Latest Posts

Prerak Prasang

भगवान गौतम बुद्ध

भगवान गौतम बुद्ध एक बार राजगृह के वेलुवन नामक स्थान में ठहरे हुए थे। एक दिन एक ब्राह्मण आकर उन्हें गालियाँ बकने लगा, क्योंकि उसका कोई संबंधी भिक्षु संघ में शामिल हो गया था। उसकी गालियाँ और फटकार सुनकर बुद्ध ने शांत भाव से पूछा...

Prerak Prasang

भगवान बुद्ध

श्रावस्ती में एक बार जब अकाल पड़ा, तो भगवान बुद्ध ने अपने अनुयायियों से पूछा – “तुममें से कौन इन भूखों के भोजन की ज़िम्मेदारी उठा सकता है?” रत्नाकर शाह सिर मटकाकर- बोला, “इनके लिए तो मेरी संपत्ति से भी कहीं अधिक धन चाहिए।”...

Prerak Prasang

महर्षि वेदव्यास

जब महाभारत का अंतिम श्लोक महर्षि वेदव्यास के मुखारविंद से निःसृत हो, गणेशजी के सुडोल-सुपाठ्य अक्षरों में भूर्जपत्र पर अंकित हो चुका, तब गणेशजी से महर्षि ने कहा – “विघ्नेश्वर, धन्य है आपकी लेखनी ! महाभारत का सृजन तो वस्तुतः...

Prerak Prasang

देवपुरुष महर्षि मनु

सूर्य भगवान को अर्घ्य चढ़ाने के लिए अंजलि में जल लिए वैवस्वत मनु मंत्र जप कर रहे थे कि उन्हें अपनी हथेलियों में हल-चल-सी अनुभव हुई। आँख खोलकर देखा, तो एक नन्हा सा मीन- शिशु अंजलि में तैर रहा था। मनु उसे फेंक दें, इससे पूर्व ही...

Prerak Prasang

प्रेम कभी अकेला नहीं जाता

एक दिन एक औरत अपने घर के बाहर आई और उसने तीन संतों को अपने घर के सामने देखा। वह उन्हें जानती नहीं थी। औरत ने कहा- “कृपया भीतर आइए और भोजन करिए।” संत बोले- “क्या तुम्हारे पति घर पर है?” औरत ने कहा- “नहीं, वे अभी बाहर गए हैं।” संत...

Prerak Prasang

सद्गुणों में संतुलन

एक दिन एक धनी व्यापारी ने लाओ-त्जु से पूछा “आपका शिष्य येन कैसा व्यक्ति है?” लाओ-त्जु ने उत्तर दिया “उदारता में वह मुझसे श्रेष्ठ है।” “आपका शिष्य कुंग कैसा व्यक्ति है?” व्यापारी ने फिर पूछा। लाओत्जु ने कहा- “मेरी वाणी में उतना...

Prerak Prasang

सुकरात की पत्नी

सुकरात को पश्चिमी विद्वानों ने महान यूनानी दार्शनिक माना है, संत नहीं। दूसरी और हम भारतवासियों ने उनमें आत्मस्थित दृष्टा की छवि देखी और उन्हें संतों की कोटि में रखा। आश्चर्य होता है कि आज से लगभग 2500 वर्ष पूर्व के संसार में...

Prerak Prasang

किताबी ज्ञान

सैंकड़ों साल पहले अरब में इमाम गजाली नमक एक बड़े विद्वान् और धार्मिक गुरु हुए। युवावस्था में वे एक बार दूसरे शहर की यात्रा पर निकले थे। उस ज़माने में यात्रा का कोई साधन नहीं था और डाकुओं का हमेशा भय बना रहता था। एक दिन गजाली जंगल...

Prerak Prasang

हज का पुण्य

अब्द मुबारक हज करने के लिए मक्का की यात्रा पर था। मार्ग में एक स्थान पर वह थककर सो गया और उसने स्वप्न देखा कि वह स्वर्ग में था। उसने वहाँ दो फरिश्तों को बातचीत करते सुना: पहले फ़रिश्ते ने दूसरे से पूछा इस साल कितने हज यात्री...

Prerak Prasang

मुल्ला नसरुद्दीन: खुशबू की कीमत

राह चलते एक भिखारी को किसी ने चंद रोटियाँ दे दी लेकिन साथ में खाने के लिए सब्जी नहीं दी। भिखारी एक सराय में गया और उसने सराय-मालिक से खाने के लिए थोड़ी सी सब्जी माँगी। सराय-मालिक ने उसे झिड़ककर दफा कर दिया। भिखारी बेचारा नजर...

You cannot copy content of this page