कविश्री रवीन्द्रनाथ ठाकुर सांप्रदायिक एकता के कट्टर समर्थक कलकत्ते थे। परंतु दुर्भाग्यवश जिन दिनों...
Author - हिंदीभाषा
रवीन्द्रनाथ की भिक्षा
बात सन् 1936 की है। कविवर रवीन्द्रनाथ का स्वास्थ्य ठीक नहीं था और डॉक्टरों ने उन्हें पूर्ण आराम...
रविशंकर महाराज
काठियावाड़ में रविशंकर महाराज ने ठाकुरों से शराब नहीं पीने की प्रतिज्ञाएँ करवाई तो एक ठाकुर ने कहा...
रविशंकर महाराज के पिता की मृत्यु
कष्ट का अनुभव किए बिना काम करने की कला मेरे पिताजी में थी। पंद्रह-बीस मील पैदल चलना उनके लिए साधारण...
रविशंकर महाराज का ज्ञान
रविशंकर महाराज एक शाम को किसी स्टेशन पर उतरे, तो एक परिचित लड़के से अचानक उनकी मुलाकात हो गई। लड़के...
मुनि नागसेन
एक बार राजा मिलिन्द ने नागसेन से पूछा – “भंते, संसार में क्या ऐसे भी लोग हैं, जो मरणोपरांत...
माघ कवि
संस्कृत के महाकवि माघ एक दिन घर बैठे अपने काव्य का नवम सर्ग लिख रहे थे, तभी अवंतिका से एक दरिद्र...
महाप्रभु चैतन्य की इच्छा
आरती की पावन बेला थी। रव और शंखनाद से भगवान जगन्नाथ का मंदिर गुंजरित था। नित्य की भाँति महाप्रभु...
महात्मा सुकरात का ज्ञान
जब मुकरात जेल में विष का प्याला पीकर मरने को ही थे, एक शिष्य ने पूछा – “प्रभो, आपको नहलाकर...
महात्मा गांधी और मोतीलालजी
पूना – अस्पताल में महात्माजी का ‘आपरेशन’ हुआ था। स्वर्गीय मोतीलालजी उनसे मिलने गए और बातों...

