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संप्रेषण का प्रयोजन

sampreshanka prayojan

संप्रेषण का प्रयोजन

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‘प्रयोजन’ शब्द का अर्थ बहुत सरल और गहरा है। इसके मुख्य अर्थ हैं-

उद्देश्य (Aim/Purpose) – किसी कार्य को करने के पीछे का मुख्य लक्ष्य।

कारण (Reason) – वह वजह जिसकी वजह से कोई काम किया जाता है।

मतलब (Motive) – काम करने का इरादा।

 

संप्रेषण का प्रयोजन

संप्रेषण (Communication) का अर्थ केवल सूचनाओं का आदान-प्रदान करना नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई महत्त्वपूर्ण उद्देश्य या प्रयोजन होते हैं। चूँकि, मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह अकेला नहीं रह सकता। वह संप्रेषण के जरिए ही समाज से जुड़ता है। संप्रेषण का मुख्य लक्ष्य एक व्यक्ति के विचारों या सूचनाओं को उसके मूल रूप में दूसरे व्यक्ति तक इस तरह पहुँचाना है।  

संप्रेषण के प्रमुख प्रयोजन

सूचना प्रदान करना (To inform)

हमें अपने जीवन में कई प्रकार की सूचनाएँ प्राप्त करनी होती हैं। सूचना संग्रहण का काम बचपन से ही शुरू होता है। जब शिशु पहली बार पूछता है ‘यह क्या है?’ सूचना संग्रहण की यह प्रक्रिया आजीवन चलती रहती है। जनसंचार माध्यमों के विकसित होने से सूचना क्षण भर में एक स्थान से दूसरे स्थान तक तीव्रता से पहुँचाना संभव हो गया है। संप्रेषण का सबसे प्राथमिक उद्देश्य सूचनाओं का प्रसार करना है। किसी भी संगठन, समाज या परिवार में निर्णय लेने के लिए सही जानकारी की आवश्यकता होती है। उदाहरण के लिए: समाचार, नोटिस या निर्देश।

व्यक्तिगत जरूरत (Personal needs)

यह अपने आप में स्पष्ट है। लोग काम करने, खाने, पीने, रहने, प्यार और जीवन से जुड़े सभी व्यक्तिगत पहलुओं के लिए संप्रेषण करते हैं। अपनी जरूरतें पूरी न होने पर संप्रेषण के ज़रिए ही अपनी जरूरतों की माँग करते हैं।

व्यक्तिगत संबंध (Personal relationship)

जब भी हम किसी रिश्तेदार, मित्र या जान-पहचान वाले से मिलते हैं तो सबसे पहला सवाल यही होता है ‘कैसे हैं आप? इसके अलावा लोग अपनी आँख, हाथ, शब्द और भाव-भंगिमा से भी दूसरों से संबंध बनाने का प्रयास करते हैं।

आपस में बातचीत (Conversation)

अपनी बात दूसरों तक पहुँचाने और दूसरे की बात सुनने के लिए भी संप्रेषण संपन्न होता है। ‘गप्प’ संप्रेषण का एक मज़ेदार और मनोरंजक उदाहरण है। लोगों को ‘गप्प’ मारने में बड़ा मजा आता है। इसके ज़रिए हम एक-दूसरे की भावनाओं, विचारों, दृष्टिकोणों को जानने-समझने का प्रयास करते हैं।

आग्रह (Request / Persuasion)

विज्ञापन इस प्रकार के संप्रेषण का सबसे ज्वलंत उदाहरण है। विज्ञापन का निर्माण इस प्रकार किया जाता है कि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों को पसंद आए। रेडियो, टेलीविज़न और समाचार पत्र के विज्ञापनों को याद कीजिए। याद कीजिए कि शैंपू, टूथपेस्ट, डियोड्रेंट, साबुन, डिटर्जेंट पाउडर आदि के विज्ञापन में किस प्रकार ग्राहकों से आग्रह किया जाता है। ग्राहकों को कई तरीकों से लुभाने का प्रयास किया जाता है। इस प्रकार के संप्रेषण में ग्राहक की आकांक्षा, इच्छा, लोभ और अन्य व्यक्तिगत कमज़ोरियों का लाभ उठाया जाता है।

मनोरंजन (Entertainment)

मनोरंजन भी मनुष्य की जरूरत है। हँसना, हँसाना, दूसरे के दुख-सुख में हिस्सा लेना, यह सब मनुष्य की स्वाभाविक वृत्तियों में शामिल है। मनोरंजन के लिए लोग सिनेमा देखते हैं, टेलीविजन देखते हैं, घूमने फिरने जाते हैं, यहाँ तक कि कुछ लोग मनोरंजन के लिए पढ़ते भी हैं। इन कारणों से भी संप्रेषण की जरूरत पड़ती है।

नियंत्रण और समन्वय (Control and Coordination)

किसी भी संस्था में कार्यों को सही ढंग से चलाने के लिए संप्रेषण अनिवार्य है। इसके माध्यम से नियमों, नीतियों और अनुशासन को लागू किया जाता है ताकि सभी लोग मिलकर एक ही दिशा में काम कर सकें।

शिक्षा और अधिगम (Education and Learning)

ज्ञान के हस्तांतरण के लिए संप्रेषण एक माध्यम का कार्य करता है। शिक्षक अपने विचारों और ज्ञान को विद्यार्थियों तक संप्रेषण के जरिए ही पहुँचाते हैं।

प्रेरित और प्रोत्साहित करना (To Motivate)

संप्रेषण के माध्यम से लोगों के मनोबल को बढ़ाया जाता है। एक अच्छा नेता या शिक्षक अपने शब्दों से दूसरों को उनके लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रेरित करता है।

 

 

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