कुछ करके सीखिए
दुनिया का पहला रोबोट कौन है? इंटरनेट से जानकारी प्राप्त करके कक्षा में बताइए।
उत्तर – दुनिया का पहला ‘डिजिटल और प्रोग्राम करने योग्य’ रोबोट ‘यूनिमेट’ (Unimate) था।
निर्माण – इसका आविष्कार जॉर्ज डेवोल ने 1954 में किया था।
उपयोग – इसे 1961 में जनरल मोटर्स के असेंबली लाइन में काम पर लगाया गया था। इसका मुख्य काम गर्म लोहे के टुकड़ों को उठाना और उन्हें साँचों में रखना था।
प्राचीन इतिहास – यदि हम प्राचीन कथाओं या यांत्रिक खिलौनों की बात करें, तो 12वीं सदी में अल-जजारी ने पानी से चलने वाले स्वचालित यंत्र बनाए थे, जिन्हें अक्सर शुरुआती ‘रोबोटिक’ प्रयास माना जाता है।
दुनिया की पहली महिला रोबोट कौन है और इसे किसने बनाया है? बताइए।
उत्तर – दुनिया की पहली महिला रोबोट
दुनिया की पहली महिला रोबोट (ह्यूमनॉइड) का नाम ‘सोफिया’ (Sophia) है।
निर्माता – इसे हांगकांग की कंपनी हैनसन रोबोटिक्स (Hanson Robotics) ने बनाया है।
विशेषता – सोफिया इंसानों की तरह बात कर सकती है, चेहरे के हाव-भाव बदल सकती है और सवालों के जवाब दे सकती है।
रिकॉर्ड – सोफिया दुनिया की पहली ऐसी रोबोट है जिसे किसी देश (सऊदी अरब) की पूर्ण नागरिकता प्राप्त हुई है।
नोएडा (उ.प्र.) में खुले रोबोट रेस्टोरेंट के बारे में पता करके बताइए।
उत्तर – उत्तर प्रदेश के नोएडा में खुला रोबोट रेस्टोरेंट तकनीक और खान-पान का एक अनूठा संगम है –
नाम – इस रेस्टोरेंट का नाम ‘येलो हाउस रोबोट रेस्टोरेंट’ (The Yellow House) है, जो नोएडा के सेक्टर-104 में स्थित है।
खासियत – यहाँ इंसानी वेटर्स के स्थान पर ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) से लैस रोबोट खाना परोसते हैं।
कार्यशैली – इन रोबोट्स को रेस्टोरेंट के नक्शे के अनुसार प्रोग्राम किया गया है। वे ग्राहकों की मेज तक बिना किसी बाधा के पहुँचते हैं और खाना सर्व करते हैं। यह बच्चों और तकनीक प्रेमियों के बीच आकर्षण का बड़ा केंद्र है।
इनसान से दो कदम आगे – रोबोट – सारांश
डॉ. विनोद गुप्ता द्वारा लिखित लेख ‘इनसान से दो कदम आगे – रोबोट’ आधुनिक युग में रोबोटिक्स और ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) की बढ़ती शक्ति और उपयोगिता पर प्रकाश डालता है। यह लेख बताता है कि कैसे रोबोट अब केवल औद्योगिक मशीनों तक सीमित न रहकर हमारे घर, भावनाओं और सुरक्षा का हिस्सा बन गए हैं।
- रोबोट का अर्थ और उत्पत्ति
‘रोबोट’ शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग चेकोस्लोवाकिया के लेखक कार्ल चैपेक के एक नाटक में हुआ था। यह शब्द ‘रोबोटा’ से निकला है, जिसका अर्थ है ‘बंधुआ मजदूर’। मूलतः रोबोट का निर्माण उन कठिन और थकाऊ कार्यों के लिए किया गया था जिन्हें इनसान अपनी शारीरिक सीमाओं के कारण नहीं कर पाता था।
- घरेलू सहायक के रूप में रोबोट
आज एआई (AI) संचालित रोबोट हमारे घरों को ‘स्मार्ट होम’ में बदल रहे हैं।
स्मार्ट सहायक – ये लाइट जलाने, एसी का तापमान सेट करने और कॉफी बनाने जैसे काम खुद कर लेते हैं।
बेबी मॉनिटर – कैमरों से लैस ये रोबोट बच्चों की निगरानी करते हैं और उनके जागने पर अलार्म बजाते हैं।
घरेलू कामकाज – ‘ब्लू’ और ‘रूंबा’ जैसे रोबोट झाड़ू-पोछा करने, कपड़े धोने और बर्तन साफ करने में सक्षम हैं। ‘रूंबा’ तो स्वाचालित रूप से रिचार्ज भी हो जाता है।
- भावनाओं को समझने वाला ‘नाओ‘ (Nao)
लेख में ‘नाओ’ नामक रोबोट का विशेष उल्लेख है, जो दुनिया का पहला ऐसा रोबोट है जो इनसानी भावनाओं को समझ सकता है।
यह खुश होने पर बाँहें फैलाता है और दुखी होने पर कंधे उचकाता है।
इसमें चेहरे और स्पर्श को पहचानने की शक्ति है, जिससे यह लोगों के साथ दोस्ती कर सकता है। इसकी मैमोरी में अच्छे-बुरे की पहचान के बुनियादी नियम भरे गए हैं।
- सुरक्षा और आपदा प्रबंधन
रोबोट अब संकट के समय में इनसान के सच्चे दोस्त साबित हो रहे हैं –
डूबते को सहारा – ‘रोबो बेवाच’ समुद्र में डूबते व्यक्ति को 26 मील प्रति घंटे की रफ्तार से बचाकर किनारे ला सकता है।
प्राकृतिक आपदा – मिसौरी यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर की मदद से रोबोट ढह चुकी इमारतों का थ्री-डी नक्शा बना सकते हैं, जिससे मलबे में दबे लोगों को निकालना आसान हो जाता है।
जासूसी और सेना – मधुमक्खी जैसी आँखों वाले उड़ने वाले छोटे रोबोट (माइक्रो रोबोट) जासूसी और आतंकवाद विरोधी अभियानों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
- औद्योगिक क्रांति और श्रम की बचत
जापान जैसे देशों में, जहाँ श्रमिकों की कमी है, HRP-4 जैसे पतले और मजबूत रोबोट भारी काम कर रहे हैं। ये रोबोट एक पैर पर खड़े होने और जटिल आदेशों का पालन करने में सक्षम हैं।
- निष्कर्ष
लेख का सार यह है कि रोबोट अपनी कार्यक्षमता, संवेदनशीलता और निपुणता में इनसान से दो कदम आगे निकल चुके हैं। वे न केवल हमारे मजदूर हैं, बल्कि भविष्य में हमारे बेहतरीन दोस्त और रक्षक भी बनेंगे।
मुख्य जानकारी तालिका (Quick Facts Table)
यूनिमेट (Unimate) – दुनिया का पहला औद्योगिक रोबोट।
नाओ (Nao) – भावनाओं को समझने और याद रखने वाला रोबोट।
रोबो बेवाच (Robo-Bewatch) – पानी में डूबते हुए लोगों को बचाने वाला।
रूंबा (Roomba) -घर की स्वचालित सफाई करने वाला वैक्यूम क्लीनर।
ब्लू (Blue) -घरेलू कामकाज (चाय बनाना, कपड़े धोना) के लिए संवेदनशील रोबोट।
मौखिक (बोध प्रश्न)
प्रश्न – चेक भाषा में रोबोट का क्या अर्थ है?
उत्तर – चेक भाषा में रोबोट का अर्थ है— ‘बंधुआ मज़दूर’।
प्रश्न – आरंभ में रोबोट का निर्माण क्यों किया गया था?
उत्तर – आरंभ में रोबोट का निर्माण उद्योगों में मानव के स्थान पर काम करने के लिए किया गया था, ताकि शारीरिक थकान और प्रतिकूल परिस्थितियों जैसी मानवीय सीमाओं से बचा जा सके।
मौखिक (बोध प्रश्न)
प्रश्न – नाओ रोबोट मानव संपर्क को क्यों याद रख पाता है?
उत्तर – ‘नाओ’ रोबोट मानव संपर्क को इसलिए याद रख पाता है क्योंकि इसके दिमाग की वायरिंग हमारे दिमाग जैसी ही की गई है, जिससे यह अलग-अलग लोगों के चेहरों और उनसे हुए संपर्क को याद रख सकता है।
प्रश्न – दुखी होने पर ‘नाओ‘ रोबोट क्या करता है?
उत्तर – दुखी होने पर ‘नाओ’ रोबोट अपने कंधे उचकाता है।
मौखिक (बोध प्रश्न)
प्रश्न – पुलिस, अग्निशामक दल और सेना के बचाव दस्तों के लिए रोबोट किस तरह सहायक है?
उत्तर – रोबोट मलबे में फँसे लोगों की जानकारी दे सकता है और एक विशेष लेज़र की मदद से ढह चुकी इमारत का थ्री-डी नक्शा दिखा सकता है, जिससे बचावकर्मी जोखिम का सही आकलन कर पाते हैं।
प्रश्न – ‘रोबोट बेवाच‘ क्या है?
उत्तर – ‘रोबोट बेवाच’ पानी में डूबते हुए लोगों को बचाने वाला एक रोबोट है। यह 26 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से पानी में तैरकर पीड़ित को किनारे तक सुरक्षित ले आता है।
मौखिक (बोध प्रश्न)
जासूसी के लिए किस तरह के रोबोट्स का प्रयोग किया जा रहा है?
उत्तर – जासूसी के लिए उड़ने वाले और मक्खियों जैसे छोटे रोबोट्स का प्रयोग किया जा रहा है, जिनमें मधुमक्खी की आँखों जैसा अत्याधुनिक इमेजिंग सिस्टम लगा होता है।
रोबोट रूंबा सबसे बेहतर वैक्यूम क्लीनर क्यों माना जाता है?
उत्तर – रोबोट रूंबा को सबसे बेहतर इसलिए माना जाता है क्योंकि यह अकेले ही चार कमरों की सफ़ाई कर सकता है, इसके ब्रश कोनों तक पहुँचते हैं, इसे घुमाने का झंझट नहीं है और इसकी बैटरी अपने-आप रिचार्ज हो जाती है।
शब्दार्थ (Word Meaning)
1 – स्वचालित – अपने-आप चलने वाला – Automatic
2 – कार्यक्षमता – काम करने की शक्ति – Efficiency / Capacity
3 – प्रतिकूल – विपरीत या बुरा – Adverse / Unfavorable
4 – मशक्कत – मेहनत या कठिनाई – Hard work / Struggle
5 – आभासी – काल्पनिक या वर्चुअल – Virtual
6 – सचेत – सावधान – Alert / Conscious
7 – अभिभावक – माता-पिता या संरक्षक – Parent / Guardian
8 – निगरानी – देखरेख – Surveillance / Monitoring
9 – घुसपैठ – जबरन प्रवेश – Intrusion / Infiltration
10 – दक्षता – निपुणता – Proficiency / Skill
11 – संवेदनशील – भावुक या कोमल – Sensitive
12 – प्रतिक्रिया – जवाब या असर – Reaction / Response
13 – मुताबिक – अनुसार – According to
14 – भाव-भंगिमा – चेहरे के हाव-भाव – Gestures / Expressions
15 – स्पर्श – छूना – Touch
16 – बुनियादी – मौलिक या शुरुआती – Basic / Fundamental
17 – संकेत – इशारा – Signal / Indication
18 – सोनार – पानी के अंदर तरंग तकनीक – Sonar (Sound Navigation and Ranging)
19 – आपदा – मुसीबत या संकट – Disaster / Calamity
20 – विश्लेषण – जाँच-परख – Analysis
21 – आतंकवाद निरोधी – आतंक के विरुद्ध – Anti-terrorism
22 – अनावरण – परदा उठाना – Unveiling
23 – अत्याधुनिक – बहुत ही नया – State-of-the-art / Modern
24 – प्रोग्राम – निर्देश देना – Program
25 – ह्यूमनॉइड – इनसान जैसा दिखने वाला – Humanoid
26 – सेंसर्स – संवेदना ग्रहण करने वाले यंत्र – Sensors
27 – मैमोरी – याददाश्त – Memory
28 – वैक्यूम क्लीनर – सफाई करने वाली मशीन – Vacuum cleaner
29 – आविष्कार – नई खोज – Invention
30 – अनुरूप – समान – Identical / Corresponding
31 – बंधुआ – गुलाम – Bonded / Slave
32 – अथाह – बहुत गहरा – Bottomless / Immense
33 – अपरिमित – जिसकी कोई सीमा न हो – Infinite / Boundless
34 – यंत्र – मशीन – Machine / Instrument
35 – अग्रणी – सबसे आगे – Pioneer / Leader
36 – जोखिम – खतरा – Risk
37 – आकलन – अंदाजा लगाना – Assessment / Estimation
38 – अग्निशामक – आग बुझाने वाला – Firefighter
39 – अटूट – कभी न टूटने वाला – Unbreakable
40 – भविष्य – आने वाला समय – Future
41 – अभियान – विशेष कार्य का मिशन – Mission / Campaign
42 – अभूतपूर्व – जो पहले न हुआ हो – Unprecedented
43 – ऊर्जा – शक्ति – Energy
44 – कौशल – हुनर – Skill
45 – जटिल – मुश्किल – Complex / Complicated
46 – दृष्टिकोण – देखने का नजरिया – Perspective / Viewpoint
47 – धैर्य – धीरज – Patience
48 – निर्धारित – तय किया हुआ – Fixed / Determined
49 – प्रमाण – सबूत – Evidence / Proof
50 – प्रतिभा – हुनर या बुद्धि – Talent / Brilliance
51 – परिवर्तित – बदला हुआ – Transformed / Changed
52 – प्रमुख – मुख्य – Principal / Main
53 – प्रोत्साहित – बढ़ावा देना – Encourage
54 – विस्मयकारी – हैरान करने वाला – Astonishing
55 – विविधता – अलग-अलग तरह का – Diversity
56 – संचालन – चलाना – Operation
57 – सटीक – एकदम सही – Accurate / Precise
58 – स्थिरता – मजबूती – Stability
59 – सजग – सावधान – Vigilant
60 – सराहनीय – प्रशंसा के योग्य – Praiseworthy
61 – सृजन – निर्माण – Creation
62 – सहयोग – मदद – Cooperation
63 – ज्ञान – जानकारी – Knowledge
64 – सार्थकता – उपयोगिता – Meaningfulness / Significance
लिखित
- एक वाक्य में उत्तर लिखिए-
क. किसके द्वारा रचित नाटक में रोबोट शब्द का प्रयोग सबसे पहले हुआ?
उत्तर – रोबोट शब्द का प्रयोग सबसे पहले चेकोस्लोवाकिया के लेखक कार्ल चैपेक द्वारा रचित नाटक में हुआ था।
ख. इनसानी भावनाओं को समझकर प्रतिक्रिया देने वाले रोबोट का नाम बताइए।
उत्तर – इनसानी भावनाओं को समझकर प्रतिक्रिया देने वाले रोबोट का नाम ‘नाओ’ (Nao) है।
ग. सॉफ़्टवेयर की मदद से रोबोट ढह चुकी इमारत को कैसे दिखाएगा?
उत्तर – रोबोट एक विशेष लेज़र को संचालित करके ढह चुकी इमारत का थ्री-डी (3D) नक्शा दिखाएगा।
- विस्तार से प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
क. शुरू में रोबोट के निर्माण के पीछे क्या उद्देश्य थे?
उत्तर – शुरू में रोबोट के निर्माण का मुख्य उद्देश्य उद्योगों में मानव के स्थान पर काम लेना था। इसका कारण आदमी की सीमित कार्यक्षमता, शारीरिक थकान और प्रतिकूल परिस्थितियों, जैसे – अत्यधिक गर्मी या ज़हरीली गैसों में काम न कर पाने की विवशता थी।
ख. आज रोबोट ने इनसान को पीछे छोड़ दिया है‘- कैसे?
उत्तर – रोबोट बिना थके चौबीसों घंटे काम कर सकता है। वह गहरे समुद्र में डूबते लोगों को बचाने, मलबे में फँसे लोगों को ढूँढ़ने, जटिल सर्जरी करने और जासूसी जैसे कठिन और जोखिम भरे कार्यों को इनसान से अधिक सटीकता और तेज़ी से करने लगा है, इसलिए वह इनसान से आगे निकल गया है।
ग. प्राकृतिक आपदाओं में रोबोट किस प्रकार सहायक साबित हो सकते हैं?
उत्तर – आपदाओं में रोबोट मलबे के नीचे दबे लोगों की जानकारी दे सकते हैं। वे ढही हुई इमारतों का नक्शा तैयार कर बचाव कर्मियों को जोखिम का अंदाज़ा लगाने में मदद करते हैं और उन स्थानों पर पहुँच सकते हैं जहाँ इनसान का पहुँचना खतरनाक या असंभव हो।
घ. अधिक जनसंख्या वाले देशों में रोबोट रोज़गार पर क्या प्रभाव डाल सकते हैं? क्या ये बेरोजगारी बढ़ा सकते हैं?
उत्तर – अधिक जनसंख्या वाले देशों में रोबोट का अत्यधिक उपयोग बेरोजगारी बढ़ा सकता है क्योंकि एक रोबोट कई श्रमिकों का काम अकेले कर लेता है। हालाँकि, यह नए तकनीकी क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर भी पैदा करता है, लेकिन शारीरिक श्रम करने वाले वर्ग के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
ङ. आतंकवाद को रोकने में रोबोट किस प्रकार सहायक हो सकते हैं?
उत्तर – आतंकवाद निरोधी अभियानों में उड़ने वाले सूक्ष्म रोबोट (ड्रोन) जासूसी कर सकते हैं। वे बिना किसी की नज़र में आए आतंकियों की लोकेशन का विश्लेषण कर सकते हैं और बम निरोधक रोबोट मानवीय जान को जोखिम में डाले बिना विस्फोटकों को निष्क्रिय कर सकते हैं।
- सही विकल्प चुनिए-
क. रोबोट हैं एक-
स्वचालित मजदूर
बँधुआ मजदूर
स्वचालित मशीन
मानव मशीन
ख. रोबोट की मैमोरी में भरे गए हैं-
स्पर्श के प्रति असंवेदनशीलता
अच्छे-बुरे की पहचान के नियम
मांसपेशियों की मज़बूती
विविध विचार और कल्पनाशीलता
ग. रोबोट अच्छा दोस्त साबित होगा जब-
हम उससे अच्छी तरह पेश आएँ।
जब हम उसकी भावनाएँ समझें।
जब हम उससे अच्छी तरह काम लें।
जब हम काम स्वयं करें।
घ. जासूसी के लिए तैयार रोबोट की तकनीक मिलती-जुलती है-
कृत्रिम माउस से
मधुमक्खी की आँखों से
कैमरे से
मशीन से
ङ रोबोट मूड समझने की कोशिश करता है-
भाव-भंगिमाएँ देखकर
स्पर्श के द्वारा
हाथ मिलाकर
गले लगाकर
भाषा-बोध (Language Skills)
- नीचे दिए गए वाक्यों में प्रयुक्त क्रियाओं को संयुक्त क्रिया में बदलिए-
क. प्रतिकूल परिस्थिति में इनसान काम नहीं करता। – कर पाता
ख. यह आपको डूबने से बचाएगा। → बचा पाएगा
ग. यह आपसे दोस्ती करेगा। → कर लेगा
घ. वैज्ञानिकों ने रोबोट बनाया। → बना दिया
ङ. इससे दूरी का अंदाजा लगेगा। → लग जाएगा
- अपठित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
विश्व प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक एल्बर्ट आइंसटाइन ने दुनिया को सत्य और अहिंसा का अमूल्य संदेश देनेवाले महात्मा गांधी को एक प्रबुद्ध व्यक्तित्व और आनेवाली पीढ़ियों के लिए ‘रोल मॉडल’ कहा। यद्यपि वे उनसे कभी मिल नहीं पाए पर गांधी और आइंस्टीन के बीच समय-समय पर पत्राचार होता रहता था। उन्होंने एक पत्र में लिखा- मैं मानता हूँ कि आपके विचार हमारे समय के सभी राजनीतिज्ञों में श्रेष्ठ हैं। हमें अपने उद्देश्यों को हासिल करने के लिए हिंसा का मार्ग नहीं अपनाना चाहिए। आइंसटाइन ने लिखा है, “राजनीतिक इतिहास में महात्मा गांधी के जीवन की उपलब्धियाँ अद्भुत हैं। गांधी ने मुक्ति युद्ध के बिलकुल अलग तरीके की खोज की और उसपर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अमल किया।” सापेक्षता के सिद्धांत के जनक ने लिखा, “सभ्यता पर उनके जीवन और नैतिक मूल्यों का प्रभाव समय के साथ बढ़ता जाएगा। नियति ने हमें ऐसा ज्ञानी और प्रबुद्ध समकालिक व्यक्तित्व दिया है जो आनेवाली पीढ़ियों के लिए रोल मॉडल (आदर्श) है।”
-‘जनसत्ता’ से साभार
क. आइंसटाइन ने किस प्रसिद्ध सिद्धांत का आविष्कार किया?
उत्तर – आइंस्टीन ने सापेक्षता के सिद्धांत (Theory of Relativity) का आविष्कार किया।
ख. आइंसटाइन गांधी जी के किस विचार से सबसे ज़्यादा प्रभावित थे?
उत्तर – आइंस्टीन गांधी जी के सत्य, अहिंसा और बिना हिंसा के उद्देश्यों को प्राप्त करने के मार्ग से प्रभावित थे।
ग. आइंसटाइन ने गांधी जी को नई पीढ़ियों का ‘रोल मॉडल’ क्यों कहा?
उत्तर – आइंसटाइन ने गांधी जी को नई पीढ़ियों का ‘रोल मॉडल’ कहा क्योंकि गांधी जी ने मुक्ति युद्ध का एक नया और नैतिक तरीका खोजा, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित कर सकता था।
घ. आइंसटाइन की कौन-सी इच्छा पूरी नहीं हो पाई थी?
उत्तर – आइंस्टीन गांधी जी से कभी मिल नहीं पाए, उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो पाई।
ङ आइंसटाइन और महात्मा गांधी एक-दूसरे से किस प्रकार संपर्क रखते थे?
उत्तर – वे समय-समय पर पत्राचार (पत्रों के माध्यम से) संपर्क रखते थे।
- नीचे दिए गए शब्दों के हिंदी पर्याय लिखिए- (Word Power)
जोखिम – खतरा
नतीजा – परिणाम,
तब्दील – परिवर्तित,
खुद – स्वयं,
बारीक – सूक्ष्म,
बुनियादी – मौलिक,
मदद – सहायता,
इस्तेमाल – उपयोग,
तलाश – खोज,
फ़र्क – अंतर,
रफ़्तार – गति,
इनसान – मनुष्य।
- विलोम शब्द लिखिए- (Word Power)
उपयोग X निरुपयोग
निर्माण x विनाश,
प्रतिकूल x अनुकूल,
सूक्ष्म x स्थूल,
आधार x निराधार,
सेवक x स्वामी।
- दिए गए विशेष्यों के साथ पाठ से ढूँढ़कर सही विशेषण लगाइए-
प्राकृतिक – आपदा
अत्याधुनिक – कैमरा,
3D – नक्शा,
कृत्रिम – माउस,
स्वचालित – मशीन,
प्रतिकूल – परिस्थितियाँ,
इनसानी – भावनाएँ,
बेजुबान – संकेत।
- ‘न’ और ‘नहीं’ का प्रयोग करते हुए वाक्य लिखिए-
क. तुम आज वहाँ न जाओ तो बेहतर होगा।
ख. तुम कल स्कूल आओगे न?
ग. आज बारिश नहीं हो रही है।
घ. रोबोट शारीरिक रूप से कभी थकता नहीं है।
- खाली स्थानों में क्रियाविशेषण भरकर उनके भेद भी लिखिए-
क. आज रोबोट ने इनसान को पीछे छोड़ दिया है। (स्थानवाचक)
ख. रोबोट अपने-आपको वातावरण में खुद-ब-खुद ढाल लेता है। (रीतिवाचक)
ग. यह हर तरह के काम को बड़ी आसानी से कर सकता है। (रीतिवाचक)
घ. यह अक्सर जादू की झप्पी भी देता है। (कालवाचक)
ङ. रोबोट एक दोस्त के रूप में पास आ जाएगा। (स्थानवाचक)
- नीचे लिखे वाक्यों में सही संबंधबोधक भरकर वाक्य पूरे कीजिए-
के बाहर, के कारण, के पास, से अधिक, से दूर
क. रोबोट इनसान से अधिक कार्य कर सकता है।
ख. मेरे घर के पास एक पुस्तकालय है।
ग. रोबोट रूंबा के कारण घर साफ़-सुथरा रहता है।
घ. बच्चे बिजली की तारों से दूर रहें।
ङ. रोबोट कमरे के बाहर बैठा निगरानी कर रहा है।
जीवन कौशल एवं मूल्य (Life Skills and Values)
कल्पना की उड़ान अनंत है। वास्तव में वैज्ञानिकों की कल्पनाओं ने ही संसार को चकित करने वाले आविष्कार दिए हैं। आसमान में हवाई जहाज़ का उड़ना, अंतरिक्ष यान का चाँद पर पहुँचना, इनसान के स्थान पर रोबोट का काम करना आदि मनुष्य की कल्पना-शक्ति का ही परिणाम है। कवि, कहानीकार आदि भी अपनी कल्पना-शक्ति के कारण ही साहित्य-सृजन करने में सफल रहते हैं। क्या आपने अपनी कल्पना से कोई कहानी या कविता लिखी है?
मन का पंछी
बंद आँखों में जो एक ख़्वाब पलता है,
वही कल के नए अविष्कारों में ढलता है।
कभी उड़ते परिंदों को देख ‘विमान’ बना,
कभी तैरती मछली से ‘जलयान’ बना।
काग़ज़ की नाव से जो सफ़र शुरू हुआ था,
आज सितारों को छूने का जुनून बना है।
मशीनी हाथों में जब इनसानी सोच आई,
तभी तो विज्ञान ने ‘रोबोट’ को जना है।
याद रखें …
कल्पना की उड़ान का कोई छोर नहीं होता,
बिना सोचे कभी नया भोर नहीं होता।
चाहे शब्द हों कवि के या वैज्ञानिक का यंत्र,
कल्पना ही है हर प्रगति का मूल मंत्र।
मेरी एक छोटी ‘कल्पना-कथा‘ –
कल्पना कीजिए कि एक दिन समुद्र की लहरें संगीत सुनाने लगें और उन तरंगों को बिजली में बदलने के लिए एक ऐसा रोबोट बनाया जाए जो केवल धुन सुनकर ऊर्जा पैदा करे। यह आज एक कहानी लग सकती है, लेकिन जैसा कि आपने कहा, कल का आविष्कार आज की कल्पना ही तो है!
रचनात्मक गतिविधियाँ (Creative Activities)
अपने मुख से (Oral Expression)
मशीनों ने इनसान को विकलांग बना दिया है-विषय पर वाद-विवाद आयोजित कीजिए।
विषय – मशीनों ने इंसान को विकलांग बना दिया है
पक्ष (मशीनों का दुष्प्रभाव) – मशीनों की अत्यधिक निर्भरता ने मनुष्य को शारीरिक और मानसिक रूप से सुस्त बना दिया है। पहले जिन कार्यों के लिए हम पैदल चलते थे या शारीरिक श्रम करते थे, अब वे एक बटन दबाते ही हो जाते हैं। इससे मोटापा, मधुमेह और हृदय रोगों जैसी ‘लाइफस्टाइल’ बीमारियाँ बढ़ गई हैं। हमारी याददाश्त और गणना करने की क्षमता भी कम हो गई है क्योंकि हम अब जीपीएस और कैलकुलेटर के गुलाम हैं। मशीनों ने हमें सुविधा तो दी, लेकिन हमारी नैसर्गिक क्षमता छीनकर हमें एक ‘सक्षम विकलांग’ बना दिया है।
विपक्ष (मशीनों का लाभ) – मशीनों को विकलांगता नहीं, बल्कि ‘मानवीय क्षमताओं का विस्तार’ कहना उचित होगा। मशीनों के कारण ही आज हम जटिल सर्जरी कर पा रहे हैं, अंतरिक्ष तक पहुँच पाए हैं और भारी औद्योगिक कार्य मिनटों में कर रहे हैं। इन्होंने हमारा समय बचाया है, जिसका उपयोग हम कला, शोध और रचनात्मकता में कर सकते हैं। यदि मशीनें न होतीं, तो आज भी इंसान बुनियादी अस्तित्व के संघर्ष में ही उलझा रहता। मशीनें हमें विकलांग नहीं, बल्कि अधिक शक्तिशाली बनाती हैं।
अपनी कलम से (Creative Writing)
कंप्यूटर और रोबोट में क्या समानताएँ और असमानताएँ हैं? इस विषय पर एक लेख तैयार कीजिए।
कंप्यूटर और रोबोट दोनों ही इलेक्ट्रॉनिक मस्तिष्क (CPU) पर चलते हैं। समानता यह है कि दोनों डेटा को प्रोसेस करते हैं और प्रोग्राम के अनुसार चलते हैं। असमानता यह है कि कंप्यूटर केवल डिजिटल काम करता है और स्थिर रहता है, जबकि रोबोट भौतिक रूप से चल-फिर सकता है और बाहरी वातावरण के साथ शारीरिक क्रियाएं (जैसे सामान उठाना) कर सकता है।
अपनी कल्पना से (From my Imagination)
यदि प्रत्येक घर में रोबोट हो तो दुनिया कैसी होगी? अपने विचार लिखिए।
यदि प्रत्येक घर में रोबोट हो, तो जीवन अत्यंत सुविधाजनक हो जाएगा। थकान और बोरियत भरे काम रोबोट करेंगे, जिससे इनसानों के पास रचनात्मक कार्यों और परिवार के लिए अधिक समय होगा। हालाँकि, इससे इनसान शारीरिक रूप से आलसी भी हो सकते हैं और मानवीय रिश्तों में वह गर्माहट कम हो सकती है जो प्रत्यक्ष बातचीत से आती है।
परियोजना कार्य (Project Work)
‘विज्ञान, वरदान या अभिशाप’- इस विषय पर कोलाज तैयार कीजिए। अपनी कल्पना के आधार पर लगभग 150 शब्दों में एक लेख लिखिए।
छात्र इसे अपने स्तर पर करेंगे।

