कष्ट का अनुभव किए बिना काम करने की कला मेरे पिताजी में थी। पंद्रह-बीस मील पैदल चलना उनके लिए साधारण...
Author - हिंदीभाषा
रविशंकर महाराज का ज्ञान
रविशंकर महाराज एक शाम को किसी स्टेशन पर उतरे, तो एक परिचित लड़के से अचानक उनकी मुलाकात हो गई। लड़के...
मुनि नागसेन
एक बार राजा मिलिन्द ने नागसेन से पूछा – “भंते, संसार में क्या ऐसे भी लोग हैं, जो मरणोपरांत...
माघ कवि
संस्कृत के महाकवि माघ एक दिन घर बैठे अपने काव्य का नवम सर्ग लिख रहे थे, तभी अवंतिका से एक दरिद्र...
महाप्रभु चैतन्य की इच्छा
आरती की पावन बेला थी। रव और शंखनाद से भगवान जगन्नाथ का मंदिर गुंजरित था। नित्य की भाँति महाप्रभु...
महात्मा सुकरात का ज्ञान
जब मुकरात जेल में विष का प्याला पीकर मरने को ही थे, एक शिष्य ने पूछा – “प्रभो, आपको नहलाकर...
महात्मा गांधी और मोतीलालजी
पूना – अस्पताल में महात्माजी का ‘आपरेशन’ हुआ था। स्वर्गीय मोतीलालजी उनसे मिलने गए और बातों...
महर्षिजी की शिक्षा
एक घोर वेश्यागामी युवक को उसके हितैषी मित्र महर्षिजी के पास लाए कि इसे सत्पथ पर ले आइए। महर्षिजी ने...
बापू का अनशन
आजादी मिलने के बाद, कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली नगर में बापू का सौंपा हुआ कोई काम कर रहे थे। उन...
बापू और कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी
एक व्यक्ति गांधीजी के परम भक्त थे। बहुत से अनुयायियों की अपेक्षा उनके अत्यंत समीप भी थे। वे विवाहित...

