एक बार गौतम बुद्ध अपने सारथी के साथ चुपके से नगर भ्रमण के लिए निकले। रास्ते में उन्हें एक खाँसता हुआ आदमी दिखाई पड़ा। उन्होंने सारथी से पूछा इसे क्या हो गया है?” सारथी बोला “यह रोगी आदमी है, इसे खाँसने की बीमारी हो गई है।”...
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क्रोध पर विजय
संत एकनाथ किसी पर क्रोध नहीं करने के लिए प्रसिद्ध थे सभी लोग उनकी सहनशीलता और विनम्रता की प्रशंसा किया करत थे। एक दिन कुछ विरोधियों ने उन्हें कुद्ध करने को सोचा। इसके लिए उन्होंने एक दुष्ट व्यक्ति को चुना और उन्हें संत एकनाथ जी...
‘Utkal Gourab’ Madhusudan Das
It was in the year 1925. Orissa was then a part of Bihar. In the Legislative Council of the province of Bihar and Orissa there were several Oriya members. Among the ministers also there was an Oriya. At that time the speeches on...
Utkalmani Gopabandhu Das
It was a monsoon evening. The rainfall was incessant. Puri was then a tiny town having no street lights. Electricity was unknown. In a small house an ailing boy, the only son of his parents was lying motionless. The doctors...
‘Netaji’ Subhash Chandra Bose
It was 1942. The Second World War was going on in full swing. The Britishers were retreating against the furious attack of the Germans. In India, at such a time, Gandhiji declared “Britishers, quit India” and advised...
राज भाषा आयोग
भारतीय संविधान में यह निश्चित किया गया है कि देश की राजभाषा हिंदी होगी। संविधान के बनाते समय यह भी तय किया गया था कि राष्ट्रपति समय-समय पर हिंदी की प्रयोग संबंधी प्रगति की जाँच के लिए आयोग नियत किया करेंगे, जो यह बताएगा कि देश के...
अंतरिक्ष लोक में मानव की विजय
4 अक्तूबर 1957 का दिन संसार के वैज्ञानिक इतिहास में बहुत क्रांतिकारी और महत्त्वपूर्ण गिना जाएगा। इस दिन संसार ने अचानक सुना कि रूस के वैज्ञनिकों ने एक उपग्रह छोड़ा है, जो पृथ्वी से 560 मील ऊपर आकाश में पृथ्वी के चारों ओर घूम रहा...
परमाणु युग
यदि बीसवीं सदी का पूर्वार्द्ध विद्युत् युग था तो उसका उत्तरार्द्ध अणु युग है, मानव समाज दीर्घ काल से शक्ति का आविष्कार कर रहा है। छोटे-छोटे यंत्र मानव-शक्ति को बढ़ाने के लिए आविष्कृत किए गए। अग्नि का प्रयोग अनादि काल से मनुष्य को...
राष्ट्र-निर्माण या ग्रामोत्थान
जब तक देश परतंत्र था, तब तक अंग्रेज सरकार का ध्यान केवल शासन और देश के शोषण की ओर रहा। वह भारतीय समाज की वास्तविक सेवा से सहानुभूति रख ही नहीं सकती थी। यद्यपि जनता की माँग और कुछ प्रदर्शन की भावना से कुछ न कुछ काम इधर-उधर अवश्य...
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत में नए कर
किसी देश की विकास योजनाओं को पूर्ण करने के लिए जहाँ अनुभव, परिश्रम, उत्साह और उमंग की आवश्यकता होती है, वहाँ उससे कम आवश्यकता धन की नहीं होती। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश में दो पंचवर्षीय योजनायें बनी हैं। इन दोनों के व्यय...

