पाठ का सारांश
किरण तामुली द्वारा लिखित कहानी ‘राणा हारा नहीं’ एक ऐसे बालक की प्रेरक गाथा है, जिसने शारीरिक अक्षमता (दिव्यांगता) को अपनी हिम्मत और जुनून के आगे झुकने पर मजबूर कर दिया।
- जीवन की एक नई और कठिन शुरुआत
राणा एक मेधावी क्रिकेट खिलाड़ी था, लेकिन पिछले साल हुए भीषण बुखार और पोलियो के कारण उसकी दाहिनी टाँग बेकार हो गई। सालभर बाद जब वह बैसाखियों के सहारे स्कूल पहुँचा, तो वह अपने पुराने दिनों को याद कर दुखी था। कक्षा के नए मॉनीटर राजीव ने उसे ‘सचिन तेंदुलकर’ कहकर पुकारा और दोनों में गहरी मित्रता हो गई। राजीव के प्रोत्साहन से राणा का जीवन फिर से सामान्य होने लगा।
- खेल महोत्सव और गुवाहाटी की यात्रा
राजीव को पता चला कि गुवाहाटी में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक खेल महोत्सव आयोजित हो रहा है। राणा ने इसमें भाग लेने का निर्णय लिया। गुवाहाटी पहुँचकर अभ्यास के दौरान ही राणा ने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी और गेंदबाजी से सबका दिल जीत लिया। जल्द ही वह असम की टीम का कप्तान चुन लिया गया।
- फाइनल मैच का रोमांच
फाइनल मैच असम और पश्चिम बंगाल (पिछला चैंपियन) के बीच था। मैच का उद्घाटन महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने किया और सौरव गांगुली भी वहाँ मौजूद थे। असम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 99 रन बनाए, जिसमें राणा ने अकेले 51 रन (नॉट आउट) बनाए।
- अंतिम क्षणों का चमत्कार
मैच बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुँच गया। आखिरी गेंद पर पश्चिम बंगाल को जीत के लिए केवल 1 रन चाहिए था। गेंदबाज ने गेंद फेंकी, बल्लेबाज ने शॉट हवा में उछाला। कैच पकड़ने की कोशिश में विकेटकीपर गिर पड़ा। तब कप्तान राणा अपनी बैसाखियों के सहारे गेंद की ओर बढ़ा।
अचानक उसने अपनी बैसाखियाँ छोड़ दीं और एक पैर पर कूदते हुए पीछे की ओर हटा। वह संतुलन खोकर जमीन पर गिर पड़ा, लेकिन जब उसने हाथ ऊपर उठाया, तो उसमें गेंद थी। उसने अद्भुत कैच पकड़ लिया था!
- विजय और सम्मान
राणा के इस जादुई कैच की बदौलत मैच ‘ड्रॉ’ (Draw) हो गया और असम हारने से बच गया। राणा को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। अगले दिन समाचार पत्रों और पूरे शहर में राणा के उस कैच वाले पोस्टर लग गए, जिस पर गर्व से लिखा था— “राणा हारा नहीं”।
कहानी का संदेश
यह कहानी हमें सिखाती है कि दिव्यांगता शरीर में होती है, मन में नहीं। यदि इंसान के पास दृढ़ इच्छाशक्ति और साहस हो, तो वह अपनी कमियों को पीछे छोड़कर सफलता के शिखर तक पहुँच सकता है।
कठिन शब्द
1 – बैसाखियाँ – चलने का सहारा – Crutches
2 – गंभीरता – गहराई से / शांत भाव – Seriousness / Gravity
3 – प्रवेश – दाखिल होना – Entry / Entrance
4 – फुसफुसाने – धीरे बोलना – Whispering
5 – दाखिला – प्रवेश / एडमिशन – Admission / Enrolment
6 – थपथपाया – शाबाशी देना – Patted
7 – सामान्य – साधारण – Normal / Ordinary
8 – सिलसिले – क्रम / संबंध – Context / Connection
9 – प्रसिद्ध – मशहूर – Famous / Renowned
10 – दिव्यांग – शारीरिक रूप से अक्षम – Specially-abled
11 – महोत्सव – बड़ा उत्सव – Festival / Carnival
12 – आयोजन – प्रबंध – Organization / Arrangement
13 – निर्णय – फैसला – Decision
14 – व्यवस्था – इंतजाम – Arrangement
15 – अभ्यास – रियाज़ – Practice / Training
16 – माहिर – कुशल – Expert / Skilled
17 – धाक जमना – दबदबा होना – To dominate
18 – प्रशंसा – तारीफ – Praise / Appreciation
19 – दूरदर्शन – टेलीविज़न – Television
20 – साक्षात्कार – इंटरव्यू – Interview
21 – प्रसारित – टेलीकास्ट करना – Broadcasted
22 – तसवीरों – चित्रों – Pictures / Photos
23 – चैंपियन – विजेता – Champion
24 – उद्घाटन – शुरुआत करना – Inauguration
25 – उत्साह – जोश – Enthusiasm / Zeal
26 – खचाखच – पूरी तरह भरा हुआ – Jam-packed
27 – उमड़ पड़ा – भारी संख्या में आना – Gathered in large numbers
28 – कप्तान – नायक – Captain
29 – घुँघराले – मुड़े हुए (बाल) – Curly
30 – इशारा – संकेत – Gesture / Signal
31 – विश्राम – आराम – Rest / Interval
32 – उत्तेजना – घबराहट/जोश – Excitement
33 – प्रदर्शन – कला दिखाना – Performance
34 – निर्भर – आश्रित – Dependent
35 – द्वार – दरवाजा – Gate / Entrance
36 – धुआँधार – बहुत तेज़ – Aggressive / Blazing
37 – गड़बड़ाने – बिगड़ना – To falter / Mess up
38 – रोमांचक – रोमांच पैदा करने वाला – Thrilling
39 – मोड़ – बदलाव – Turn / Phase
40 – निगाहें – नज़रें – Eyes / Gaze
41 – मिस – चूक जाना – Missed
42 – बाउंड्री – सीमा रेखा – Boundary
43 – स्थिति – पोज़ीशन – Position / Situation
44 – सुनहरा – बहुत अच्छा – Golden (Opportunity)
45 – दर्शकदीर्घा – दर्शकों के बैठने की जगह – Spectators’ Gallery
46 – अचानक – एकाएक – Suddenly
47 – संतुलन – तालमेल – Balance
48 – कल्पना – सोच – Imagination
49 – दृश्य – नज़ारा – Scene / Sight
50 – अंपायर – निर्णायक – Umpire / Referee
51 – फूट-फूटकर – ज़ोर-ज़ोर से रोना – To weep bitterly
52 – वितरण – बाँटना – Distribution
53 – समारोह – उत्सव – Ceremony
54 – दर्शनीय – देखने योग्य – Worth seeing
55 – घोषणा – ऐलान – Announcement
56 – अद्भुत – अनोखा – Wonderful / Marvelous
57 – जगमगा – चमकना – Shining / Sparkling
58 – अक्षरों – वर्णों – Letters
59 – लक्ष्य – ध्येय – Goal / Target
60 – सलाम – प्रणाम – Salute / Bow
61 – मैदान – खेल का क्षेत्र – Field / Ground
62 – दाहिनी – दाईं ओर – Right (side)
63 – दुबली – कमज़ोर – Thin / Weak
64 – लायक – योग्य – Capable / Worthy
65 – सामान्य – पहले जैसा – Normal
66 – समाचार – खबर – News
67 – महोत्सव – बड़ा फंक्शन – Grand Festival
68 – बल्लेबाज़ी – बैटिंग – Batting
69 – गेंदबाजी – बॉलिंग – Bowling
70 – साक्षात्कार – भेंटवार्ता – Interview
71 – पश्चिम – वेस्ट – West
72 – प्रतियोगिता – मुकाबला – Competition
73 – भाग्य – किस्मत – Fate / Luck
74 – हज़ारों – बहुत अधिक – Thousands
75 – उछली – ऊपर जाना – Jumped / Bounced
76 – पलटना – मुड़ना – To turn
77 – साँस रोकना – दम साधना – To hold breath
78 – स्क्रीन – पर्दा – Screen
79 – कौने-कौने – हर जगह – Every nook and corner
80 – अक्षमता – शारीरिक कमी – Disability
81 – दृढ़ – पक्का – Resolute / Firm
82 – इच्छाशक्ति – चाहत – Willpower
83 – सफल – कामयाब – Successful
84 – क्षण – पल – Moment
85 – धुआँधार – तेज़ तर्रार – Aggressive
मौखिक – 1. उच्चारण कीजिए –
राणा, फ़ाइनल, फुसफुसाने, तेंदुलकर, टाँग, सामान्य, प्रसिद्ध, विकलांग, महोत्सव, निर्णय, साक्षात्कार, उद्घाटन, विश्राम, बल्लेबाज़ी, रोमांचक, धुआँधार, निन्यानवे, दर्शकदीर्घा, दर्शनीय, घोषणा, अद्भुत मॉनीटर, बॉलिंग, टॉस, नॉट, बॉलर, ऑफ़, ड्रॉ
राणा – रा-णा (Raa-naa)
फ़ाइनल – फ़ाई-नल (Fai-nal)
फुसफुसाने – फुस-फु-सा-ने (Phus-phu-saa-ne)
तेंदुलकर – तेन-दुल-कर (Ten-dul-kar)
टाँग – टाँ-ग (Taang)
सामान्य – सा-मान-य (Saa-maan-ya)
प्रसिद्ध – प्र-सिद-ध (Pra-sid-dha)
विकलांग – विक-लांग (Vik-laang)
महोत्सव – म-होत-सव (Ma-hot-sav)
निर्णय – निर-णय (Nir-nay)
साक्षात्कार – साक-षात-कार (Saak-shaat-kaar)
उद्घाटन – उद-घा-टन (Ud-ghaa-tan)
विश्राम – विश-राम (Vish-raam)
बल्लेबाज़ी – बल-ले-बा-ज़ी (Bal-le-baa-zee)
रोमांचक – रो-मान-चक (Ro-maan-chak)
धुआँधार – धु-आँ-धार (Dhu-aan-dhaar)
निन्यानवे – निन-या-नवे (Nin-yaa-nave)
दर्शकदीर्घा – दर-शक-दीर-घा (Dar-shak-deer-ghaa)
दर्शनीय – दर-श-नीय (Dar-sha-neeya)
घोषणा – घो-ष-णा (Gho-sha-naa)
अद्भुत – अद-भुत (Ad-bhut)
मॉनीटर – मॉ-नी-टर (Mau-nee-tar)
बॉलिंग – बॉ-लिंग (Bau-ling)
टॉस – टॉ-स (Taus)
नॉट – नॉ-ट (Naut)
बॉलर – बॉ-लर (Bau-lar)
ऑफ़ – ऑ-फ़ (Auf)
ड्रॉ – ड्रॉ (Drau)
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर बताइए-
(क) राणा कक्षा में बेंच पर सिर रखकर क्यों रो पड़ा?
उत्तर – राणा अपनी शारीरिक अक्षमता अर्थात् पोलियो के कारण दुखी था। जब उसने सहपाठियों को अपने बारे में फुसफुसाते सुना, तो उसे अपना पुराना खिलाड़ी रूप याद आ गया और वह भावुक होकर रो पड़ा।
(ख) राजीव गुवाहाटी से राणा के लिए कौन-सा अच्छा समाचार लाया?
उत्तर – राजीव यह समाचार लाया कि गुवाहाटी के नेहरू स्टेडियम में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक खेल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
(ग) कैच मिस हो जाने के कारण खेल किस स्थिति में आ गया?
उत्तर – कैच मिस होने और गेंद बाउंड्री पार जाने के कारण पश्चिम बंगाल के भी 99 रन हो गए। अब अंतिम गेंद पर उन्हें जीत के लिए केवल एक रन चाहिए था और मैच बेहद रोमांचक मोड़ पर आ गया।
(घ) स्क्रीन पर ऐसा कौन सा दृश्य दिखाई दिया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी?
उत्तर – स्क्रीन पर दिखाई दिया कि जमीन पर गिर जाने के बावजूद राणा के ऊपर उठे हाथ में गेंद थी। उसने गिरते-गिरते भी अद्भुत कैच पकड़ लिया था।
लिखित
- सही उत्तर पर ✓ लगाइए-
(क) राजीव ने राणा से क्या पूछा?
(i) पिछले साल क्या हुआ था?
(ii) अब क्रिकेट क्यों नहीं खेलते? ✓
(iii) तुम्हें पोलियो कैसे हो गया?
(iv) क्या तुम फिर से खेलना चाहते हो?
(ख) पश्चिम बंगाल की टीम को छह गेंदों में कितने रन बनाने थे?
(i) पाँच रन
(ii) चार रन
(iii) दस रन ✓
(iv) बारह रन
(ग) सौरव गांगुली स्टेडियम में क्यों उपस्थित थे?
(i) मैच देखने के लिए
(ii) पुरस्कार वितरण के लिए
(iii) राणा का उत्साह बढ़ाने के लिए
(iv) पश्चिम बंगाल की टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए ✓
- निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
(क) स्कूल में प्रवेश करते समय राणा किस घटना को याद कर रहा था?
उत्तर – स्कूल में प्रवेश करते समय राणा क्रिकेट के फाइनल मैच के उस दिन को याद कर रहा था जब उसने मैदान में प्रवेश किया था और सभी ने तालियाँ बजाकर उसका स्वागत किया था।
(ख) राजीव से खेल महोत्सव के विषय में सुनकर राणा ने क्या किया?
उत्तर – राजीव से खेल महोत्सव के विषय में सुनकर राणा ने उस महोत्सव में भाग लेने का निर्णय किया और अपने माता-पिता के साथ गुवाहाटी पहुँच गया।
(ग) दूरदर्शन और समाचार-पत्रों में असम की टीम के फ़ाइनल तक पहुँचने को किस रूप में दिखाया गया?
उत्तर – दूरदर्शन पर राणा का साक्षात्कार प्रसारित किया गया और समाचार-पत्रों ने राणा की तस्वीरों के साथ उसके खेल की जमकर प्रशंसा की।
(घ) राणा की माता जी फूट-फूट कर क्यों रोने लगीं?
उत्तर – राणा द्वारा पकड़े गए अद्भुत कैच और असम की हार टलने की खुशी के कारण उसकी माँ भावुक होकर रोने लगीं।
(ङ) गुवाहाटी के कोने-कोने में लगे पोस्टरों में क्या दिखाया गया था?
उत्तर – गुवाहाटी के कोने-कोने में लगे पोस्टरों में वह दृश्य था जब राणा के हाथ से बैसाखियाँ छूट गई थीं और वह गिरते हुए कैच पकड़ रहा था। नीचे लिखा था— ‘राणा हारा नहीं’।
अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न
निम्नलिखित पाठांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
अंतिम गेंद पर अगर एक रन बन गया तो पश्चिम बंगाल की टीम जीत जाएगी। अगर आउट कर पाए तो मैच ड्रॉ हो जाएगा। कप्तान राणा ने फ़ील्डिंग की पोज़ीशन बदली। फ़ास्ट बॉलर गेंद फेंक रहा था। उसने गेंद फेंकी। बल्ले पर लगकर गेंद उछली। कैच पकड़ने का यह सुनहरा मौका था। विकेट कीपर ने पीछे की ओर पलटना चाहा तो वह गिर पड़ा। दर्शकदीर्घा से उफ़, ओह, हाय की आवाजें आने लगीं। राणा अपनी बैसाखियों के साथ गेंद पकड़ने के लिए चल पड़ा। गेंद धीरे-धीरे नीचे की ओर आ रही थी… बस अब गिरने ही वाली थी… राणा चल रहा था। अचानक लोगों ने देखा राणा के हाथ से बैसाखियाँ छूट गई हैं और वह एक ही टाँग पर कूद-कूद कर पीछे हट रहा है। अंत में अपना संतुलन खोते हुए वह नीचे गिर पड़ा। दर्शकों का शोर थम गया। वे दम साध कर राणा को देख रहे थे। स्टेडियम में लगी बड़ी-सी स्क्रीन पर जो दृश्य दिखाई दिया किसी ने उसकी कल्पना भी नहीं की थी। ज़मीन पर गिर जाने के बावजूद राणा के ऊपर उठे हाथ में गेंद थी।
(क) मैच ड्रॉ कब हो सकता था?
उत्तर – यदि असम की टीम अंतिम गेंद पर खिलाड़ी को आउट कर देती।
(ख) दर्शकदीर्घा से उन, ओह, हाय की आवाजें क्यों आने लगीं?
उत्तर – क्योंकि कैच पकड़ने की कोशिश में विकेटकीपर गिर पड़ा और कैच मिस हो गया।
(ग) राणा द्वारा गेंद का पीछा किए जाने पर अचानक लोगों ने क्या देखा?
उत्तर – लोगों ने देखा कि राणा के हाथ से बैसाखियाँ छूट गई हैं और वह एक ही टाँग पर कूदकर पीछे हट रहा है।
(घ) स्टेडियम में लगी बड़ी सी स्क्रीन पर क्या दृश्य दिखाई दिया?
उत्तर – जमीन पर गिरने के बाद भी राणा के हाथ में गेंद थी।
(ङ) ‘दम साधना’ मुहावरे का अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए।
उत्तर – दम साधना (वाक्य) – जब राणा कैच पकड़ने के लिए लपका, तो सभी दर्शकों ने दम साध लिया।
जीवन मूल्यपरक प्रश्न
- पोस्टर पर ऐसा क्यों लिखा था कि राणा हारा नहीं? इससे हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर – पोस्टर पर यह इसलिए लिखा था क्योंकि राणा ने अपनी शारीरिक अक्षमता (पोलियो) और मानसिक डर, दोनों को हरा दिया था। उसने बैसाखियों के बिना गिरते हुए भी कैच पकड़कर अपनी टीम को बचाया।
शिक्षा – इससे हमें यह शिक्षा मिलती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और साहस से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है। हार मन से होती है, शरीर से नहीं।
- यदि राणा आपकी कक्षा में होता तो आप उसके साथ कैसा व्यवहार करते?
उत्तर – मैं उसके साथ एक सामान्य मित्र की तरह व्यवहार करता। मैं उसे कभी अपनी कमी का अहसास नहीं होने देता और उसकी हिम्मत बढ़ाता। ज़रूरत पड़ने पर मैं उसकी पढ़ाई या स्कूल के कार्यों में खुशी-खुशी मदद करता और उसे हमेशा खेल और गतिविधियों में साथ रखता।
भाषा ज्ञान
- सही उत्तर पर ✓ लगाइए-
(क) ‘घबराहट’ शब्द कैसे बना है?
(i) घबरा + हट
(ii) घबरा + आहट
(iii) घबराना + आहट
(iv) घबराहट
(ख) सही वर्तनी वाला शब्द कौन सा है?
(i) विवस्था
(ii) व्यावस्था
(iii) व्यवास्था
(iv) व्यवस्था
- निम्नलिखित गद्यांश को यथास्थान सर्वनाम शब्दों का प्रयोग करके फिर से लिखिए-
एक दिन राणा को तेज़ बुखार आया। बुखार उतरने पर राणा ने पाया कि राणा दाहिनी टाँग नहीं हिला पा रहा है। राणा को पोलियो हो गया था। राणा की टाँग दुबली होने लगी और राणा खड़ा होने लायक भी नहीं रहा। तुम ही बताओ राजीव भला एक टाँग से राणा कैसे क्रिकेट खेलेगा। एक उदास मुसकराहट के साथ राणा ने कहा।
“एक दिन उसे तेज़ बुखार आया। बुखार उतरने पर उसने पाया कि वह अपनी दाहिनी टाँग नहीं हिला पा रहा है। उसे पोलियो हो गया था। उसकी टाँग दुबली होने लगी और वह खड़ा होने लायक भी नहीं रहा। तुम ही बताओ राजीव, भला एक टाँग से मैं कैसे क्रिकेट खेलूँगा? एक उदास मुस्कुराहट के साथ उसने कहा।”
- निम्नलिखित वाक्यों को जोड़कर एक वाक्य बनाइए-
उदाहरण- उसने प्रसन्नता से स्कूल को देखा।
वह बैसाखियाँ टेकता हुआ आगे बढ़ने लगा।
उसने प्रसन्नता से स्कूल को देखा और बैसाखियाँ टेकता हुआ आगे बढ़ने लगा।
(क) मेरी टाँग दुबली होने लगी थी। मैं खड़ा होने लायक भी नहीं रहा था।
उत्तर – मेरी टाँग दुबली होने लगी थी और मैं खड़ा होने लायक भी नहीं रहा था।
(ख) राजीव गुवाहाटी गया। वह वहाँ से राणा के लिए अच्छा समाचार लाया।
उत्तर – राजीव गुवाहाटी गया और वह वहाँ से राणा के लिए अच्छा समाचार लाया।
(ग) पश्चिम बंगाल पिछले साल का चैंपियन था। असम पहली बार फाइनल में पहुँचा था।
उत्तर – पश्चिम बंगाल पिछले साल का चैंपियन था परंतु असम पहली बार फाइनल में पहुँचा था।
(घ) राणा ने टॉस जीता। उसने बैटिंग करने का निर्णय लिया।
उत्तर – राणा ने टॉस जीता और बैटिंग करने का निर्णय लिया।
(ङ) एक गेंद बाकी थी। उन्हें जीतने के लिए एक ही रन चाहिए था।
उत्तर – एक गेंद बाकी थी और उन्हें जीतने के लिए एक ही रन चाहिए था।
- निम्नलिखित अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए-
(क) जो देखने योग्य है – दर्शनीय
(ख) जिसके किसी अंग में दोष हो – दिव्यांग
(ग) सोने के रंग जैसा – सुनहरा
(घ) दर्शकों के बैठने का स्थान – दर्शकदीर्घा
(ङ) रोएँ खड़े कर देने वाला – रोमांचक
- निम्नलिखित शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए-
(क) टाँग – टाँगें
(ख) तसवीर – तसवीरें
(ग) साइकिल – साइकिलें
(घ) आवाज़ – आवाजें
(ङ) गेंद – गेंदें
(च) निगाह – निगाहें
रोचक क्रियाकलाप
- राणा की जीत पर उसे बधाई पत्र लिखिए।
बधाई पत्र
प्रिय मित्र राणा
“प्रिय मित्र राणा, खेल महोत्सव में तुम्हारी अद्भुत जीत और उस ऐतिहासिक कैच के लिए तुम्हें बहुत-बहुत बधाई! तुमने साबित कर दिया कि हौसला हो तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। तुम हमारे असली हीरो हो।”
तुम्हारा मित्र
राजीव
- पाठ में बहुत से अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग किया गया है। उनकी सूची बनाइए और उनका सही उच्चारण सीखिए।
उत्तर – फ़ाइनल, सचिन, सौरव, टॉस, नॉट-आउट, बॉलिंग, फ़ील्डिंग, शॉट, बॉल, अंपायर।
- पाठ में शब्द आया है ‘अंपायर’। कुछ खेलों के साथ रेफ़री का प्रयोग किया जाता है। अपने खेल शिक्षक महोदय से दोनों का अंतर समझिए।
उत्तर – छात्र अपने स्तर पर समझने का प्रयास करें।
गृहकार्य
- पाठ में ‘ऑ’ (ॉ) के प्रयोग वाले शब्दों को छाँटकर लिखिए और उनके उच्चारण का अभ्यास कीजिए।
उत्तर – टॉस, नॉट-आउट, बॉलिंग, शॉट, बॉल
- आप अपनी दैनिक बोलचाल में ‘ऑ’ (ॉ) की मात्रा वाले जिन शब्दों का प्रयोग करते हैं, उनकी सूची बनाइए।
उत्तर – डॉक्टर, कॉलेज, कॉफ़ी, ऑफिस, हॉल, बॉल, ट्रॉली।

