ICSE, Class, IX and X, Sahitya Sagar, Chapter – Bheed Me Khoya Aadmi, Leeladhar Sharma Parwateeya, भीड़ में खोया आदमी, लीलाधर शर्मा पर्वतीय

लेखक परिचय – लीलाधर शर्मा पर्वतीय

लीलाधर शर्मा पर्वतीय का जन्म 1 जनवरी 1919 को अल्मोड़ा, उत्तर प्रदेश के किसान परिवार में हुआ। विद्यार्थी जीवन में प्रेमचंद के उपन्यासों को पढ़कर कांग्रेस के सक्रिय सदस्य बन गए। अतः बीच-बीच में जेल – यात्राओं के कारण नियमित अध्ययन खंडित होता रहा। बाद में काशी विद्यापीठ वाराणसी से उन्होंने शास्त्री परीक्षा उत्तीर्ण की।

द्वितीय विश्व युद्ध के आरंभ होते ही उनको पुनः गिरफ्तार कर लिया गया। वहाँ जेल में भी उन्होंने अपना अध्ययनक्रम बनाएँ रखा। स्वाधीन भारत में उन्होंने विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं का संपादन कर पत्रकारिता के क्षेत्र में यश अर्जित किया। उत्तर प्रदेश सरकार की हिंदी समिति से उसके स्थापन काल से ही संबद्ध रहे और कई वर्ष उसके सचिव रहे। उत्तर प्रदेश शासन के उपसूचना निदेशक पद से 1979 में सेवा निवृत हुए।

पर्वतीय जी की भाषा सरल और सुबोध है। उनकी रचनाओं में कथा और रिपोर्ताज की शैली का आनंद रहता है। उनकी प्रमुख दो रचनाएँ संयुक्त राष्ट्र-संघ और स्वतंत्रता की पूर्व संध्या उत्तर प्रदेश सरकार से पुरस्कृत हुई हैं। उन्होंने गाँधी साहित्य के अहिंसा खंड का संपादन भी किया है।

हिंदी के विकास में पर्वतीय जी का विशेष योगदान है। राष्ट्रीय विषयों को हिंदी में सरसता से प्रस्तुत करने में वे बेजोड़ हैं।

पाठ का सारांश

लीलाधर शर्मा ‘पर्वतीय’ द्वारा रचित यह निबंध ‘भीड़ में खोया आदमी’ भारत की ज्वलंत समस्याओं—जनसंख्या वृद्धि और उससे उत्पन्न अव्यवस्था—पर एक तीखा कटाक्ष है। लेखक ने अपने मित्र श्यामलाकांत के परिवार के माध्यम से यह दिखाया है कि कैसे एक अनियोजित परिवार और बढ़ती आबादी देश के विकास और व्यक्तिगत सुख को लील रही है।

लेखक अपने मित्र बाबू श्यामलाकांत की बेटी के विवाह में शामिल होने हरिद्वार जाते हैं। पूरी यात्रा के दौरान उन्हें जनसंख्या विस्फोट के दुष्परिणाम झेलने पड़ते हैं—चाहे वह स्टेशन पर टिकट की लंबी कतार हो, ट्रेन में धक्कम-धक्का हो या छत पर बैठकर यात्रा करते लोग। जब वे मित्र के घर पहुँचते हैं, तो वहाँ भी बदहाली का दृश्य देखते हैं। श्यामलाकांत का बड़ा बेटा बेरोजगार है, घर दो कमरों का है जिसमें सामान ठूँसा पड़ा है, पत्नी बीमार है और बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। अस्पताल, राशन की दुकान और दर्जी—हर जगह भीड़ है। लेखक निष्कर्ष निकालते हैं कि यदि हमने जनसंख्या पर नियंत्रण नहीं किया, तो इंसान इस भीड़ में अपनी पहचान और अस्तित्व खो देगा।

 

पाठ का उद्देश्य और छात्रों के लिए सीख

उद्देश्य – पाठकों को जनसंख्या वृद्धि के भयानक परिणामों जैसे – बेरोजगारी, आवास की कमी, गंदगी, कुपोषण के प्रति जागरूक करना।

सीख – छात्रों को यह समझना चाहिए कि एक सुखी जीवन के लिए ‘सीमित परिवार’ अनिवार्य है। अनुशासन और नियोजन ही देश को प्रगति की ओर ले जा सकते हैं।

 

पात्र परिचय

लेखक (लीलाधर शर्मा) – कथावाचक, जो समस्याओं का बारीकी से निरीक्षण करते हैं।

बाबू श्यामलाकांत – लेखक के मित्र, परिश्रमी और ईमानदार किंतु निजी जीवन में लापरवाही के कारण बड़ा परिवार कर लेते हैं।

दीनानाथ – श्यामलाकांत का बड़ा बेटा, जो योग्य होने पर भी बेरोजगारी का दंश झेल रहा है।

सुमंत – छोटा बेटा, जो राशन की लाइन में लगकर परेशान है।

श्यामला जी की पत्नी – दुर्बल और बीमार महिला, जो बड़े परिवार के बोझ तले दबी है।

 

पाठ के स्मरणीय बिंदु

जनसंख्या वृद्धि का सीधा प्रभाव आवास, भोजन और रोजगार पर पड़ता है।

अस्पतालों में भीड़ और दवाओं की कमी का कारण भी बढ़ती आबादी है।

अनियोजित परिवार ही सारी समस्याओं की जड़ है।

 

कठिन शब्दों के सरल अर्थ

1 – अभिन्न – गहरा / जो अलग न हो – Inseparable / Close

2 – सम्मिलित – शामिल होना – To participate

3 – आरक्षण – स्थान सुरक्षित करना – Reservation

4 – भीषण – डरावना / बहुत अधिक – Dreadful / Fierce

5 – अनुशासन – नियम का पालन – Discipline

6 – स्तब्ध – हैरान / जड़ – Stunned / Speechless

7 – दुर्बल – कमज़ोर – Weak / Feeble

8 – विपदा – मुसीबत – Calamity / Misery

9 – कुपोषण – पोषक तत्वों की कमी – Malnutrition

10 – दुष्परिणाम – बुरा नतीजा – Evil consequence

11 – परिश्रमी – मेहनती – Hardworking

12 – चिरौरी – विनती / प्रार्थना – Entreaty / Pleading

13 – संकीर्ण – तंग / संकुचित – Narrow / Cramped

14 – काया – शरीर – Body

15 – अस्वस्थ – बीमार – Unhealthy / Sick

16 – खाद्यान्न – खाने योग्य अनाज – Food grains

17 – आजीविका – रोज़ी-रोटी – Livelihood

18 – सार्वजनिक – सबके लिए – Public

19 – स्वच्छ – साफ़-सुथरा – Clean

20 – विस्तार – फैलाव – Expansion

21 – प्रतीक्षा – इंतज़ार – Wait

22 – अनियोजित – बिना योजना के – Unplanned

23 – नियंत्रण – रोक / काबू – Control

24 – अग्रेसर – आगे बढ़ना – Progressing

25 – ठूसमठास – बहुत अधिक भीड़ – Overcrowding

26 – अस्वास्थ्यकर – सेहत के लिए बुरा – Unhealthy

27 – दूषित – गंदा – Polluted / Contaminated

28 – झुंझलाया – चिड़चिड़ाया हुआ – Irritated

29 – उत्तरदायी – ज़िम्मेदार – Responsible

30 – सुव्यवस्था – अच्छा प्रबंध – Good management

31 – स्वेच्छा – अपनी मर्ज़ी से – One’s own will

32 – शक्ति – ताकत – Energy / Power

33 – व्यय – खर्च – Expenditure

34 – विवाह – शादी – Marriage

35 – प्रबंध – इंतज़ाम – Arrangement

36 – परिणाम – नतीजा – Result

37 – रहस्य – गुप्त बात – Mystery

38 – चेतना – जागना / होश में आना – To become aware

39 – लापरवाह – बेपरवाह – Careless

40 – भटकना – रास्ता भूलना – To wander

41 – प्रदूषण – गंदगी (पर्यावरण) – Pollution

42 – अस्थायी – जो पक्का न हो – Temporary

43 – कतार – लाइन – Queue / Line

44 – ज़बरदस्त – बहुत शक्तिशाली – Tremendous

45 – सहायता – मदद – Help

46 – योग्यता – काबिलियत – Qualification

47 – कार्यालय – दफ़्तर – Office

48 – दुखदायी – कष्ट देने वाला – Painful

49 – वायु – हवा – Air

50 – न्यूनतम – सबसे कम – Minimum

51 – समस्या – मुश्किल – Problem

52 – सफलता – कामयाबी – Success

53 – भविष्य – आने वाला समय – Future

54 – सुखी – खुश – Happy

55 – संपन्न – धनी / अमीर – Prosperous

56 – अनिवार्य – ज़रूरी – Mandatory

57 – प्रयास – कोशिश – Effort

58 – अस्पताल – चिकित्सालय – Hospital

59 – चिकित्सा – इलाज – Treatment

60 – सुविधा – आराम – Facility

61 – दुर्घटना – हादसा – Accident

62 – कचहरी – अदालत – Court

63 – दफ़्तर – कार्यालय – Office

64 – आबादी – जनसंख्या – Population

65 – नियम – कानून – Rule

66 – व्यवस्था – प्रबंध – System

67 – मजबूरी – विवशता – Compulsion

68 – ग्राहक – खरीदार – Customer

69 – झुण्ड – समूह – Group / Crowd

70 – असर – प्रभाव – Impact

71 – भोजन – खाना – Food

72 – प्रचुर – बहुत सारा – Abundant

73 – सामग्री – सामान – Material

74 – संकट – खतरा – Crisis / Danger

75 – स्थान – जगह – Place

76 – भीड़ – जनसमूह – Crowd

77 – नष्ट – बर्बाद – Destroy

78 – क्षेत्र – इलाका – Area / Field

79 – विकास – प्रगति – Development

80 – निर्माण – बनाना – Construction

81 – आधुनिक – नया – Modern

82 – प्राचीन – पुराना – Ancient

83 – सुधार – बदलाव – Reform

84 – साधन – ज़रिया – Resource / Means

85 – आवश्यकता – ज़रूरत – Requirement

86 – पर्याप्त – काफ़ी – Sufficient

87 – निश्चित – पक्का – Certain / Fixed

88 – लक्ष्य – उद्देश्य – Goal / Objective

89 – जागरूक – सचेत – Aware

90 – संदेश – सूचना – Message

91 – प्रसार – फैलाना – Spread

92 – सक्षम – समर्थ – Capable

93 – उल्लंघन – नियम तोड़ना – Violation

94 – प्रभावित – असर पड़ना – Affected

95 – विनाश – तबाही – Destruction

96 – सुरक्षा – बचाव – Safety

97 – अधिकार – हक – Right

98 – कर्तव्य – फर्ज़ – Duty

99 – सहयोग – मिलकर काम करना – Cooperation

100 – समाधान – हल – Solution

 

संक्षिप्त प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए-

(i) ‘उम्र में मुझ से छोटे हैं, पर अपने घर में बच्चों की फौज खड़ी कर ली है।

(क) उम्र में कौन, किससे छोटा है? दोनों के नाम बताएँ और आपस में दोनों का क्या संबंध है?

उत्तर- उम्र में बाबू श्यामलाकांत लेखक लीलाधार शर्मा जी से छोटे हैं। दोनों आपस में अभिन्न मित्र हैं।

(ख) किसने घर में बच्चों की फौज खड़ी कर ली है? उसकी चरित्रगत विशेषताएँ लिखें

उत्तर- बाबू श्यामलाकांत ने बच्चों की फौज खड़ी कर ली है। वे सीधे-सादे, परिश्रमी और ईमानदार हैं, किंतु निजी जीवन में बहुत लापरवाह हैं।

(ग) बच्चों की फौज से क्या तात्पर्य है? उन्हें वह परिवार बच्चों की फौजक्यों लगता है?

उत्तर- ‘बच्चों की फौज’ से तात्पर्य बहुत अधिक संख्या में बच्चों का होना है। लेखक को वह परिवार इसलिए ‘फौज’ लगता है क्योंकि एक छोटे से घर में बहुत सारे बच्चे ठूँसे हुए थे।

(घ) क्या उसका परिवार एक सुखी परिवार है? कैसे

उत्तर- नहीं, उनका परिवार सुखी नहीं है। घर में जगह की कमी है, पत्नी बीमार रहती है, बच्चे कमजोर हैं और बड़ा बेटा बेरोजगार है।

 

(ii) ‘भाई, नाम तो तुम्हारा लिख लेता हूँ पर जल्दी नौकरी पाने की कोई आशा मत करना।

(क) यह पंक्ति कौन, किससे कह रहा है और क्यों कह रहा है?

उत्तर- यह पंक्ति रोजगार कार्यालय (Employment Exchange) का अफसर श्यामलाकांत के बड़े बेटे दीनानाथ से कह रहा है क्योंकि नौकरी चाहने वालों की संख्या रिक्त पदों से कहीं अधिक है।

(ख) उसे नौकरी खोजते कितने वर्ष हो गए? उसे नौकरी क्यों नहीं मिल रही?

उत्तर- उसे नौकरी खोजते दो वर्ष हो गए हैं। उसे नौकरी इसलिए नहीं मिल रही क्योंकि उसकी योग्यता के हजारों व्यक्ति पहले से कतार में हैं। अर्थात् जनसंख्या अधिक होने के कारण प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गई है।

(ग) इस पंक्ति में लेखक ने देश की किस समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया है और कैसे?

उत्तर- लेखक ने बेरोजगारी की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया है। देश में जनसंख्या जिस गति से बढ़ रही है, उस गति से रोजगार के अवसर पैदा नहीं हो पा रहे हैं।

(घ) इस समस्या के समाधान के लिए कोई दो बिंदु लिखें।

उत्तर- इस समस्या के समाधान के लिए पहला समाधान, स्वरोजगार को बढ़ावा देना और दूसरा समाधान, जनसंख्या नियंत्रण पर कड़े कानून बनाना।

 

(iii) ‘क्या तुम्हारे पास यही दो कमरे हैं?

(क) यह पंक्ति किसने, किससे कही और क्यों कही?

उत्तर- यह पंक्ति लेखक ने श्यामलाकांत से कही क्योंकि छोटे से मकान में सामान और बच्चों की भीड़ देखकर लेखक का दम घुटने लगा था।

(ख) इस प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कौन-सी परेशानी बताई?

उत्तर- इस प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि शहर में साल भर भटकने और जूते घिसने के बाद उन्हें यह मकान मिला है। शहर फैल गया है, फिर भी आबादी के कारण मकान कम पड़ रहे हैं।

(ग) उन दो कमरों में कितने लोग रहते हैं? उनका विवरण दें।

उत्तर- उन दो कमरों में श्यामलाकांत, उनकी पत्नी, तीन बेटियाँ, दो छोटे लड़के और एक बड़ा बेटा अर्थात् कुल 8 सदस्य रहते हैं।

(घ) इस पंक्ति से किस समस्या की ओर संकेत किया गया है?

उत्तर- यह पंक्ति आवास (Housing) की समस्या की ओर संकेत करती है।

(iv) ‘कब से अस्वस्थ हैं? डॉक्टर को दिखाकर इलाज नहीं करा रही हैं क्या?

(क) यह पंक्ति किसने, किससे कही और क्यों कही?

उत्तर- यह लेखक ने श्यामलाकांत की पत्नी से कही क्योंकि उनका चेहरा पीला और शरीर अत्यंत दुर्बल लग रहा था।

(ख) इस प्रश्न के उत्तर में उन्होंने किस परेशानी का उल्लेख किया

उत्तर- इस प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि अस्पतालों में मरीजों की इतनी भीड़ है कि डॉक्टर अच्छी तरह देख भी नहीं पाते। दुकानों और राशन पर भी लंबी लाइनें हैं।

(ग) व्यक्ति बीमार किन कारणों से होता है? कोई दो कारण बताएँ। इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?

उत्तर- बीमारी के कारण, कुपोषण और गंदे और संकीर्ण मकानों का दूषित वातावरण। इसके लिए स्वयं मनुष्य जिम्मेदार है क्योंकि उसने अतीव जनसंख्या बढ़ा ली है।

(घ) बीमारियों से बचने के कोई दो उपाय बताएँ।

उत्तर- बीमारियों से बचने के दो उपाय, पहला- परिवार सीमित रखना और दूसरा स्वच्छ जलवायु और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था।

 

(v) ‘मुझे अपने मित्र श्यामलाकांत को अब इस भीड़ का रहस्य बताने की आवश्यकता नहीं है।

(क) मुझेशब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है? उन्हें अपने मित्र को किस भीड़ का रहस्य बताने की आवश्यकता नहीं है और क्यों?

उत्तर- ‘मुझे’ शब्द लेखक के लिए प्रयुक्त हुआ है। उन्हें अपने मित्र को जनसंख्या विस्फोट का रहस्य बताने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि श्यामलाकांत स्वयं इसकी परेशानियों को भुगत रहे हैं।

(ख) श्यामलाकांत को अपने घर में भीड़ के कारण किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?

उत्तर- श्यामलाकांत को अपने घर में भीड़ के कारण उन्हें बेरोजगारी, रहने की तंगी, बीमारी, बच्चों की शिक्षा की कमी और दैनिक वस्तुओं जैसे राशन आदि के लिए लंबी लाइनों का सामना करना पड़ रहा है।

(ग) भीड़शब्द से देश की किस समस्या की ओर संकेत किया गया है? इस समस्या के कारण किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है?

उत्तर- भीड़’ शब्द जनसंख्या वृद्धि की ओर संकेत करता है। इसके कारण अनुशासन का अभाव, दुर्घटनाएँ, और सुविधाओं की कमी जैसी मुश्किलें आती हैं।

(घ) भीड़से पैदा होने वाली समस्याओं से किस प्रकार छुटकारा मिल सकता है?

उत्तर- इससे छुटकारा पाने का एकमात्र तरीका जनसंख्या पर नियंत्रण और समय रहते जागरूक होना है।

 

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