Class VIII, Amrai, Pashchimi Odisha Ki Mother Teresa: Parvati Giri (Biography) – Varsha Saxena, ICSE Board, The Best Solutions

कुछ करके सीखिए

‘हमें देश के लिए कुछ करना होगा’ इस पंक्ति के आधार पर तुक मिलाते हुए चार पंक्तियों की रचना कीजिए और कक्षा में सुनाइए।

हमें देश के लिए कुछ करना होगा,

संकल्पों की मशालों को भरना होगा।

मिटाकर मन से स्वार्थ और लोभ को,

अब अपने देशहित हेतु लड़ना होगा।

पश्चिमी ओड़िशा की मदर टेरेसा  – पार्वती गिरी – पाठ का सारांश  

वर्षा सक्सेना द्वारा लिखित लेख ‘पश्चिमी ओड़िशा की मदर टेरेसा  – पार्वती गिरी’ एक ऐसी महान वीरांगना की जीवन-गाथा है, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश की स्वतंत्रता और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

  1. जन्म और प्रारंभिक प्रेरणा

पार्वती गिरी का जन्म 19 जनवरी, 1926 को ओड़िशा के संबलपुर जिले के एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता धनंजय गिरी एक साधारण व्यक्ति थे, लेकिन उनके चाचा रामचंद्र गिरी एक प्रसिद्ध कांग्रेसी नेता थे। बचपन से ही पार्वती पर अपने चाचा की देशभक्तिपूर्ण बातों का गहरा प्रभाव पड़ा।

  1. शिक्षा का त्याग और स्वतंत्रता संग्राम में प्रवेश

सन् 1937 में, जब पार्वती मात्र तीसरी कक्षा की छात्रा थीं, उन्होंने अपने गाँव में कांग्रेस की एक बैठक में भाग लिया। वहाँ स्वतंत्रता सेनानियों के जुनून को देखकर 11 वर्ष की नन्हीं पार्वती ने स्कूल छोड़ने और देश की आज़ादी के लिए लड़ने का कठिन निर्णय लिया। उन्होंने गाँव-गाँव जाकर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना शुरू कर दिया।

  1. आत्मनिर्भरता और प्रशिक्षण

उस दौर में जब महिलाओं का घर से बाहर निकलना वर्जित था, पार्वती गिरी ने जयपुर (ओड़िशा) स्थित एक आश्रम में जाकर रमा देवी चौधरी के सान्निध्य में प्रशिक्षण प्राप्त किया। वहाँ उन्होंने आत्मनिर्भर बनना सीखा। वापस आकर उन्होंने ग्रामीणों को चरखा चलाना, कपड़ा बुनना और स्वच्छता के महत्त्व को समझाया। उन्होंने महात्मा गांधी के खादी आंदोलन और विनोबा भावे के भूदान आंदोलन में भी सक्रिय भागीदारी की।

  1. बरगढ़ की ऐतिहासिक घटनाएँ

पार्वती गिरी के साहस के दो प्रमुख किस्से प्रसिद्ध हैं –

एसडीओ ऑफिस की घटना – वे अपने साथियों के साथ बरगढ़ के एसडीओ ऑफिस में घुस गईं और विरोध स्वरूप अधिकारी की कुर्सी पर बैठ गईं। इस कारण उन्हें दो वर्ष जेल की सजा काटनी पड़ी।

अदालत का त्याग – जेल से आने के बाद उन्होंने वकीलों से अंग्रेजों का विरोध करने की अपील की। जब कुछ वकील टस से मस नहीं हुए, तो उन्होंने अपनी चूड़ियाँ उतारकर उनके हाथों में रख दीं। उनके इस साहसी कदम ने वकीलों को शर्मिंदा कर दिया।

  1. आज़ादी के बाद समाज सेवा

1947 में आज़ादी मिलने के बाद, पार्वती रुकी नहीं।

शिक्षा – 1950 में उन्होंने प्रयाग महिला विद्यापीठ (इलाहाबाद) से अपनी पढ़ाई पूरी की।

स्वास्थ्य और कल्याण – उन्होंने स्वास्थ्य और स्वच्छता के अमेरिकी प्रोजेक्ट में काम किया।

आश्रम की स्थापना – अनाथ बच्चों और महिलाओं के लिए उन्होंने ‘कस्तूरबा गांधी मातृ निकेतन’ और ‘डॉ. संतरा बाल निकेतन’ जैसे आश्रम खोले। वे उन बच्चों की माँ बन गईं जिनका कोई नहीं था।

जेल सुधार – उन्होंने जेलों की अस्वच्छ और खराब स्थिति की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

  1. ओड़िशा की मदर टेरेसा

जनता के प्रति उनके अपार प्रेम, सेवा भाव और अनाथों को सहारा देने के कारण उन्हें ‘ओड़िशा की मदर टेरेसा’ के नाम से ख्याति मिली। 18 अगस्त, 1995 को लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया।

निष्कर्ष

पार्वती गिरी का जीवन सत्य, साहस और त्याग का प्रतीक है। गांधीवादी विचारधारा पर चलने वाली इस वीरांगना ने न केवल भारत को स्वतंत्र कराने में योगदान दिया, बल्कि आज़ाद भारत को श्रेष्ठ बनाने के लिए अपनी अंतिम साँस तक समाज सेवा की।

 

 

मौखिक (बोध प्रश्न)

पार्वती गिरी का जन्म कहाँ हुआ?

उत्तर – पार्वती गिरी का जन्म 19 जनवरी, 1926 को ओड़िशा राज्य के संबलपुर जिले के एक छोटे से गाँव में हुआ था।

गाँव में हुई कांग्रेस सदस्यों की बैठक में किन प्रसिद्ध नेताओं ने भाग लिया था?

उत्तर – सन् 1937 में हुई उस बैठक में दुर्गा प्रसाद गुरु, लक्ष्मी नारायण मिश्र और भागीरथी पटनायक जैसे प्रसिद्ध नेताओं ने भाग लिया था।

 

मौखिक (बोध प्रश्न)

रमा देवी के पास पार्वती गिरी ने क्या सीखा?

उत्तर – रमा देवी के सान्निध्य में पार्वती गिरी ने आत्मनिर्भर बनना सीखा और वे सभी हुनर सीखे जिससे एक महिला स्वावलंबी बन सके।

गाँववालों को पार्वती ने क्या-क्या सिखाया?

उत्तर – पार्वती ने गाँववालों को चरखा चलाना, कपड़ा बुनना, एकजुट होना और आत्मनिर्भर बनने के तरीके सिखाए। साथ ही उन्हें स्वच्छता और उत्तम स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया।

बरगढ़ की घटना के लिए पार्वती गिरी को कितने वर्ष की सजा हुई?

उत्तर – बरगढ़ के एसडीओ ऑफिस वाली घटना के कारण पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार किया और सजा के रूप में उन्हें दो वर्ष जेल में बिताने पड़े।

 

मौखिक (बोध प्रश्न)

पार्वती गिरी ने किन लोगों की मदद के लिए आश्रम खोले?

उत्तर – पार्वती गिरी ने महिलाओं एवं अनाथ बच्चों की मदद के लिए ‘कस्तूरबा गांधी मातृ निकेतन’ और ‘डॉ. संतरा बाल निकेतन’ नाम से आश्रम खोले।

प्यार से लोगों ने उन्हें क्या कहना शुरू कर दिया?

उत्तर – उनकी नि:स्वार्थ सेवा और जन-कल्याण के कार्यों के कारण लोगों ने उन्हें प्यार से ‘ओड़िशा की मदर टेरेसा’ कहना शुरू कर दिया।

 

शब्दार्थ (Word Meaning)

1 – वीरांगना – वीर स्त्री – Brave woman / Heroine

2 – योगदान – सहायता या सहयोग – Contribution

3 – सीमित – एक दायरे के भीतर – Limited

4 – अहम – महत्त्वपूर्ण – Important / Crucial

5 – ओत-प्रोत – पूरी तरह भरा हुआ – Imbued / Saturated

6 – जुनून – पागलपन या तीव्र इच्छा – Passion / Obsession

7 – त्याग – छोड़ देना – Sacrifice / Renunciation

8 – प्रण – प्रतिज्ञा – Vow / Pledge

9 – जागरूक – सचेत – Aware

10 – एकत्र – इकट्ठा करना – Collect / Gather

11 – आमंत्रित – बुलाया गया – Invited

12 – इनकार – मना करना – Refusal / Denial

13 – मोड़ – बदलाव का बिंदु – Turning point

14 – इजाजत – अनुमति – Permission

15 – प्रेरणा – उत्साह बढ़ाना – Inspiration

16 – सान्निध्य – निकटता या साथ – Proximity / Presence

17 – आत्मनिर्भर – अपने ऊपर निर्भर – Self-reliant

18 – संचालन – चलाना या प्रबंध करना – Operation / Management

19 – उज्ज्वल – चमकदार या साफ़ – Bright / Radiant

20 – सहमत – राजी होना – Agree

21 – पड़ाव – रुकने का स्थान – Halt / Stage

22 – विरोध – खिलाफ होना – Protest / Opposition

23 – तेवर – मिजाज या रुख – Attitude / Mood

24 – गिरफ़्तार – बंदी बनाना – Arrested

25 – प्रताड़ना – कष्ट देना – Torture / Harassment

26 – अपील – प्रार्थना या निवेदन – Appeal / Request

27 – समर्थन – साथ देना – Support

28 – बोध – ज्ञान या समझ – Realization / Knowledge

29 – तत्पर – तैयार – Ready / Prompt

30 – बेहतरी – सुधार – Improvement / Betterment

31 – स्वच्छता – सफ़ाई – Cleanliness / Hygiene

32 – अथाह – बहुत गहरा या असीमित – Immense / Bottomless

33 – विचलित – मार्ग से भटकना – Distracted / Deviated

34 – न्योछावर – समर्पित करना – Devote / Sacrifice

35 – श्रेष्ठ – सबसे अच्छा – Superior / Excellent

36 – अनाथ – जिसके माता-पिता न हों – Orphan

37 – आकर्षित – ध्यान खींचना – Attracted

38 – व्यवस्था – प्रबंध – Arrangement

39 – नाराज़ – गुस्सा – Angry

40 – निवासी – रहने वाला – Resident

41 – दोहराना – फिर से कहना – Repeat

42 – अंतिम – आखिरी – Last / Final

43 – लक्ष्य – उद्देश्य – Goal / Objective

44 – नाबालिग – कम उम्र का – Minor

45 – जबरन – जबरदस्ती – Forcibly

46 – प्रसिद्धि – मशहूरी – Fame

47 – साधारण – सामान्य – Simple / Ordinary

48 – अहम – खास – Vital

49 – हर संभव – जितना हो सके – Every possible

50 – निश्चय – इरादा – Determination

51 – निकेतन – घर या आश्रय – Abode / Home

52 – दृष्टिकोण – देखने का नज़रिया – Perspective

 

लिखित

  1. एक वाक्य में उत्तर लिखिए-

क. पार्वती गिरी कहाँ की रहने वाली थीं? ओड़िशा

उत्तर – पार्वती गिरी ओड़िशा राज्य के संबलपुर जिले के एक छोटे से गाँव की रहने वाली थीं।

ख. पार्वती के कामों से खुश होकर कांग्रेस की बैठक के नेताओं ने क्या प्रयास किया?

उत्तर – नेताओं ने पार्वती को कांग्रेस पार्टी का सदस्य बनाने का प्रयास किया।

ग. किसके सान्निध्य में पार्वती गिरी और प्रभावती आत्मनिर्भर बन सकीं?

उत्तर – पार्वती गिरी और प्रभावती रमा देवी चौधरी के सान्निध्य में आत्मनिर्भर बन सकीं।

घ. पार्वती गिरी ने कौन-से आंदोलनों में भाग लिया?

उत्तर – उन्होंने महात्मा गांधी के खादी आंदोलन और विनोबा भावे के भूदान आंदोलन में भाग लिया।

ङ. पार्वती गिरी के अनुसार शिक्षा के माध्यम से हमें किसका बोध होता है?

उत्तर – उनके अनुसार शिक्षा के माध्यम से हमें अपने अधिकारों का बोध होता है।

 

  1. विस्तार से प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

क. कांग्रेस की बैठक के बाद से ही पार्वती गिरी किससे प्रभावित थीं और उन्होंने क्या किया?

उत्तर – पार्वती गिरी अपने चाचा रामचंद्र गिरी की देशभक्तिपूर्ण बातों और कांग्रेस बैठक में आए नेताओं के आज़ादी के प्रति जुनून से प्रभावित थीं। उन्होंने मात्र 11 वर्ष की आयु में विद्यालय छोड़ने का निर्णय लिया और प्रण लिया कि वे भारतमाता की आज़ादी के लिए हर संभव प्रयास करेंगी।

ख. आत्मनिर्भर बनने के पश्चात् पार्वती गिरी ने गाँव आकर क्या कार्य किया?

उत्तर – गाँव लौटकर उन्होंने लोगों को आज़ादी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चरखा चलाना और कपड़ा बुनना सिखाया। साथ ही उन्होंने लोगों को एकजुट किया और उन्हें आंदोलन में भाग लेने के लिए सहमत किया।

ग. बरगढ़ की घटनाक्या थी?

उत्तर – बरगढ़ की घटना में पार्वती गिरी कुछ साथियों के साथ एसडीओ ऑफिस में घुस गईं, ब्रिटिश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जबरन एसडीओ की कुर्सी पर बैठ गईं। इस तेवर के कारण उन्हें गिरफ्तार कर दो वर्ष जेल की सजा दी गई।

घ. शिक्षा ग्रहण पर पार्वती गिरी के क्या विचार थे?

उत्तर – उनका मानना था कि शिक्षा ग्रहण करने से हमें अपने अधिकारों का बोध होता है और अधिकारों को पाने के लिए हम एक सही रास्ता चुन पाते हैं। इसीलिए आज़ादी के बाद उन्होंने अपनी रुकी हुई पढ़ाई पूरी की।

ङ. शिक्षा पूर्ण होने के पश्चात् पार्वती गिरी ने कौन-कौन से कार्यों में योगदान दिया?

उत्तर – पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने गाँवों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए काम किया। उन्होंने महिलाओं और अनाथ बच्चों के लिए ‘कस्तूरबा गांधी मातृ निकेतन’ और ‘डॉ. संतरा बाल निकेतन’ आश्रम खोले। उन्होंने जेलों की अस्वच्छ स्थिति की ओर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

च. लोगों ने पार्वती गिरी को ओड़िशा की मदर टेरेसाक्यों कहा?

उत्तर – आज़ादी के लिए उनके अहम योगदान, अनाथ बच्चों की माँ बनकर उनकी सेवा करने और भारतीय जनता के प्रति उनके अथाह प्रेम व सेवाभाव के कारण लोगों ने उन्हें ‘ओड़िशा की मदर टेरेसा’ कहना शुरू कर दिया।

 

  1. नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

जिस समाज में महिलाओं को अपने घर से बाहर निकलने की भी इजाज़त नहीं थी, उस समाज में पार्वती का अपने गाँव से किसी और शहर में जाना, उस वक्त की महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बन गया। इसी प्रेरणा की वजह से पार्वती के साथ गाँव की एक अन्य विधवा महिला प्रभावती भी जयपुर स्थित बड़े आश्रम पहुँची। इस आश्रम का संचालन- भार रमा देवी चौधरी के हाथों में था। यहाँ आने के बाद रमा देवी के सान्निध्य में उन्हें वह सब सिखाया गया जिससे वे आत्मनिर्भर महिला बन सकीं। अपने गाँव वापस आकर उन्होंने लोगों को आज़ादी के लिए प्रेरित करने के साथ वे काम सिखाए, जो उन्होंने आश्रम में सीखे थे। वे उन्हें चरखा चलाना और कपड़ा बुनना सिखातीं। उन्होंने लोगों को एकजुट होना सिखाया, आज़ाद भारत की उज्ज्वल तसवीर दिखाकर आंदोलन में भाग लेने के लिए सहमत किया।

क. किसका गाँव से किसी और शहर में जाना महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गया?

उत्तर – पार्वती गिरी का गाँव से शहर जाना महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गया।

ख. प्रभावती और पार्वती किसके आश्रम पहुँचीं?

उत्तर – प्रभावती और पार्वती रमा देवी चौधरी के आश्रम पहुँचीं।

ग. आत्मनिर्भर बनने के बाद गाँव के लोगों को काम के साथ-साथ और क्या सिखाया?

उत्तर – उन्होंने लोगों को एकजुट होना सिखाया और आज़ाद भारत की उज्ज्वल तस्वीर दिखाकर आंदोलन में भाग लेने के लिए सहमत किया।

 

  1. सही विकल्प चुनिए-

क. पार्वती का मन किन बातों में अधिक रमता था?

गाँव की

संगीत की

देशभक्ति की

विद्यालय की

ख. ________ कारण लोगों ने उन्हें ‘ओड़िशा की मदर टेरेसा’ कहना शुरू कर दिया।

जेल में सजा काटने के

स्वास्थ्य की शिक्षा देने के

शिक्षा पूर्ण करने के

आज़ादी में योगदान और लोगों के प्रति अथाह प्रेम के

भाषा-बोध (Language Skills)

  1. पाठ में आए इन शब्दों का शब्द परिवार बनाइए-

देश – देशवासी, देशभक्ति, स्वदेश, परदेश।

वीर – वीरता, वीरांगना, महावीर, वीरत्व।

सुख – सुखद, सुखमय, सुखी, सुखदायक।

संभव – असंभव, संभावना, संभावित, संभवतः।

अधिक – अधिकांश, अधिकतर, अधिकता, अत्यधिक।

 

  1. विपरीतार्थक शब्द लिखिए- (Word Power)

अधिकांश x न्यूनतम / कम

जागरूक x अचेत / लापरवाह

सान्निध्य x दूरी

हिंसा x अहिंसा

कल्पना x यथार्थ

महत्त्वपूर्ण x तुच्छ / गौण

सहयोग x असहयोग

उज्ज्वल x धूमिल / अंधकारमय

 

  1. निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखिए- (Word Power)

साधारण – आम, सामान्य

सान्निध्य – सामीप्य, निकटता।

त्याग – परित्याग, बलिदान।

वीरांगना – वीरा, बहादुर स्त्री।

बोध – ज्ञान, समझ।

जुनून – पागलपन, धुन।

 

  1. प्रमाणित शब्द ‘प्रमाण’ में ‘इत’ प्रत्यय लगाने से बना है। इसी प्रकार ‘इत’ प्रत्यय लगाकर पाँच शब्द बनाइए-

शिक्षित (शिक्षा + इत)

प्रेरित (प्रेरणा + इत)

आकर्षित (आकर्षण + इत)

प्रदर्शित (प्रदर्शन + इत)

संगठित (संगठन + इत)

 

  1. नीचे लिखे शब्दों का वर्ण-विच्छेद लिखिए-

विद्यालय – व् + इ + द् + य्  + आ + ल् +  अ + य्  + अ

सदस्य – स् + अ + द् + अ + स् + य् + अ

महत्त्वपूर्ण – म् + अ + ह् + अ + त् + त् + व् + अ + प् + ऊ + र् + ण + अ

विरोध – व् + इ + र् + ओ + ध् + अ

प्रताड़ना – प् + र् + अ + त् + आ + ड़ + अ + न् + आ

जीवन कौशल एवं मूल्य (Life Skills and Values)

राष्ट्रीय एकता और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए हम कैसे सक्रिय रह सकते हैं? उन पर का चिह्न लगाइए-

क. समाचार देखकर।

ख. लोगों की सहायता करके, राष्ट्रीय पर्व एवं त्योहार साथ मना कर।

ग. पुस्तकें पढ़ कर।

 

रचनात्मक गतिविधियाँ

अपने मुख से (Oral Expression)

पार्वती गिरी की भाँति किसी अन्य स्वतंत्रता सेनानी के बलिदान और त्याग की गाथा कक्षा में सुनाइए।

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में मातंगिनी हाजरा का बलिदान भी पार्वती गिरी की तरह ही प्रेरक है। 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान 73 वर्षीय मातंगिनी ने बंगाल के तामलुक में एक विशाल जुलूस का नेतृत्व किया। ब्रिटिश पुलिस की गोलियों की परवाह न करते हुए वे ‘वंदे मातरम’ का उद्घोष करती रहीं। हाथ में तिरंगा थामे हुए उन्होंने तीन गोलियाँ खाईं, लेकिन प्राण त्यागने तक झंडे को झुकने नहीं दिया। उनका यह निस्वार्थ त्याग हमें राष्ट्रभक्ति की सर्वोच्च सीख देता है।

 

अपनी कलम से (Creative Writing)

स्वतंत्रता संग्राम में महिला सेनानियों की भूमिका और उनके साहस पर एक अनुच्छेद लिखिए।

स्वतंत्रता संग्राम में महिला सेनानियों की भूमिका –

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं का साहस और बलिदान अद्वितीय रहा है। जहाँ पुरुषों ने मोर्चों पर लड़ाई लड़ी, वहीं महिलाओं ने जेल जाने, गुप्त सूचनाएँ पहुँचाने और समाज को जगाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई से लेकर पार्वती गिरी, रमा देवी, सरोजिनी नायडू और अरुणा आसफ़ अली जैसी वीरांगनाओं ने यह सिद्ध किया कि राष्ट्रभक्ति में स्त्रियाँ किसी से पीछे नहीं हैं। उन्होंने न केवल ब्रिटिश सत्ता को चुनौती दी बल्कि सामाजिक रूढ़ियों को तोड़कर भारतीय नारी की शक्ति का लोहा मनवाया।

 

अपनी कल्पना से (From my Imagination)

‘देशभक्ति और सेवाभाव – एक छोटे से गाँव के छात्र / छात्रा के दृष्टिकोण से’ विषय पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।

‘देशभक्ति’ केवल युद्ध के मैदान में जान देना नहीं, बल्कि अपने गाँव और समाज को बेहतर बनाना भी है। एक छात्र के रूप में, यदि मैं ईमानदारी से पढ़ाई करूँ, अपने गाँव को स्वच्छ रखूँ और अनपढ़ बुजुर्गों या निर्धन बच्चों की शिक्षा में मदद करूँ, तो यही मेरी सच्ची सेवा होगी। जब हम व्यक्तिगत स्वार्थ त्यागकर सामूहिक उन्नति के लिए काम करते हैं, तब एक छोटा सा गाँव भी आदर्श भारत बन जाता है।

यदि भविष्य में आपका एक समाजसेवी बनने का सपना है तो आप उसको साकार करने के लिए क्या योजना बनाएँगे?

यदि मेरा सपना समाजसेवी बनने का है, तो मेरी योजना शिक्षा और स्वास्थ्य पर केंद्रित होगी। मैं सबसे पहले निर्धन बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग और पुस्तकालय केंद्र खोलूँगा। साथ ही, युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करूँगा। गाँव में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं के लिए लोगों को एकजुट करूँगा। मेरा मानना है कि सेवा का आरंभ छोटे स्तर से होता है, जो धीरे-धीरे बड़े बदलाव का आधार बनता है।

परियोजना कार्य (Project Work)

स्वच्छ भारत अभियान के तहत अपने स्कूल और मुहल्ले के आसपास एक सफ़ाई अभियान की योजना बनाइए।

अपने आस-पास के गरीब इलाके में भ्रमण कीजिए। वहाँ के लोगों का रहन-सहन, शिक्षा की स्थिति, स्वच्छता और रोज़गार के अवसरों आदि पर जानकारी लेकर एक प्रेजेंटेंशन तैयार कर कक्षा में दिखाइए।

छात्र इसे अपने अभिभावक की सहायता से पूरा करेंगे।

 

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