, कर्तव्य, सर्वोपरि, शौर्य,
चक्र, विक्रम
वैक्सीन – Vac-seen
प्रक्रिया – Prak-ri-yaa
सुविधाजनक – Su-vi-dhaa-ja-nak
परिश्रम – Pa-rish-ram
हँसमुख – Hans-mukh
प्रयोग – Pra-yog
विशिष्ट – Vi-shisht
आश्चर्य – Aash-char-ya
चेष्टा – Chaysh-taa
प्रोजेक्ट – Pro-ject
ओढ़े – Od-hay
ग्राहकों – Graah-kon
वास्तव – Vaas-tav
वर्ष – Varsh
चिढ़ – Chidh
कर्तव्य – Kar-tav-ya
आरक्षण – Aa-rak-shan
सर्वोपरि – Sar-vo-pa-ri
महत्त्व – Ma-hat-va
शौर्य – Shaur-ya
गुणवत्ता – Gun-vat-taa
चक्र – Chak-ra
संतुष्ट – San-tusht
विक्रम – Vik-ram
वरिष्ठ – Va-rishth
कार्य – Kaar-ya
युद्ध – Yuddh
प्रदर्शन – Pra-dar-shan
ज़ख्मी – Zakh-mee
महत्त्वपूर्ण – Ma-hat-va-poorn
चिंताएँ – Chin-taa-ayn
सार्थक – Saar-thak
शिकायत – Shi-kaa-yat
पहरेदारों – Pah-ray-daa-ron
अविश्वसनीय – A-vish-wa-sa-nee-ya
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर बताइए-
(क) लेखिका के सामने बैठे युवक कैसे दिखाई दे रहे थे?
उत्तर – लेखिका के सामने दो युवक बैठे थे। एक साधारण कपड़ों में हँसमुख-सा था, जबकि दूसरा सूट पहने लैपटॉप पर काम कर रहा था और स्वयं को बहुत महत्त्वपूर्ण व विशिष्ट दिखाने की चेष्टा कर रहा था।
(ख) पॉइंट 4875 पर अधिकार करने के लिए जवानों ने क्या किया?
उत्तर – पॉइंट 4875 पर अधिकार करने के लिए 30 जवानों का दल रात के अंधेरे में शत्रु की गोलियों की बौछार के बीच चोटी की ओर आगे बढ़ा और उजाला होने से पहले वहाँ तिरंगा फहरा दिया।
(ग) ज़ख्मी दोस्त को बचाने के लिए पहला युवक क्यों नहीं जा पाया?
उत्तर – पहला युवक (सुशांत) इसलिए नहीं जा पाया क्योंकि उसके कप्तान साहब ने उसे रोक दिया था। कप्तान साहब ने अपनी शपथ याद दिलाते हुए स्वयं जोखिम उठाया और उस जवान को बचाने चले गए।
(घ) कारगिल युद्ध के बाद सीमा पर जाकर पहले युवक को कैसा लगता है?
उत्तर – सीमा पर जाने पर पहले युवक के कानों में आज भी उन गोलियों की आवाज़ गूँजती है और कप्तान साहब का आखिरी चेहरा उनकी आँखों के सामने आ जाता है, जिन्होंने सुशांत की जान बचाते हुए अपनी शहादत दी थी।
लिखित
1. सही उत्तर पर ✓ लगाइए –
(क) दूसरा युवक अपने आपको कैसा दिखाने का प्रयत्न कर रहा था?
उत्तर – (iv) महत्त्वपूर्ण और विशिष्ट ✓
(ख) दूसरे युवक ने कार्यक्षेत्र में ऊपर जाने पर किसे ‘बढ़ता जाता है’ बताया?
उत्तर – (iii) ज़िम्मेदारियाँ और तनाव ✓
(ग) सरहद के पहरेदारों ने हमें क्या सिखाया है?
उत्तर – (iv) देश के लिए जीना ✓
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
(क) वेतन की बात सुनने पर दूसरे युवक ने पहले युवक को क्या बताया?
उत्तर – वेतन की बात सुनने पर दूसरे युवक ने पहले युवक से कहा कि लोग केवल पैसा देखते हैं, उसके पीछे का परिश्रम नहीं। उसने बताया कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम दिमागी होता है और वे तनावपूर्ण स्थितियों में भी कार्य की गुणवत्ता बनाए रखते हैं।
(ख) दूसरे युवक ने प्रोजेक्ट मैनेजर के क्या-क्या काम गिनाए?
उत्तर – उसने बताया कि प्रोजेक्ट मैनेजर को पूरी टीम सँभालनी होती है, सबको जवाब देना पड़ता है, कार्य की गुणवत्ता बनाए रखनी होती है, ई-मेल का तुरंत जवाब देना होता है और ग्राहकों व वरिष्ठ अधिकारियों को संतुष्ट रखना पड़ता है।
(ग) कप्तान साहब ने अपनी शहादत किस प्रकार दी?
उत्तर – कप्तान साहब एक ज़ख्मी जवान को बचाने के लिए बंकर से बाहर निकले। शत्रु की गोलियों की परवाह किए बिना वे आगे बढ़े और उस जवान को बचाते-बचाते स्वयं शहीद हो गए।
(घ) पहले युवक से बात करने के बाद दूसरे युवक की समझ में क्या आ गया?
उत्तर – उसे समझ आ गया कि एक सैनिक का जीवन और उसके सामने आने वाली चुनौतियाँ किसी भी अन्य पेशे से कहीं अधिक कठिन और महान हैं। उसे अपनी मुश्किलें अब तुच्छ लगने लगी थीं।
(ङ) देश सैनिकों के किस ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकता?
उत्तर – देश सैनिकों द्वारा दिए गए उनके शौर्य, निःस्वार्थ सेवा और प्राणों के बलिदान के ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकता।
- नीचे दिए गए वाक्य यदि उत्तर हैं तो इनके प्रश्न बनाकर लिखिए-
(क) हँसमुख से युवक ने दूसरे युवक से बात क्यों छेड़ी?
(ख) कंप्यूटर के माध्यम से शरीर के बारे में क्या पता लगाया जा सकता है?
(ग) प्रोजेक्ट मैनेजर होने के नाते टीम के प्रति दूसरे युवक की क्या भूमिका है?
(घ) पॉइंट 4875 पर अधिकार करने के लिए कितने जवानों का दल आगे बढ़ रहा था?
(ङ) ज़ख्मी जवान को बचाने जाते समय कप्तान साहब ने सुशांत से क्या कहा?
जीवन मूल्यपरक प्रश्न
- ऐसा क्यों कहा गया है कि ‘किसी चुनौती का सामना करते हुए यदि हारने लगो तो एक फ़ौजी की जिंदगी के बारे में अवश्य सोचना।‘
उत्तर – ऐसा क्यों कहा गया है कि ‘किसी चुनौती का सामना करते हुए यदि हारने लगो तो एक फ़ौजी की जिंदगी के बारे में अवश्य सोचना।’ क्योंकि एक फौजी विपरीत परिस्थितियों और मौत के साये में भी कभी हार नहीं मानता। उनकी जीवनी हमें साहस और धैर्य सिखाती है।
- सैनिक हमारे सम्मान के हकदार क्यों हैं?
उत्तर – सैनिक हमारे सम्मान के हकदार हैं क्योंकि वे अपने परिवार और सुख-सुविधाओं को त्यागकर, अपनी जान जोखिम में डालकर हमारी और देश की रक्षा करते हैं।
भाषा ज्ञान
- सही उत्तर पर ✓ लगाइए –
(क) ‘महत्त्वपूर्ण’ का विलोम –
(ii) अमहत्त्वपूर्ण ✓
(ख) वर्ण-विच्छेद से बना शब्द –
(iv) प्रदर्शन ✓
(ग) ‘रात’ का पर्यायवाची नहीं है –
(ii) चंद्रिका ✓
- जानें- क्रिया का जो रूप यह बताता है कि कार्य किस समय में हुआ है उसे काल कहते हैं।
क्रिया के होने के आधार पर काल तीन हैं-
जिस क्रिया से पता चलता है कि कार्य हो चुका है उसे ‘भूतकाल’ कहते हैं; जैसे प्रज्ञा सड़क पर टहल रही थी।
क्रिया के जिस रूप से पता चलता है कि कार्य अभी हो रहा है उसे ‘वर्तमान काल’ कहते हैं; जैसे- दादा जी समाचार सुन रहे हैं।
क्रिया के जिस रूप से पता चलता है कि कार्य आने वाले समय में होगा उसे ‘भविष्यत् काल’ कहते हैं; जैसे हम कल लखनऊ जाएँगे।
निम्नलिखित वाक्यों में क्रिया छाँटकर लिखिए और उसका काल भी बताइए-
(क) वह लैपटॉप पर काम कर रहा था।
उत्तर – भूतकाल/ अतीत काल
(ख) मैं वातानुकूलित दफ़्तर में बैठता हूँ।
उत्तर – वर्तमान काल
(ग) ई. सी. जी. मशीन कंप्यूटर से चलती है।
उत्तर – वर्तमान काल
(घ) अपने साथी को बचाने मैं जाऊँगा।
उत्तर – भविष्यत् काल
(ङ) यह सुनकर तुम्हें अपनी जिंदगी आसान लगने लगेगी।
उत्तर – भविष्यत् काल
- दिए गए निपातों का प्रयोग करके वाक्य बनाइए-
(क) ही – उसे घर जाना ही होगा।
(ख) तो – मैंने तो उसे मना किया था।
(ग) भी – मैं भी तुम्हारे साथ चलूँगा।
- निम्नलिखित शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए-
(क) रेलगाड़ियाँ
(ख) गोलियाँ
(ग) चोटियाँ
(घ) ज़िंदगियाँ
(ङ) हथेलियाँ
(च) माताएँ
(छ) कविताएँ
(ज) सीमाएँ
(झ) सेनाएँ
(ञ) मालाएँ
- निम्नलिखित शब्दों के हिंदी रूप लिखिए-
(क) सीमा
(ख) घायल
(ग) उन्नति
(घ) शब्द/ध्वनि
(ङ) अंतिम
(च) सरल
(छ) जीवन
(ज) परिश्रम
- जानें- कुछ शब्दांश शब्दों से पहले जुड़कर एक नया शब्द बनाते हैं। इन्हें उपसर्ग कहते हैं;
जैसे – अ + सत्य = असत्य; सु + पुत्र = सुपुत्र।
निम्नलिखित उपसर्गों को जोड़कर नए शब्द बनाइए-
प्र + अध्यापक = प्राध्यापक
प्र + चलन = प्रचलन
प्र + क्रिया = प्रक्रिया
प्र + दर्शन = प्रदर्शन
प्र + गति = प्रगति
सम् + तुष्ट = संतुष्ट
सम् + मान = सम्मान
सम् + साधन = संसाधन
सम् + चालन = संचालन
सम् + गीत = संगीत
रोचक क्रियाकलाप
- ‘जब मैं कारगिल युद्ध के वीर सुशांत से मिला……’ अनुच्छेद लिखिए।
उत्तर – एक दिन अस्पताल के प्रतीक्षालय में मेरी भेंट सूबेदार सुशांत से हुई। साधारण कपड़ों में दिखने वाले सुशांत की आँखों में गजब की शांति और चेहरे पर एक सौम्य मुस्कान थी। जब उन्होंने कारगिल युद्ध के पॉइंट 4875 की विजय गाथा सुनाई, तो मेरा रोम-रोम खड़ा हो गया। उन्होंने बताया कि कैसे शून्य से नीचे के तापमान और दुश्मन की भारी गोलाबारी के बीच उन्होंने चोटी पर तिरंगा फहराया था। अपने कैप्टन विक्रम बत्रा की शहादत का जिक्र करते हुए उनकी आँखें नम थीं, पर दिल में गर्व था। उनसे मिलकर मुझे अहसास हुआ कि असली ‘हीरो’ वे नहीं जो पर्दे पर दिखते हैं, बल्कि वे हैं जो सरहदों पर हमारी सुरक्षा के लिए अपनी जान हथेली पर रखते हैं।
- परमवीर चक्र विजेता (मरणोपरांत) कैप्टन विक्रम बत्रा के पिता को उनके पुत्र की शहादत पर कृतज्ञ देशवासी की ओर से संवेदना पत्र लिखिए।
उत्तर – दिनांक – 00.00.0000
घर संख्या – W/414
टीसीआई राउरकेला
ओड़िशा
आदरणीय श्री गिरधारी लाल बत्रा जी
(सादर प्रणाम!)
मैं एक साधारण देशवासी इस पत्र के माध्यम से आपके और आपके पूरे परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करना चाहता हूँ। यद्यपि कैप्टन विक्रम बत्रा की शहादत को कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन उनका बलिदान आज भी हर भारतीय के हृदय में राष्ट्रप्रेम की मशाल जलाए हुए है।
कारगिल युद्ध के दौरान पॉइंट 4875 पर जिस वीरता के साथ उन्होंने ‘शेरशाह’ बनकर दुश्मन के छक्के छुड़ाए और “ये दिल माँगे मोर” के नारे के साथ तिरंगा फहराया, वह भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। एक पिता के रूप में आपने अपने वीर पुत्र को खोया है, जिसकी क्षति कभी पूरी नहीं की जा सकती, परंतु यह पूरा देश उन्हें अपना पुत्र मानता है।
कैप्टन विक्रम बत्रा ने जिस तरह अपने साथी जवानों की जान बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, वह निस्वार्थ सेवा और सर्वोच्च बलिदान की पराकाष्ठा है। उनका जीवन और उनका शौर्य आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
हम सभी भारतवासी आपके प्रति ऋणी हैं कि आपने देश को ऐसा महान सपूत दिया। यह कृतज्ञ राष्ट्र उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। ईश्वर आपको और आपके परिवार को सदैव संबल और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें।
शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा को शत-शत नमन!
जय हिंद।
आपका एक कृतज्ञ देशवासी,
अविनाश रंजन गुप्ता
- आप अपने जीवन में कंप्यूटर का प्रयोग किन कार्यों के लिए करते हैं?
उत्तर – मैं कंप्यूटर का प्रयोग ऑनलाइन पढ़ाई करने, नई जानकारियाँ खोजने और प्रोजेक्ट बनाने के लिए करता/करती हूँ।
गृहकार्य
- पाठ में आए अंग्रेज़ी शब्दों की सूची बनाइए।
उत्तर – लैपटॉप, सॉफ्टवेयर, इंजीनियर, कंप्यूटर, कोड, प्रोजेक्ट मैनेजर, ई-मेल, वैक्सीन, ई.सी.जी., डाटा बेस, डिजाइन।
- पाठ में आए अंग्रेज़ी शब्दों के हिंदी अर्थ खोजकर लिखिए।
उत्तर – छात्र इसे स्वयं करें।
- कारगिल वीर सुशांत से मिलने पर आप उससे क्या-क्या जानना चाहते? 3-4 प्रश्न बनाकर लिखिए।
- युद्ध के दौरान सबसे कठिन क्षण कौन सा था?
- तिरंगा फहराने के बाद आपको कैसा महसूस हुआ?
- कैप्टन विक्रम बत्रा के साथ आपका अनुभव कैसा रहा?

