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आज की बचत, कल का सुख

संकेत बिंदु – (1) सूक्ति की व्याख्या (2) धन ही सब कार्यों की सफलता का माध्यम (3) धन बिना जीवन (4) भारत सरकार द्वारा बचत के लिए प्रोत्साहन (5) बीमा योजनाओं में बचत। आवश्यक व्यय के बाद बची रहने वाली धनराशि ‘बचत’ है। आज के दिन...

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आलस्य : सबसे बड़ा शत्रु

संकेत बिंदु – (1) मानसिक और शारीरिक शिथिलता (2) राक्षसीवृति की पहचान (3) मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु (4) साहित्यकारों की दृष्टि में आलस्य (5) उपसंहार। ऐसी मानसिक या शारीरिक शिथिलता जिसके कारण किसी काम को करने में मन नहीं...

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एकता में बल है – एक शानदार निबंध

संकेत बिंदु – (1) उद्देश्य और विचार में एकता (2) एकता और बल के उदाहरण (3) विभिन्न संगठन एकता के प्रतीक (4) एकता के अभाव के कारण देश गुलाम (5) उपसंहार। एक होने की अवस्था या भाव एकता है। उद्देश्य, विचार आदि में सब लोगों का...

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औरों को हँसते देखो मनु /हँसो और सुख पाओ।

संकेत बिंदु – (1) व्यक्तिगत स्वार्थ मनुष्य का विनाशक (2) कवि प्रसाद का उदाहरण (3) अशांत मन जीवन के लिए अभिशाप (4) वैमनस्य ज्ञान का दंभ (5) सुख प्राप्ति के रहस्य। प्रसाद जी की कामायनी का मनु जीवन में वैयक्तिक सुख को सर्वोपरि...

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करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान

संकेत बिंदु – (1) अभ्यास से मूर्ख भी ज्ञानी और सिद्ध (2) चित्तवृतियों का निरोध (3) अभ्यास से प्रतिभा उत्पन्न (4) अभ्यास के द्वारा अनेक महान विभूतियों का जन्म (5) अभ्यास सिद्धि का साधन और विकास का मार्ग। निरंतर अभ्यास से...

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कर्म फले तो सब फले – एक शानदार निबंध  

संकेत बिंदु – (1) सूक्ति का भावार्थ (2) कर्म का फल अवश्य मिलता है। (3) पाप और पुण्य कर्म बीज के प्रकार (4) महापुरुषों के कर्म फल का विश्व को लाभ (5) उपसंहार। ‘कर्म फले तो सब फले’ सूक्ति का भाव है – किसी काम या बात का...

Sahityik Nibandh

मध्य युग के भक्ति आंदोलन- एक लघु निबंध  

भारत में इस्लामी राज्य की स्थापना होनी थी कि हिंदू जनता के हृदय से उत्साह, गर्व और गौरव जाता रहा देव मंदिर गिराये जाने लगे और पूजनीय स्थानों का अपमान हुआ। यह सब जनता ने अपनी आँखों से हृदय पर पत्थर रखकर देखा और सहन किया। हिंदू...

Sahityik Nibandh

हिंदू धर्म और पुराण- एक लघु निबंध  

वेद, उपनिषद्, रामायण, महाभारत और पुराण हिंदू धर्म के प्रधान धार्मिक ग्रंथ है। भारतीय धार्मिक चिंतन इन्हीं प्रधान ग्रंथों में प्रस्फुटित हुआ है। ब्राह्मणों ने पुराण के ही आधार पर हिंदू धर्म का अवस्थान किया है। इन ग्रंथों में हिंदू...

Sahityik Nibandh

जैन धर्म और बौद्ध धर्म- एक लघु निबंध  

छठी शताब्दी ई. पू. जब मगध के राजा अपने आस-पास के राज्यों पर विजय प्राप्त कर चक्रवर्ती राज्य की स्थापना कर रहे थे उसी समय भारत में कुछ ऐसे सुधारक नेताओं ने जन्म लिया जिन्होंने धर्मचक्र का प्रवर्तन करके अपने धार्मिक साम्राज्यों का...

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हिंदू धर्म के गुण और अवगुण

हिंदू धर्म के गुण और अवगुणों पर विचार करने से पूर्व हमें यह जान लेना है कि वास्तव में हिंदू धर्म क्या है? धर्म के विषय में वेदव्यास का मत है कि ‘धर्म-शक्ति प्रजा और समाज को धारण करती है। अधर्म है अनाचार और उच्छृंखलता तथा धर्म है...

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