साहित्यकार समाज का एक प्राणी है जो कुछ वह लिखता है अपने चारों ओर के वातावरण से प्रभावित होकर लिखता है। समाज के व्यवहार, धर्म, कर्म, वातावरण, नीति और रीति-रिवाज किसी न किसी रूप में उसके काव्य में आए बिना नहीं रहते। आदि कवि...
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गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर एक शानदार निबंध
संकेत बिंदु – (1) इतिहास में 26 जनवरी का महत्त्व (2) गणतंत्र दिवस के रूप में मनाना (3) राज्यों सरकारों द्वारा अनेक कार्यक्रम (4) सांस्कृतिक झाँकियाँ, बहुरंगी पोशाकें (5) उपसंहार। भारत के राष्ट्रीय पर्वों में 26 जनवरी का...
एकता का प्रतीक नव-चंडी का मेला
संकेत बिंदु – (1) मेरठ एक प्राचीन नगर (2) मेरठ का नौचंदी मेला (3) मेले के मुख्य आकर्षण (4) मेले के तीन घर (5) उपसंहार। उत्तर प्रदेश में एक विख्यात नगर मेरठ है। मेरठ रामायण काल और महाभारत काल की यादें अपने सीने में समेटे है।...
शिवरात्रि का धार्मिक महात्म्य
संकेत बिंदु – (1) शिवरात्रि का पर्व (2) शिव-पार्वती विवाह का दिन (3) संस्कृति के समन्वयवादी रूप में शिव (4) मंदिरों की सजावट और पूजापाठ (5) आर्यसमाजियों द्वारा ऋषि बोधोत्सव रूप में मनाना। फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को यह...
मकर संक्रांति पर्व की वैज्ञानिक महत्ता
संकेत बिंदु – (1) मकर संक्रांति का अर्थ (2) सूर्य के संक्रमण में महत्त्वपूर्ण संयोग (3) अलग-अलग राज्यों में पर्व का महत्त्व (4) तिल, गुड़ और मेवे का सेवन (5) उत्तरायण और दक्षिमायन का महत्त्व। पृथ्वी सूर्य की चहुँ ओर...
दीपावली पर्व के पीछे की पौराणिक कथा।
संकेत बिंदु – (1) उल्लास व प्रकाश का उत्सव (2) पर्वों का समूह (3) अमावस्या का महत्त्व (4) महापुरुषों के जीवन से संबंधित घटनाएँ (5) घरों की सजावट व खरीददारी का दिन। दीपावली प्रकाश का अन्यतम पर्व है। ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ का...
करवा चौथ (करक चतुर्थी) का आरंभ कैसे हुआ आइए जानें।
संकेत बिंदु – (1) पति की दीर्घायु का व्रत (2) उपवास का कारण और प्रकार (3) पर्व की विविधता (4) करवा चौथ की सार्थकता (5) पतिव्रता नारी और पति का कर्त्तव्य। पति की दीर्घायु और मंगलकामना हेतु हिंदू-सुहागिन नारियों का यह महान्...
‘विजयादशमी’ के पीछे का इतिहास क्या आप जानते हैं?
संकेत बिंदु – (1) शक्ति पर्व के रूप में (2) दस संख्याओं का महत्त्व (3) विजयादशमी से संबंधित घटनाएँ (4) विभिन्न राज्यों में पर्व का महत्त्व (5) रा. स्व. सेवक संघ की स्थापना। विजयादशमी शक्ति पर्व है। शक्ति की अधिष्ठात्री देवी...
‘नवरात्र’ मनाने के पीछे का इतिहास क्या है? आइए जानें।
‘गणेशोत्सव’ क्यों मनाया जाता है, आइए जानें।
संकेत बिंदु – (1) सार्वजनिक पूजा का उत्सव (2) गणेश के जन्म से संबंधित कथाएँ (3) सभी देवताओं में सर्वश्रेष्ठ (4) गणपति के अनेक नाम (5) महाराष्ट्र में गणेशोत्सव। विघ्न विनाशक, मंगलकर्ता, ऋद्धि-सिद्धि के दाता, विद्या और बुद्धि...

