यदि बीसवीं सदी का पूर्वार्द्ध विद्युत् युग था तो उसका उत्तरार्द्ध अणु युग है, मानव समाज दीर्घ काल...
Author - हिंदीभाषा
राष्ट्र-निर्माण या ग्रामोत्थान
जब तक देश परतंत्र था, तब तक अंग्रेज सरकार का ध्यान केवल शासन और देश के शोषण की ओर रहा। वह भारतीय...
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत में नए कर
किसी देश की विकास योजनाओं को पूर्ण करने के लिए जहाँ अनुभव, परिश्रम, उत्साह और उमंग की आवश्यकता होती...
सिनेमा और समाज 50 साल पहले
किसी समय बहुत थोड़े से बड़े-बड़े शहरों में सिनेमा की अंग्रेजी तस्वीरें दिखाई जाती थीं और सिर्फ...
विद्यार्थी और राजनीति
प्राचीन शास्त्रकारों ने हमारे जीवन को चार भागों में बाँटा है – ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ...
सह-शिक्षा
सह-शिक्षा का अर्थ है एक कक्षा में, एक कमरे में छात्रों और छात्राओं की एक साथ पढ़ाई। भारत में इसका...
भारत की सामाजिक समस्याएँ
मनुष्य के जन्म के साथ विभिन्न समस्याएँ भी उत्पन्न होती हैं। प्रारंभ में समस्याएँ व्यक्तिगत होती हैं...
मद्यनिषेध एक सामाजिक आवश्यकता
‘मद्यनिषेध’ शब्द में ‘निषेध’ जुड़ा है जिसका अर्थ मना करना, प्रतिबंध लगाना...
शक्तियों का ध्रुवीकरण और भारत
मानव-सृष्टि परिवर्तित होती रहती है, इससे संबंधित सभी वस्तुएँ, धारणाएँ भी बदलती हैं। नब्बे के दशक तक...
नए कानून व हिंदू नारी
कुटुम्ब व विवाह की प्रथा मानव को शांति, उन्नति और आनंद देने तथा समाज के भली-भाँति विकास के लिए बनाई...

