एक बार बुद्धदेव पाटलिपुत्र गए। राजा बिम्बिसार और नगरवासियों ने अपनी क्षमतानुसार उन्हें कीमती हीरे...
Author - हिंदीभाषा
ममत्व की जड़ें बड़ी गहरी होती हैं
राजा भर्तृहरि बारह वर्ष के बाद अपने जन्म-स्थान गए। वहाँ किसी ने उन्हें पहचाना नहीं। रात में एक...
खुदी को मिटा दो – मुक्त हो जाओगे
एक सेठ था। वह रुपये कर्ज पर देने का व्यापार करता था। किसी गरजमंद शख्स ने उससे कई बार कई मदों में...
शरीर सराय की तरह है
एक फकीर ऋषिकेश में गंगा किनारे नंगे बदन बैठा था। उनकी जाँघ में एक जबर्दस्त फोड़ा हो गया था। उसमें...
करुणा
एक बार बुद्धदेव कहीं जा रहे थे। रास्ते में एक चरवाहा अपनी भेड़-बकरियों के झुंड को लिए जा रहा...
जगत् को अंदर से छोड़कर पकड़े रहो !
किसी राज्य का राजा मर गया था। उसकी गद्दी के लिए लोगों के बीच झगड़ा मचा हुआ था। कोई एक को राजा बनाना...
मन से भगवान का चिंतन करो।
एक मुसलमान सबेरे उठकर मस्जिद में बाँग दे रहा था- “अल्लाह, बिस्मिल्लाह...
सच्चा पतिव्रत-धर्म
एक ‘शांडिली’ नाम की औरत अपने पति कौशिक ब्राह्मण की अनन्य प्रेमी थी। उसका पति बड़ा दुराचारी था उसके...
ज्ञानी और अज्ञानी मैं फर्क
एक राजा था। उसने अपने गुरु महाराज को राजसी ठाट-बाट के साथ आलीशान बंगले में ठहराया था। गुरु महाराज...
मालिक और मौत को सदा याद रखो
एक बार एक व्यक्ति संत एकनाथ जी के पास आया और बोला, “महाराज, आपका जीवन कितना आनंदमय है जो आप...

