मैंने देखे ए ए ए ए ऐ
मैंने देखे जीवन के रंग
तेरे संग
मैंने देखे ए ए ए ए ऐ
मैंने देखे जीवन के रंग
तेरे संग
मैंने सीखे ए ए ए ए ऐ
मैंने सीखे जीने के ढंग
तेरे संग
मैंने सीखे ए ए ए ए ऐ
मैंने सीखे जीने के ढंग
तेरे संग
अब तो खुद को अधूरा मानूँ तेरे बिन
तेरे बिन तो कटेगा न इक भी दिन
तेरे संग से ही चलती हैं साँसें मेरी
रूह बनकर रहती है तू जिस्म में मेरी।
मैंने जिया है जीवन तेरे संग
मैंने सीखे ए ए ए ए ऐ
मैंने सीखे जीने के ढंग
तेरे संग
मैंने सीखे ए ए ए ए ऐ
मैंने सीखे जीने के ढंग
तेरे संग
तू ही मंजिल मेरी है तू ही रास्ता
तुझसे ही है जुड़ा मेरा हर वास्ता
रोशन तुझसे ही मेरी हर इक सुबह
तू ही जीने की मेरी बनी है वजह
मैंने जिया है जीवन तेरे संग
मैंने देखे जीवन के रंग
तेरे संग
मैंने देखे ए ए ए ए ऐ
मैंने देखे जीवन के रंग
तेरे संग
धूप की तपिश में छाँव तू ही तो है।
दिल के दरिया की नाव तू ही तो है।
पतझर में भी सावन का भाव तू ही तो है।
मरहम हर इक घाव का तू ही तो है।
मैंने जिया है जीवन तेरे संग
मैंने सीखे जीने के ढंग
मैंने सीखे ए ए ए ए ऐ
मैंने सीखे जीने के ढंग
तेरे संग
मैंने सीखे ए ए ए ए ऐ
मैंने सीखे जीने के ढंग
तेरे संग
अविनाश रंजन गुप्ता

