काशी में एक विशुद्धानंद परमहंस हो गए हैं। बड़े-बड़े राजे-रजवाड़े उनके शिष्य थे। वे थे भी उच्च कोटि के महापुरुष एक बार काश्मीर के महाराजा उनका दर्शन करने गए। बाबा अकेले अपने कमरे में पलंग पर विराजमान थे। उनका रहन-सहन पलंग-गलीचे...
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प्रेम और घृणा
एक बार राबिया के पास एक फकीर आया। राबिया जिस धर्मग्रंथ को पढ़ रही थी उसमें से उसने एक पंक्ति को काट दिया। धर्मग्रन्थों को कोई काटता नहीं। उस फकीर ने वह किताब पढ़ी। पढ़ने के बाद उसने राबिया से कहा, “किसने तुम्हारे धर्मग्रंथ को...
गुरु नानकदेव की परीक्षा
एक बार गुरु नानक मुल्तान शहर पहुँचे। वहाँ के पीरों और फकीरों ने उनकी परीक्षा लेनी चाही। उन लोगों ने नानकदेव के पास दूध से लबालब एक कटोरा भेजा। नानकदेव अभिप्राय समझ गए। वह यह कि जिस प्रकार इस भरे कटोरे में और एक बूँद दूध के लिए भी...
ब्रह्मचारी की दृष्टि
रावण जब सीताजी को उठाकर ले गया तब रामचंद्र जी को रास्ते का पता चले, इस दृष्टि से सीताजी ने अपने गहने नीचे पृथ्वी पर फेंक दिए थे। जब प्रभु के हाथ में वे गहने आए तब उन्होंने लक्ष्मणजी को वे गहने दिखाए। पूछने लगे कि क्या तुम इन...
फकीरी का आरंभ क्या है?
एक बार नानक देव मक्काशरीफ गए। उनके जाने की खबर सुनकर काली रुकुनुतीन उनसे मिलने आए। सत्संग के दौरान उन्होंने प्रश्न किया “फकीरी का आरंभ क्या है?” “अहं का कत्ल करना”, नानकदेव ने जवाब दिया। काजी “फकीरी का अंज़ाम क्या है?” नानक “अमर...
तू कब ठहरेगा
एक बार बुद्धदेव अपने शिष्यों के साथ कौशल राज्य गए। उन दिनों कौशल राज्य में अंगुलिमाल के नाम के एक दस्यु का बड़ा आतंक था। उसके रास्ते में जो भी आता, वह उसे मार देता और उसकी अंगुलियों की माला गले में पहन लेता था। वहाँ के राजा...
धर्म-कर्म का अभिमान मत करो
एक फकीर जंगल में खुदा की बंदगी किया करता था। वह दिन-रात खुदा की इबादत में गुजारता था। उस जंगल में पानी का एक चश्मा (एक साफ़ पात्र) था और एक अनार का पेड़ भी था। उस पर प्रतिदिन एक फल पककर तैयार होता था। जब भी फकीर को भूख लगती थी...
ईश्वर की मर्जी के खिलाफ
पंजाब की भूदान – यात्रा। रास्ते में ही साथ हुए किसी पंजाबी भाई का हाथ पकड़कर विनोबा चलने लगे। उस भाई के हाथ में सोने की अँगूठी थी। कांचनमुक्ति के प्रयोगकर्ता ने उस भाई से कहा – “आपकी यह अँगूठी मुझे चुभती है।” उस भाई ने...
जीवन परिवर्तन
संत हुसैन बसराई के जीवन परिवर्तन की घटना बड़ी ही विचित्र है। एक दिन एक सुंदर युवती बिना घूँघट के उनके सामने अपने पति की बेवफाई पर नाराज होकर उसकी निंदा करने लगी। हुसैन उसे इस प्रकार बेपर्दा देखकर बोले “पहले अपने कपड़े तो संभाल...
आग की कीमत आँख है।
शेख फरीद का एक शिष्य बहुत ही नेक इंसान था। जब भी वह बाजार जाता तो एक वेश्या उससे मजाक किया करती थी। वह बेचारा दूसरी ओर ध्यान कर लेता था लेकिन ज्यों-ज्यों वह दूसरी तरफ ध्यान करता; वह और भी मजाक करती। एक दिन फरीद साहब ने उस शिष्य...

