भारत : अध्यात्म का आलोकित दीप जन्म : 1863 मृत्यु : 1902 एक युवा संन्यासी के रूप में भारतीय संस्कृति की सुगंध विदेशों में बिखेरने वाले विवेकानंद साहित्य, दर्शन और इतिहास के प्रकाण्ड विद्वान थे श्री रामकृष्ण परमहंस से प्रभावित होकर...
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महावीर स्वामी
भारत : जैन धर्म के उन्नायक जन्म : 599 ई. पू. मृत्यु : 527 ई. पू. महावीर स्वामी विश्व के उन महात्माओं में से एक थे जिन्होंने मानवता के कल्याण के लिये राजपाट को छोड़कर तप और त्याग का मार्ग अपनाया था। बचपन से ही उनमें महानता के...
पाब्लो पिकासो
स्पेन : बीसवीं सदी के शीर्षस्थ चित्रकार जन्म 1881 मृत्यु : 1972 पाब्लो रुइज़ पिकासो की बीसवीं सदी के पांच प्रमुख उल्लेखनीय नामों में गणना की जाती है । वे अपने समय के सर्वाधिक सृजनशील तथा महानतम चित्रकार रहे हैं। पिकासो के आगे...
जॉर्ज बर्नार्ड शॉ
आयरलैंड : दार्शनिक साहित्यकार जन्म 1856 मृत्यु 1950 जॉर्ज बर्नार्ड शॉ (George Bernard Shaw) उन दार्शनिकों में से एक हैं जिन्हें नोबल पुरस्कार विजेता के अलावा साहित्यिक संत के रूप में अधिक याद किया जाता है। उन्होंने...
खान अब्दुल गफ्फार खाँ
पख्तूनिस्तान : सीमांत गांधी जन्म : 1890 मृत्यु : 1988 सरहद के पार अपने लोगों की स्वाधीनता के लिए संघर्षरत ‘सीमांत गांधी’ के नाम से विख्यात खान अब्दुल गफ्फार खाँ प्रारंभ से ही अंग्रेजों के खिलाफ थे। विद्रोह के आरोप में...
अलफ्रेड बर्नहार्ड नोबेल
स्वीडन : नोबेल पुरस्कार के संस्थापक जन्म : 1833 मृत्यु 1896 अलफ्रेड नोबेल एक खोजकर्ता वैज्ञानिक थे और डायनामाइट (बारूद) का अविष्कार करके उन्होंने कई समस्याओं का समाधान प्रस्तुत कर दिया था परन्तु उन्होंने सदैव डायनामाइट के...
लेनिन
सोवियत संघ : साम्यवाद के संस्थापक जन्म : 1870 मृत्यु 1924 लेलिन (Lenin ) रूस के इतिहास में ही नहीं वरन् विश्व इतिहास के कर्णधारों में एक अग्रणी नाम है। उन्होंने रूस की कायापलट करके सबको आश्चर्य चकित कर दिया। उन्हीं के प्रयत्नों...
चार्ल्स रॉबर्ट डार्विन
इंग्लैंड : ‘विकासवाद’ के जन्मदाता जन्म : 1809 मृत्यु : 1882 ईस वर्ष की आयु में ‘बीगल’ नामक जहाज में 27 दिसंबर, 1831 को अपनी बा प्रथम महान् समुद्र यात्रा प्रारंभ कर प्रकृतिशास्त्री चार्ल्स रॉबर्ट डार्विन ने...
लाला लाजपतराय
भारत : जनसेवी स्वतन्त्रता सेनानी जन्म : 1865 मृत्यु : 1928 आजीवन ब्रिटिश राजशक्ति का सामना करते हुये अपने प्राणों की परवाह न करने वाले ‘पंजाब केसरी’ लाला लाजपतराय स्वामी दयानंद से काफी प्रभावित थे। पंजाब के...
मन की ही खाना तो देशी घी के लड्डू क्यों नहीं खाना !
आप जैसे विचार करते हैं, वैसे ही विचार वातावरण में से खिंचकर आपके पास आ जाते हैं। जमीने में जैसा बीज बोओ, उसी प्रकार का पोषण धरती और वातावरण से मिलता है एवं बीज फलित होता है। ऐसे ही यदि आपका दिल प्रफुल्लित और खुश होता है तो...

