मानवीय करुणा की साकार मूर्ति अपनी नि:स्वार्थ सेवा और करुणा से मदर टेरेसा ने सिर्फ भारतीयों के मन में ही अपना स्थान नहीं बनाया, उन्होंने समूचे विश्व के हृदय को भी जीत लिया। वे 6 जनवरी, 1929 को यूगोस्लाविया से भारत आईं। उन्होंने...
Latest Posts
अलबर्ट आइन्स्टीन
जर्मनी के प्रसिद्ध गणितज्ञ मानव इतिहास के जाने-माने बुद्धिजीवी अलबर्ट आइंस्टीन 20वीं सदी के प्रारंभिक बीस वर्षों तक विश्व के विज्ञान जगत पर छाए रहे। अपनी खोजों के आधार पर उन्होंने अंतरिक्ष, समय और गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत दिए।...
ପଣ୍ଡିତ ଗୋଦାବରୀଶ ମିଶ୍ର
ଜନ୍ମ- ୨୬.୧୦.୧୮୮୬ ମୃତ୍ୟୁ- ୨୬.୦୭. ୧୯୫୬ ବକୁଳବନର କୋକିଳ କବି ଭାବରେ ପରିଚିତ ପଣ୍ଡିତ ଗୋଦାବରୀଶ ମିଶ୍ର ୧୮୮୬ ମସିହା ଅକ୍ଟୋବର ମାସ ୨୬ ତାରିଖରେ ଖୋଦ୍ଧାଜିଲ୍ଲା (ତତ୍କାଳୀନ ପୁରୀଜିଲ୍ଲା) ବାଣପୁର ଅନ୍ତର୍ଗତ ଶ୍ରୀନିବାସପୁର ଶାସନ (ଅଚ୍ୟୁତରାଜପୁର) ର ଏକ ବ୍ରାହ୍ମଣ...
इंदिरा गांधी
भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने न केवल भारतीय राजनीति को नए आयाम दिए बल्कि विश्व राजनीति के क्षितिज पर भी वे एक युग बनकर छाई रहीं। राष्ट्रप्रेम, राष्ट्र की अखंडता, राजनीति और लोककल्याण आदि उन्हें अपने दादा पंडित...
एडॉल्फ हिटलर
जर्मन तानाशाह और विलक्षण राजनयिक प्रतिभा के धनी एडॉल्फ हिटलर को 20वीं सदी का सर्वाधिक विवादास्पद व्यक्तित्व माना जा सकता है। सन् 1931 से 1941 तक के 10 वर्षों में उन्होंने शायद ही कोई राजनीतिक भूल की और नेपोलियन द्वारा जीते...
ब्रह्मा जी को मतिभ्रम क्यों हुआ?
बात उन्हीं दिनों की है, जिन दिनों कृष्ण वृंदावन में गाएँ चराया करते थे। एक बार ब्रह्माजी के मन में श्रीकृष्ण की परीक्षा लेने का विचार उत्पन्न हुआ। उन्होंने सोचा, जरा पता लगाया जाए कि नंद के पुत्र कृष्ण के बारे में ये जो नाना...
कृष्ण और कालिया दमन की कथा
गरमी के दिन थे, कृष्ण यमुना के तट पर ग्वाल-बालों के साथ गाएँ चरा रहे थे। गाएँ इधर-उधर छिटकी हुई, बड़ी तन्मयता के साथ घास चर रही थीं। ग्वाल-बाल इधर-उधर खेल रहे थे। धूप बड़ी तेज थी। कुछ ग्वाल-बालों और गायों को प्यास लगी। वे यमुना...
साइबर क्राइम
हैकर – हैलो, मिस्टर घनश्याम गोसाईं स्पीकिंग। घनश्याम – हाँ आप कौन? हैकर – जी मैं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बोलानी ब्रांच का मैनेजर, उत्तम बक्शी बात कर रहा हूँ। घनश्याम – जी नमस्कार सर, बोलिए सर। हैकर – घनश्याम जी आपका सेविंग...
ଛତ୍ରପତି ଶିବାଜୀ
କୁନାର ନିକଟସ୍ଥ ଶିବନେରର ପ୍ରାକୃତିକ ଦୁର୍ଗ-ସ୍ଵରୂପ କ୍ଷୁଦ୍ର ପର୍ବତମାଳା – ପରିବେଷ୍ଟିତ ଉପତ୍ୟକା। ଏହି ଜନମାନବଶୂନ୍ୟ ବିବିକ୍ତ ସ୍ଥଳୀରେ ଆଶ୍ରୟ ନେଇଛନ୍ତି ଆସନ୍ନପ୍ରସବା ଜଣେ ନାରୀ। ସଙ୍ଗରେ ମାତ୍ର ମୁଷ୍ଟିମେୟ ବିଶ୍ବସ୍ତ ଦେହରକ୍ଷୀ। ସମଗ୍ର ଭାରତରେ ଅବିଦିତ ଏକ...
ରାଣୀ ଅହଲ୍ୟାବାଈ
ସ୍ଵାଧୀନ ଗୋଟିଏ କ୍ଷୁଦ୍ରରାଜ୍ୟ ଶାସନର ବାଗ୍ରି ଯେଉଁଦିନ ସେ ବାଧ୍ୟ ହୋଇ ଗ୍ରହଣ କଲେ – ସେଦିନ – ସେ ମୁହୂର୍ତ୍ତରେ ରାଜ୍ୟାଭିଷେକ ହେଉ ନହେଉଣୁ ରାଜକୋଷ ଉପରେ ତୁଳସୀଦଳ ଅର୍ପଣ କରି ସେ ନୈବେଦ୍ୟ କରିଦେଲେ – ଏ ରାଜକୋଷର ସମସ୍ତ ଧନ କେବଳ ଧର୍ମ କାର୍ଯ୍ୟରେ ବ୍ୟୟିତ ହେବ।”...

