साहित्यकार साहित्य की रचना करते समय उसमें मानव जीवन का चित्रण करने की ओर सर्वाधिक ध्यान देता है। अतः यह स्पष्ट है कि अपनी रचना को स्वाभाविक रखने के लिए वह उसमें जीवन के वास्तविक और आदर्शात्मक, दोनों ही रूपों को यथास्थान ग्रहण...
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सत्यम् शिवम् सुंदरम्
साहित्य की सफलता उसकी मार्मिकता में निहित होती है। इस मार्मिकता की योजना के लिए लेखक साहित्य की अनेक रूपों में रचना करता है और उसमें अनेक प्रकार के सिद्धांतों का समावेश करता है। उसमें सत्य, शिव और सुंदर की योजना भी उसके इसी...
कला और जीवन
कला मनुष्य को आनंद की ओर ले जाने वाली एक मधुर चेतना है। संसार की जिन वस्तुओं को सामान्य व्यक्ति उपेक्षा की दृष्टि से देखता है, कला- कार उन्हीं में नवीन सौंदर्य की खोज कर लेता है। स्वयं चेतनता से युक्त होने के कारण वह जड़ वस्तु...
कविता का स्वरूप
कविता के अध्ययन अथवा श्रवण से मानव-मन पर जो व्यापक प्रभाव पड़ता है उसको लक्षित करते हुए प्रत्येक देश के साहित्यकारों ने उसकी रचना की ओर अधिक ध्यान दिया है। कविता का उद्देश्य पाठक को आनंद का अनुभव कराना है। उसके स्वरूप के विषय में...
निबंध का स्वरूप
निबंध वह संक्षिप्त गद्य रचना है जिसमें किसी विशेष अनुभव अथवा विचारधारा का स्पष्ट रीति से प्रतिपादन किया जाए। उसमें लेखक को अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का पूर्ण अवसर प्राप्त रहता है और वह आवश्यकता के अनुसार उसमें अपने...
भीमराव रामजी आंबेडकर
भारत : भारतीय संविधान के निर्माता जन्म: 1893 मृत्यु : 1956 दलितों के उद्धारक और भारतीय संविधान (Indian Constitution) के प्रमुख शिल्पी भीमराव आंबेडकर ने 1919 में ‘मूक नायक’ के माध्यम से अछूतों को जागृत करने का प्रयास...
बॉबी फ़िशर
अमेरिका: शतरंज का बादशाह जन्म : 1943 शतरंज जैसे गूढ़ खेल पर नन्ही सी उम्र में ही अधिकार पा लेने वाले विश्व के दो खिलाड़ियों में रूस के गैरी कास्पारोव और अमेरिका के जेम्स रॉबर्ट फ़िशर (James Robert Fisher) का नाम उल्लेखनीय है।...
जिद्दू कृष्णमूर्ति
भारत : आधुनिक युग के महामानव जन्म : 1895 मृत्यु : 1986 जे. कृष्णमूर्ति ने अध्यात्म और मुक्ति को एक नई परिभाषा दी और उसे जनमानस के व्यावहारिक धरातल पर ले आए। ऑर्डर ऑफ द स्टार इन दि ईस्ट (Order of the Star in the East) संस्था को...
मोज़ेज़
मिस्र : हिब्रू नेता, ‘टेन कमांडमेंट्स’ के प्रणेता जन्म : तेरहवीं शती ई. पू. मृत्यु: तेरहवीं शती ई. .पू. संसार के प्राचीनतम धर्म प्रवर्तकों की श्रेणी में मोज़ेज़ (मूसा) का नाम अग्रगण्य है। उनका जन्म लगभग 1350 ई. पू...
गुरु नानक
भारत : सिख धर्म के संस्थापक जन्म : 1469 मृत्यु : 1539 धार्मिक कट्टरता के वातावरण में उदित गुरू नानक ने धर्म को उदारता की एक नई परिभाषा दी। उन्होंने अपने सिद्धान्तों के प्रसार हेतु एक संन्यासी की तरह घर का त्याग कर दिया और...

