Author - हिंदीभाषा

Prerak Prasang

सब कर्मों का फल है

एक बार देवर्षि नारद अपने शिष्य तुम्बुरु के साथ कही जा रहे थे गर्मियों के दिन थे एक प्याऊ से...

Prerak Prasang

स्वर्ग और नरक

एक युवक था। वह बंदूक और तलवार चलाना सीख रहा था। इसलिए वह यदा-कदा जंगल जाकर खरगोश, लोमड़ी और...

Prerak Prasang

गाली के बदले प्यार

कर्णवास का एक पंडित महर्षि दयानंद सरस्वती को प्रतिदिन गालियाँ दिया करता था, पर महर्षि शांत भाव से...

Prerak Prasang

कर्तव्य

विश्वविजित होने का स्वप्न देखने वाले सिकंदर और उनके गुरु अरस्तू एक बार घने जंगल में कहीं जा रहे थे।...

Prerak Prasang

विवेक

यूनान के प्रसिद्ध दार्शनिक सुकरात एक बार अपने शिष्यों के साथ चर्चा में मग्न थे। उसी समय एक ज्योतिष...

Prerak Prasang

सच्चा देशभक्त

महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के काटलुक गाँव में एक प्राईमरी स्कूल था। कक्षा चल रही थी। अध्यापक ने...

Prerak Prasang

दूध और खून

एक बार नानकदेव “लालो बढ़ई” के घर गए। उस गाँव में एक धनाढ्य व्यक्ति रहता था जिसका नाम “मालिक भागो”...

Prerak Prasang

सज्जन और दुर्जन

एक बार नानकदेव एक गाँव में गए। साथ में उनके शिष्य मरदाना भी थे। उस गाँव के लोग नास्तिक विचारधारा के...

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