Author - हिंदीभाषा

Prerak Prasang

गांधीजी की अहिंसा

एक दिन गांधीजी ने यरवदा जेल में अपने एक साथी से कहा- आज रात मुझे बड़ी देर तक नींद नहीं आई। में सोने...

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गांधीजी की सेवा

जाड़े के दिन थे। गांधीजी सेवाग्राम स्थित अपने आश्रम की गोशाला में पहुँचे। गायों की पीठ पर हाथ फेरा...

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गुरुदेव और अभय

एक दिन गुरुदेव प्रातः टहलने निकल पड़े। साथ में उनका प्रिय शिष्य अभय भी चल दिया। मार्ग में यत्र-तत्र...

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काका कालेलकर और मौन

जब मैं हिमालय में था, तब मेरे पड़ोस की एक कुटिया में रहने वाला एक साधक ब्रह्मचारी मुझसे हमेशा कहता...

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दादा धर्माधिकारी

एक बार आदिवासियों के एक गाँव में जाने का प्रसंग आया। मेरे लिए पास की एक झोंपड़ी में एक खाट डाल रखी...

Prerak Prasang

ईसा मसीह और जेकस

जेकस जितना धनी था, उतना ही अनाचारी भी था। जब वह टैक्स वसूली के लिए निकलता, तो नगर निवासी उसकी...

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