इंग्लैंडः विश्वविख्यात हास्य अभिनेता जन्म : 1889 मृत्यु : 1977 चार्ली चैपलिन एक विश्वविख्यात हास्य अभिनेता एवं फिल्म निर्देशक थे। वे एक समर्पित कलाकार थे और उन्होंने अनेक अविस्मरणीय फिल्में दी हैं जो फिल्मों के इतिहास में अमर...
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मार्टिन लूथर किंग
अमेरिका : अहिंसावादी अश्वेत नेता जन्म : 1929 मृत्यु : 1968 समानता के सिद्धान्त के महान पक्षधरों में डॉ. मार्टिन लूथर किंग का नाम उल्लेखनीय है। मात्र 39 वर्ष की आयु में ही गांधीवादी सिद्धांतों को जैसा व्यावहारिक रूप उन्होंने दिया...
ओशो रजनीश
भारत : भोगवाद के जनक जन्म : 1931 मृत्यु : 1990 रजनीश स्वयं को 20वीं सदी के सबसे बड़े तमाशेबाजों में से एक मानते हैं। अपने अद्वितीय बुद्धि और कौशन से उन्होंने विश्वभर के अनुनायियों को जिस सूत्र में बाँधा वह काफी हंगामेदार साबित...
डॉ. होमी जहांगीर भाभा
अब्राहम लिंकन
अमेरिका : दासों के मुक्तिदाता राष्ट्रपति जन्म : 1809 मृत्यु : 1865 अब्राहम लिकन संयुक्त राज्य अमेरिका के ऐसे महापुरुष थे, जिन्होंने देश और समाज की भलाई के लिए अपना जीवन तक उत्सर्ग कर दिया। पहले अमेरिका में जारी गृहयुद्धों के समय...
मीराबाई
भक्ति काल की प्रसिद्ध कवयित्री मीराबाई का जन्म सम्वत् 1573 में मेवाड़ के राठौर सामन्त रत्नसिंह के यहाँ हुआ था। उनका विवाह महाराणा साँगा के पुत्र भोजराज के साथ हुआ था। दुर्भाग्यवश विवाह के कुछ समय पश्चात् ही उनके पति की मृत्यु हो...
गोस्वामी तुलसीदास
हिंदी के भक्तिकालीन कवियों में गोस्वामी तुलसीदास का महत्त्वपूर्ण स्थान है। उनका जन्म सम्वत् 1556 में बाँदा जिले के राजापुर नामक ग्राम में हुआ था। उनके पिता श्री आत्माराम एक प्रतिष्ठित ब्राह्मण थे। उनकी माता का नाम हुलसी था। उनके...
महाकवि सूरदास
सूरदास जी का जन्म सम्वत् 1540 में हुआ था। वह सारस्वत ब्राह्मण थे। कुछ व्यक्ति यह मानते हैं कि वह जन्म से अंधे थे, किंतु यह धारणा ठीक नहीं है। उनके काव्य में प्राप्त होने वाले विविध श्रेष्ठ वर्णन इसे मानने में बाधा डालते हैं।...
आचार्य केशवदास
हिंदी के आचार्य कवियों में कविवर केशवदास का महत्त्वपूर्ण स्थान है। यद्यपि उन्होंने अपने कवि जीवन को भक्ति काल के अंत में प्रारंभ किया था, तथापि उनके काव्य में रीतिकालीन प्रवृत्तियों को ही अधिक स्थान प्राप्त हुआ है। इस कारण उनकी...
राजा राममोहन राय
भारत : सती प्रथा के निवारक जन्म : 1772 मृत्यु : 1833 राजा राममोहन राय ने तत्कालीन भारतीय समाज की कट्टरता, रूढ़िवादिता एवं अंध विश्वासों को दूर करके उसे आधुनिक बनाने का प्रयास किया, इसीलिए उन्हें आधुनिक भारतीय समाज का जन्मदाता कहा...

