Latest Posts

Prerak Prasang

जरा-व्याधि-मृत्यु

एक बार गौतम बुद्ध अपने सारथी के साथ चुपके से नगर भ्रमण के लिए निकले। रास्ते में उन्हें एक खाँसता हुआ आदमी दिखाई पड़ा। उन्होंने सारथी से पूछा इसे क्या हो गया है?” सारथी बोला “यह रोगी आदमी है, इसे खाँसने की बीमारी हो गई है।”...

Prerak Prasang

क्रोध पर विजय

संत एकनाथ किसी पर क्रोध नहीं करने के लिए प्रसिद्ध थे सभी लोग उनकी सहनशीलता और विनम्रता की प्रशंसा किया करत थे। एक दिन कुछ विरोधियों ने उन्हें कुद्ध करने को सोचा। इसके लिए उन्होंने एक दुष्ट व्यक्ति को चुना और उन्हें संत एकनाथ जी...

Lets see Essays

राज भाषा आयोग

भारतीय संविधान में यह निश्चित किया गया है कि देश की राजभाषा हिंदी होगी। संविधान के बनाते समय यह भी तय किया गया था कि राष्ट्रपति समय-समय पर हिंदी की प्रयोग संबंधी प्रगति की जाँच के लिए आयोग नियत किया करेंगे, जो यह बताएगा कि देश के...

Lets see Essays

अंतरिक्ष लोक में मानव की विजय

4 अक्तूबर 1957 का दिन संसार के वैज्ञानिक इतिहास में बहुत क्रांतिकारी और महत्त्वपूर्ण गिना जाएगा। इस दिन संसार ने अचानक सुना कि रूस के वैज्ञनिकों ने एक उपग्रह छोड़ा है, जो पृथ्वी से 560 मील ऊपर आकाश में पृथ्वी के चारों ओर घूम रहा...

Lets see Essays

परमाणु युग

यदि बीसवीं सदी का पूर्वार्द्ध विद्युत् युग था तो उसका उत्तरार्द्ध अणु युग है, मानव समाज दीर्घ काल से शक्ति का आविष्कार कर रहा है। छोटे-छोटे यंत्र मानव-शक्ति को बढ़ाने के लिए आविष्कृत किए गए। अग्नि का प्रयोग अनादि काल से मनुष्य को...

Lets see Essays

राष्ट्र-निर्माण या ग्रामोत्थान

जब तक देश परतंत्र था, तब तक अंग्रेज सरकार का ध्यान केवल शासन और देश के शोषण की ओर रहा। वह भारतीय समाज की वास्तविक सेवा से सहानुभूति रख ही नहीं सकती थी। यद्यपि जनता की माँग और कुछ प्रदर्शन की भावना से कुछ न कुछ काम इधर-उधर अवश्य...

Lets see Essays

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत में नए कर

किसी देश की विकास योजनाओं को पूर्ण करने के लिए जहाँ अनुभव, परिश्रम, उत्साह और उमंग की आवश्यकता होती है, वहाँ उससे कम आवश्यकता धन की नहीं होती। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश में दो पंचवर्षीय योजनायें बनी हैं। इन दोनों के व्यय...

You cannot copy content of this page