पाठ का सार
हिमांशु जोशी द्वारा लिखित कहानी ‘साए’ मित्रता, त्याग और नैतिक कर्तव्य की एक अत्यंत मर्मस्पर्शी कहानी है। यह कहानी दिखाती है कि एक सच्चा मित्र मृत्यु के बाद भी अपने मित्र के परिवार का ‘साया’ बनकर उनकी रक्षा कर सकता है।
- संकट और दुखद समाचार –
कहानी की शुरुआत एक गरीब परिवार के संकट से होती है। पिता अफ्रीका के नैरोबी में नौकरी करने गए हैं, लेकिन लंबे समय तक उनका कोई पत्र नहीं आता। अंत में एक पत्र आता है जिसमें उनके गंभीर रूप से बीमार होने और ऑपरेशन की सूचना होती है। परिवार गहरे दुख और चिंता में डूब जाता है।
- एक ‘चमत्कारिक’ सुधार –
कुछ समय बाद अचानक पत्रों का सिलसिला फिर शुरू होता है। पत्रों में लिखा होता है कि भगवान के चमत्कार से स्वास्थ्य सुधर रहा है। ऑपरेशन के कारण हाथ में दिक्कत बताकर अब पत्र पिता स्वयं नहीं लिखते, बल्कि किसी और से लिखवाते हैं। पत्रों के साथ नियमित रूप से रुपये भी आने लगते हैं। परिवार को लगता है कि डूबती नाव फिर पार लग रही है।
- वर्षों का अंतराल और पारिवारिक सफलता –
लगभग बीस साल बीत जाते हैं। पत्रों के माध्यम से पिता घर की हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखते हैं—बेटी तनु के विवाह के लिए गहने-कपड़े भेजना, बेटे अज्जू को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना और उसे कीमती उपहार जैसे कैमरा, घड़ी आदि भेजते रहते हैं। अज्जू पढ़-लिखकर बहुत काबिल बन जाता है, लेकिन पिता काम की व्यस्तता का बहाना बनाकर कभी घर नहीं आते।
- अज्जू की अफ्रीका यात्रा और सत्य का उद्घाटन –
अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अज्जू अपने पिता को सरप्राइज देने के लिए नैरोबी पहुँच जाता है। वहाँ उसकी मुलाकात एक वृद्ध भारतीय सज्जन से होती है, जो उसके पिता के बिजनेस पार्टनर और ‘जिगरी दोस्त’ थे। वह वृद्ध व्यक्ति अज्जू को गले लगा लेते हैं और उसे सब सच बताते हैं।
- महान मित्रता का रहस्य –
सत्य यह था कि अज्जू के पिता की मृत्यु तो पंद्रह-बीस साल पहले ही उसी अस्पताल में हो गई थी। उनके मित्र ने यह बात परिवार से छिपाकर रखी क्योंकि वे जानते थे कि पिता की मृत्यु की खबर सुनकर परिवार टूट जाएगा और अज्जू की पढ़ाई रुक जाएगी। मित्र ने इतने वर्षों तक पिता के नाम से फर्जी पत्र लिखे और अपने व्यापार के मुनाफे का आधा हिस्सा ‘पिता की कमाई’ बताकर परिवार को भेजते रहे।
- तिनकों का साया –
वृद्ध मित्र अज्जू को समझाते हैं कि मनुष्य कभी-कभी ‘तिनकों के साए’ अर्थात् झूठे सहारे के आसरे भी बड़े संकटों से पार पा लेता है। यदि वे सच बता देते, तो परिवार अनाथ हो जाता। मित्र ने अपना वचन पूरा किया और अज्जू को इस काबिल बना दिया कि वह अब अपना बोझ स्वयं उठा सके।
मुख्य संदेश –
निस्वार्थ मित्रता – सच्ची मित्रता केवल जीवित रहने तक नहीं, बल्कि मृत्यु के बाद भी जिम्मेदारी निभाने का नाम है।
सकारात्मक झूठ – कभी-कभी किसी की भलाई के लिए बोला गया झूठ किसी का जीवन बचा सकता है।
संघर्ष और सहारा – मनुष्य को आगे बढ़ने के लिए आर्थिक सहारे से कहीं अधिक मानसिक और भावनात्मक सहारे की आवश्यकता होती है।
कठिन शब्दार्थ
1 साए – परछाई / सहारा Shadows / Protection
2 दुधमुँहे – बहुत छोटे बच्चे Suckling infants
3 रुग्ण – बीमार Ailing / Sick
4 सुदूर – बहुत दूर Distant / Remote
5 अरसे – लंबे समय Long period
6 मेहमानदारी – आतिथ्य (यहाँ जीवन के कम दिन) Hospitality / Stay
7 परमात्मा – ईश्वर Almighty / God
8 मर्मस्पर्शी – हृदय को छूने वाला Heart-touching
9 असमंजस – दुविधा Dilemma / Confusion
10 विलीन – गायब हो जाना Vanished / Merged
11 अनाथ – जिसके माता-पिता न हों Orphan
12 दुर्बल – कमज़ोर Weak / Feeble
13 असहाय – जिसका कोई सहारा न हो Helpless
14 डबडबाई – आँसुओं से भरी Tearful (eyes)
15 उत्कंठा – तीव्र इच्छा Eagerness / Curiosity
16 झेंपते – शर्माते हुए Feeling shy / Abashed
17 शून्य में – खालीपन में Into the void / Emptiness
18 मौन – चुप्पी Silence
19 अनावश्यक – जिसकी ज़रूरत न हो Unnecessary
20 विलंब – देरी Delay
21 कारोबार – व्यापार Business / Trade
22 विस्तार – फैलाव Expansion
23 इरादा – मंशा Intention / Plan
24 हिदायतें – निर्देश Instructions
25 अक्षरश – – पूरी तरह से (शब्द-दर-शब्द) Literally / To the letter
26 अव्वल – प्रथम First / Topmost
27 वज़ीफ़ा – छात्रवृत्ति Scholarship
28 विवशताओं – मजबूरियों Compulsions / Helplessness
29 हड़ताल – काम बंद करना Strike
30 संपन्न – पूरा होना Completed / Accomplished
31 स्थगित – टाल देना Postponed
32 अबाध – बिना रुकावट के Unhindered / Continuous
33 प्रयास – कोशिश Effort / Attempt
34 संभावना – उम्मीद Possibility
35 वीज़ा – अनुमति पत्र Visa
36 रवाना – प्रस्थान करना Departed
37 अप्रवासी – दूसरे देश में रहने वाला Immigrant
38 साझे – भागीदारी में In partnership
39 फ़र्म – व्यापारिक संस्था Business Firm
40 बदौलत – के कारण Thanks to / Because of
41 रकम – धन राशि Amount of money
42 सूझता – समझ आना To occur / To perceive
43 नियमित – लगातार Regular
44 उत्साहजनक – जोश बढ़ाने वाला Encouraging
45 स्वाभाविक – प्राकृतिक Natural
46 अकस्मात – अचानक Suddenly
47 चौंकाने – हैरान करना To surprise
48 इंगित – इशारा Indicate / Point out
49 किलकना – खुशी से चिल्लाना To chirp/shout with joy
50 खिलखिलाना – ज़ोर से हँसना To laugh heartily
51 जिगरी – बहुत करीबी Bosom / Very close
52 लगन – निष्ठा Dedication / Devotion
53 ठिठक – रुक जाना To falter / To pause
54 सहलाया – पुचकारना Caressed / Stroked
55 छिन्न-भिन्न – बिखरा हुआ Scattered / Shattered
56 भँवर – जल का घेरा (संकट) Whirlpool (crisis)
57 भंग – तोड़ना Break / Interrupt
58 तंतुओं – धागों Fibers / Filaments
59 बीहड़ – घना और डरावना Wilderness / Rugged
60 गुज़रना – मृत्यु होना (यहाँ) To pass away
61 खटना – कड़ी मेहनत करना To toil / Work hard
62 अड़चनें – बाधाएँ Obstacles / Hurdles
63 निश्चय – संकल्प Decision / Firm resolve
64 प्रतीक्षा – इंतज़ार Waiting
65 मर्मस्पर्शी – हृदय विदारक Poignant
66 अनावश्यक – फालतू Redundant
67 नियंत्रण – काबू Control
68 आश्रय – सहारा Shelter / Refuge
69 विमान – हवाई जहाज़ Aeroplane
70 हवाई अड्डा – विमान तल Airport
71 पूछताछ – छानबीन Inquiry
72 सज्जन – भला आदमी Gentleman
73 ऊँघना – झपकी लेना Dozing
74 नाम-धाम – नाम और पता Name and address
75 बाँहों में भरना – गले लगाना To embrace
76 भोजन – खाना Meal
77 गौर से – ध्यान से Carefully / Closely
78 शून्य – खाली आकाश Space / Null
79 पलकें टिकाना – टकटकी लगाना To gaze steadily
80 क्षणों – पलों Moments
81 रेत – बालू Sand
82 नोक – सिरा Tip
83 अदृश्य – जो दिखे नहीं Invisible
84 डोर – धागा Thread / Cord
85 हिस्से – भाग Parts / Shares
मौखिक – 1. उच्चारण कीजिए –
दुधमुँहे, रुग्ण, सुदूर, विलंब, ऑपरेशन, चिट्ठियाँ, परमात्मा, चमत्कार, विस्तार, उत्साहजनक, स्वाभाविक अक्षरशः, अव्वल, ब्याहने, विवशताओं, प्रतीक्षा, मर्मस्पर्शी, स्वास्थ्य, अड़चनें, संभावना, विस्तृत, उत्कंठ अड्डे, वृद्ध, ऊँघ, क्षणों, तंतुओं, असमंजस, अदृश्य, बीहड़, डबडबाई
ज़रूरत, लिफ़ाफ़ा, वज़ीफा, ज़िले, कमज़ोर, वीज़ा, ज़ोर, गुज़र, इंतज़ार, दहेज़
दुधमुँहे – Dudh-mun-hay
प्रतीक्षा – Pra-teek-shaa
रुग्ण – Rug-na
मर्मस्पर्शी – Marm-spar-shee
सुदूर – Su-door
स्वास्थ्य – Svaas-th-ya
परमात्मा – Par-maat-maa
संभावना – Sam-bhaav-naa
विस्तार – Vis-taar
विस्तृत – Vis-trit
उत्साहजनक – Ut-saah-ja-nak
उत्कंठा – Ut-kan-thaa
स्वाभाविक – Svaa-bhaa-vik
वृद्ध – Vriddh
अक्षरशः – Ak-sha-ra-shah
क्षणों – Ksha-non
विवशताओं – Vi-vash-taa-on
तंतुओं – Tan-tu-on
असमंजस – A-sa-man-jas
अदृश्य – A-drish-ya
बीहड़ – Bee-had
डबडबाई – Dab-da-baa-ee
विलंब – Vi-lamb
अड़चनें – Ad-cha-nayn
ऑपरेशन – Op-ray-shan
अड्डे – Ad-day
चिट्ठियाँ – Chit-thi-yaan
ऊँघ – Oongh (Nasal)
चमत्कार – Cha-mat-kaar
अव्वल – Av-val
ब्याहने – Byaa-ha-nay
ज़रूरत – Za-roo-rat
वीज़ा – Vee-zaa
लिफ़ाफ़ा – Li-faa-faa
ज़ोर – Zor
वज़ीफ़ा – Va-zee-faa
गुज़र – Gu-zar
ज़िले – Zi-lay
इंतज़ार – In-ta-zaar
कमज़ोर – Kam-zor
दहेज़ – Da-hayz
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर बताइए-
(क) पत्र स्वयं न लिखने का क्या कारण बताया गया था?
उत्तर – पत्र स्वयं न लिखने का कारण बताया गया था कि हाथ के ऑपरेशन के बाद अब लिखने में कठिनाई होती है, इसलिए वे पत्र किसी और से बोलकर लिखवा लेते हैं।
(ख) पत्र में अज्जू और उसकी बहन के बारे में उनकी माँ ने क्या सूचना भेजी?
उत्तर – पत्र में अज्जू और उसकी बहन के बारे में उनकी माँ ने सूचना भेजी कि बच्चे उन्हें बहुत याद करते हैं, उनकी हिदायतों का पालन करते हैं और अज्जू अपनी कक्षा में अव्वल आया है।
(ग) इनाम में मिली वस्तुओं की फ़ोटो भेजने पर उत्तर में अफ्रीका से क्या आया?
उत्तर – इनाम में मिली वस्तुओं की फ़ोटो भेजने पर उत्तर में अफ्रीका से एक कीमती कैमरा, गरम सूट का कपड़ा, एक सुंदर घड़ी और एक मर्मस्पर्शी लंबा पत्र आया।
(घ) वृद्ध ने अज्जू को उसके पिता और अपने संबंध में क्या बताया?
उत्तर – वृद्ध ने अज्जू को उसके पिता और अपने संबंध के बारे में बताते हुए कहा कि वे उसके पिता के जिगरी दोस्त थे। उसके पिता ने ही उन्हें अफ्रीका बुलाया, काम सिखाया और दोनों ने साझे में यह कारोबार शुरू किया था।
लिखित
1. सही उत्तर पर ✓ का निशान लगाइए-
(क) विदेशी लिफ़ाफ़े में क्या सूचना थी?
(i) भगवान रखवाला है।
(ii) रोग काबू के बाहर हो गया है।
(iii) हालत सुधर रही है। ✓
(iv) चंद दिन की मेहमानदारी है।
(ख) पुत्री की शादी के समय न पहुँच पाने की क्या विवशता बताई गई थी?
(i) बीमारी बढ़ गई है।
(ii) मज़दूरों की हड़ताल चल रही है। ✓
(iii) कारोबार को छोड़ना मुश्किल होगा।
(iv) स्वयं ही खटना पड़ता है।
(ग) पिता के घर आने की संभावना न दिखाई देने पर अज्जू ने पिता को बुलाने के लिए क्या लिखा?
(i) आकर हम सबको अफ्रीका ले चलिए।
(ii) विवाह के बाद बहन आपसे मिलना चाहती है।
(iii) यहाँ आकर अपने घर-परिवार से एक बार मिल जाइए।
(iv) कमज़ोर और बीमार माँ आपको अंतिम बार देखना चाहती है। ✓
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
(क) लंबे अरसे के बाद आए पत्र में क्या समाचार लिखा था?
उत्तर – लंबे अरसे बाद आए पत्र में यह दुखद समाचार था कि पिता को अस्पताल में अनावश्यक विलंब के कारण रोग बढ़ गया है और डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी है।
(ख) घर से अफ्रीका भेजने वाले पत्रों में क्या लिखा जाता था?
उत्तर – घर से जाने वाले पत्रों में पिता को याद किया जाता था, बच्चों की पढ़ाई और उनकी प्रगति के बारे में लिखा जाता था और उनसे घर आने का आग्रह किया जाता था।
(ग) परिवार द्वारा अफ्रीका आने की बात को सुनकर उसने क्या लिख भेजा?
उत्तर – परिवार द्वारा अफ्रीका आने की बात सुनकर उन्होंने लिख भेजा कि काम बहुत बढ़ गया है, विश्वास के आदमी नहीं मिलते और अज्जू को अभी अपनी पढ़ाई पूरी करनी चाहिए।
(घ) अज्जू ने पापा को चौंकाने के लिए क्या किया?
उत्तर – अज्जू ने बिना बताए पासपोर्ट, वीज़ा और टिकट बनवा लिया और अचानक नैरोबी पहुँचकर अपने पिता को चौंकाने की योजना बनाई।
(ङ) अज्जू से घर परिवार की कुशल जान लेने के बाद वृद्ध सज्जन बहुत देर तक मौन रहकर क्या
सोचते रहे?
उत्तर – वृद्ध सज्जन बहुत देर तक मौन रहकर यह सोच रहे थे कि यदि वे अज्जू के पिता की मृत्यु का सच पहले बता देते, तो शायद यह परिवार बिखर जाता और अज्जू आज इस मुकाम पर न होता।
जीवन मूल्यपरक प्रश्न
वृद्ध सज्जन ने मित्र के परिवार को उसकी मृत्यु की सूचना न देकर सहायता करना क्यों उचित समझा?
उत्तर – वृद्ध सज्जन ने मित्र के परिवार को पिता की मृत्यु की सूचना न देकर सहायता करना उचित समझा क्योंकि वे जानते थे कि पिता की मृत्यु की खबर परिवार को मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़ देगी। अज्जू का भविष्य बर्बाद हो जाता। एक मित्र का धर्म निभाने के लिए उन्होंने ‘तिनके के साए’ अर्थात् झूठे सहारे के रूप में परिवार को सहारा दिया ताकि वे स्वावलंबी बन सकें।
भाषा ज्ञान
- सही उत्तर पर ✓ लगाइए-
(क) ‘दुधमुँहा’ शब्द का क्या अर्थ है?
(i) मुँह में दूध रखने वाला
(ii) दूध पीने वाला ✓
(iii) दूध पीने के लिए मुँह खोलने वाला
(iv) दूध देखकर मुँह बनाने वाला
(ख) ‘उत्साहजनक’ शब्द कैसे बना है?
(i) उत्साह द्वारा जनक
(ii) उत्साह में जनक
(iii) उत्साह का जनक ✓
(iv) उत्साह के लिए जनक
(ग) ‘स्वाभाविक’ शब्द कैसे बना है?
(i) स्वा + भाविक
(ii) स्वभा + इक
(iii) स्वभावि + क
(iv) स्वभाव + इक ✓
- जानें- संज्ञा के तीन भेद होते हैं-
किसी विशेष व्यक्ति, विशेष स्थान, विशेष वस्तु या विशेष प्राणी के नाम को बताने वाले शब्दों को व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं; जैसे- रजनी, अतुल, लखनऊ, गीता, रामायण, हिमालय, गंगा, यमुना आदि।
किसी प्राणी, समुदाय या पदार्थ की पूरी जाति का नाम बताने वाले शब्दों को जातिवाचक संज्ञा कहते जैसे- पहाड़, घोड़ा, महिला, नदी, शहर, किताब आदि।
किसी गुण, दोष, कार्य या भाव का ज्ञान कराने वाले शब्दों को भाववाचक संज्ञा कहते हैं; जैसे- ऊँचाई मिठास, प्रेम, सहायता, प्रशंसा, सौंदर्य आदि।
निम्नलिखित संज्ञा शब्दों को संज्ञा के भेद के अनुसार छाँटकर लिखिए-
बच्चे, सज्जनता, मास्टर, अज्जू, अफ्रीका, तनु, दीवार, प्रसन्नता, दोस्त
- व्यक्तिवाचक संज्ञा – अज्जू, अफ्रीका, तनु।
- जातिवाचक संज्ञा – बच्चे, मास्टर, दीवार, दोस्त।
- भाववाचक संज्ञा – सज्जनता, प्रसन्नता।
- निम्नलिखित शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए-
एकवचन बहुवचन
(क) स्त्री – स्त्रियाँ
(ख) पत्नी – पत्नियाँ
(ग) लड़की – लड़कियाँ
(घ) नौकरी – नौकरियाँ
(ङ) चिट्ठी – चिट्ठियाँ
(च) लिफ़ाफ़ा – लिफ़ाफ़े
(छ) बच्चा – बच्चे
(ज) ताला – ताले
(झ) कपड़ा – कपड़े
(ञ) बेटा – बेटे
- रिक्त स्थानों में ‘कि’ अथवा ‘की’ लिखकर वाक्य पूरे कीजिए-
(क) डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी है।
(ख) यह चमत्कार है कि हालत सुधर रही है।
(ग) मास्टर जी कहते हैं कि उसे वजीफ़ा मिलेगा।
(घ) अब चिंता की कोई बात नहीं है।
(ङ) अज्जू कहता है कि बड़ा होकर वह पापा की तरह बनेगा।
(च) पत्र पहले की तरह बोलकर लिखवाया गया था।
- प्रत्येक के लिए दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए- –
(क) वन – जंगल, कानन
(ख) पानी – जल, नीर
(ग) माँ – माता, जननी
(घ) बेटा – पुत्र, सुत
(ङ) परमात्मा – ईश्वर, भगवान
रोचक क्रियाकलाप
- इस पाठ में चिट्ठी, तार, लिफ़ाफ़े शब्दों का प्रयोग किया गया है। पता लगाइए कि डाक और तार विभाग द्वारा किस-किस रूप में चिट्ठी भेजी जा सकती है।
उत्तर – डाक विभाग (India Post) द्वारा संदेश भेजने के कई पारंपरिक और आधुनिक तरीके रहे हैं –
पोस्टकार्ड (Postcard) – यह संदेश भेजने का सबसे सस्ता और खुला माध्यम था। इसमें लिफ़ाफ़े की ज़रूरत नहीं होती थी।
अंतर्देशीय पत्र (Inland Letter) – यह नीले रंग का मुड़ने वाला पत्र होता था, जिसे लिखकर तीन तरफ से गोंद से चिपका दिया जाता था। यह केवल देश के भीतर ही चलता था।
लिफ़ाफ़ा (Envelope/Standard Post) – सादे कागज पर पत्र लिखकर उसे लिफ़ाफ़े में डालकर भेजा जाता था। इस पर टिकट लगाना अनिवार्य होता था।
पंजीकृत डाक (Registered Post) – इसे रिसीवर तक सुरक्षित पहुँचाने की गारंटी होती थी और भेजने वाले को रसीद मिलती थी।
स्पीड पोस्ट (Speed Post) – संदेश या ज़रूरी कागजात को तेज़ी से पहुँचाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
हवाई डाक (Air Mail) – विदेशों में पत्र भेजने के लिए इसका उपयोग किया जाता था, जैसा कि अज्जू के पिता के मामले में नैरोबी से आता था।
- पोस्टकार्ड और तार अब प्रचलन में नहीं हैं। इनके विषय में जानकारी एकत्र कीजिए।
उत्तर – पोस्टकार्ड (Postcard) –
विवरण – पोस्टकार्ड पीले रंग का एक मोटा गत्ता होता था जिसके एक तरफ पता लिखने की जगह होती थी और दूसरी तरफ संदेश।
विशेषता – इसकी कोई गोपनीयता नहीं होती थी क्योंकि इसे कोई भी पढ़ सकता था। गाँवों में डाकिया ही अक्सर अनपढ़ लोगों को पोस्टकार्ड पढ़कर सुनाता था।
वर्तमान स्थिति – आज व्हाट्सएप और ईमेल के कारण इसका उपयोग बहुत कम हो गया है, लेकिन सरकारी विज्ञापनों या प्रतियोगिताओं में यह अभी भी कहीं-कहीं दिखता है।
तार (Telegram) –
विवरण – तार संदेश भेजने का सबसे तेज़ माध्यम था। इसमें शब्द गिनकर पैसे लिए जाते थे, इसलिए संदेश बहुत छोटा लिखा जाता था (जैसे – “Father Ill Come Soon”)।
महत्त्व – पुराने समय में जब फोन नहीं थे, तब किसी की मृत्यु या गंभीर बीमारी की सूचना ‘तार’ के माध्यम से ही भेजी जाती थी। लोग तार का नाम सुनकर डर जाते थे क्योंकि अक्सर इसमें बुरी खबर होती थी।
समापन – भारत में 15 जुलाई 2013 को तार सेवा को आधिकारिक रूप से बंद कर दिया गया क्योंकि मोबाइल और इंटरनेट के दौर में इसकी उपयोगिता समाप्त हो गई थी।
- इस कहानी में अज्जू के अफ्रीका पहुँचने के बाद के अंश का नाटक के रूप में अभिनय कीजिए।
उत्तर – छात्र इसे शिक्षक की सहायता से पूरा करें।
गृहकार्य
- पाठ में ‘डॉक्टर’, ‘ऑपरेशन’ शब्द आए हैं। याद करके ऐसे छह शब्द लिखिए जिनमें ‘ऑ’ (ॉ) का प्रयोग किया गया हो-
उत्तर – बॉल, हॉल, कॉलेज, ऑफिस, टॉफी, कॉपी।
- ‘पत्र’,’कक्षा’ शब्दों में क्रमशः त् + र = त्र और क् + ष = क्ष का प्रयोग किया गया है। आप भी ‘त्र’ और ‘क्ष’ के प्रयोग वाले कुछ शब्द लिखिए-
- ‘त्र’ – मित्र, पत्र, त्रिकोण, छात्र, यात्रा।
- ‘क्ष’ – कक्षा, पक्षी, शिक्षा, क्षमा, रक्षक।

