आज हम अत्यन्त शोक के साथ आपको विदा देने के लिए यहाँ एकत्रित हुए हैं। आपने _______________ विद्यालय की जो सेवाएँ की हैं और हम विद्यार्थियों के साथ जैसा प्रशंसनीय व्यवहार किया है, उसके वर्णन के लिए हमारे पास शब्द नहीं हैं। हम में...
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विदाई पत्र – 3
सेवा में पूजनीय, श्रीमान सदन कुमार पाल, प्रोफ़ेसर, सरकारी स्यंशासित महाविद्यालय, राउरकेला महाशय आज यह हमारा दुर्भाग्य है कि आप हमको छोड़कर सेवानिवृत्त रहे हैं। आप नेत्रों के सामने से भले ही चले जाएँ परन्तु हृदय से कभी बाहर...
विदाई पत्र
सेवा में मानव रत्न, श्रीमान सदन कुमार पाल, प्रोफ़ेसर, सरकारी स्यंशासित महाविद्यालय, राउरकेला महाशय आज हम अत्यन्त शोक के साथ आपको विदा देने के लिए यहाँ एकत्रित हुए हैं। प्रोफ़ेसर से भी अधिक हम आपका मानव रूप में आदर करते हैं।...
विदाई पत्र
सेवा में मान्यवर, श्रीमान सदन कुमार पाल, प्रोफ़ेसर, सरकारी स्यंशासित महाविद्यालय, राउरकेला महाशय आज हम अत्यन्त शोक के साथ आपको विदा देने के लिए यहाँ एकत्रित हुए हैं। आपने राउरकेला कॉलेज की जो सेवाएँ की हैं और हम विद्यार्थियों के...
चक्रवर्ती राजगोपालाचार्य ( 1879-1972 ) हमारी स्वतंत्रता
चक्रवर्ती राजगोपालाचार्य ( 1879-1972 ) स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचार्य (राजाजी) का जन्म सेलम जिले के एक गाँव में हुआ था। गांधी जी के आह्वान पर दूसरे दशक में अपनी वकालत छोड़कर पहले सत्याग्रह आंदोलन में...
अहा बाल्य जीवन भी क्या है!
अहा बाल्य जीवन भी क्या हैं! (1) प्रस्तावना – बाल्य जीवन की विशेषता (2) बाल्य जीवन के आनंद– (क) कोई चिन्ता नहीं होती। (ख) कोई दायित्व नहीं होता। (ग) मस्ती रहती है। (घ) काल्पनिक दुनिया में विचरण होता है। (ङ) रँगीली रचना...
सरदार पटेल (1875-1950 ) नागरिकों का विभाजन नहीं होगा ( 11 अगस्त 1947)
बारदोली में किसान सत्याग्रह को सफल नेतृत्व प्रदान करने के कारण महात्मा गांधी ने उन्हें सरदार का नाम दिया। अगस्त 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद जिस दृढ़ता से इन्होंने देशी रियासतों के विलय के लिए कदम उठाए उसके कारण वे लौह...
राम-राज्य और स्त्री समाज – गांधी जी का भाषण
मैं बहनों के सामने राम-राज्य की बात करता हूँ। राम-राज्य स्वराज्य से भ अधिक है। इसलिए वह कैसा होता है, मैं इसी के बारे में बताऊँगा, स्वराज्य के बारे में नहीं। राम-राज्य वहीं हो सकता है जहाँ सीता का होना संभव हो। हम हिंदू बहुतेरे...
हिंदू धर्म क्या है ? (30 जनवरी 1937) महात्मा गांधी (1869-1948)
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भारत में नहीं आज पूरे विश्व में पूजनीय हैं। 1893 में दक्षिण अफ्रीका में रेल के डिब्बे में हुई दुर्व्यवहार और भेदभाव की एक घटना ने उनके जीवन की धारा ही मोड़ दी। 1894 से 1914 तक, लगभग 20 वर्षों तक दक्षिण...
जीवन में खेलों का महत्त्व
प्रसिद्ध कहावत है “स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है।” स्वास्थ्य संसार का सर्वोतम रत्न है। इतिहास साक्षी है कि स्वास्थ्य के बल पर ही बड़े कार्य सिद्ध हुए हैं। स्वामी विवेकानंद ने नवयुवकों को बलवान बनने का संदेश दिया।...

