कुछ करके सीखिए
चार मुख्य प्राचीन सभ्यताएँ कौन-सी हैं? बताइए।
चार मुख्य प्राचीन सभ्यताएँ
ये सभ्यताएँ मुख्य रूप से नदियों के किनारे विकसित हुई थीं:
मेसोपोटामिया की सभ्यता (Mesopotamia)
मिस्र की सभ्यता (Ancient Egypt)
सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization)
चीन की प्राचीन सभ्यता (Ancient China)
गौतम बुद्ध का वास्तविक नाम क्या था?
गौतम बुद्ध का वास्तविक नाम सिद्धार्थ था। ज्ञान प्राप्त करने के बाद वे ‘बुद्ध’ कहलाए।
बौद्ध धर्म का मूलमंत्र क्या है? बताइए।
बौद्ध धर्म का सबसे प्रमुख मूलमंत्र ‘त्रिशरण’ माना जाता है, जिसे अनुयायी श्रद्धापूर्वक दोहराते हैं:
बुद्धं शरणं गच्छामि। (मैं बुद्ध की शरण में जाता हूँ।)
धम्मं शरणं गच्छामि। (मैं धर्म की शरण में जाता हूँ।)
संघं शरणं गच्छामि। (मैं संघ की शरण में जाता हूँ।)
अजंता की गुफाएँ – सारांश
प्रस्तुत लेख ‘अजंता की गुफाएँ’ भारतीय कला, वास्तुकला और इतिहास का एक विस्तृत एवं सजीव चित्रण है। यह लेख अजंता के प्राकृतिक सौंदर्य, निर्माण शैली और वहाँ की विश्वप्रसिद्ध चित्रकला का गहरा विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
- अजंता की भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक सौंदर्य
अजंता की गुफाएँ महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में फरदापुर गाँव के पास वाघोरा नदी के किनारे स्थित हैं। ये पहाड़ियाँ घोड़े के नाल के आकार में फैली हुई हैं। नदी के सर्पाकार घुमाव के कारण ये गुफाएँ तब तक दिखाई नहीं देतीं जब तक कि आप इनके बिल्कुल पास न पहुँच जाएँ। घाटी का वातावरण हरसिंगार के वनों और पक्षियों के कलरव से गुंजायमान रहता है, जो इस स्थान को अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य प्रदान करता है।
- गुफाओं का वर्गीकरण और निर्माण
अजंता में कुल 29 बौद्ध गुफाएँ हैं, जिन्हें दो मुख्य भागों में बाँटा गया है –
चैत्य (स्तूप-गुफा) – ये प्रार्थना और उपासना के लिए बनाई गई थीं। गुफा संख्या 19 यहाँ की सबसे बड़ी चैत्य-गुफा है।
विहार – ये गुफाएँ बौद्ध भिक्षुओं के रहने और अध्ययन के लिए थीं। यहाँ कुल 25 विहार गुफाएँ हैं।
इन गुफाओं का निर्माण वाकाटक राजा हरिषेण के संरक्षण में हुआ था। यह पूरी वास्तुकला एक ही पहाड़ी को काटकर बनाई गई है, जो तत्कालीन हस्तकौशल का सर्वोच्च उदाहरण है।
- चित्रकला और भाव अभिव्यक्ति
अजंता अपनी चित्रकला के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। यद्यपि समय के साथ कई चित्र खंडित हो गए हैं, लेकिन पहली, दूसरी, सोलहवीं और सत्रहवीं गुफाओं के चित्र आज भी सुरक्षित हैं। इन चित्रों की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –
रंग योजना – रंगों का चयन प्रसंगानुसार अत्यंत आकर्षक है।
मुद्राएँ – हाथ की मुद्राओं, आँखों की चितवन और अंगों की लोच के माध्यम से सूक्ष्म मानवीय भावों को व्यक्त किया गया है।
विषय – चित्रों के मुख्य विषय भगवान बुद्ध का जीवन और जातक कहानियाँ हैं।
- प्रमुख गुफाओं के अनुपम चित्र
गुफा संख्या 1 (मार विजय) – यहाँ समूची दीवार पर ‘मार विजय’ का चित्र है, जहाँ भगवान बुद्ध प्रलोभनों और कामदेव की सेना के बीच शांत और अडिग बैठे हैं।
गुफा संख्या 16 (मरणासन्न राजकुमारी) – इसमें एक राजकुमारी को अपने पति के वियोग में मरते हुए दिखाया गया है। यह चित्र मानवीय करुणा और संवेदना का बेजोड़ उदाहरण है। इसी गुफा में बुद्ध के ‘गृह-त्याग’ का भी मार्मिक चित्रण है।
गुफा संख्या 17 (चित्रशाला) – इसे सबसे श्रेष्ठ चितेरों की गुफा माना जाता है। यहाँ का सबसे प्रसिद्ध चित्र यशोधरा द्वारा अपने पुत्र राहुल को बुद्ध को भिक्षा स्वरूप अर्पण करने का है। यह आत्म-समर्पण की पराकाष्ठा है।
अवलोकितेश्वर – यहाँ बोधिसत्व अवलोकितेश्वर का एक विशाल चित्र है, जिसमें वे नीलकमल धारण किए हुए ध्यानमग्न हैं।
- महान कलाकारों के प्रति सम्मान
अजंता के चित्रों में बौद्ध धर्म का गहरा प्रभाव है। यहाँ न केवल शांत भाव बल्कि युद्ध के सजीव दृश्य (लगभग 300 चेहरों के साथ) और आकाशचारी गायकों का भी सुंदर चित्रण है। लेख के अंत में उन अज्ञात महान चित्रकारों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन इन गुफाओं को सजाने में लगा दिया, लेकिन अपना नाम कहीं अंकित नहीं किया।
निष्कर्ष
अजंता की गुफाएँ केवल पत्थर का ढाँचा नहीं, बल्कि भारतीय पूर्वजों के धैर्य, प्रेम, उपासना और उत्कृष्ट कलात्मक बोध का जीता-जागत प्रमाण हैं। प्रत्येक भारतीय को अपनी इस अमूल्य सांस्कृतिक विरासत पर गर्व होना चाहिए।
मौखिक (बोध प्रश्न)
प्रश्न – अजंता के चित्रों पर क्या दिखाया गया है?
उत्तर – अजंता के चित्रों में मुख्य रूप से महात्मा बुद्ध का जीवन, बोधिसत्व और जातक कहानियों की चर्चा को दिखाया गया है। इनमें बुद्ध के विभिन्न जन्मों और उनके धार्मिक उपदेशों का सजीव चित्रण है।
प्रश्न – अवलोकितेश्वर हाथ में क्या धारण किए हुए हैं?
उत्तर – अवलोकितेश्वर अपने दाएँ हाथ में नीलकमल धारण किए हुए हैं और विचार में मग्न दिखाए गए हैं।
मौखिक (बोध प्रश्न)
प्रश्न – अजंता किसलिए विख्यात है?
उत्तर – अजंता अपनी मूर्तिकला, चित्रकला और वास्तुकला के अनूठे संगम के लिए विश्वभर में विख्यात है। यहाँ के भित्ति-चित्र (Frescoes) प्राचीन भारतीय कला के सबसे उत्तम उदाहरण माने जाते हैं।
प्रश्न – अजंता कहाँ स्थित है?
उत्तर – अजंता की गुफाएँ भारत के महाराष्ट्र राज्य के औरंगाबाद जिले में स्थित हैं। ये पहाड़ियों के बीच वाघोरा नदी के किनारे छिपी हुई हैं।
मौखिक (बोध प्रश्न)
प्रश्न – अजंता की कुल कितनी गुफाएँ हैं?
उत्तर – अजंता में छोटी-बड़ी कुल उनतीस (29) गुफाएँ हैं।
प्रश्न – गुफाओं के कितने भाग हैं?
उत्तर – अजंता की गुफाओं के मुख्य रूप से दो भाग हैं – स्तूप-गुफा (चैत्य) और विहार-गुफा।
प्रश्न – गुफाओं के निर्माण का क्या उद्देश्य था?
उत्तर – गुफाओं के निर्माण के दो मुख्य उद्देश्य थे— स्तूप-गुफाओं (चैत्य) का उद्देश्य सामूहिक प्रार्थना और उपासना करना था, जबकि विहार-गुफाओं का उद्देश्य बौद्ध भिक्षुओं के रहने और उनके अध्ययन के लिए स्थान प्रदान करना था।
शब्दार्थ (Word Meaning)
1 – प्रासाद – महल – Palace
2 – अपूर्व – अनोखा / जो पहले न हुआ हो – Unprecedented / Unique
3 – हस्त कौशल – हाथों की कारीगरी – Craftsmanship / Handiwork
4 – अद्वितीय – जिसके समान कोई दूसरा न हो – Matchless / Incomparable
5 – शिलाखंड – पत्थर के बड़े टुकड़े – Rock boulders
6 – अभिव्यक्ति – प्रकट करना – Expression
7 – विहार – भिक्षुओं का निवास स्थान – Monastery / Residential hall
8 – शैल्य – चट्टान या पत्थर – Rock / Stone
9 – उत्कृष्ट – बहुत बढ़िया – Excellent / Superb
10 – संरक्षण – देखरेख या बचाव – Patronage / Protection
11 – अचंभा – आश्चर्य – Wonder / Surprise
12 – खंडित – टूटा हुआ – Broken / Fragmented
13 – प्रसंगानुकूल – विषय के अनुसार – According to context
14 – चित्ताकर्षक – मन को मोहने वाला – Captivating / Attractive
15 – चितवन – देखने का ढंग – Glance / Look
16 – प्रलोभन – लालच – Temptation
17 – क्षुब्ध – परेशान या दुखी – Agitated / Disturbed
18 – लुब्ध – मोहित या लालची – Allured / Greedy
19 – अनुरत – लीन या मग्न – Devoted / Absorbed
20 – अनुपम – जिसकी उपमा न हो – Peerless / Exemplary
21 – मरणासन्न – मृत्यु के निकट – Moribund / Near death
22 – परिजन – परिवार के लोग – Relatives / Kin
23 – अर्पण – सौंपना या दान करना – Offering / Dedication
24 – पराकाष्ठा – चरम सीमा – Zenith / Extreme limit
25 – सजीव – जीवित सा लगने वाला – Lifelike / Vivid
26 – अर्धांगिनी – पत्नी – Better half / Wife
27 – गृह त्याग – घर छोड़ना – Renunciation of home
28 – परिचारिका – सेविका – Maid / Attendant
29 – प्रत्युत – बल्कि – Instead / Rather
30 – रमणीय – सुंदर – Beautiful / Pleasant
31 – आलेखन – चित्रण या नक्काशी – Sketching / Rendering
32 – अलौकिक – जो इस लोक का न हो – Divine / Supernatural
33 – नत होना – झुकना – To bow down
34 – अज्ञात – जिसके बारे में पता न हो – Unknown
35 – गगनचुंबी – बहुत ऊँचा – Sky-high / Skyscraper
36 – उपासना – पूजा – Worship
37 – धैर्य – धीरज – Patience
38 – वास्तुकला – भवन निर्माण कला – Architecture
39 – अनूठा – निराला – Unique
40 – संगम – मिलन – Confluence / Meeting
41 – भव्य – शानदार – Grand / Magnificent
42 – आवासीय – रहने के योग्य – Residential
43 – विविधता – अलग-अलग प्रकार – Diversity
44 – मुद्रा – हाव-भाव या भंगिमा – Gesture / Pose
45 – अंतर्विरोध – आपसी विरोध – Contradiction
46 – गुप्तकालीन – गुप्त काल का – Of the Gupta period
47 – अंश – हिस्सा – Part / Fraction
48 – विशाल – बहुत बड़ा – Huge / Massive
49 – सृष्टि – संसार – Creation / Universe
50 – संवदेना – सहानुभूति – Compassion / Sensitivity
51 – रहस्य – गुप्त बात – Mystery
लिखित
- एक वाक्य में उत्तर लिखिए-
क. अजंता की गुफाएँ संसार में किसका उदाहरण देती हैं?
उत्तर – अजंता की गुफाएँ संसार भर में भक्ति, उपासना, धैर्य, प्रेम, लगन एवं हस्त कौशल का अपूर्व उदाहरण देती हैं।
ख. अजंता की गुफाएँ कौन-सी कलाओं का अनूठा संगम है?
उत्तर – अजंता की गुफाएँ मूर्तिकला, चित्रकला और वास्तुकला का अनूठा संगम हैं।
ग. विहार गुफा किस उद्देश्य से बनाई गई थी?
उत्तर – विहार गुफा बौद्ध भिक्षुओं के रहने और उनके अध्ययन के उद्देश्य से बनाई गई थी।
घ. अजंता की गुफाओं को किसके संरक्षण में अंकित किया गया था?
उत्तर – इन्हें वाकाटक राजा हरिषेण के संरक्षण में अंकित किया गया था।
ङ. अजंता के चित्र निर्माण में रंगों की योजना किस प्रकार की हैं?
उत्तर – अजंता के चित्रों में रंगों की योजना प्रसंगानुकूल, चित्ताकर्षक और आवश्यकतानुसार विविधतापूर्ण है।
- विस्तार से प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
क. अजंता की गुफाएँ कहाँ स्थित हैं और उन तक कैसे पहुँचा जा सकता है?
उत्तर – अजंता की गुफाएँ महाराष्ट्र राज्य के औरंगाबाद जिले में स्थित हैं। यहाँ भुसावल, जलगाँव या औरंगाबाद के रास्ते से पहुँचा जा सकता है। इन स्टेशनों से फरदापुर ग्राम जाना होता है, जिसके पास पहाड़ियों में ये गुफाएँ स्थित हैं।
ख. प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से भी अजंता अद्वितीय है। व्याख्या कीजिए।
उत्तर – अजंता एक पहाड़ी घाटी में स्थित है जहाँ नीचे वाघोरा नदी बहती है। घाटी में चारों ओर हरसिंगार के वन हैं और वहाँ पक्षियों का मेला लगा रहता है। नदी के सर्पाकार घुमाव और पहाड़ियों का गगनचुंबी प्रासाद जैसा स्वरूप इसे अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता प्रदान करता है।
ग. अजंता की स्तूप-गुफा और विहार-गुफा बनाने का क्या उद्देश्य था?
उत्तर – स्तूप-गुफा का उद्देश्य सामूहिक प्रार्थना और उपासना करना था। विहार-गुफाओं का निर्माण बौद्ध भिक्षुओं के निवास और उनके धार्मिक अध्ययन व साधना के लिए किया गया था।
घ. अजंता की गुफाओं में चित्र निर्माण की योजना को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – चित्र निर्माण में रंगों का चुनाव प्रसंग के अनुसार किया गया है। चित्रों में हाथ की मुद्राओं, आँखों की चितवन और अंगों की लोच के माध्यम से गहरे मानवीय भाव व्यक्त किए गए हैं। चित्रों के मुख्य विषय बुद्ध का जीवन और जातक कहानियाँ हैं।
ङ. कौन-सा चित्र आत्म समर्पण की पराकाष्ठा को दरशाता है? उसकी व्याख्या कीजिए।
उत्तर – गुफा संख्या 17 में यशोधरा द्वारा अपने पुत्र राहुल को महात्मा बुद्ध को भिक्षा स्वरूप अर्पण करने का चित्र आत्म समर्पण की पराकाष्ठा को दर्शाता है। बुद्धत्व प्राप्त करने के बाद जब बुद्ध कपिलवस्तु लौटे, तो यशोधरा ने अपनी सबसे प्रिय वस्तु (अपने पुत्र) को उन्हें सौंप दिया, जो संवेदना का सजीव चित्रण है।
- नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
यहाँ पर अवलोकितेश्वर का विशाल चित्र है। वे दाएँ हाथ में नीलकमल धारण किए विचार में मग्न हैं। उन भावों को चित्रकार ने पूर्ण सफलता से उनके मुखमंडल पर दरशाया है। देव सृष्टि, मानव सृष्टि और विशेषतः उनकी अर्धांगिनी यशोधरा पर उनके इन भावों का जो प्रभाव पड़ रहा है वह भी बड़ी कुशलता से दिखाया गया है। सोलहवीं गुफा के दो चित्र उल्लेखनीय हैं- गहरी रात में भगवान बुद्ध गृह त्याग कर रहे हैं। यशोधरा और उनके संग शिशु राहुल सोया हुआ है। पास की परिचारिकाओं पर भी निद्रा ने अपनी मोहिनी डाल रखी है। इस दृश्य पर एक निगाह डालते हुए बुद्धदेव अंकित किए गए हैं। उस दृष्टि में मोह-ममता नहीं प्रत्युत उनका अंतिम त्याग अंकित है। यही इस कृति का रहस्य है।
क. गद्यांश में अवलोकितेश्वर किसे कहा गया है?
उत्तर – गद्यांश में बोधिसत्व अर्थात् बुद्ध का एक रूप को अवलोकितेश्वर कहा गया है।
ख. चित्रकार ने अवलोकितेश्वर का चित्र किस तरह दरशाया है?
उत्तर – चित्रकार ने उन्हें दाएँ हाथ में नीलकमल धारण किए हुए और गहरे विचारों में मग्न दिखाया है।
ग. अवलोकितेश्वर के विचारों का प्रभाव किन पर पड़ रहा है?
उत्तर – अवलोकितेश्वर के विचारों भावों का प्रभाव देव सृष्टि, मानव सृष्टि और विशेष रूप से उनकी अर्धांगिनी यशोधरा पर पड़ रहा है।
घ. सोलहवीं गुफा के चित्रों में से एक कृति का क्या रहस्य है?
उत्तर – बुद्ध के गृह-त्याग वाले चित्र का रहस्य बुद्ध की वह दृष्टि है, जिसमें सोई हुई पत्नी और बच्चे के प्रति मोह-ममता नहीं, बल्कि उनका ‘अंतिम त्याग’ अंकित है।
- सही विकल्प चुनिए-
क. अजंता जाते समय कौन-सी नदी पार करनी पड़ती है?
बढोरा
वाघोरा
सतलुज
नर्मदा
ख. अजंता की गुफाएँ किसकी शृंखला का अनूठा संगम है?
प्राकृतिक सौंदर्य
मूर्तिकला, चित्रकला और वास्तुकला
वाघोरा नदी
हरसिंगार वन
भाषा-बोध (Language Skills)
- निम्नलिखित वाक्यों में सर्वनाम संबंधी अशुद्धियाँ हैं। इन्हें दूर करके वाक्यों को पुनः लिखिए-
अशुद्ध वाक्य शुद्ध वाक्य
क. मेरे से वह काम नहीं होगा। → मुझसे वह काम नहीं होगा।
ख. यह खिलौना कौन का है? → यह खिलौना किसका है?
ग. वह मेरे भाई हैं। → वे मेरे भाई हैं। (आदर सूचक)
- कोष्ठक में दिए गए सर्वनाम शब्दों के उचित रूप से रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
क. यह कार्य मुझसे नहीं हो सकेगा। (मैं)
ख. अध्यापक जी ने तुम्हें बुलाया है। (तुम्हारा)
ग. जो लड़की वहाँ खड़ी है, मैं उसे नहीं जानती। (उस)
घ. आपको नुझसे क्या काम है? (मैंने)
ङ. आज मैं विद्यालय नहीं जाऊँगा। (मुझे)
- निम्नलिखित वाक्यों में से विशेषण एवं विशेष्य छाँटकर लिखिए-
वाक्य विशेषण विशेष्य
क. प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से भी अजंता अद्वितीय है। प्राकृतिक, सौंदर्य
ख. हाथ में नीलकमल धारण किए विचार में मग्न हैं। नील कमल
ग. हमने गुफा में अलौकिक चित्र देखे। अलौकिक चित्र
घ. अजंता की उनतीस गुफाएँ हैं। उनतीस गुफाएँ
ङ. इसमें अनेक सुंदर चित्र उकेरे गए हैं। सुंदर चित्र
- निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त उचित क्रिया-भेद पर सही का निशान लगाइए-
क. अरविंद ने पुस्तक उठाई। सकर्मक क्रिया
ख. आशा सो रही है। अकर्मक क्रिया
ग. आलेख पढ़ रहा है? सकर्मक क्रिया
घ. सुनीता फल खा रही है। सकर्मक क्रिया
ड. वर्षा हो रही है। अकर्मक क्रिया
च. रमेश भोजन कर रहा है। सकर्मक क्रिया
- निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्यायवाची लिखिए- (Word Power)
प्रासाद – महल, राजभवन
दालान – बरामदा, आलिंद।
रमणीय – सुंदर, मनोहर।
वियोग – बिछोह, जुदाई।
भगवान – ईश्वर, परमात्मा।
संपूर्ण – पूरा, समस्त।
उत्कृष्ट – श्रेष्ठ, उत्तम।
परिचारिका – सेविका, दासी।
- निम्न वाक्यों में ‘कि’, ‘की’ का सही प्रयोग कीजिए-
क. ये ही अजंता की गुफाएँ हैं।
ख. ऐसा जान पड़ता है कि सारे चित्र बोल उठेंगे।
ग. स्तूप-गुफा में केवल प्रार्थना की जाती है।
घ. किंतु क्या मजाल कि कहीं पर एक छेनी भी अधिक लगी हो।
ङ. दालान की समूची दीवार पर चित्र अंकित है।
- विपरीतार्थक शब्द लिखिए (Word Power)
अंतिम x प्रथम
विजय x पराजय
अलौकिक x लौकिक
भगवान x शैतान / दानव
वियोग x संयोग
सजीव x निर्जीव
ज्ञात x अज्ञात
क्षुब्ध x शांत
- नीचे लिखे शब्दों की वर्तनी शुद्ध कीजिए-
प्राथर्ना → प्रार्थना
साँर्दय → सौंदर्य
अजतां → अजंता
अपूरव → अपूर्व
मूर्तिर्कला → मूर्तिकला
सरंक्षण → संरक्षण
जीवन कौशल एवं मूल्य (Life Skills and Values)
भारत देश विविधता में एकता का प्रतीक है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक हमारा देश विविधताओं से भरा है। भारत अपने-आप में अनेक प्रकार की भाषाएँ, कलाएँ और अनेक संस्कृतियों को समेटे हुए है। प्रत्येक राज्य की अपनी ही विशेषता है। इन सभी का संरक्षण करना हर भारतीय का सर्वप्रथम कर्तव्य है।
रचनात्मक गतिविधियाँ (Creative Activities)
अपने मुख से (Oral Expression)
आगरा के किले को संरक्षित रखने के लिए तथा इसे और भी अधिक प्रसिद्ध बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं? कक्षा में अपने विचार व्यक्त कीजिए।
आगरा के किले को संरक्षित और प्रसिद्ध बनाने के लिए हमें निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए –
- वैज्ञानिक संरक्षण – प्रदूषण और नमी से बचाने के लिए दीवारों पर रासायनिक कोटिंग और नियमित सफाई की जानी चाहिए।
- तकनीकी विकास – किले के इतिहास को दर्शाने के लिए ‘लाइट एंड साउंड शो’ और ‘आभासी वास्तविकता’ (VR) का उपयोग करना चाहिए।
- जागरूकता – पर्यटकों को स्वच्छता के प्रति शिक्षित करना और सोशल मीडिया के माध्यम से इसके वास्तुशिल्प का वैश्विक प्रचार करना।
- सुविधाएँ – विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाएँ प्रदान कर इसे और आकर्षक बनाया जा सकता है।
अपनी कलम से (Creative Writing)
इंटरनेट की सहायता से सांची के बौद्ध स्मारक की जानकारी लीजिए और उसकी आकर्षक शैली और विशेषता के बारे में लिखिए।
सांची का स्तूप मध्य प्रदेश में स्थित है। यह अपनी आकर्षक अर्धवृत्ताकार शैली और भव्य ‘तोरण द्वारों’ के लिए प्रसिद्ध है। इन द्वारों पर बुद्ध के जीवन की कहानियाँ पत्थर पर बड़ी कुशलता से उकेरी गई हैं। इसकी विशेषता इसकी सादगी और शांतिपूर्ण वास्तुकला है।
अपनी कल्पना से (From my Imagination)
कल्पना कीजिए कि अद्भुत समय यात्रा के द्वारा आप एक समर्थ वैज्ञानिक के रूप में भूतकाल में जाते हैं, जहाँ आपको उस समय के महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहरों का पता चलता है। आप भविष्य के लिए उन्हें कैसे संरक्षित करने का उपाय करेंगे?
यदि मैं वैज्ञानिक के रूप में भूतकाल में जाऊँ, तो मैं उन रंगों और पत्थरों के रासायनिक संघटन का अध्ययन करूँगा। भविष्य के लिए मैं ‘नैनो-कोटिंग’ तकनीक और ‘डिजिटल स्कैनिंग’ का सुझाव दूँगा ताकि प्राकृतिक आपदाओं या प्रदूषण से इन धरोहरों को कोई नुकसान न पहुँचे।
परियोजना कार्य (Project Work)
आपको एक सांस्कृतिक पर्यटन योजना बनानी है, जिसमें आप शहर के गुमनाम सांस्कृतिक धरोहरों को प्रस्तुत करेंगे। आप कौन-कौन-सी सांस्कृतिक धरोहरों का चयन करेंगे उसकी सूची बनाइए और कैसे उन्हें प्रदर्शित करेंगे? उसकी योजना क्रमानुसार लिखिए।
छात्र इसे अपने स्तर पर करेंगे।

