‘साकेत‘ के चयनित अंश अष्टम सर्ग निज सौध सदन में उटज पिता ने छाया,मेरी कुटिया में राज...
Author - हिंदीभाषा
यशोधरा – चयनित अंश – व्याख्या सहित, मैथिलीशरण गुप्त
यशोधरा – चयनित अंश सिद्धि हेतु स्वामी गए, यह गौरव की बात,पर चोरी-चोरी गए, यही बड़ा व्याघात,सखि, वे...
‘पंथ होने दो अपरिचित’ महादेवी वर्मा
पंथ होने दो अपरिचित पंथ होने दो अपरिचित प्राण रहने दो अकेला !घेर ले छाया अमा बन,आज कज्जल-अश्रुओं...
‘सब बुझे दीपक जला लूँ’ महादेवी वर्मा
सब बुझे दीपक जला लूँ सब बुझे दीपक जला लूँघिर रहा तम आज दीपक-रागिनी अपनी जगा लूँ!क्षितिज कारा तोड़...
‘चिर सजग आँखें उनींदी’ महादेवी वर्मा
चिर सजग आँखें उनींदी चिर सजग आँखें उनींदी आज कैसा व्यस्त बाना!जाग तुझको दूर जाना!अचल हिमगिरि के...
‘र’ के विभिन्न रूप
‘र’ के विभिन्न रूप‘र’ एक व्यंजन वर्ण है। उच्चारण की दृष्टि से यह लुंठित व्यंजन ध्वनि है।हिंदी भाषा...
सघोष (Voice/Voiced) और अघोष Voiceless/Devoiced व्यंजन
सघोष (Voice/Voiced) और अघोष Voiceless/Devoiced व्यंजन श्वास नलिका के ऊपरी भाग में ध्वनि उत्पन्न...
अल्पप्राण Un-aspirate और महाप्राण Aspirate Dhwaniya
अल्पप्राण Un-aspirate और महाप्राण Aspirateश्वास (प्राण/वायु) की मात्रा के आधार पर वर्ण-भेदउच्चारण...
‘मैं नीर भरी दुख की बदली’ महादेवी वर्मा
मैं नीर भरी दुख की बदली मैं नीर भरी दुख की बदली!स्पंदन में चिर निस्पंद बसा,क्रंदन में आहत विश्व...
‘यह मंदिर का दीप’ महादेवी वर्मा
यह मंदिर का दीपयह मंदिर का दीप इसे नीरव जलने दो!रजत शंख-घड़ियाल स्वर्ण वंशी-वीणा-स्वर,गए आरती वेला...

