Class VIII, Amrai, Sir William Jones Ne Sanskrit Kaise Seekhi (Inspirational Incident) – Mahavir Prasad Dwivedi, ICSE Board, The Best Solutions

कुछ करके सीखिए

संस्कृत में एक श्लोक कक्षा में सुनाइए।

संस्कृत श्लोक

“विद्या ददाति विनयं, विनयाद् याति पात्रताम्।

पात्रत्वात् धनमाप्नोति, धनाद् धर्मं ततः सुखम्॥”

अर्थ – विद्या विनम्रता प्रदान करती है, विनम्रता से योग्यता आती है, योग्यता से धन प्राप्त होता है, धन से धर्म के कार्य होते हैं और अंततः सुख की प्राप्ति होती है।

संस्कृत भाषा के जनक का नाम बताइए।

संस्कृत व्याकरण को व्यवस्थित और वैज्ञानिक रूप देने वाले महान ऋषि महर्षि पाणिनि को संस्कृत भाषा का जनक माना जाता है। उनकी रचना ‘अष्टाध्यायी’ विश्व प्रसिद्ध है।

संसार का सबसे प्राचीन ग्रंथ कौन-सा है?

संसार का सबसे प्राचीन ग्रंथ ‘ऋग्वेद’ है। यह भारतीय संस्कृति और ज्ञान का मूल आधार माना जाता है।

कंप्यूटर के लिए सबसे उपयुक्त भाषा किसे माना गया है? बताइए।  

आधुनिक शोधों और नासा (NASA) के वैज्ञानिकों के अनुसार, संस्कृत को कंप्यूटर विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एल्गोरिदम के लिए सबसे उपयुक्त और स्पष्ट भाषा माना गया है। इसकी व्याकरणिक संरचना अत्यंत तार्किक और गणितीय है।

 

सर विलियम जोंस ने संस्कृत कैसे सीखी – सारांश

आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी द्वारा लिखित यह लेख महान प्राच्यविद् सर विलियम जोंस के संस्कृत सीखने के कठिन संघर्ष, उनकी लगन और भारतीय साहित्य के प्रति उनके योगदान का वर्णन करता है।

  1. विलियम जोंस का भारत आगमन

इंग्लैंड के एक धनी परिवार में जन्मे विलियम जोंस 1783 में सुप्रीम कोर्ट के जज बनकर कोलकाता आए। उन्हें भाषाओं का शौक था, इसलिए यहाँ आकर उन्होंने पहले थोड़ी हिंदी सीखी और फिर संस्कृत सीखने की तीव्र इच्छा प्रकट की।

  1. शिक्षक की तलाश और सामाजिक विरोध

उस समय किसी ‘यवन’ (विदेशी) को देववाणी संस्कृत सिखाना पाप समझा जाता था। जोंस के मित्र राजा शिवचंद्र ने बहुत कोशिश की, लेकिन कोई भी ब्राह्मण उन्हें पढ़ाने को तैयार नहीं हुआ। जिन पंडितों ने हिम्मत की, उन्हें समाज से बहिष्कृत करने की धमकी दी गई, जिससे वे डरकर पीछे हट गए।

  1. पंडित रामलोचन कवि भूषण और उनकी शर्तें

अंत में, रामलोचन कवि भूषण नाम के एक विद्वान उन्हें पढ़ाने के लिए तैयार हुए। वे पेशे से वैद्य अर्थात् डॉक्टर भी थे, इसलिए उन्हें समाज के बहिष्कार का डर नहीं था क्योंकि लोग इलाज के लिए उन पर निर्भर थे। उन्होंने जोंस के सामने अत्यंत कड़ी शर्तें रखीं –

पढ़ाने वाला कमरा गंगाजल से रोज़ धोया जाएगा।

कमरे में मेज-कुर्सी के अलावा कोई अन्य वस्तु नहीं होगी।

घर में मांस का प्रवेश वर्जित होगा।

पंडित जी अपने कपड़े बदलकर ही पढ़ाएँगे।

  1. शिक्षा का आरंभ और कठिन परिश्रम

जोंस ने सभी शर्तें स्वीकार कर लीं। अध्यापक (पंडित जी) को अंग्रेजी नहीं आती थी और अध्येता (जोंस) को संस्कृत नहीं। टूटी-फूटी हिंदी के माध्यम से ‘रामः, रामौ, रामाः’ से पाठ शुरू हुआ। जोंस की लगन इतनी थी कि एक ही वर्ष में वे संस्कृत में बात करने लगे।

  1. अभिज्ञान शाकुंतलमऔर वैश्विक प्रभाव

पंडित जी से बातचीत के दौरान जोंस को संस्कृत नाटकों के बारे में पता चला। उन्होंने कालिदास रचित ‘अभिज्ञान शाकुंतलम’ पढ़ा और उससे इतने प्रभावित हुए कि 1789 में उसका अंग्रेजी अनुवाद कर दिया। इस अनुवाद ने पूरे यूरोप को भारतीय साहित्य की संपन्नता से परिचित कराया। उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं पर कई गीत भी लिखे, जिन्होंने शेली जैसे प्रसिद्ध अंग्रेजी कवियों को प्रेरित किया।

  1. गुरु के प्रति श्रद्धा

पंडित रामलोचन बहुत तेज़ मिजाज के थे। जब जोंस कोई सवाल बार-बार पूछते, तो वे चिढ़कर कह देते कि “यह विषय गोमांस खाने वालों की समझ के बाहर है।” इसके बावजूद जोंस अपने गुरु का बहुत सम्मान करते थे और उनकी कड़वी बातों को हँसकर टाल देते थे।

  1. निष्कर्ष और विरासत

विलियम जोंस ने 1784 में एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना की, जिसने प्राचीन भारतीय ग्रंथों के संरक्षण और प्रकाशन में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। 1794 में कोलकाता में उनकी मृत्यु हुई, लेकिन वे भारत और पश्चिम के बीच एक मजबूत सांस्कृतिक सेतु बना गए।

प्रमुख संदेश –

यह पाठ हमें सिखाता है कि ज्ञान प्राप्त करने के लिए कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। विलियम जोंस का धैर्य, उनकी विनम्रता और सीखने की ललक आज भी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

 

मौखिक (बोध प्रश्न)

प्रश्न 1 – सर विलियम जोंस ने संस्कृत सीख कर किसका अनुवाद अंग्रेज़ी में किया?

उत्तर – सर विलियम जोंस ने कालिदास रचित प्रसिद्ध संस्कृत नाटक ‘अभिज्ञान शाकुंतलम’ का अंग्रेज़ी में अनुवाद किया। इसके अलावा उन्होंने संस्कृत के अनेक ग्रंथों और हिंदू देवी-देवताओं की स्तुतियों का भी अनुवाद किया।

प्रश्न 2 – सर विलियम जोंस ने किस सोसाइटी की स्थापना की?

उत्तर – सर विलियम जोंस ने सन् 1784 में ‘एशियाटिक सोसाइटी’ की स्थापना की।

प्रश्न 3 – सर जोंस के संस्कृत शिक्षक का नाम क्या था?

उत्तर – उनके संस्कृत शिक्षक का नाम पंडित रामलोचन कवि भूषण था।

 

मौखिक (बोध प्रश्न)

प्रश्न 1 – शिक्षक के लिए तनख्वाह के साथ-साथ और क्या सुविधा दी गई?

उत्तर – 100 रुपये महीने की तनख्वाह के साथ-साथ शिक्षक को सलकिया से चौरंगी तक रोज़ आने-जाने के लिए मुफ़्त में पालकी की सवारी की सुविधा दी गई थी।

प्रश्न 2 – शिक्षा-दान के लिए कौन-सा समय रखा गया?

उत्तर – शिक्षा-दान के लिए सवेरे की बेला (प्रातः काल का समय) नियत की गई थी।

 

शब्दार्थ (Word Meaning)

1 – धनाढ्य – बहुत अमीर / संपन्न – Wealthy / Affluent

2 – विशिष्ट – विशेष / खास – Distinguished / Special

3 – नियुक्त – तैनात किया हुआ – Appointed

4 – अलभ्य – जो आसानी से न मिले – Rare / Unattainable

5 – अनुवाद – तर्जुमा – Translation

6 – यवन – विदेशी (विशेषकर यूनानी/यूरोपीय) – Foreigner / Greek

7 – व्यर्थ – बेकार / फिजूल – Vain / Useless

8 – पवित्र – पावन / शुद्ध – Sacred / Holy

9 – राजी – सहमत – Agreed / Willing

10 – तनख्वाह – वेतन – Salary

11 – मस्तक – माथा – Forehead / Head

12 – बिरादरी – समुदाय / जाति – Community / Fraternity

13 – खारिज – बाहर करना / निकालना – Excluded / Dismissed

14 – साहस – हिम्मत – Courage

15 – काफ़ूर होना – गायब हो जाना – To vanish / Disappear

16 – नाकामयाबी – असफलता – Failure

17 – नाउम्मीदी – निराशा – Hopelessness

18 – बहिष्कार – त्यागना / अलग करना – Boycott / Exclusion

19 – चिकित्सा – इलाज – Medical Treatment

20 – निश्चय – पक्का इरादा – Determination / Decision

21 – पालकी – डोरी / सवारी – Sedan chair / Palanquin

22 – अतएव – इसलिए – Therefore

23 – शर्तें – अनुबंध – Conditions / Terms

24 – नियत – तय किया हुआ – Fixed / Appointed

25 – बेला – समय / वक्त – Time / Hour

26 – वर्जित – मना किया हुआ – Forbidden / Prohibited

27 – कबूल – स्वीकार – Accepted

28 – योजना – प्रबंध / स्कीम – Plan / Arrangement

29 – अध्यापक – शिक्षक – Teacher

30 – अध्येता – पढ़ने वाला / विद्यार्थी – Learner / Student

31 – आशय – मतलब / अभिप्राय – Intention / Meaning

32 – प्रकट – जाहिर करना – Express / Reveal

33 – जिक्र – चर्चा – Mention

34 – आश्चर्य – हैरानी – Surprise / Wonder

35 – प्रभावित – असर पड़ना – Influenced / Impressed

36 – उन्नत – विकसित / श्रेष्ठ – Advanced / Developed

37 – स्तुति – प्रार्थना / प्रशंसा – Praise / Eulogy

38 – प्रेरित – प्रोत्साहित – Inspired

39 – तेज मिजाज – गुस्सैल – Hot-tempered

40 – क्लिष्ट – बहुत कठिन – Complicated / Complex

41 – असंभव – जो मुमकिन न हो – Impossible

42 – मलामत – डाँट-फटकार – Scolding / Reprimand

43 – अध्ययन – पढ़ाई – Study

44 – कष्ट – दुख / परेशानी – Trouble / Pain

45 – घोर – भयानक / बहुत अधिक – Extreme / Severe

46 – प्राच्यविद् – पूर्वी संस्कृति का जानकार – Orientalist

47 – मंजूर – स्वीकृत – Approved / Agreed

48 – प्रातः काल – सुबह का समय – Early Morning

49 – सफलतापूर्वक – कामयाबी के साथ – Successfully

50 – प्रचेत – जागरूक / सचेत – Alert / Conscious

 

लिखित

  1. एक वाक्य में उत्तर लिखिए-

क. सर विलियम जोंस ने संस्कृत के ग्रंथों का अनुवाद कौन-सी भाषा में किया?

उत्तर – सर विलियम जोंस ने संस्कृत के ग्रंथों का अनुवाद अंग्रेज़ी भाषा में किया।

ख. विलियम जोंस ने क्या शिक्षा पाई थी?

उत्तर – विलियम जोंस ने वकालत (Law) की शिक्षा पाई थी।

ग. सर विलियम जोंस किस नियुक्ति पर कलकत्ता आए?

उत्तर – सर विलियम जोंस सुप्रीम कोर्ट के जज की नियुक्ति पर कलकत्ता आए।

घ. सर विलियम जोंस को संस्कृत न पढ़ाने का क्या कारण था?

उत्तर – उस समय के ब्राह्मण किसी ‘यवन’ (विदेशी) को देववाणी संस्कृत सिखाना पाप समझते थे, इसलिए वे जोंस को पढ़ाने को राजी न थे।

ङ. क्या सुनकर सर विलियम जोंस को आश्चर्य हुआ

उत्तर – यह सुनकर कि संस्कृत में भी नाटक के ग्रंथ हैं, जोंस को आश्चर्य हुआ।

च. सर जोंस कौन-सा नाटक पढ़ने लगे?

उत्तर – सर जोंस ‘अभिज्ञान शाकुंतलम’ नाटक पढ़ने लगे।

छ. क्या पंडित रामलोचन ने ही जोंस को धर्मशास्त्र भी पढ़ाया?

उत्तर – नहीं, धर्मशास्त्र पढ़ने के लिए उन्होंने एक अन्य शिक्षक रखा था।

 

  1. विस्तार से प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

क. सर विलियम जोंस भारत कब और क्यों आए थे?

उत्तर – सर विलियम जोंस सन् 1783 में भारत आए थे। वे सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में नियुक्त होकर यहाँ आए थे।

ख. अंत में सर जोंस को पढ़ाने के लिए कौन तैयार हुआ? उन्होंने इसके लिए क्या तनख्वाह ली?

उत्तर – अंत में पंडित रामलोचन कवि भूषण जोंस को पढ़ाने के लिए तैयार हुए। उन्होंने इसके लिए 100 रुपये महीना तनख्वाह ली।

ग. सर विलियम जोंस को पढ़ाने के लिए शिक्षक ने क्या शर्तें रखीं?

उत्तर – सर विलियम जोंस को पढ़ाने के लिए शिक्षक ने शर्तें रखीं – पढ़ाने का कमरा रोज़ गंगाजल से धोया जाए, कमरे में केवल मेज-कुर्सी हो, मकान में मांस न आए और पंडित जी कपड़े बदलकर ही पढ़ाएँ।

घ. जोंस ने रामलोचन से कौन-सा नाटक पढ़ा और उस नाटक का उनपर क्या प्रभाव पड़ा?

उत्तर – जोंस ने ‘अभिज्ञान शाकुंतलम’ पढ़ा। वे इससे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने इसका अंग्रेज़ी अनुवाद किया, जिससे यूरोप में भारतीय साहित्य की धाक जम गई।

ङ. विलियम जोंस ने नाटक के अनुवाद के पश्चात् क्या-क्या लेखन कार्य किया?

उत्तर – नाटक के अनुवाद के बाद जोंस ने हिंदू देवी-देवताओं की स्तुति में अनेक गीत लिखे और भारतीय धर्मशास्त्रों का अध्ययन कर उन पर लेखन कार्य किया।

 

  1. नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

एक दिन सर विलियम जोंस पंडित महाशय से बातचीत कर रहे थे। बातों-बातों में नाटक का जिक्र आया। तब उन्हें मालूम हुआ कि संस्कृत में भी नाटक के ग्रंथ हैं। यह सुनकर सर विलियम को आश्चर्य हुआ और पंडित रामलोचन से ‘अभिज्ञान शाकुंतलम’ पढ़ने लगे। इसे पढ़कर वे इतने प्रभावित हुए कि उसका गद्य-पद्यमय अंग्रेजी अनुवाद सन् 1789 में कर डाला। उस अनुवाद ने यूरोपवालों की आँखें खोल दीं। उसे पढ़कर लोगों ने पहले-पहल जाना कि संस्कृत का साहित्य खूब उन्नत है। जोंस ने हिंदू देवी-देवताओं को स्तुति में अनेक गीत अंग्रेजी में लिखे। इन गीतों को अंग्रेज़ी कविताओं में बड़ा सम्मानित स्थान मिला हुआ है। ‘नारायण की वंदना’ नामक अंग्रेज़ी गीत ने कवि पर्सी बिशे शेली को कविता लिखने के लिए बहुत प्रेरित किया था।

क. सर विलियम जोंस को क्या मालूम हुआ?

उत्तर – उन्हें मालूम हुआ कि संस्कृत में भी नाटक के ग्रंथ हैं।

ख. सन् 1789 में सर विलियम जोंस ने कौन-से नाटक का अनुवाद अंग्रेजी में किया था?

उत्तर – सन् 1789 में उन्होंने ‘अभिज्ञान शाकुंतलम’ का अनुवाद किया।

ग. नाटक के अनुवाद के पश्चात् यूरोपवासियों को क्या पता चला?

उत्तर – यूरोपवासियों को पता चला कि संस्कृत का साहित्य अत्यंत उन्नत और श्रेष्ठ है।

घ. जोंस ने कौन-से गीत अंग्रेजी में लिखे?

उत्तर – जोंस ने हिंदू देवी-देवताओं की स्तुति में अनेक गीत अंग्रेज़ी में लिखे।

ङ. जोंस के कौन-से अंग्रेज़ी गीत से किस कवि को कविता लिखने की प्रेरणा मिली?

उत्तर – ‘नारायण की वंदना’ गीत से अंग्रेज़ी कवि पर्सी बिशे शेली को प्रेरणा मिली।

 

भाषा-बोध (Language Skills)

  1. निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम-चिह्न लगाइए-

क. पंडित उन्हें कैसे मिल सकता था

उत्तर – पंडित उन्हें कैसे मिल सकता था?

ख. उन्होंने भी बहुत कोशिश की पर सब व्यर्थ यवन को संस्कृत शिक्षा शिव शिव

उत्तर – उन्होंने भी बहुत कोशिश की पर सब व्यर्थ। यवन को संस्कृत शिक्षा! शिव! शिव!

ग. तुम यवनों के हाथ हमारी परम पवित्र देववाणी बेचोगे

उत्तर – “तुम यवनों के हाथ हमारी परम पवित्र देववाणी बेचोगे?”

घ. पंडित रामलोचन से अभिज्ञान शाकुंतलम पढ़ने लगे

उत्तर – पंडित रामलोचन से ‘अभिज्ञान शाकुंतलम’ पढ़ने लगे।

 

  1. लिंग और वचन बदलकर लिखिए-

क. एक अध्यापिका  – अनेक अध्यापक

ख. छात्राएँ – छात्र

ग. लेखक पढ़ रहा है – लेखिका पढ़ रही है

घ. एक नौकर रखा गया – अनेक नौकर रखे गए

ङ. अनेक पंडित आए – एक पंडित आया

च. देवता की स्तुति – देवियों की स्तुतियाँ

 

  1. विपरीतार्थक शब्द लिखिए- (Word Power)

विद्वान X मूर्ख

विशिष्ट X साधारण

इच्छा X अनिच्छा

नाउम्मीदी X उम्मीद

धनाढ्य X निर्धन

योग्य X अयोग्य

नाकामयाबी X कामयाबी

बहिष्कार X स्वीकार

 

  1. निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्यायवाची लिखिए- (Word Power)

विद्वान – मनीषी, पंडित

प्रयत्न – कोशिश, प्रयास

अभ्यास – रियाज, पुनरावृत्ति

शिक्षक – अध्यापक, गुरु

क्लिष्ट – कठिन, जटिल

अध्येता – छात्र, विद्यार्थी

 

  1. नीचे लिखे शब्दों को अकारादि क्रम (Alphabetical order) से लिखिए-

संस्कृत, अनुवाद, विशिष्ट, पधारे, देवी, यवन, कारण, बेला, उन्नत, प्रेरित

अनुवाद, उन्नत, कारण, देवी, पधारे, प्रेरित, बेला, यवन, विशिष्ट, संस्कृत।

  1. नीचे लिखे शब्दों की वर्तनी शुद्ध कीजिए-

आशीर्वाद,

वसंत,

असंभव,

संस्कृत,

कृपया,

रुचि,

साहित्य,

चिकित्सा।

 

जीवन कौशल एवं मूल्य (Life Skills and Values)

जीवन में यदि दृढ़ निश्चय कर लिया जाए तो कोई भी कार्य असंभव नहीं है। इस विषय पर कक्षा परिचर्चा कीजिए।

दृढ़ निश्चय वह शक्ति है जो कठिन से कठिन मार्ग को भी सुगम बना देती है। जब हम किसी लक्ष्य को पाने का संकल्प कर लेते हैं, तो हमारी आंतरिक ऊर्जा और एकाग्रता बढ़ जाती है। सर विलियम जोंस का उदाहरण हमारे सामने है, जिन्होंने तमाम सामाजिक विरोधों के बावजूद संस्कृत सीखी। अतः यदि इरादा पक्का हो, तो संसाधनों की कमी या विपरीत परिस्थितियाँ बाधा नहीं बनतीं। “जहाँ चाह, वहाँ राह” की उक्ति इसी सत्य को प्रमाणित करती है।

रचनात्मक गतिविधियाँ

अपने मुख से (Oral Expression)

किसी नई भाषा को सीखने से आपको कौन-कौन से लाभ हो सकते हैं? कक्षा में परिचर्चा कीजिए।

नई भाषा सीखना केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास का द्वार है। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं –

सांस्कृतिक समझ – भाषा के माध्यम से हम उस क्षेत्र की परंपराओं और साहित्य को गहराई से समझ पाते हैं।

मानसिक विकास – नई शब्दावली और व्याकरण सीखने से स्मरण शक्ति और तार्किक क्षमता बढ़ती है।

करियर के अवसर – वैश्विक स्तर पर द्विभाषी (Bilingual) लोगों के लिए रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होते हैं।

आत्मविश्वास – नई भाषा में बात करने से झिझक दूर होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है।

 

अपनी कलम से (Creative Writing)

आपकी पसंदीदा विदेशी भाषा कौन-सी है? यदि आपको वह भाषा सीखने का मौका मिले है तो आप कैसे उसका उपयोग करेंगे?

मेरी पसंदीदा विदेशी भाषा जापानी है। इसकी लिपि और अनुशासन मुझे बहुत आकर्षित करते हैं। यदि मुझे इसे गहराई से सीखने का मौका मिले, तो मैं इसका उपयोग जापानी साहित्य और ‘हाइकु’ कविताओं को मूल रूप में समझने के लिए करूँगा। साथ ही, मैं तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में जापानी विशेषज्ञों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना चाहूँगा ताकि दो अलग-अलग संस्कृतियों के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान और भी सुगम हो सके।

 

अपनी कल्पना से (From my Imagination)

यदि आपका एक विदेशी मित्र हिंदी भाषा सीख रहा है। आप उसकी मदद करना चाहते हैं तो आप उसकी किस तरह से सहायता करेंगे?

यदि मेरा कोई विदेशी मित्र हिंदी सीख रहा है, तो मैं सबसे पहले उसके साथ नियमित बातचीत करूँगा ताकि उसका संकोच दूर हो सके। मैं उसे सरल हिंदी कहानियाँ, कविताएँ और संगीत के माध्यम से भाषा के सांस्कृतिक संदर्भ समझाऊँगा। कठिन व्याकरण के स्थान पर मैं उसे दैनिक बोलचाल के मुहावरों और वाक्यों के प्रयोग पर ज़ोर देने के लिए प्रेरित करूँगा। मेरी कोशिश उसे भाषा रटाने के बजाय उसमें रुचि पैदा करने की होगी।

 

परियोजना कार्य (Project Work)

‘संस्कृत भाषा का महत्त्व’ विषय पर परियोजना बनाइए इसमें आपको संस्कृत भाषा के महत्त्व को समझाना होगा। संस्कृत भाषा को जीवंत रखने की आवश्यकता, इसके उपयोग, संस्कृति और विज्ञान में योगदान को भी सम्मिलित कीजिए।

छात्र इसे अपने स्तर पर करेंगे।

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