पाठ का सारांश
यह पाठ ‘लौह अयस्क की खदानों से’ ईशान नामक एक बालक की डायरी के रूप में लिखा गया है। इसमें छत्तीसगढ़ के किरंदूल (बैलाडिला) क्षेत्र की लौह अयस्क खदानों, वहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय जीवन का सजीव वर्णन है।
- यात्रा का आरंभ –
मुंबई में रहने वाला ईशान छुट्टियों में अपने फूफा नाना और बुआ नानी से मिलने किरंदूल जाता है। रायपुर हवाई अड्डे से कार द्वारा किरंदूल जाते समय वह पहली बार घने जंगलों, सर्पाकार सड़कों और शुद्ध हवा का अनुभव करता है। रास्ते में वह सागवन, महुआ और तेंदूपत्ता जैसे पेड़ों के बारे में जानता है।
- खदानों का भ्रमण –
ईशान अपने नाना और मामा के साथ एन.एम.डी.सी. (NMDC) की खदानें देखने जाता है। वहाँ वह लौह अयस्क (कच्चा लोहा) निकालने की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से देखता है –
- ड्रिलिंग और विस्फोट – मशीन से छेद करके विस्फोटक डाले जाते हैं, जिससे पहाड़ के टुकड़े हो जाते हैं।
- शॉवल और डंपर – शॉवल मशीन इन भारी टुकड़ों को 85 टन की क्षमता वाले विशाल डंपरों में भरती है।
- प्रोसेसिंग – अयस्क को क्रशिंग प्लांट में कूटा जाता है, फिर कन्वेयर बेल्ट के जरिए स्क्रीनिंग प्लांट भेजा जाता है।
- परिवहन – अंत में 60 डिब्बों वाली मालगाड़ी से इस माल को विशाखापट्टनम भेजा जाता है।
- पर्यावरण के प्रति जागरूकता –
ईशान देखता है कि खदान प्रबंधन पर्यावरण को लेकर सतर्क है। लोहे के चूर्ण से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए ‘कदंपाल डैम’ बनाया गया है, जहाँ गंदा पानी साफ़ किया जाता है ताकि नदियों को नुकसान न पहुँचे।
- जनजातीय जीवन और साप्ताहिक हाट –
ईशान वहाँ की साप्ताहिक ‘हाट’ अर्थात् बाज़ार देखने जाता है। वह मुरिया, मारिया और हल्बा जैसी जनजातियों के लोगों से मिलता है, जिन्हें वहाँ सम्मान से ‘मामा’ कहा जाता है। वह उनके टैटू, सीसे और लकड़ी के गहनों तथा उनके पारंपरिक नृत्य को देखकर चकित रह जाता है। उसे पता चलता है कि यह वही ‘दंडकारण्य’ क्षेत्र है जहाँ भगवान राम ने समय बिताया था।
- उदास मन से विदाई –
शुरुआत में ईशान को लगा था कि यहाँ उसकी छुट्टियाँ बर्बाद हो जाएँगी, लेकिन जाते समय वह बहुत उदास है। उसे यहाँ के लोगों का निश्छल प्रेम, साफ़ हवा और सादा जीवन बहुत पसंद आया। वह याद के तौर पर लोहे का एक पत्थर अपने साथ ले जाता है।
मुख्य संदेश –
राष्ट्र निर्माण – शहर से दूर दुर्गम क्षेत्रों में रहकर लोग देश के औद्योगिक विकास (लोहा उत्पादन) में कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
सांस्कृतिक विविधता – भारत के जंगलों में बसी जनजातियाँ हमारी समृद्ध संस्कृति का हिस्सा हैं।
प्रकृति और विकास का संतुलन – औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा करना अनिवार्य है।
कठिन शब्दार्थ
1 अयस्क – कच्ची धातु Ore
2 खदानों – जहाँ से खनिज निकले Mines
3 लौह – लोहा Iron
4 निर्धारित – तय किया हुआ Scheduled / Fixed
5 परियोजना – बड़ा काम / प्लान Project
6 ड्रिलिंग – छेद करने की क्रिया Drilling
7 व्यास – गोलाई की चौड़ाई Diameter
8 विस्फोटक – धमाका करने वाला Explosive
9 विस्फोट – धमाका Blast / Explosion
10 शॉवल – खुदाई करने वाली मशीन Shovel (Excavator)
11 डंपर – भारी सामान ढोने वाला ट्रक Dumper / Tipper
12 क्षमता – ताकत / गुंजाइश Capacity
13 क्रशिंग प्लांट – कूटने/पीसने का स्थान Crushing Plant
14 कन्वेयर बेल्ट – माल ले जाने वाला पट्टा Conveyor Belt
15 स्क्रीनिंग – छानने की प्रक्रिया Screening
16 पिंड – ठोस टुकड़ा Lumps / Blocks
17 चूर्ण – बारीक पाउडर Powder / Dust
18 लोडिंग – सामान लादना Loading
19 गाद – कीचड़ युक्त पानी Slurry / Silt
20 निस्तारण – निपटान / सफाई Disposal / Settlement
21 फौलाद – पक्का लोहा Steel
22 सकुशल – खैरियत से Safely
23 प्रदूषण – गंदगी Pollution
24 सर्पाकार – सांप जैसी टेढ़ी-मेढ़ी Serpentine / Zigzag
25 ऊर्जा – शक्ति Energy
26 सागवन – एक कीमती पेड़ Teak wood
27 महुआ – एक जंगली फूल/पेड़ Madhuca Longifolia
28 जड़ी-बूटियाँ – औषधीय पौधे Medicinal Herbs
29 प्रचुर – बहुत अधिक Abundant / Plentiful
30 मुठभेड़ – अचानक सामना होना Encounter / Confrontation
31 कंकरीट – सीमेंट-पत्थर का मिश्रण Concrete
32 विविध – अलग-अलग तरह की Diverse / Various
33 परिवेश – वातावरण Surroundings / Environment
34 चकाचौंध – तेज़ रोशनी Dazzle / Glitter
35 दंडकारण्य – एक प्रसिद्ध प्राचीन वन Dandakaranya Forest
36 आबादी – जनसंख्या Population
37 विविध – अनेक प्रकार Varied
38 जनजातियाँ – आदिवासी समूह Tribes
39 साप्ताहिक हाट – हफ्ते का बाज़ार Weekly Market
40 झाड़-फूँक – जादुई उपचार Exorcism / Witchcraft
41 ज़ेवर – आभूषण Jewelry / Ornaments
42 शौकीन – रुचि रखने वाले Fond of
43 टैटू / गोदना – शरीर पर निशान Tattoo
44 कौतूहल – जिज्ञासा / आश्चर्य Curiosity
45 सौभाग्यशाली – खुशनसीब Fortunate / Lucky
46 पूर्वज – बाप-दादा Ancestors
47 खोल – बाहरी आवरण Shell / Cover
48 पेय – पीने की चीज़ Beverage / Drink
49 अनुभूति – महसूस करना Experience / Feeling
50 भौतिकता – सांसारिक सुख Materialism
51 प्रश्नवाचक – सवाल भरी (नज़र) Questioning / Inquiring
52 सिलसिले – संबंध में Connection / Sequence
53 ठहाका – ज़ोर की हँसी Guffaw / Loud laugh
54 मंगल करना – खुशहाली लाना To make prosperous
55 आशीर्वाद – दुआ Blessing
56 प्रभावित – असर पड़ना Impressed
57 व्यवस्था – इंतजाम Arrangement
58 क्षमता – सामर्थ्य Capacity
59 जागरूक – सचेत Aware / Conscious
60 थक कर चूर – बहुत अधिक थकना Exhausted
61 निश्छल – बिना छल के / साफ़ Guileless / Pure
62 आत्मीयता – अपनापन Affection / Intimacy
63 महानगर – बड़ा शहर Metropolis
64 बरबाद – नष्ट Wasted / Ruined
65 समर्पित – अर्पण किया हुआ Dedicated
66 पल्लू – साड़ी का कोना Edge of a Saree
67 निश्छल – पवित्र Innocent
68 आदी – लत लगना / अभ्यस्त Accustomed / Habitual
69 झटपट – तुरंत Quickly
70 असर – प्रभाव Effect
71 सराहनीय – तारीफ के काबिल Commendable
72 श्रद्धा – आदर भाव Devotion / Respect
73 निश्चितता – बेफ़िक्री Carefreeness
74 सुखद – खुशी देने वाला Pleasant
75 उदास – दुखी Sad / Gloomy
76 यादगार – स्मृति Souvenir / Memento
77 सहलाना – प्यार से हाथ फेरना Stroking / Caressing
78 अतिरिक्त – फालतू / ज़्यादा Additional / Extra
79 प्रबंधक – मैनेजर Manager
80 शाखा – हिस्सा / डाल Branch
81 निर्धारित – पक्का Determined
82 कौतूहल – अचरज Wonder
83 अनुभव – तजुर्बा Experience
84 Energy – ऊर्जा Power
85 मुसकराहट – मुस्कान Smile
मौखिक – 1. उच्चारण कीजिए –
अयस्क, निर्धारित, प्रश्नवाचक, दृष्टि, सर्पाकार, ऊर्जा, आँवला, व्यवहार, राष्ट्र, निर्माण, विविध, आशीर्वाद, बिस्तर, नाश्ता, क्रम, दृश्य, व्यवस्था, क्षेत्र, चूर्ण, पर्यावरण, निस्तारण, साप्ताहिक, श्रद्धा, दंडकारण्य, सौभाग्यशाली, नृत्य, समर्पित, निश्छल, आत्मीयता
अड्डे, छुट्टियाँ, हरड़, बहेड़ा, जड़ी-बूटियों, मुठभेड़, झटपट, पढ़ाती, बढ़ाकर, विस्फोटक, टुकड़े, छाँट, साठ, मिट्टी, झुंड, ताड़, ढोल
अयस्क – Ay-ask
आशीर्वाद – Aa-sheer-vaad
निर्धारित – Nir-dhaa-rit
दृश्य – Drish-ya
प्रश्नवाचक – Prash-na-vaa-chak
व्यवस्था – Vyav-as-thaa
दृष्टि – Drish-ti
पर्यावरण – Par-yaa-va-ran
सर्पाकार – Sar-paa-kaar
श्रद्धा – Shrad-dhaa
ऊर्जा – Oor-jaa
दंडकारण्य – Dand-ka-ran-ya
निर्माण – Nir-maan
सौभाग्यशाली – Sau-bhaag-ya-shaa-lee
राष्ट्र – Raash-tra
समर्पित – Sa-mar-pit
निश्छल – Nish-chhal
आत्मीयता – Aat-mee-ya-taa
आँवला – Aan-va-laa
छाँट – Chhaant
निर्माण – Nir-maan
साठ – Saath
विविध – Vi-vidh
झुंड – Jhund
नृत्य – Nrit-ya
पढ़ाती – Pa-dhaa-tee
अड्डे – Ad-day
टुकड़े – Tuk-day
छुट्टियाँ – Chhut-ti-yaan
मिट्टी – Mit-tee
बहेड़ा – Ba-hay-daa
मुठभेड़ – Mut-bhayd
जड़ी-बूटियों – Ja-dee-boo-ti-yon
झटपट – Jhat-pat
विस्फोटक – Vis-pho-tak
ताड़ – Taad
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर बताइए-
(क) नाना ने ईशान को जंगली जानवरों की किस विशेषता से परिचित कराया?
उत्तर – नाना ने ईशान को जंगली जानवरों के बारे में बताया कि जंगली जानवर हमें तभी नुकसान पहुँचाते हैं, जब हम उनके साथ बुरा व्यवहार करते हैं।
(ख) मुंबईवासी किरंदुल की कॉलोनी के किस दृश्य की कल्पना भी नहीं कर सकते?
उत्तर – मुंबईवासी वहाँ की साफ़-सुथरी सड़कों, क्रम से बने मकानों, घरों के आगे छोटे बगीचों और चारों तरफ फैली हरियाली वाले दृश्य की कल्पना भी नहीं कर सकते।
(ग) ईशान को अचानक ऐसा क्यों लगा कि वह बड़ा हो गया है?
उत्तर – जब एन.एम.डी.सी. के चेयरमैन श्री बी. रमेश कुमार ने ईशान से हाथ मिलाया और उसे ‘यंगमैन’ कहकर पुकारा, तो उसे लगा कि वह बड़ा हो गया है।
(घ) क्रशिंग प्लांट में जाकर वरुण और ईशान ने क्या देखा?
उत्तर – क्रशिंग प्लांट में जाकर वरुण और ईशान ने देखा कि डंपर ने सारा लौह अयस्क प्लांट में डाल दिया है और वहाँ मशीनों द्वारा उस अयस्क को कूटा जा रहा है।
(ङ) नानी माँ ने जनजातियों के विषय में क्या जानकारी दी?
उत्तर – नानी माँ ने जनजातियों के विषय बताया कि यहाँ मुरिया, मारिया, गौड़ और हल्बा जैसी जनजातियाँ रहती हैं। उन्हें यहाँ ‘मामा’ कहा जाता है। वे गहनों के शौकीन होते हैं और झाड़-फूँक व भूत-प्रेत पर विश्वास करते हैं।
लिखित
1. सही उत्तर पर ✓ का निशान लगाइए–
(क) जब ईशान ने पैर छुए तो बुआ नानी ने क्या किया?
(i) बड़ी ज़ोर का ठहाका लगाया।
(ii) उसे गले से लगाकर आशीर्वाद दिया। ✓
(iii) उसके खाने-पीने का प्रबंध किया।
(iv) उसकी आरती उतारी।
(ख) नाना के दफ़्तर जाते समय ईशान ने क्या देखा?
(i) केंद्रीय विद्यालय का भवन
(ii) पढ़ाने जातीं बुआ नानी
(iii) स्कूल जाते बच्चे ✓
(iv) दफ़्तर जाते लोग
(ग) नाना ने अचानक जीप रोक दी क्योंकि-
(i) ड्रिलिंग मशीन चल रही थी।
(ii) सारा क्षेत्र धुएँ से भरा था।
(iii) बड़े ज़ोर की आवाज़ हुई।
(iv) विस्फोट होने वाला था। ✓
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
(क) शहर से बाहर निकलकर ईशान ने क्या देखा?
उत्तर – शहर से बाहर निकलकर ईशान ने देखा कि आबादी कम हो गई है और चारों तरफ घने जंगल व पहाड़ियों के बीच सर्पाकार सड़क है।
(ख) ईशान अचानक गाड़ी का शीशा क्यों चढ़ाने लगा?
उत्तर – मामा द्वारा यह बताने पर कि जंगलों में भालू, चीता, साँप और अजगर जैसे जानवर मिलते हैं, ईशान डर के मारे गाड़ी का शीशा चढ़ाने लगा।
(ग) किरंदूल में कॉलोनी देखकर ईशान को ऐसा क्यों लगा कि यह छोटा भारत है?
उत्तर – किरंदूल में अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों की विविध बोलियों, पहनावे और खानपान को देखकर ईशान को लगा कि यह एक ‘छोटा भारत’ है।
(घ) बैलाडिला में खदानों से कच्चा लोहा कैसे निकालते हैं?
उत्तर – बैलाडिला में खदानों में ड्रिलिंग मशीन से गहरा छेद करके उसमें विस्फोटक पदार्थ डाला जाता है और विस्फोट करके पहाड़ से लोहे के टुकड़े तोड़े जाते हैं।
(ङ) इस परियोजना में जल प्रदूषण रोकने के क्या उपाय किए गए हैं?
उत्तर – इस परियोजना में जल प्रदूषण रोकने के लिए ‘कदंपाल डैम’ बनाया गया है। इसमें लौह अयस्क की गाद नीचे बैठ जाती है और ऊपर का साफ़ पानी ही नदी-नालों में जाता है।
(च) किरंदूल से लौटते समय ईशान उदास क्यों था?
उत्तर – ईशान वहाँ के सीधे-सादे जीवन, साफ़ हवा, अपनापन और प्राकृतिक सुंदरता से इतना प्रभावित था कि वह वहाँ और रुकना चाहता था, इसलिए लौटते समय वह उदास था।
- निम्नलिखित शब्दों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए-
(क) आबादी – भारत की आबादी तेज़ी से बढ़ रही है।
(ख) पहनावा – राजस्थान का पारंपरिक पहनावा बहुत रंगीन है।
(ग) साप्ताहिक – गाँव में हर रविवार को साप्ताहिक बाज़ार लगता है।
(घ) श्रद्धा – हमें अपने गुरुओं के प्रति श्रद्धा रखनी चाहिए।
(ङ) विकास – खदानें देश के आर्थिक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न
निम्नलिखित पाठांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
“दोपहर का भोजन करके हम खदानों की ओर चल पड़े। रास्ते में नाना ने बताया कि बैलाडिला -14, जिसे किरंदुल भी कहते हैं, में लौह अयस्क या कच्चा लोहा हैमेटायट की किस्म में मिलता है।
खदानों से लौह अयस्क निकालने के लिए ड्रिलिंग मशीन से दस इंच व्यास का चौदह मीटर गहरा छिद्र बनाते हैं। उसमें विस्फोटक पदार्थ डालकर विस्फोट करते हैं। अचानक नाना ने जीप रोक ली। सामने विस्फोट होने वाला था। बड़े ज़ोर की आवाज़ हुई और सारा क्षेत्र धुएँ से भर गया। पहाड़ के इस क्षेत्र से लौह अयस्क के पाँच से छह फुट के टुकड़े टूट गए थे।
(क) बैलाडिला-14 को और किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर – बैलाडिला-14 को किरंदुल के नाम से भी जाना जाता है।
(ख) यहाँ कच्चे लोहे की कौन सी किस्म मिलती है?
उत्तर – यहाँ कच्चे लोहे की हैमेटायट किस्म मिलती है।
(ग) खदान से कच्चा लोहा निकालने के लिए क्या करते हैं?
उत्तर – खदान से कच्चा लोहा निकालने के लिए ड्रिलिंग मशीन से गहरा छेद बनाकर उसमें विस्फोटक डालकर विस्फोट करते हैं।
(घ) नाना ने अचानक जीप क्यों रोक ली?
उत्तर – नाना ने अचानक जीप रोक ली क्योंकि सामने पहाड़ पर विस्फोट होने वाला था।
(ङ) दिए गए शब्दों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए- खदान, धुआँ
उत्तर – खदान – यह कोयले की बहुत गहरी खदान है।
धुआँ – विस्फोट के बाद चारों तरफ धुआँ फैल गया।
जीवन मूल्यपरक प्रश्न
आदिवासियों के साथ हमारा व्यवहार कैसा होना चाहिए? उनकी संस्कृति को बचाने के लिए हम क्या कर सकते हैं?
उत्तर – आदिवासियों के साथ हमारा व्यवहार सम्मानजनक और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए। हमें उन्हें पिछड़ा न मानकर उनकी संस्कृति और कला का आदर करना चाहिए। उनकी संस्कृति बचाने के लिए हमें उनके हस्तशिल्प को बढ़ावा देना चाहिए और उनके वनों की रक्षा करनी चाहिए।
भाषा ज्ञान
- सही उत्तर पर ✓ लगाइए-
(क) ‘साप्ताहिक’ शब्द कैसे बना है?
(i) साप्ताह + इक
(ii) सप्ताहि + क
(iii) सप्ताह + इक ✓
(iv) सप्त + आहिक
(ख) सही वर्तनीवाला शब्द कौन सा है?
(i) आर्शीवाद
(ii) आशीर्वाद ✓
(iii) आशिर्वाद
(iv) आर्शिवाद
(ग) ‘सौभाग्यशाली’ शब्द का विलोम क्या है?
(i) भाग्यवान
(ii) भाग्यहीन ✓
(iii) अभागा
(iv) दुर्भागा
- निम्नलिखित वाक्यों से छाँटकर कारक चिह्न और उनके नाम लिखिए-
(क) वे किसी काम के सिलसिले में भारत आए हैं।
के सिलसिले में — अधिकरण कारक
(ख) प्रदूषण से दूर पेड़ों की ठंडी हवा अच्छी लग रही थी।
प्रदूषण से — अपादान कारक, पेड़ों की ठंडी – संबंध कारक
(ग) नानी मेरे सिर पर हाथ फेर रही थीं।
सिर पर — अधिकरण कारक
(घ) नाना ने खदानों को दिखाने का प्रबंध कर दिया।
नाना ने — कर्ता कारक; खदानों को — कर्म कारक
(ङ) बैग में हम सबके लिए उपहार है।
बैग में — अधिकरण कारक; सब के लिए — संप्रदान कारक
- निम्नलिखित शब्दों के बहुवचन रूप का वाक्यों में प्रयोग कीजिए-
(क) जंगलों – इन जंगलों में बहुत से जंगली जानवर रहते हैं।
(ख) पेड़ों – चिड़ियाँ पेड़ों पर बैठी हैं।
(ग) जानवरों – हमें जानवरों को तंग नहीं करना चाहिए।
(घ) घरों – दीपावली पर सभी घरों में दिए जलाए जाते हैं।
(ङ) हाथों – उसने अपने हाथों से खाना खिलाया।
- निम्नलिखित विशेषणों से सही पद चुनकर रिक्त स्थान में लिखिए-
साठ, साफ़, साप्ताहिक, हरे-भरे, थोड़ा, पूरी, छोटा, आधा
(क) वे थोड़ा समय नाना-नानी के पास रहेंगे।
(ख) मुझे लगा यह कॉलोनी छोटा भारत है।
(ग) श्री कुमार ने खदान देखने की पूरी व्यवस्था करवा दी।
(घ) ऊपर का साफ़ पानी नदी-नालों में चला जाता है।
(ङ) शाम को हम साप्ताहिक हाट में जाएँगे।
(च) जहाज़ आधा घंटा देर से रायपुर पहुँचा।
(छ) रेलगाड़ी में साठ डिब्बे थे।
(ज) हरे-भरे जंगलों में औषधि के पेड़ भी हैं।
- पाठ से छाँटकर ‘र’ के विविध रूपों से बने चार-चार शब्द लिखिए-
- र् (रेफ) – निर्धारित, मार्ग, ऊर्जा, चूर्ण।
- र (नीचे पदेन) – प्रचुर, निर्माण, परियोजना, ड्रिलिंग।
- ट्/ड् + र – डंपर, ट्रक, राष्ट्र, ड्रेन।
रोचक क्रियाकलाप
- विद्यालय में मनाए गए स्वतंत्रता दिवस समारोह को एक दिन की डायरी के रूप में लिखिए।
उत्तर – दिनांक – 15 अगस्त, 20xx
स्थान – मुंबई
आज हमारे विद्यालय में 80वाँ स्वतंत्रता दिवस बहुत धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही मन में एक अलग ही उत्साह था। विद्यालय पहुँचते ही देखा कि पूरी इमारत तिरंगे झंडों और फूलों से सजी हुई थी।
ठीक 8 -00 बजे हमारे प्रधानाचार्य जी ने ध्वजारोहण (Flag Hoisting) किया। जब राष्ट्रगान की गूँज हवा में तैरी, तो रोंगटे खड़े हो गए। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। कक्षा सातवीं के छात्रों ने ‘देशभक्ति के रंग’ विषय पर एक बहुत ही सुंदर मूक-नाटिका (Mime) प्रस्तुत की। मैंने भी ‘सरफ़रोशी की तमन्ना’ कविता सुनाई, जिसके लिए मुझे खूब सराहना मिली।
प्रधानाचार्य जी ने अपने भाषण में ‘विकसित भारत’ के संकल्प की याद दिलाई। अंत में हमें लड्डू और मिठाइयाँ बांटी गईं। आज का दिन हमें यह याद दिलाता है कि हमारी आज़ादी कितनी कीमती है। घर लौटते समय भी मेरे कानों में ‘जय हिंद’ का नारा गूँज रहा था।
अविनाश रंजन गुप्ता
- श्री बी. रमेश कुमार को उनके द्वारा की गई व्यवस्था के लिए धन्यवाद पत्र लिखिए।
उत्तर – दिनांक – 00.00.2000
सेवा में,
श्रीमान बी. रमेश कुमार,
चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर,
एन. एम. डी. सी. (NMDC), किरंदूल।
विषय – खदान भ्रमण की उत्कृष्ट व्यवस्था हेतु धन्यवाद पत्र।
आदरणीय महोदय,
मैं ईशान, मुंबई से, आपको यह पत्र आपकी उदारता और सहयोग के लिए आभार व्यक्त करने हेतु लिख रहा हूँ। किरंदूल प्रवास के दौरान आपने मुझे और मेरे मामा जी को लौह अयस्क की खदानें देखने की जो अनुमति और व्यवस्था प्रदान की, वह मेरे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा।
आपकी टीम के मार्गदर्शन में मैंने ड्रिलिंग, विस्फोट और विशाल डंपरों को कार्य करते हुए देखा। आपकी परियोजना द्वारा पर्यावरण सुरक्षा (कदंपाल डैम) के लिए किए जा रहे प्रयास वास्तव में सराहनीय हैं। आपके द्वारा दी गई जानकारी ने मेरे ज्ञान में बहुत वृद्धि की है।
इस स्नेहपूर्ण स्वागत और सहयोग के लिए मैं आपका सदैव आभारी रहूँगा।
सधन्यवाद,
आपका शुभचिंतक,
ईशान
- मान लीजिए आप हाट में किसी आदिवासी से बात कर रहे हैं। आप उनके विषय में क्या जानना चाहेंगे? तीन प्रश्न बनाकर लिखिए।
उत्तर – यदि मैं हाट में किसी आदिवासी से बात कर रहा होता, तो उनके जीवन और संस्कृति को समझने के लिए ये तीन प्रश्न पूछता –
संस्कृति के विषय में – “मामा, आपके शरीर पर बने ये सुंदर टैटू (गोदना) और भारी ज़ेवर आपके समाज में किन विशेष परंपराओं या गौरव का प्रतीक माने जाते हैं?”
पर्यावरण के विषय में – “आप लोग घने जंगलों के बीच रहते हैं, तो जड़ी-बूटियों की पहचान करने और जंगली जानवरों के साथ सामंजस्य बिठाने के लिए आप किन संकेतों का उपयोग करते हैं?”
कला के विषय में – “जब आप लोग ढोल की थाप पर सामूहिक नृत्य करते हैं, तो उस समय गाए जाने वाले गीतों के विषय क्या होते हैं? क्या वे प्रकृति से जुड़े होते हैं या आपके पूर्वजों की कहानियों से?”
गृहकार्य
अपने किसी संबंधी के घर जाकर रहने के अनुभव को एक अनुच्छेद में लिखिए।
मेरे मामा जी के घर की यात्रा –
पिछली गर्मियों में मैं अपने मामा जी के घर गाँव गया था। शहर की शोर-शराबे वाली ज़िंदगी से दूर वहाँ का वातावरण बहुत शांत और हरा-भरा था। सुबह पक्षियों के चहचहाने से नींद खुलती थी। हमने खेतों की सैर की और ताजे फलों का आनंद लिया। नानी के हाथ का बना खाना और मामा जी के साथ बागों में घूमना मेरे लिए एक यादगार अनुभव रहा। गाँव का सादा जीवन और लोगों का निश्छल प्रेम देखकर मेरा मन वहीं बस जाने को करने लगा।

