Author - हिंदीभाषा

Meri Rachnayen

उद्यम करो उद्यम….

छात्र चाहे कक्षा में आए सदा-सदा प्रथम शिक्षक ने फिर दी सलाह उद्यम करो उद्यम! युवा चाहे माया आए...

Meri Rachnayen

ऐसा भी होता है…

“हमको आपको भइया नहीं कहना चाहिए था!”, एक साँवली किंतु लावण्य से भरी महिला ने मुझसे आकर कहा। मैं कुछ...

Meri Rachnayen

आत्म सम्मान….

भावना सम्मान की जब, खुद के प्रति जागती है, तब ही मनुज के कर्म में, निरंतर शुचिता ताकती है।  ...

Meri Rachnayen

दिल की बात…

देख, मुझसे यह न कहना अब कि,हम बस दोस्त बनकर रह सकते हैं।मेरी आँखों के सामनेतू किसी और की हो जाए,यह...

Meri Rachnayen

उसका अंतर्मन

उसके रूप-लावण्य पर मैं मोहित न हुआ, मैं सम्मोहित हुआ उसके अंतस की पवित्रता से। अंग-प्रत्यंगों में...

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