भारत : संस्कृत के प्रतिनिधि साहित्यकार जीवनकाल : प्रथम शताब्दी ई.पू. कविकुल गुरु महाकवि कालिदास की गणना भारत के ही नहीं वरन् संसार के सर्वश्रेष्ठ साहित्यकारों में की जाती है। उन्होंने नाटक, महाकाव्य तथा गीतिकाव्य के क्षेत्र में...
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सरदार भगतसिंह
भारत : अमर शहीद जन्म : 1907 मृत्यु : 1931 विश्व में 20वीं शताब्दी के अमर शहीदों में भारत के सरदार भगतसिंह का नाम बहुत ऊँचा है। उन्होंने देश की आजादी के लिए जिस साहस के साथ शक्तिशाली ब्रिटिश सरकार का मुकाबला किया वह आज के युवकों...
हजरत मुहम्मद
अरब : इस्लाम धर्म के प्रवर्तक जन्म : 569 ईस्वी मृत्यु : 631 ईस्वी हजरत मुहम्मद साहब सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम का जन्म मक्का के एक प्रसिद्ध करेश घराने में हुआ। माता का नाम अमिना और पिता का नाम अब्दुल्लाह था। अल्पायु में यतीम हो जाने...
प्रेमचंद
भारत : उपन्यास सम्राट जन्म : 1880 मृत्यु : 1936 भारत के शीर्षस्थ कहानीकार एवं उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद ने 1897 से लेखन कार्य प्रारंभ किया। प्रेमचंद की पहली कहानी ‘संसार का सबसे अनमोल रत्न’ 1901 में ‘जमाना’ में छपी थी। स्वदेश...
योहेन सेबेस्टियन बाख
जर्मनी: अमर संगीतकार जन्म: 1685 मृत्युः 1750 योहेन सेबेस्टियन बाख 18वीं सदी के प्रख्यात संगीतज्ञ रहे हैं। वे विश्व के महानतम संगीतकारों में से के माने जाते हैं। 1985 में उनकी 300वीं जन्म शताब्दी सारे विश्वभर में धूमधाम के साथ...
लता मंगेशकर
भारत : विख्यात गायिका जन्म : 1928 लता मंगेशकर संगीत की दुनिया की एक ऐसी कलाकार हैं, जिनके समान न कोई पहले हुआ और न संभवतः हो सकेगा। उनके स्वर में जो माधुर्य और आकर्षण है वह अन्यत्र दुर्लभ है। वे भारत की एकमात्र ऐसी गायिका हैं...
ज़रथुष्ट
फ़ारस : पारसी धर्म के प्रवर्तक जन्म काल : 6000 – 1000 ई. पू. असंख्य व्यक्तियों को ज्ञान का प्रकाश दिखाने वाले ज़रथुष्ट पारसी धर्म के प्रवर्तक थे। उन्होंने राजपाट छोड़ कर सत्य की खोज में प्रयाण किया। आपको तपस्या द्वारा...
चाणक्य
भारत : महान् कूटनीतिज्ञ जन्म व मृत्यु : लगभग 300 ई.पू. महान मौर्य वंश की स्थापना का वास्तविक श्रेय अप्रतिम कूटनीतिज्ञ चाणक्य को ही जाता है। चाणक्य एक विद्वान, दूरदर्शी तथा दृढ़संकल्पी व्यक्ति थे और अर्थशास्त्र, राजनीति और कूटनीति...
सम्राट अशोक
भारत : सम्राट, बौद्ध धर्म का विस्तारक जन्म : 273 ई.पू. मृत्यु: 232 ई.पू. अशोक भारतीय इतिहास का एक ऐसा चरित्र है, जिसकी तुलना विश्व में किसी और से नहीं की जा सकती। एक विजेता, दार्शनिक एवं प्रजापालक रूप में उनका नाम अमर रहेगा। उसने...
हजरत मुहम्मद की सेवा भावना
मक्का में हज़रत मुहम्मद के कई दुश्मन थे। उनमें एक ऐसा था जो उन्हें सड़क से गुज़रते हुए देखता, तो ढेर सारा कूड़ा-करकट उनके सिर पर डाल देता था। मुहम्मद साहब सब्र के धनी थे, अपने रास्ते चुपचाप चले जाते। धीरे-धीरे यह काम उस आदमी का...

