इंग्लैंड : ‘लेडी विद द लैम्प’ जन्म – 1820 मृत्यु – 1910 सन् 1854-56 के क्रीमिया युद्ध के समय घायलों की सेवा करके उन्हें नई जिंदगी देने वाली मानव सेविका फ्लोरेंस नाइटिंगेल 40 सदस्यीय नर्स मंडली की संयोजिका...
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लियो टॉल्सटॉय
सोवियत संघ : रूस के अग्रणी उपन्यासकार जन्म : 1828 मृत्यु : 1910 काउंट लियो निकोलाइविच टॉल्सटॉय रूस के प्रतिनिधि उपन्यासकार माने जाते हैं। जिस एक रचना के कारण वे आज विश्वविख्यात हो गए हैं वह ते ‘वार एंड पीस’ उपन्यास।...
हिंदी – आलोचना का विकास
‘आलोचना’ से हमारा तात्पर्य किसी साहित्यिक रचना का अध्ययन कर उसके गुण-दोष दिखाने से है। इसके लिए यह आवश्यक है कि आलोचक निष्पक्ष भाव में रचना के सौंदर्य का सूक्ष्म और स्वच्छ विश्लेषण उपस्थित करें। हिंदी में आलोचना का...
महाकवि चंदबरदाई
वीरगाथा काल के कवियों में महाकवि चंदबरदाई का सर्वश्रेष्ठ स्थान है। वह महाराज पृथ्वीराज के राज कवि थे और उनके साथ उनकी एक मित्र के समान घनिष्ठता थी। उन्होंने महाराज पृथ्वीराज के जीवन की प्रमुख घटनाओं के आधार पर ‘पृथ्वीराज...
हिंदी कहानी का विकास
भारतवर्ष में कहानी के प्रथम चिह्न हमें वैदिक साहित्य में उपलब्ध होते है। ऋग्वेद में प्राप्त होने वाले ‘इंद्रसूक्त’, ‘दशराज सुक्त’ और ‘यम-यमी संवाद’ इसके उत्कृष्ट प्रमाण हैं। इन कथाओं में मानव...
महाकवि विद्यापति
कविवर विद्यापति ने काव्य की रचना चौदहवीं शताब्दी में की थी। उन्होंने अपने काव्य की रचना अधिकतर गीति काव्य के रूप में स्वतंत्र पदों में की थी। इस समय उनकी कविताओं का एक संग्रह ‘विद्यापति की पदावली’ के नाम से मिलता है।...
हिंदी का निबंध – साहित्य
गद्य के प्रभाव के कारण आधुनिक युग से पूर्व निबंध – साहित्य का विकास न हो सका था। नाटक, उपन्यास आदि अन्य गद्य रचनाओं की भाँति निबंध का प्रारंभ भी भारतेंदु युग में ही हुआ। इस युग के निबंध लेखकों में सर्वश्री भारतेंदु...
हिंदी गद्य का विकास
हिंदी में गद्य की अपेक्षा पद्य को प्रधान स्थान प्राप्त हुआ है, तथापि गद्य रचनाओं के संकेत भी हमें कहीं कहीं मिलते है। सर्वप्रथम हमें राजस्थानी गद्य का अपभ्रंश – मिश्रित रूप प्राप्त होता है। इस प्रकार के गद्य को महाराज...
महात्मा कबीर
यद्यपि महात्मा कबीर के जीवन के विषय में निश्चित सूचनाएँ प्राप्त नहीं होतीं, तथापि खोज के द्वारा उनकी जीवन घटनाओं का कुछ विवरण एकत्रित करने का समय-समय पर प्रयास किया गया है। इस आधार पर उनका जन्म सम्वत् 1456 तथा मृत्यु सम्वत् 1575...
हिंदी उपन्यास का विकास
हिंदी के उपन्यास साहित्य का प्रारंभ लाला श्रीनिवासदास के ‘परीक्षा गुरु’ नामक उपन्यास से होता है। इस उपन्यास में मौलिकता, रोचकता और भाव – सौंदर्य का प्रशंसनीय समावेश हुआ है। इस उपन्यास की रचना भारतेंदु- युग में...

