Author - हिंदीभाषा

Prerak Prasang

जूठा अनार

एक बार बुद्धदेव पाटलिपुत्र गए। राजा बिम्बिसार और नगरवासियों ने अपनी क्षमतानुसार उन्हें कीमती हीरे...

Prerak Prasang

शरीर सराय की तरह है

एक फकीर ऋषिकेश में गंगा किनारे नंगे बदन बैठा था। उनकी जाँघ में एक जबर्दस्त फोड़ा हो गया था। उसमें...

Prerak Prasang

करुणा

एक बार बुद्धदेव कहीं जा रहे थे। रास्ते में एक चरवाहा अपनी भेड़-बकरियों के झुंड  को लिए जा रहा...

Prerak Prasang

सच्चा पतिव्रत-धर्म

एक ‘शांडिली’ नाम की औरत अपने पति कौशिक ब्राह्मण की अनन्य प्रेमी थी। उसका पति बड़ा दुराचारी था उसके...

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