संकेत बिंदु – (1) सूक्ति का भावार्थ (2) महापुरुषों के विचार (3) इतिहास सबसे बड़ा गवाह (4) बीते हुए समय की क्षतिपूर्ति संभव नहीं (5) व्यक्ति को समय का सदुपयोग करना चाहिए। जिस प्रकार मुँह से निकली बात, कमान से छूटा तीर, देह...
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जेईई (JEE) और एनईईटी (NEET) कोचिंग के लिए कोटा को क्यों प्राथमिकता दी जाती है?
हमारे सामने अनेक ऐसे टॉपर्स के नाम सामने आते हैं जिन्होंने कोटा में रहकर पढ़ाई की और एम्स (AIIMS) तथा आईआईटी (IIT) जैसे सर्वोच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्राप्त किया। कहीं न कहीं यही इच्छा अन्य छात्रों में भी होती है और वे...
हिंदू समाज और नारी
हिंदू-समाज प्राचीन आर्यों का ही वर्तमान रूप है। वैदिककाल के साहित्य पर जब हम दृष्टि डालते हैं तो भारतीय नारी को वहाँ खड़ा हुआ पाते हैं जहाँ संसार के इतिहास में कहीं पर भी नारी को स्थान नहीं मिला। आर्य सभ्यता में नारी को पुरुष की...
बहु-विवाह, बाल-विवाह और विधवा विवाह-
विवाह एक सामाजिक बंधन है जो मानव जीवन को व्यवस्थित और सुचारु रूप से चलाने के लिए समाज ने बनाया है। विवाह के साथ धार्मिक आस्था और राजनैतिक नियमों के मिल जाने से इसका ढाँचा कुछ ऐसा बन गया है जिसको व्यवस्था भी काफी विस्तृत है। विवाह...
मुस्लिम युग और भारत
मुस्लिम-युग पर विचार करने के लिए हम इस युग को दो भागों में विभाजित कर लेते हैं। एक मुगल काल और दूसरा इससे पूर्व का काल। मुगल साम्राज्य काल से पूर्व काल में हम अरब आक्रमण काल को न लेकर केवल दिल्ली के सुल्तानों के समय पर ही विचार...
भारतीय समाज की प्रधान समस्याएँ-
भारत का समाज धर्म और राजनीति दोनों से प्रभावित होता है। वास्तव में यदि हम संगठनों के प्राचीनतम रूपों पर विचार करें तो समाज मानव का सर्वप्रथम संगठन प्रतीत होता है। जब बहुत से मानव एक स्थान पर एकत्रित होकर रहने लगे तो उनकी बाहरी...
हिंदू समाज में वर्णाश्रम धर्म
यदि हम वर्णाश्रमधर्म के प्राचीनतम इतिहास पर दृष्टि डालें तो हमें ज्ञान होता है कि वर्णों की व्यवस्था एक ऐसे काल में की गई थी जब वैसा करना अनिवार्य था। नित्य प्रति के संघर्ष आर्यों और अनार्यों के बीच चलते थे। समाज विस्तृत होता जा...
भारतीय समाज और हिंदी साहित्य
समाज पर साहित्य का क्या प्रभाव पड़ता है और साहित्य पर समाज का क्या प्रभाव पड़ता है इसकी निश्चित रूपरेखा बनाना कठिन कार्य है। यह प्रभाव कितना पड़ता है, कैसे पड़ता है, किन परिस्थितियों में पड़ता है, किन परिस्थितियों में कम और किन...
शिष्टाचार
संकेत बिंदु – (1) उचित व्यवहार और आचरण (2) वाणी और व्यवहार में विनम्रता (3) जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में शिष्टाचार (4) अनुशासन-शिष्टाचार की परख (5) शिष्टाचार नियमों का पालन। शिष्टतापूर्ण आचरण और व्यवहार शिष्टाचार है। शिष्ट...
श्रम का महत्त्व
संकेत बिंदु – (1) श्रम और महत्त्व का अर्थ (2) विभिन्न महापुरुषों और ग्रंथों के अनुसार श्रम (3) विकसित सभ्यता और महाशक्ति बनने में श्रम का महत्त्व (4) श्रम से लक्ष्य और लक्ष्मी को प्राप्ति (5) शारीरिक और मानसिक शक्तियों का...

