ईरान के दो मुसाफिर हिंदुस्तान की ओर चले आ रहे थे। उनमें से एक पति था दूसरी पत्नी। पत्नी गर्भवती थी। रास्ते में चलते-चलते उसने एक बच्ची को जन्म दिया। पति-पत्नी दुर्भाग्य के मारे थे। उनके पास रहने का कोई साधन नहीं था। साथ में एक...
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अनादर पर विजय
एक बार बुद्धदेव अपने प्रिय शिष्य आनंद के साथ कुरु देश में गए। वहाँ की रानी बड़ी दुष्ट प्रकृति की थी। जब उसे पता चला कि बुद्धदेव उसके प्रदेश में आ रहे हैं तो नगरवासियों को आदेश दिया कि वे लोग उनका अनादर करें। फलतः नगर प्रवेश करते...
भगवान से कुछ न माँगो
बादशाह अकबर के दरबार में एक बार किसी वजीर से कोई कसूर हो गया। उसे क्या सजा दी जाए इसके लिए राजा ने बीरबल की सलाह जाननी चाही। बीरबल ने उस पर दो लाख रुपये का जुर्माना किया। कुछ दिनों बाद बीरबल ने भी उसी प्रकार का कसूर कर दिया। वजीर...
त्याग की परिभाषा
एक बार एक व्यक्ति संत एकनाथ जी के पास आया और बोला, “महाराज! मुझे भगवद्प्राप्ति का कोई सरल उपाय बताइए। मैं आपके पास यही जिज्ञासा लेकर आया हूँ।” एकनाथ जी ने उनसे पूछा, “तुम अकेले रहते हो या विवाह कर चुके हो?” “नहीं महाराज! मेरा...
भाव के वश भगवान
एक बार मूसा इस्लाम कहीं जा रहे थे। उन्होंने रास्ते में एक गड़रिए को कुछ बोलते सुना। वे गौर से उसकी बातें सुनने लगे। गड़रिया अपने में ही बड़बड़ाता जा रहा था “हे भगवन्! मुझे तो पाँच सौ भेड़े चराने में ही नहाने-खाने का वक्त नहीं...
मालिक बनोगे तो दुखी होना ही पड़ेगा
एक बिल्ली चूहों को पकड़कर खा जाती थी। चूहों ने मिलकर सलाह की कि उनमें जो बड़ा हो उसे मालिक बना दिया जाए। मालिक की पहचान के लिए उसकी पूँछ में लकड़ी बाँध दी जाए। तय हुआ कि जब बिल्ली आएगी तब वह लकड़ी को फटाफट बजा देगा और सभी चूहे...
साधु की सेवा करने का तरीका
एक पादरी था उसका एक आदिवासी नौकर था। नौकर ने एक दिन पादरी की घड़ी चुरा ली। पादरी ने जानते हुए भी कुछ नहीं कहा, न नौकर से और न ही किसी और से चार-पाँच वर्ष बीत गए तब एक दिन उस नौकर ने पादरी की घड़ी खुद लौटा दी। पादरी सिर्फ कुछ...
अद्भुत उत्तर
प्लेटो एक भाषण कला विद्यालय चलाते थे। उनके पास एक लड़का पहुँचा और उसने विद्यादान की याचना की। प्लेटो ने कहा “पहले मैं तुम्हारी परीक्षा लूँगा। तुमसे दो-चार सवाल पूछूँगा। अपने उत्तर से अगर तुम मुझे संतुष्ट कर दोगे तो मैं अवश्य...
खरे-खोटे की पहचान
एक आदमी शिष्य बनने के ख्याल से संत एकनाथ जी के पास आ रहा था। उसने एकनाथ जी को पहले देखा नहीं था, सिर्फ उनकी महिमा सुनी थी। वह उनके आश्रम का पता पूछता हुआ उधर को जा रहा था कि रास्ते में उसे एक बूढ़ा आदमी घास काटता हुआ मिला। उसने...
मैंने ली ही नहीं।
एक बार गौतम बुद्ध राजगृह के वेणुवन नामक स्थान में ठहरे हुए थे। एक ब्राह्मण, जिसका कोई संबंधी बौद्ध भिक्षुसंघ में शामिल हो गया था, उन्हें गालियाँ देने लगा। गौतम बुद्ध को जरा भी उत्तेजित न होते देख उसने बुद्धदेव से पूछा “आपको बुरा...

