संकेत बिंदु-(1) महावीर स्वामी का अवतरण (2) जैन ग्रंथों में चमत्कार के रूप में वर्णन (3) सांसारिक क्रिया-कलापों से मोहभंग (4) महावीर स्वामी की शिक्षाएँ (5) उपसंहार 1. देश की धार्मिकता कर्मकांड की प्रबलता से विकृत थी। पशुओं और नर...
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महात्मा बुद्ध
संकेत बिंदु-(1) गौतम बुद्ध के जन्म की कथा (2) बचपन से शांत व गंभीर स्वभाव (3) सांसारिक जीवन त्यागकर घोर तपस्या की (4) बौद्ध धर्म के सिद्धांत (5) उपसंहार। गौतम बुद्ध का जन्म अब से लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व कपिलवस्तु के राजा...
पंडित दीनदयाल उपाध्याय
संकेत बिंदु-(1) जन्म और जन्मकुंडली (2) पारिवारिक पृष्ठभूमि और शिक्षा (3) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में प्रवेश (4) जनसंघ के द्वारा राजनीति में प्रवेश (5) उच्च कोटि के विचारक, लेखक-वक्ता और राजनीतिज्ञ। ग्रामीणों जैसा सादा परिधान और...
डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार
संकेत बिंदु-(1) बीसवीं सदी की महान विभूति (2) हेडगेवार का जन्म और परिवार (3) जन्मजात देश-भक्ति और राष्ट्रीय स्वयंसेवक की स्थापना (4) प्रारंभ में संघ का स्वरूप (5) उपसंहार। बीसवीं शताब्दी का यह युधिष्ठिर वस्तुतः अजातशत्रु था।...
स्वामी विवेकानंद
संकेत बिंदु – (1) विकानंद का जन्म (2) नरेंद्र की शिक्षा-दीक्षा (3) परमहंस रामकृष्ण के संपर्क में (4) श्री रामकृष्ण का देहावसान और विवेकानंद के लक्ष्य (5) उपसंहार। अध्यात्म-विद्या, भारतीय-दर्शन एवं धर्म के बिना विश्व अनाथ हो...
राष्ट्र-निर्माण में साहित्य का योगदान / राष्ट्र-निर्माण में साहित्यकार की भूमिका
संकेत बिंदु-(1) साहित्य में राष्ट्र-निर्देशन की शक्ति (2) परतंत्रता में साहित्यकार की भूमिका (3) स्वतंत्रता आंदोलन को तीव्र करने में (4) अखंडता, सुरक्षा और सुख-शांति की स्थापना में (5) उपसंहार। भूमि, जन और जन की संस्कृति के...
चरित्र-निर्माण में साहित्य का योगदान
संकेत बिंदु-(1) चरित्र-निर्माण (2) चरित्र-निर्माण का अचूक साधन (3) वर्तमान मानव दिग्भ्रांत (4) विभिन्न कविताओं में मानवीय वृत्तियाँ (5) उपसंहार। भय, पलायन, वैर-विरोध, संग्रह-निवृत्ति, आत्माभिमान, स्वरक्षा, शरणागति, हास्य...
साहित्यकार का दायित्व
संकेत बिंदु-(1) धर्म, नीति, दर्शन का समाधान (2) सामाजिक वैषम्म, अनुशासनहीनता के प्रति विद्रोह (3) राजनीति में 1974 के आस-पास का संक्रांतिकाल (4) ‘स्वान्तः सुखाय’ और व्यक्तिनिष्ठ (5) उपसंहार। साहित्यकार का दायित्व है कि वह अपनी...
साहित्य का उद्देश्य
संकेत बिंदु-(1) पाश्चात्य विद्वान सिसरो के अनुसार (2) यश और धन–प्राप्ति (3) लोक व्यवहार का ज्ञान (4) समाज को सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा (5) उपसंहार। ज्ञान-राशि के संचित कोष का नाम ही साहित्य है। दुख-दग्ध जगत और आनंदपूर्ण...
साहित्य का महत्त्व
संकेत बिंदु-(1) साहित्य का महत्त्व अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष (2) मानव जीवन को प्रतिबिंबित करने में (3) राष्ट्र-निर्माण और उद्धार में (4) साहित्यकारों की दृष्टि में (5) समाज का दर्पण। साहित्य का महत्त्व धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष...

