कुछ करके सीखिए
नीचे दी गई रचनाओं के रचनाकारों के नाम बताइए-
गीतांजलि – रवींद्रनाथ टैगोर
जिंदगीनामा – कृष्णा सोबती
जंगलीबूटी – फणीश्वरनाथ रेणु
गोदान – मुंशी प्रेमचंद
बिखरे मोती – सुभद्रा कुमारी चौहान
राष्ट्रकवि मैथलीशरण गुप्त की दो प्रसिद्ध रचनाओं के नाम लिखिए-
साकेत
भारत-भारती
गोर्की इंस्टिट्यूट – सारांश
विष्णु प्रभाकर द्वारा रचित यह यात्रा-वृत्तांत मास्को स्थित ‘गोर्की इंस्टिट्यूट’ महान रूसी साहित्यकार मैक्सिम गोर्की का निवास स्थान, की यात्रा का जीवंत वर्णन है। लेखक ने इस संस्मरण में गोर्की के व्यक्तित्व, उनकी सादगी और भारत के प्रति उनके अनजाने जुड़ाव को बहुत खूबसूरती से उकेरा है।
- मास्को का वातावरण और गोर्की के घर में प्रवेश
जुलाई का महीना होने के बावजूद मास्को का आकाश बादलों से घिरा था। लेखक के साथ प्रसिद्ध गांधीवादी चिंतक काका साहब कालेलकर, नीलमणि फूकन और सरोजिनी नानावती जैसे गणमान्य लोग थे। जब वे गोर्की के पुराने मकान पर पहुँचे, तो उन्हें वहाँ ‘प्राचीनता की गंध’ महसूस हुई। गोर्की की पुत्रवधू ने उनका अत्यंत स्नेहपूर्ण स्वागत किया।
- गोर्की का अध्ययन कक्ष और उनकी वस्तुएँ
लेखक ने गोर्की के अध्ययन कक्ष का सूक्ष्म निरीक्षण किया। वहाँ एक विशाल शीशे का केस था, जिसे गोर्की मेज की तरह इस्तेमाल करते थे। उसमें गोर्की की निजी वस्तुएँ जैसे रंग-बिरंगी पेंसिलें, चश्मा, चाकू, ऐश-ट्रे और यहाँ तक कि समुद्र से लाई गई एक टेढ़ी-मेढ़ी लकड़ी भी सुरक्षित रखी थी। वातावरण को देखकर ऐसा लगता था मानो गोर्की आज भी वहाँ उपस्थित हों।
- गोर्की की दिनचर्या और स्वभाव
गोर्की की पुत्रवधू ने उनकी दिनचर्या के बारे में बताया –
वे सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक एकाग्र होकर लिखते थे।
वे नए लेखकों की अपरिपक्व रचनाओं (पांडुलिपियों) को बड़े धैर्य से सुधारते थे।
बच्चों और किशोरों से उन्हें गहरा प्रेम था; वे उनके पत्रों का उत्तर स्वयं अपने हाथ से लिखते थे।
शाम को वे संगीत सुनते, ताश खेलते और अपनी पोतियों के साथ समय बिताते थे।
- गांधीजी और गोर्की – एक अद्भुत समानता
लेखक को गोर्की की मेज पर ‘गांधीजी के तीन बंदरों’ की मूर्ति देखकर सुखद आश्चर्य हुआ। काका साहब ने रूसी मित्रों को बताया कि कैसे ये बंदर ‘बुरा न देखने, न सुनने और न बोलने’ का संदेश देते हैं। गोर्की का इन मूर्तियों को अपनी मेज पर रखना इस बात का प्रमाण था कि गोर्की और गांधीजी, दोनों महापुरुषों का चिंतन संयम और नैतिकताकी एक ही दिशा में था।
- शयनकक्ष और बुद्ध के प्रति श्रद्धा
गोर्की के शयनकक्ष में भगवान बुद्ध की प्रतिमा देखकर लेखक प्रभावित हुए। इससे यह स्पष्ट होता था कि गोर्की बुद्ध के विचारों और शांति के संदेश के प्रति गहरा आदर रखते थे। कमरे की हर वस्तु को उसी अवस्था में रखा गया था, जैसा गोर्की के समय में थी।
- आत्मीय विदाई
भोजनगृह में बैठकर सभी ने चर्चा की। गोर्की की पुत्रवधू ने सभी को स्मृति चिह्न के रूप में ‘बैज’ दिए। लेखक ने जब उन्हें रवींद्रनाथ ठाकुर का बैज भेंट किया, तो वे बहुत प्रसन्न हुईं। अंत में, उस महान साहित्यकार के घर से विदा लेते समय लेखक का मन भावुक हो उठा। उन्हें महसूस हुआ कि गोर्की ने जीवनभर निर्धनता और अभावों से संघर्ष किया, लेकिन अपनी लेखनी से मानव-मन की गहराइयों को अमर कर दिया।
प्रमुख निष्कर्ष –
यह पाठ हमें सिखाता है कि महानता तामझाम में नहीं, बल्कि विचारों की गहराई और स्वभाव की सरलता में होती है। गोर्की का घर केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि एक ऐसी तीर्थस्थली की तरह है जहाँ साहित्य, कला और मानवता का संगम मिलता है।
मौखिक (बोध प्रश्न)
प्रश्न 1 – विष्णु प्रभाकर के साथ प्रसिद्ध गांधीवादी चिंतक और लेखक कौन थे?
उत्तर – लेखक के साथ प्रसिद्ध गांधीवादी चिंतक और लेखक काका साहब (काका कालेलकर) थे।
प्रश्न 2 – मकान के चारों ओर लकड़ी की दीवार कैसी थी?
उत्तर – मकान के चारों ओर की लकड़ी की दीवार बहुत जीर्ण-शीर्ण (पुरानी और टूटी-फूटी) हो चुकी थी।
मौखिक (बोध प्रश्न)
प्रश्न 1 – लेखक तथा अन्य लोगों का किसने स्वागत किया?
उत्तर – लेखक और उनके साथियों का स्वागत गोर्की की पुत्रवधू मैडम ने अत्यंत आदर और स्नेह के साथ किया।
प्रश्न 2 – कमरे की सबसे महत्त्वपूर्ण वस्तु क्या थी?
उत्तर – कमरे की सबसे महत्त्वपूर्ण वस्तु शीशे का एक विशाल केस था, जिसका उपयोग गोर्की मेज़ के रूप में भी किया करते थे।
मौखिक (बोध प्रश्न)
प्रश्न 1 – गोर्की किन मूर्तियों को अपनी मेज़ पर रखते थे?
उत्तर – गोर्की गांधीजी के गुरु माने जाने वाले ‘तीन बंदरों’ की मूर्तियों बुरा न देखो, बुरा न सुनो, बुरा न बोलो को अपनी मेज़ पर रखते थे।
प्रश्न 2 – गोर्की के अपनी पोतियों के साथ कैसे संबंध थे?
उत्तर – गोर्की अपनी दोनों पोतियों से बहुत प्यार करते थे और उनके साथ घूमना उन्हें बहुत प्रिय था। वे अक्सर उनके साथ हँसी-मज़ाक किया करते थे।
मौखिक (बोध प्रश्न)
प्रश्न 1 – लेखक ने गोर्की के शयनकक्ष में कारनिस पर क्या देखा?
उत्तर – लेखक ने गोर्की के शयनकक्ष में कारनिस पर भगवान बुद्ध की एक प्रतिमा देखी।
प्रश्न 2 – मैडम ने गोर्की का बैज न मिलने पर लेखक को किसका बैज दिया?
उत्तर – मैडम ने गोर्की का बैज न मिलने पर मैडम ने लेखक को रूसी महाकवि पुश्किन का बैज दिया।
शब्दार्थ (Word Meaning)
1 – असाधारण – जो सामान्य न हो – Extraordinary
2 – साधारणतया – आमतौर पर – Generally / Normally
3 – ग्रीष्मकालीन – गर्मी के समय का – Summer-time
4 – चिंतक – विचारक – Thinker
5 – दुभाषिया – दो भाषाएँ जानने वाला – Interpreter
6 – अलसता – आलस / सुस्ती – Laziness / Lassitude
7 – जीर्ण-शीर्ण – टूटा-फूटा / पुराना – Dilapidated / Worn-out
8 – उपेक्षित – जिस पर ध्यान न दिया गया हो – Neglected
9 – प्राचीनता – पुरानापन – Antiquity / Ancientness
10 – प्रयत्नशील – कोशिश करने वाला – Striving / Effortful
11 – स्फूर्ति – तेज़ी / जोश – Agility / Vitality
12 – अध्ययन कक्ष – पढ़ने का कमरा – Study Room
13 – कोण – कोना – Angle / Corner
14 – शयनकक्ष – सोने का कमरा – Bedroom
15 – हरीतिमा – हरियाली – Greenery
16 – सचेत – सावधान / जागृत – Alert / Conscious
17 – विशाल – बहुत बड़ा – Huge / Massive
18 – व्यस्त – काम में लगा हुआ – Busy / Occupied
19 – मतभेद – विचारों में अंतर – Disagreement
20 – दिनचर्या – रोज़ का काम – Daily Routine
21 – निवृत्त – मुक्त होना / काम पूरा करना – Retired / Free from work
22 – स्वाध्याय – स्वयं पढ़ना – Self-study
23 – बाधा – रुकावट – Obstacle / Interruption
24 – पांडुलिपि – हाथ से लिखी रचना – Manuscript
25 – अपरिपक्व – जो पूरी तरह तैयार न हो – Immature / Unrefined
26 – संशोधन – सुधार करना – Revision / Correction
27 – व्यग्र – बेचैन / उत्सुक – Anxious / Eager
28 – हस्तलिपि – हाथ की लिखावट – Handwriting
29 – निमंत्रित – जिसे बुलाया गया हो – Invited
30 – पितामह – दादा – Paternal Grandfather
31 – जुल्म – अत्याचार – Oppression / Cruelty
32 – दृढ़तापूर्वक – मज़बूती के साथ – Firmly
33 – विविध – अनेक प्रकार के – Diverse / Various
34 – हाशिया – किनारे की खाली जगह – Margin
35 – अद्भुत – अनोखा – Wonderful / Amazing
36 – तारतम्य – तालमेल / क्रम – Harmony / Coordination
37 – भ्रमण – घूमना-फिरना – Roaming / Excursion
38 – बढ़ईगिरी – लकड़ी का काम – Carpentry
39 – सृजनशीलता – नया बनाने की शक्ति – Creativity
40 – अनूठे – सबसे अलग – Unique / Matchless
41 – संयम – नियंत्रण – Self-control / Restraint
42 – प्रमाण – सबूत – Proof / Evidence
43 – प्रतिमा – मूर्ति – Statue / Idol
44 – भोजनगृह – खाना खाने का कमरा – Dining Hall
45 – निश्चय – पक्का इरादा – Determination / Decision
46 – पेशों – व्यवसाय / काम – Professions
47 – झिझकना – संकोच करना – To hesitate
48 – बरताव – व्यवहार – Behaviour
49 – स्मृति – याद – Memory
50 – साकार – जिसका रूप हो / पूरा होना – Manifest / Tangible
51 – निर्धनता – गरीबी – Poverty
52 – अनाचार – बुरा आचरण – Misconduct / Injustice
53 – मंत्रमुग्ध – मोहित होना – Spellbound / Mesmerized
54 – क्षण – पल – Moment
55 – सांस्कृतिक – संस्कृति से संबंधित – Cultural
56 – वाटिका – छोटा बगीचा – Small Garden
57 – प्रयत्नशील – प्रयासरत – Endeavouring
58 – कलापूर्ण – कला से भरा – Artistic
59 – सम्लति/सहमति – रज़ामंदी – Consent / Agreement
60 – भविष्यवाणी – आगे की बात बताना – Prediction
61 – अपेक्षाकृत – तुलना में – Relatively
62 – डिक्टेट – बोलकर लिखाना – To dictate
63 – सहयोग – मदद – Cooperation
64 – दृष्टि – नज़र – Sight / Vision
65 – पैठकर – गहराई में जाकर – Penetrating
लिखित
- एक वाक्य में उत्तर लिखिए-
क. विष्णु प्रभाकर ने अपनी डायरी में मास्को के किस प्रसिद्ध स्थल की यात्रा का वर्णन किया है?
उत्तर – विष्णु प्रभाकर ने अपनी डायरी में मास्को स्थित महान रूसी साहित्यकार मैक्सिम गोर्की के निवास अर्थात् गोर्की इंस्टिट्यूट की यात्रा का वर्णन किया है।
ख. यात्रा में उनके साथ कौन-कौन लोग थे?
उत्तर – यात्रा में उनके साथ काका साहब कालेलकर, सरोजिनी नानावती, नीलमणि फूकन और दुभाषिए के रूप में श्री सैरेब्रियाकोव थे।
ग. गांधी जी के प्रति गोर्की की भावना को स्पष्ट करें।
उत्तर – गोर्की की मेज पर ‘गांधीजी के तीन बंदरों’ की मूर्ति का होना यह दर्शाता है कि वे गांधीजी के ‘संयम’ और ‘बुरा न देखने, सुनने, बोलने’ के संदेश का सम्मान करते थे।
घ. गोर्की के अपने परिवार के साथ कैसे संबंध थे?
उत्तर – गोर्की अपने परिवार, विशेषकर अपनी पोतियों से बहुत स्नेह करते थे। उनकी पुत्रवधू ने भी उनके आदर और मिलनसार स्वभाव की पुष्टि की है।
ङः शयनकक्ष में लगी मूर्ति गोर्की के किन विचारों को प्रकट करती है?
उत्तर – शयनकक्ष में लगी बुद्ध की प्रतिमा गोर्की के मन में शांति, करुणा और बुद्ध के विचारों के प्रति उनके गहरे आदर व प्रेम को प्रकट करती है।
- विस्तार से प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
क. गोर्की इंस्टिट्यूट की मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर – गोर्की इंस्टिट्यूट की मुख्य विशेषता इसकी प्राचीनता है। यहाँ गोर्की का अध्ययन कक्ष, उनका विशाल शीशे का केस, उनका पुस्तकालय और उनकी व्यक्तिगत वस्तुएँ आज भी सुरक्षित और उसी अवस्था में हैं जैसी उनके समय में थीं।
ख. गोर्की की मुलाकात किन-किन महत्त्वपूर्ण लोगों से होती थी?
उत्तर – गोर्की की मुलाकात लेनिन और टॉलस्टाय जैसे महान व्यक्तित्वों से होती थी। इसके अलावा नए लेखक, इंजीनियर और डॉक्टर भी अक्सर उनसे मिलने आते थे।
ग. ‘गोर्की’ के कौन-कौन से शौक थे? उनके अद्भुत शौकों पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर – गोर्की के शौक अद्भुत और विविध थे। उन्हें संगीत सुनने, बगीचे में टहलने, ताश खेलने के अलावा रंगीन पेंसिलें, क्लिप और चकमक पत्थर इकट्ठे करने का शौक था। वे बढ़ईगिरी जैसे उपयोगी काम भी रुचि से करते थे।
घ. नए लेखकों को उनके पास आने में झिझक क्यों होती थी?
उत्तर – नए लेखक गोर्की की महानता और उनकी विद्वत्ता देखकर शुरू में झिझकते थे। उन्हें लगता था कि इतने बड़े लेखक न जाने उनके साथ कैसा व्यवहार करेंगे।
ङ गोर्की किन्हें अपने हाथ से पत्र लिखा करते थे और क्यों?
उत्तर – गोर्की किशोरों अर्थात् पायोनियर्स को अपने हाथ से पत्र लिखा करते थे, क्योंकि वे बच्चों और किशोरों से अगाध प्रेम करते थे और उनकी जिज्ञासाओं का सम्मान करते थे।
च. इंस्टिट्यूट से चलते समय लेखक का मन गोर्की के प्रति कैसे भावों से भर उठा?
उत्तर – इंस्टिट्यूट से चलते समय लेखक का मन गोर्की के प्रति श्रद्धा और स्नेह से भर उठा। उन्हें गोर्की का वह संघर्षशील जीवन याद आया जो निर्धनता और अभावों से लड़कर महानता तक पहुँचा था।
- निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के दिए गए उत्तरों में से सही विकल्प चिह्नित कीजिए- उनकी यह मेज़ नए लेखकों की पांडुलिपियों से भरी रहती थी। अकसर वे लोग अपनी अपरिपक्व रचनाएँ संशोधन और सहमति के लिए भेजा करते थे। साइबेरिया से एक किशोर पायोनियर ने अपना एक ऐसा ही उपन्यास भेजा था। उनकी सम्मति जानने को वह अत्यंत व्यग्र था। किशोरों को वह इतना प्यार करते थे कि उनके हर पत्र का उत्तर अपनी हस्तलिपि में देते थे।
क. पांडुलिपियों का अर्थ है-
किताबें
सहमति के लिए भेजी गई पुस्तकें
मूल प्रतियाँ
अपरिपक्व रचनाएँ
ख. नए लेखक अपनी रचनाओं का संशोधन गोर्की से क्यों करवाना चाहते थे?
गोर्की की लिखावट सुंदर थी।
उन्हें आनंद आता था।
वे गोर्की से मित्रता करना चाहते थे।
गोर्की जैसे विद्वान लेखक की राय बहुत महत्त्वपूर्ण थी।
ग. गोर्की किशोरों को उनके पत्रों के उत्तर अपनी हस्तलिपि में देते क्योंकि-
वे किशोरों से भयभीत रहते थे।
किशोरों से उन्हें बेहद प्यार था।
किशोरों से प्रशंसा पाना चाहते थे।
वे किशोरों का समर्थन चाहते थे।
- आशय स्पष्ट कीजिए-
क. हमने आखिरी बार प्रणाम किया उस मकान को जिसमें संसार का वह प्रसिद्ध साहित्यकार रहता था जिसने मानव मन की गहराइयों में पैठकर उसकी मनोवृत्तियों को समझा और जाना।
उत्तर – इसका आशय है कि गोर्की केवल एक लेखक नहीं थे, बल्कि एक महान मनोवैज्ञानिक थे जिन्होंने साधारण मनुष्यों के सुख-दुख और उनकी मानसिक अवस्थाओं को बहुत गहराई से समझकर साहित्य में उतारा।
ख. जो जीवनभर निर्धनता, गंदगी और अनाचारों से जूझता रहा।
उत्तर – गोर्की का जीवन बहुत कठिन रहा। उन्होंने बहुत गरीबी देखी और समाज की बुराइयों व अत्याचारों का सामना किया, फिर भी उन्होंने अपनी सृजनशीलता को जीवित रखा।
- पाठ के आधार पर सही वाक्य पर सही का निशान लगाइए-
क. मैक्सिम गोर्की के इंस्टिट्यूट की हालत जीर्ण-शीर्ण थी। ✓
ख. रूस की सरकार ने गोर्की इंस्टिट्यूट को महत्त्व दिया है। ✓
ग. गोर्की नए लेखकों से अच्छा बरताव करते थे। ✓
घ. मैक्सिम गोर्की को कलाओं से प्रेम नहीं था। X
ङ. लेनिन और टॉलस्टाय से गोर्की का कोई विवाद नहीं होता था। X
च. गोर्की परिवारवालों से बहुत स्नेह रखते थे। ✓
भाषा-बोध (Language Skills)
- शब्दकोश की सहायता से दिए गए उपसर्गों से निर्मित दो-दो शब्द और लिखिए-
उपसर्ग शब्द
अनु – अनुभव, अनुसार, अनुमान, अनुकरण
सु – सुरक्षित, सुलभ, सुपुत्र, सुगम
सम् – संशोधन, संयोग, सम्मान, सम्मति
प्र – प्रगति, प्रमाण, प्रयत्न, प्रचार
प्रति – प्रतिदिन, प्रतिकूल, प्रतिशोध, प्रतिक्रिया
- दिए गए शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए- (Word Power)
सहसा – अचानक, एकाएक
किवाड़ – दरवाजा, पट
वाटिका – उपवन, बगीचा
निर्धन – गरीब, दरिद्र
- कि/की लगाकर वाक्य पूरे कीजिए-
क. मकान के चारों ओर लकड़ी की दीवार थी।
ख. दुनिया का अनुभव है कि पौत्र-पौत्रियाँ दादा पर राज करते हैं।
ग. पुस्तकालय में पुस्तकों की अलमारियाँ थीं।
घ. हमने देखा कि उनकी छत श्वेत है।
- नीचे लिखे वाक्यों में रेखांकित पदों के कारक के भेद लिखिए-
क. उन्हें किसी वस्तु की याद आती। संबंध कारक
ख. आकाश बादलों से घिरा होता। करण कारक
ग. वह पुस्तकों पर अपने विचार लिखा करते। अधिकरण कारक
घ. वातावरण में प्राचीनता की गंध आती रहती। अधिकरण कारक
ङः नाव पानी से उछलकर बाहर आ गई। अपादान कारक
- निम्नलिखित वाक्यों में जिसने, जैसे ही, वैसे ही, कि, क्योंकि, जो, वह, जब, तब लगाकर मिश्रित वाक्य बनाइए-
क. वह काम करते-करते थकने पर यहाँ की हरीतिमा देखकर प्रसन्न हो जाते होंगे।
जब वे काम करते-करते थक जाते होंगे, तब यहाँ की हरीतिमा देखकर प्रसन्न हो जाते होंगे।
ख. संध्या के समय वह किसी न किसी को अवश्य निमंत्रित करते थे।
चूँकि संध्या का समय होता था, इसलिए वह किसी न किसी को अवश्य निमंत्रित करते थे।
ग. उनके इतने अद्भुत और विविध शौक देखकर हम दंग रह गए।
जैसे ही हमने उनके अद्भुत और विविध शौक देखे, वैसे ही हम दंग रह गए।
घ. गोर्की महात्मा बुद्ध का आदर करनेवाले व्यक्ति थे।
गोर्की वह व्यक्ति थे जिन्होंने महात्मा बुद्ध का सदा आदर किया।
- वाक्य बनाकर लिखिए-
मन भीगना – गोर्की की सादगी देखकर मेरा मन भीग गया।
स्वप्न साकार करना – गोर्की ने रूस की क्रांति के स्वप्न को साकार होते देखा।
मंत्र-मुग्ध होना – मधुर संगीत सुनकर सभी श्रोता मंत्र-मुग्ध हो गए।
एक ही दिशा में काम करना – गांधी और गोर्की का चिंतन मानवता के लिए एक ही दिशा में काम करता था।
जीवन कौशल एवं मूल्य (Life Skills and Values)
अपने जीवन में कौन-कौन-से प्रयास करने चाहिए ताकि समाज में समानता की भावना जागृत हो? अपने विचारों को कक्षा में बताइए।
समाज में समानता लाने के लिए हमें जातिगत और आर्थिक भेदभाव को समाप्त करने का प्रयास करना चाहिए। हमें गोर्की की तरह हर व्यक्ति का सम्मान करना चाहिए, चाहे वह अमीर हो या गरीब। शिक्षा का प्रसार और दूसरों के प्रति सहानुभूति रखना समानता की दिशा में पहला कदम है।
रचनात्मक गतिविधियाँ
अपने मुख से (Oral Expression)
मास्को की भाषा, संस्कृति, मौसम आदि पर प्रश्नोत्तरी बनाइए। एक समूह दूसरे से प्रश्न पूछे और सही उत्तर के लिए अंक दीजिए। सर्वाधिक अंकवाले समूह को उपहारस्वरूप ‘रूसी बैज’ देकर सम्मानित कीजिए।
उत्तर – छात्र इसे अपने स्टार पर करें।
‘लेखन आंतरिक संतुष्टि के लिए किया जाता है’- इस विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन कीजिए।
उत्तर – छात्र इसे अपने स्टार पर करें।
विद्यार्थियों को किसी रोमांचक यात्रा का विवरण सुनाने को कहिए। शिक्षक इस बात पर ध्यान दें कि उस क्षेत्र के सामाजिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक और भौगोलिक जीवन को छात्र ने कितना समझा है।
उत्तर – छात्र इसे अपने स्टार पर करें।
अपनी कलम से (Creative Writing)
मैक्सिम गोर्की की पुस्तक ‘मेरा बचपन’ पढ़कर उनकी तुलना प्रेमचंद के बचपन से करते हुए उत्तर पुस्तिका में एक अनुच्छेद लिखिए।
मैक्सिम गोर्की और मुंशी प्रेमचंद दोनों का बचपन अभावों और संघर्षों की साझा कहानी है। गोर्की का बचपन अनाथपन, निर्धनता और समाज की क्रूरता के बीच बीता, जिसने उन्हें विद्रोही और यथार्थवादी बनाया। वहीं, प्रेमचंद ने भी कम उम्र में माता-पिता को खोया और सौतेली माँ के व्यवहार व गरीबी को झेला। जहाँ गोर्की के अनुभवों में रूसी समाज की कड़वाहट थी, वहीं प्रेमचंद के संघर्ष ने उन्हें भारतीय ग्रामीण जीवन का संवेदनशील चितेरा बनाया। दोनों ने ही अपने बचपन के दुखों को साहित्य की शक्ति में बदल दिया।
किसी ‘स्मारक’ को देखकर अपना अनुभव लिखिए। किसी ऐसी घटना को कहानी का रूप देकर लिखिए जिसे आप चाहकर भी भुला न पा रहे हों और औरों को सुनाने में आनंद आता हो।
पिछले वर्ष जब मैंने चित्तौड़गढ़ का किला देखा, तो उसकी विशाल प्राचीरें देख मेरा मन श्रद्धा से भर उठा। वहाँ की हवा में आज भी जौहर की ज्वाला और वीरों का त्याग महसूस होता है।
एक घटना जिसे मैं कभी नहीं भूलता—अंधेरी रात में किले के ऊँचे बुर्ज पर खड़े होकर नीचे जलते दीपों को देखना। उस पल मुझे लगा जैसे समय पीछे चला गया हो और मैं इतिहास के किसी पन्ने का हिस्सा बन गया हूँ। यह रोमांचक अनुभव मैं आज भी बड़े चाव से सुनाता हूँ।
अपनी कल्पना से (From my Imagination)
काश गोर्की, शरतचंद्र तथा प्रेमचंद की भेंट होती और आप उसमें उपस्थित होते! तब आप उनसे क्या-क्या जानना चाहते?
यदि इन तीनों महान साहित्यकारों की भेंट होती, तो मैं उनसे यह जानना चाहता कि वे समाज के सबसे वंचित और शोषित वर्ग के प्रति इतनी गहरी सहानुभूति कैसे ला पाते हैं। मैं उनसे पूछता कि क्या उनकी कहानियों के पात्र वास्तविक जीवन से प्रेरित हैं या उनके अपने संघर्षों का प्रतिबिंब? साथ ही, मैं यह भी जानना चाहता कि साहित्य के माध्यम से दुनिया को बदलने का उनका अटूट विश्वास आज के आधुनिक युग के लिए क्या संदेश देता है।
परियोजना कार्य (Project Work)
मैक्सिम गोर्की पर ए-फोर आकार के चार पृष्ठों में एक परियोजना बनाइए जिसमें चित्र सहित उनका जीवन-परिचय तथा रचनाओं के नाम का उल्लेख हो।
छात्र इसे अपने स्तर पर करें।

