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Sahityik Nibandh

रूपक (नाटक) की रूपरेखा- एल लघु निबंध

रूपक दृश्य काव्य है। यह श्रव्य काव्यों की अपेक्षा अधिक प्रभावोत्पादक है, क्योंकि इसमें कल्पना को दृश्यों का प्रत्यक्ष आश्रय मिलता है। नाटक में स्थापत्य, चित्रकला, संगीत, नृत्य और काव्य इन सभी कलाओं का सामंजस्य मिलता है। भरत मुनि...

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उपन्यास क्या है?

उपन्यास की परिभाषा विद्वानों ने कई प्रकार से की है। कविता की परि-भाषा आज तक नहीं हो सकी। जितने विद्वान् हैं उतनी ही परिभाषाएँ हैं। किन्हीं दो विद्वानों की राय नहीं मिलती। उपन्यास के विषय में भी यही बात कही जा सकती है। इसकी कोई...

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महादेवी वर्मा का दर्शन और साहित्य

महादेवी वर्मा की कविता में करुणा का अपार सागर लहरें मारता है। दुख और रोदन से ही प्रस्फुटित होकर उनकी कविता चलती है। कविवर ‘पंत’ की यह पंक्तियाँ- “वियोगी होगा पहला कवि आह से उपजा होगा ज्ञान उमड़कर आँखों से चुपचाप बही होगी कविता...

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हिंदी कविता में राष्ट्रीयता की भावना  

राष्ट्रीयता का संकीर्ण अर्थ है देश-भक्ति और व्यापक अर्थों में राष्ट्रीयता का अर्थ होता है राष्ट्र के विचार, राष्ट्र की संस्कृति और राष्ट्र की भाषा। विचार, संस्कृति और भाषा का समुदाय कहलाता है राष्ट्रीयता। एक राष्ट्रीय कवि वह है...

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हिंदी को मुसलमान साहित्यकारों की देन पर एक लघु निबंध

हिंदू और मुसलमान पृथक् पृथक् अवश्य प्रतीत होते हैं परंतु उनके मानव में एक्य है। हिंदी साहित्य हिंदुओं का साहित्य है, भाषा, भाव और संस्कृति के विचार से परंतु फिर भी कुछ मुसलमान कवियों ने हिंदी को वह रचनाएँ प्रदान की हैं कि...

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हिंदी-साहित्य पर विदेशी प्रभाव

हिंदी साहित्य का आदि काल विदेशी आक्रमणों का काल था। इसलिए हिंदी साहित्य पर प्रारंभ से ही विदेशी प्रभाव हमें स्पष्ट दिखलाई देता है। इस निबंध में हम हिंदी-काल विभाजन के क्रम के अनुसार ही विचार करेंगे। वीरगाथा-काल हिंदी साहित्य का...

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हिंदी का पुराना और नया साहित्य – एक विशेष अध्ययन

मानव जीवन का समस्याओं के साथ-ही-साथ साहित्य चलता है। जीवन में जिस काल के अंतर्गत जो-जो भावनाएँ रही हैं उन उन कालों में उन्हीं भावनाओं से ओत-प्रोत साहित्य का भी सृजन हुआ है। प्रारंभ में मानव की कम आवश्यकताएँ थीं, कम समस्याएँ थीं।...

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ललित-कला और काव्य की रूपरेखा पर एक लघु निबंध

विषय पर दृष्टि डालते समय हमें समझ लेना होगा कि कला क्या है? सूक्ष्म रूप से उपयोगिता और सुंदरता जिस वस्तु में हो वह कला है। बढ़ई, लुहार, कुम्हार, जुलाहे इत्यादि का कार्य उपयोगी कला के अंतर्गत आता है और वास्तु कला, चित्रकला, संगीत...

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काव्य क्या है? – एक लघु निबंध

साहित्य-साहित्य मानव के विचारों, भावनाओं और संकल्पों को संसार के प्रति भाषामय अभिव्यक्ति है। साहित्य वह है जिसमें अर्थ और हित दोनों निहित हों। शब्द और अर्थ, विचार और भाव दोनों का समन्वय जिस काव्य में हो वही साहित्य है। साहित्य को...

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साहित्य की उपयोगिता क्या है – एक लघु निबंध

मानसिक दृष्टि में सौंदर्य का प्रत्यक्षीकरण करना कला का क्षेत्र है। उपयोगिता और फिर सौंदर्य प्रधान उपयोगिता, बस यही कला की विशेषता है। कोनेन खाकर ज्वर उतर जाता है परंतु कोनैन खाने का नाम सुनकर भी ज्वर चढ़ आता है। इसलिए कोनैन...

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