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Hindi Sahitya

इंद्रजाल – जयशंकर प्रसाद

इच्छित बिंदु पर क्लिक करें।  लेखक परिचय जयशंकर प्रसाद का जन्म 30 जनवरी, 1889 ई को बनारस में हुआ था। उनके पूर्वज कानपुर के रहनेवाले थे जिन्होंने व्यवसाय को ध्यान में रखकर बनारस में रहने का निर्णय लिया था। जयशंकर प्रसाद की औपचारिक...

Meri Rachnayen

मेरा पहला प्रेम पत्र …..

प्रिय सुमन सुमन नाम से तुम्हें आपको पत्र लिखने के तीन महत्त्वपूर्ण कारण हैं। पहला मेरा प्रेम प्रस्ताव यदि अपनी परिणति तक नहीं पहुँच पाए तो इस पत्र की वजह से तुम्हें आपको कोई दिक्कत न हो। दूसरा, यह कि इतने दिनों के दौरान मैंने यह...

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पानी की प्रार्थना – केदारनाथ सिंह

इच्छित बिंदु पर क्लिक करें।  कवि परिचय केदारनाथ सिंह – कवि परिचयकेदारनाथ सिंह (1934-2018) हिंदी के एक प्रमुख समकालीन कवि, लेखक और आलोचक थे, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के चकिया गाँव में हुआ था; उन्होंने बनारस...

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मेरा मेरा कहने को….

मेरा मेरा कहने को तो बस तू ही है मेरे जीने की वजह तो बस तू ही है मेरी चाहत बस इतनी, है दुआ इतनी-सी तू खुशी से रहे, तू फुले फले तेरी खुशी भी तो मेरी खुशी ही तो है। मेरा मेरा कहने को तो बस तू ही है।  मैं जो पा न सका, वो तुझको...

Meri Rachnayen

कौए की व्यथा

सुनो, सुनो एक कथा सुनो प्यारे बच्चों एक कथा सुनो सुनो, सुनो एक कथा सुनो काले कौए की व्यथा सुनो सुनो, सुनो एक कथा सुनो कौआ बोला मैं हूँ काला मुझको नहीं किसी ने पाला बोली मेरी है कुछ ऐसी जिसने सुना उसी ने टाला मेरा जीवन है दुखों से...

Meri Rachnayen

स्वागत गीत

चन्दन-सी शुचि भानु–सी वीचि हृदय में मंगल कामना लेकर आए हैं देवगण पहने मनुज-सा बाना पावन पद-ध्वनि लाए नव रागिनी है जगा रही है चेतना जन-जन मधुरित हो उठे फैली है ऐसी स्पंदना हम हस्त-वदन   करते हैं नमन इस अलौकिक रूप का जिसके...

Meri Rachnayen

मानवश्रेष्ठ एपीजे कलाम

सुनो बच्चो न करो नादानी चलो सुनाए तुम्हें कहानी सुनो बच्चो न करो नादानी चलो सुनाए तुम्हें कहानी सुनो सुनाए तुम्हें कहानी इक ऐसे इंसान की जिनको जानें, जिनको पूजे मिट्टी हिंदुस्तान की जन्मे थे वे आम बनके नाम उनका कलाम था धीरे-धीरे...

Meri Rachnayen

मेरा कर्तव्य

मेरा प्रथम कर्तव्य है – सींचू अपने परिवार को उत्तम विचारों से मानवीय व्यवहारों से समन्वित आचारों से ऐक्य भावों के प्रकारों से मेरा द्वितीय कर्तव्य है – बचाऊँ अपने परिवार को क्षुधा के प्रहारों से मानसिक विकारों से अश्लीलता के...

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अपना बचपन जी लो

आओ जी लें अपना बचपन जी लें जी लेंअपना बचपन आओ जी लें अपना बचपन फूलों की खुशहाली में पत्तों की हरियाली में देखो-देखो अपना बचपन आओ जी लें अपना बचपन जी लें जी लें अपना बचपन देखो उड़ते पंछी को रंग-बिरंगी तितली को कितने अच्छे लगते हैं...

Meri Rachnayen

पशु-पक्षी

काले हाथी काले भालू शोर बहुत मचाते हैं। उजली बिल्ली उजले कुत्ते करतब हमें दिखाते हैं। काले कौए काँ काँ करके हमको बहुत सताते हैं उजले कबूतर गुटर गूँ का  गीत हमें सुनाते हैं   उजला काला दोनों जिसमें वे ज़ेब्रा कहलाते...

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