एक बार श्री समर्थ रामदास जी सतारा जाने के कम में बीच में देहेगाँव में रुके। साथ में उनके शिष्य...
Author - हिंदीभाषा
क्रोध अस्पृश्यता है
एक बार बुद्धदेव अपने शिष्यों सहित सभा में विराजमान थे। शिष्यगण उन्हें काफी देर से मौन देखकर चिंतित...
फकीरों की दुनिया
एक अवधूत महात्मा छह दिनों के भूखे थे श्मशान में पिंडदान के आटे को इकट्ठा करके उन्होंने चार टिक्कड़...
दया- भाव
एक बार संत एकनाथ जी काशी से रामेश्वरम् की यात्रा कर रहे थे। उस समय गर्मी का दिन था। आस-पास पानी...
‘मलूकदास’
किसी गाँव में एक संत आए। रात्रिकाल में कुछ ग्रामीण उनके निकट सत्संगलाभ करने के लिए इकट्ठे हुए।...
मन को शुद्ध करो
एक बार श्री समर्थ रामदास जी भिक्षा माँगते हुए एक घर के सामने खड़े हुए और उन्होंने आवाज लगाई ‘जय-जय...
विचार में समझौता नहीं
विनोबा जी के आश्रम में एक बार एक राजनीतिक नेता आए थे, जो विनोबा के परम मित्र थे। वे चुनाव में खड़े...
सच्चे श्रोता
सप्त सरोवर स्थित स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज के पंडाल में संत सम्मेलन हो रहा या। पंडाल गैरिक...
धन्यवाद के अधिकारी
एक बार संत एकनाथ गोदावरी से स्नान करके लौट रहे थे। गली में एक मुसलमान रहता या जो हिंदू साधुओं को...
सच्चा परिव्राजक
एक बार गौतम बुद्ध के शिष्य वाणिक ने उनसे सुरापरान्त नामक प्रान्त में धर्म-प्रचार की आज्ञा माँगी।...

