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Lets see Essays

अपना हाथ जगन्नाथ

संकेत बिंदु – (1) जगन्नाथ का अर्थ (2) मनुष्य को कर्म की प्रेरणा (3) मनुष्य की अनेक शक्तियाँ (4) मनुष्य की साहस और शक्ति के उदाहरण (5) उपसंहार। यह एक किंवदंती है ‘अपना हाथ जगन्नाथ’, वैसे हिंदू धर्म में भगवान का नाम जगन्नाथ...

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धन अर्जन की अंधी दौड़ और उपेक्षित स्वास्थ्य

संकेत बिंदु – (1) पैसा कमाना एक फैशन (2) पैसे के लिए अनैतिक कार्य (3) स्वास्थ्य को हानि (4) पैसे के समक्ष स्वास्थ्य चिंता नहीं (5) उपसंहार। धन अर्जन अर्थात् पैसा कमाना या यह कहा जाए कि पैसा इकट्ठा करना इसके लिए हमारे समाज...

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कठिन परिश्रम का नाम सौभाग्य है

संकेत बिंदु – (1) कठिन परिश्रम के लिए साहस और सहनशीलता (2) बिना परिश्रम भाग्य भी नहीं (3) कठिन तपस्या, साधना से सिद्धि (4) कठिन परिश्रम के इतिहास में उदाहरण (5) उपसंहार। इतिहास में अनेक उदाहरण हैं कि कठिन परिश्रम ही सौभाग्य...

Meri Rachnayen

तेरी अहमियत

ज़िंदगी के कितने सावन तुझ बिन बिताए हैं। उस खुदा से हमने माँगी कितनी दुआएँ हैं। रातें मैंने काटी हैं और दिन भी मैंने झेलें हैं कहीं भीड़ हैं तो कहीं ख़्वाहिशों के मेले हैं। इस भरी-भरी दुनिया में कितने हम अकेले हैं। फिर खुदा ने...

Meri Rachnayen

True friendship सच्ची मित्रता A Short Story

सच्ची मित्रता। दो मित्र थे सुनील और रमेश। इनकी दोस्ती बचपन से थी। पर समय के साथ-साथ रमेश की दोस्ती कमजोर पड़ने लगी। बड़ा होकर जब वह थोड़ा धनवान बन गया तो उसे अहंकार हो गया। सुनील अपने दोस्त की उन्नति से तो खुश था पर उसके अहंकार...

Meri Rachnayen

उम्मीदों की जीत Hardwork and Dedication Paid-off, The Best Hindi Poem

उम्मीदों की जीत उम्मीदों के सागर में, जब कोई गोते लगाता है। मोती मिले या न मिले, अनुभव ज़रूर वह पाता है। अनुभवों के बल पर ही, वह यह तय कर पाता है, लक्ष्य प्राप्य है लेकिन वह प्रयास बदलता जाता है। साफल्य भी देखती है उसे, पर पास...

Meri Rachnayen

पुरुष तू पुरुषार्थ कर A man must do his manhood work honestly The Best Poem

हे पुरुष, पुरुषार्थ कर, यह धर्म है तेरा अमर, चढ़ना है तुझे शिखर पर पुरुषार्थ कर, पुरुषार्थ कर, हे पुरुष, पुरुषार्थ कर।   राह में रुकना नहीं तू,   कष्ट से झुकना नहीं तू, है मिला कौशल तुझे प्रभु का है ये दिव्य वर...

Meri Rachnayen

धरित्री The Mother Earth A best Poem

हम सब पृथ्वीपुत्र धरित्री माता तू सबकी है।   है विराट पर्जन्य प्रजापति   तू धारा सुख की है। हम सब पृथ्वीपुत्र धरित्री माता तू सबकी है।   जन-जन के काया की धात्री शुभाशीष देती तू विधात्री तू कोमल मन की है हम सब...

Meri Rachnayen

प्रार्थना A inner and silent prayer to God

हे ज्योतिर्मय आओ, अँधेरा गहरा तन-मन में, अंतर में दीप जलाओ, हे ज्योतिर्मय आओ युगों-युगों से बुझी हुई है, मन की ज्योत हमारी, सूर्य-चंद्र विद्युत तारे सब तेरे रहे अनुचारी मेरे सूने जीवन में तुम अपनी ज्योत जलाओ। हे ज्योतिर्मय आओ, नए...

Meri Rachnayen

विद्यार्थी के गुण Insight power of student The Best Poem

हे विद्यार्थी, तुम हो दिव्य शक्ति के स्वामी, बनो अग्रणी, नहीं अनुगामी, अपने ही अनुभव के बल पर, नव सृजन-आधार बनाओ, अपने सूर्य स्वयं बन जाओ। हे विद्यार्थी, निर्माता हो तुम निज पथ के, स्वयं विधाता हो विधि-सुधि के, हैं अनंत तुममें...

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