Latest Posts

Sahityik Nibandh

साहित्य का स्वरूप

संकेत बिंदु-(1) साहित्य वाङ्मय का समानार्थक (2) साहित्य की परिभाषा (3) विद्वानों द्वारा साहित्य की परिभाषा (4) साहित्य की विशेषताएँ (5) उपसंहार। ‘साहित्य’ शब्द अंग्रेजी भाषा के ‘लिटरेचर’ शब्द का पर्यायवाची माना जाता है। इस शब्द...

Sahityik Nibandh

स्वातंत्र्योत्तर हिंदी नाटक

संकेत बिंदु-(1) स्वतंत्र्योत्तर सामाजिक और प्रतीक नाटक (2) पौराणिक चरित्र के नाटक (3) राजनीतिक नाटक (4) सांस्कृतिक नाटकं (5) नुक्कड़ नाटक। देश की स्वतंत्रता के पश्चात् हिंदी नाटक यथार्थ और रंगमंच से जुड़कर नई दिशा की ओर उन्मुख...

Sahityik Nibandh

स्वातंत्र्योत्तर हिंदी उपन्यास

संकेत बिंदु-(1) भारतीय परिवेश के परिवर्तन की आवाज़ (2) आंचलिक और ग्राम्य जीवन पर आधारित उपन्यास (3) स्वतंत्रता प्राप्ति के महत्त्वपूर्ण उपन्यास (4) सामाजिक और ऐतिहासिक उपन्यास (5) उपसंहार। भारत ने शताब्दियों पश्चात् सन् 1947 में...

Sahityik Nibandh

स्वातंत्र्योत्तर हिंदी कहानी

संकेत बिंदु-(1) हिंदी कहानी का समृद्ध इतिहास (2) नई कहानी में यथार्थ चित्रण की परंपरा (3) समकालीन कहानी में विषय वैविध्य (4) समांतर कहानी और उसके बाद का युग (5) उपसंहार। भारत की स्वतंत्रता के साथ ही हिंदी कहानी को लगभग 50 वर्ष के...

Sahityik Nibandh

हिंदी साहित्य में नई कविता

संकेत बिंदु-(1) नए पत्ते के प्रकाशन से आरंभ (2) कविता की मूल स्थापनाओं में मुख्य तत्त्व (3) कविता की प्रमुख प्रवृत्तियाँ (4) समसामायिक और भाषा में खुलापन का चित्रण (5) उपसंहार। जिस काव्य के ऊपर मात्र प्रयोगवाद का विवादास्पद आरोप...

Sahityik Nibandh

हिंदी साहित्य में प्रयोगवाद

संकेत बिंदु-(1) प्रयोगवाद का जन्म और अर्थ (2) प्रयोगवाद के स्वरूप पर आलोचकों की धारणाएँ (3) प्रगतिवाद की प्रमुख प्रवृत्तियाँ (4) वैचित्र्य प्रदर्शन, प्रकृति चित्रण (5) उपसंहार। ‘प्रयोग’ शब्द का अर्थ है, ‘नई दिशा में कार्य करने का...

Sahityik Nibandh

हिंदी साहित्य में प्रगतिवाद

संकेत बिंदु-(1) जीवन में यथार्थ समस्याओं का चित्रण (2) प्रगतिवाद का अर्थ (3) प्रगतिवाद की प्रमुख प्रवृत्तियाँ (4) शोषितों को प्रेरणा और मार्क्सवाद का समर्थन (5) उपसंहार। जिस प्रकार द्विवेदी युग की इतिवृत्तात्मकता और उपदेशात्मकता...

Sahityik Nibandh

हिंदी साहित्य में रहस्यवाद

संकेत बिंदु-(1) छायावाद और रहस्यवाद में अंतर (2) रहस्यवादी भावनाएँ (3) हिंदी में रहस्यवाद का प्रारंभ और प्रमुख कवि (4) रहस्यवाद की प्रमुख अवस्थाएँ (5) साधनात्मक रहस्यवाद और भावात्मक रहस्यवाद। द्विवेदी युग के अनंतर हिंदी कविता में...

Sahityik Nibandh

हिंदी साहित्य में छायावाद

संकेत बिंदु-(1) युग का नामकरण (2) छायावाद की परिभाषाएँ (3) प्रमुख छायावादी कवि और विशेषताएँ (4) छायावाद में तत्त्व चिंतन, विज्ञान का प्रभाव (5) छायावाद में कलापक्ष। द्विवेदी युग के पश्चात् हिंदी साहित्य में जो कविता-धारा प्रवाहित...

Lets see Essays

राष्ट्रभाषा का महत्त्व

संकेत बिंदु-(1) स्वतंत्र देश की संपत्ति (2) राष्ट्रभाषा को उचित सम्मान नहीं (3) हिंदी ज्ञान-विज्ञान और तकनीक की भाषा (4) नेहरू जी का कथन (5) उपसंहार। किसी भी राष्ट्र की स्वतंत्रता को स्थिर बनाए रखने के लिए वहाँ के निवासियों की...

You cannot copy content of this page